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Muri : सिल्ली-मुरी में लगातार बारिश से जलजमाव, घरों और स्कूलों में घुसा पानी

  • सिंगपुर चौक से नर्सिंग होम तक सड़क बनी जलधारा, जनजीवन बुरी तरह प्रभावित

जेबी लाइव, रिपोर्टर

मुरी : सिल्ली-मुरी क्षेत्र में पिछले दो दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में जलजमाव की गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है। सबसे अधिक प्रभावित सिंगपुर चौक से सिंगपुर नर्सिंग होम जाने वाली सड़क है, जहां सड़क पर नदी की तरह पानी बह रहा है। जलभराव के कारण लोगों का आवागमन प्रभावित हो गया है और दैनिक जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार बारिश के बाद जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से स्थिति और गंभीर हो गई है। सड़क पर जमा पानी के कारण वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

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सिंगपुर सरकारी स्कूल और आसपास के घरों में घुसा पानी

बारिश का पानी सिंगपुर सरकारी स्कूल परिसर और उसके आसपास स्थित कई घरों में घुस गया है। इससे परिवारों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। ग्रामीणों के अनुसार घरों में रखा अनाज, कपड़े, बिस्तर और अन्य आवश्यक सामान पानी में भीगकर खराब हो गए हैं। स्कूल भवन में भी पानी भर जाने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई है और शैक्षणिक गतिविधियां बाधित हो गई हैं। कई परिवारों के लिए घर से बाहर निकलना तक मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि हर वर्ष बरसात के मौसम में ऐसी स्थिति बनती है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं निकाला जा सका है।

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बंद पुलिया खोलने और सड़क मरम्मत की उठी मांग

ग्रामीणों ने बताया कि पहले क्षेत्र में पानी निकासी के लिए एक पुलिया (कलवर्ट) थी, लेकिन उसके बंद हो जाने से जल निकासी पूरी तरह बाधित हो गई है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष इस समस्या से संबंधित जानकारी सिल्ली विधायक अमित कुमार महतो को दी गई थी। बाद में सिल्ली की अंचल अधिकारी अरुणिमा एक्का भी प्रशासनिक टीम के साथ मौके पर पहुंची थीं और समस्या के समाधान का आश्वासन दिया था। ग्रामीणों ने अब जिला प्रशासन से तत्काल बंद पुलिया को खोलने, जल निकासी के लिए नालियों का निर्माण कराने तथा सिंगपुर चौक से नर्सिंग होम तक सड़क की मरम्मत के लिए फंड जारी कर शीघ्र कार्य शुरू कराने की मांग की है।

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ओल चिकी और संताली संस्कृति पर होगा मंथन झारखंड समेत कई राज्यों के बुद्धिजीवी, शिक्षाविद और सांस्कृतिक प्रतिनिधि होंगे शामिल

  • ओल चिकी और संताली संस्कृति पर होगा मंथन
  • झारखंड समेत कई राज्यों के बुद्धिजीवी, शिक्षाविद और सांस्कृतिक प्रतिनिधि होंगे शामिल

जेबी लाइव, रिपोर्टर

घाटशिला : आगामी 11 और 12 अक्टूबर 2026 को माझी पारगाना माहाल, घाटशिला में असेका (ASECA) झारखंड के तत्वावधान में दो दिवसीय प्रांतीय महाधिवेशन एवं सांस्कृतिक महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस महाधिवेशन की तैयारियों को लेकर बुधवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें आयोजन की रूपरेखा, अतिथियों की उपस्थिति और विभिन्न सत्रों की विस्तृत योजना पर चर्चा की गई। आयोजकों ने बताया कि इस कार्यक्रम में झारखंड के अलावा ओडिशा, पश्चिम बंगाल, असम और बिहार से हजारों की संख्या में संताल समाज के बुद्धिजीवी, शिक्षाविद, सामाजिक कार्यकर्ता और सांस्कृतिक प्रतिनिधि भाग लेंगे। महाधिवेशन का मुख्य उद्देश्य संताली भाषा, ओल चिकी लिपि तथा आदिवासी सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन को नई दिशा देना है।

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पहले दिन राष्ट्रीय सेमिनार और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे आकर्षण का केंद्र

महाधिवेशन के प्रथम दिन 11 अक्टूबर को पारंपरिक पूजा-पाठ एवं ध्वजारोहण के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया जाएगा। इसके बाद “संताली भाषा और ओल चिकी लिपि का आधुनिकीकरण एवं रोजगार में इसकी भूमिका” तथा “पंडित रघुनाथ मुर्मू की दर्शनशास्त्रीय सोच” विषय पर राष्ट्रीय स्तर का सेमिनार आयोजित होगा। इस सत्र में भाषा विशेषज्ञ, शिक्षाविद और शोधकर्ता संताली भाषा के डिजिटलीकरण, नई पीढ़ी तक पहुंच और रोजगार के अवसरों में इसकी उपयोगिता पर विचार-विमर्श करेंगे। शाम के सांस्कृतिक सत्र में विभिन्न राज्यों से आए कलाकार पारंपरिक दंग, सोहराय और लागड़े नृत्य की प्रस्तुति देंगे, जिससे संताल संस्कृति की समृद्ध परंपरा का प्रदर्शन होगा।

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दूसरे दिन सम्मान समारोह और भविष्य की रणनीति पर होगा विचार

12 अक्टूबर को आयोजित दूसरे दिन के कार्यक्रम में संताली भाषा, साहित्य, शिक्षा, खेल और सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों को ‘असेका रत्न’ सहित विभिन्न सम्मानों से सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा संताली माध्यम विद्यालयों की स्थिति, मातृभाषा आधारित शिक्षा के विस्तार और भाषा संरक्षण के लिए सरकारी स्तर पर आवश्यक पहल को लेकर प्रस्ताव पारित किए जाएंगे। समापन सत्र में समाज को संगठित रखने, युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने और ओल चिकी लिपि के व्यापक प्रचार-प्रसार का संकल्प लिया जाएगा।

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कई विशिष्ट अतिथि करेंगे कार्यक्रम की शोभा बढ़ाने का कार्य

आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पारगाना बाबा बैजू मुर्मू, विधायक सोमेश चन्द्र सोरेन, पंडित रघुनाथ मुर्मू के पौत्र भीमवार मुर्मू, पारगाना बाबा दासमत हांसदा सहित कई विशिष्ट अतिथि शामिल होंगे। इसके अलावा साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित संताली साहित्यकार, कला अकादमी से सम्मानित कलाकार तथा विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिष्ठित हस्तियां भी कार्यक्रम में भाग लेंगी। उनके विचार और अनुभव प्रतिभागियों को भाषा और संस्कृति के संरक्षण की दिशा में नई प्रेरणा प्रदान करेंगे।

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बैठक में आयोजन को ऐतिहासिक बनाने का लिया गया संकल्प

बैठक में असेका झारखंड इकाई के अध्यक्ष सुभाष चन्द्र माण्डी, सचिव शंकर सोरेन, मेघराय टुडू, कन्हाई लाल हेम्ब्रम, सालखू मुर्मू, कृष्ण चन्द्र हेम्ब्रम, सावना हांसदा, चरण हेम्ब्रम, पीताम्बर बेसरा, रामजीत सोरेन, बिष्णु कुमार मुर्मू, बोडो राम सोरेन, धोना राम टुडू, बदेन चन्द्र हांसदा, पीताम्बर हांसदा, जीबन बास्के और बायला सोरेन सहित अनेक सदस्य उपस्थित रहे। पदाधिकारियों ने कहा कि यह महाधिवेशन केवल सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि संताली भाषा और पहचान को सशक्त बनाने का एक महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने समाज के लोगों से पारंपरिक वेशभूषा में बड़ी संख्या में शामिल होकर आयोजन को ऐतिहासिक बनाने की अपील की।

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कस्टमर केयर, सेल्स और सर्विस पर केंद्रित सेमिनार में किसानों व ग्राहकों ने लिया हिस्सा जेबी लाइव, रिपोर्टर मनोहरपुर :

  • कस्टमर केयर, सेल्स और सर्विस पर केंद्रित सेमिनार में किसानों व ग्राहकों ने लिया हिस्सा

जेबी लाइव, रिपोर्टर

मनोहरपुर : रजरप्पा ऑटोमोबाइल सोनालिका ट्रैक्टर सेंटर, मनोहरपुर में बुधवार को कस्टमर केयर, सेल्स एवं सर्विस विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला-सह-सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर आमंत्रित ग्राहकों का अंगवस्त्र एवं मोमेंटो देकर सम्मान किया गया। सेमिनार को संबोधित करते हुए सेंटर संचालक अभय सिंह ने सोनालिका ट्रैक्टर के विभिन्न मॉडलों, उनकी तकनीकी विशेषताओं तथा कृषि कार्यों में उनकी उपयोगिता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने ट्रैक्टरों के बेहतर रखरखाव, समय पर सर्विसिंग और मशीन की कार्यक्षमता बढ़ाने के उपायों पर भी प्रकाश डाला।

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त्योहारी ऑफर के तहत ग्राहकों को मिलेंगे उपहार और लॉटरी कूपन

कार्यक्रम के दौरान अभय सिंह ने बताया कि आगामी त्योहारों को ध्यान में रखते हुए ग्राहकों के लिए विशेष ऑफर शुरू किया गया है। इसके तहत नए ट्रैक्टर की खरीद पर आकर्षक उपहारों के साथ लॉटरी ड्रॉ कूपन भी प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि लॉटरी का चयन ग्राहकों की उपस्थिति में पारदर्शी तरीके से किया जाएगा। इस अवसर पर सोनालिका ट्रैक्टर के ग्राहक बब्लू महतो को नए ट्रैक्टर की चाभी भी सौंपी गई। कार्यक्रम में चोलामंडलम ऑटोमोबाइल फाइनेंस कंपनी, चक्रधरपुर के ब्रांच मैनेजर अभिषेक सत्यम, सेल्स एग्जीक्यूटिव पंकज पांडे सहित मनोहरपुर और आनंदपुर प्रखंड के कई किसान, लाभुक एवं ग्राहक उपस्थित रहे।

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हार्ट अटैक से हुई मृत्यु, सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में सक्रिय भूमिका के लिए थे प्रसिद्ध जेबी लाइव, रिपोर्टर बोड़ाम

  • हार्ट अटैक से हुई मृत्यु, सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में सक्रिय भूमिका के लिए थे प्रसिद्ध

जेबी लाइव, रिपोर्टर

बोड़ाम : झारखंड आंदोलन से जुड़े वरिष्ठ आंदोलनकारी एवं बोड़ाम प्रखंड के बड़ा सुसनी निवासी दुबराज कुंभकार (65) का मंगलवार को हार्ट अटैक से निधन हो गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद परिजन उन्हें अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन दोपहर करीब 12:30 बजे रास्ते में ही उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर फैलते ही बड़ा सुसनी गांव सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। सामाजिक, राजनीतिक और विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने उनके आवास पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की तथा शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। क्षेत्रवासियों ने उनके निधन को समाज और आंदोलन के लिए अपूरणीय क्षति बताया।

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अलग झारखंड राज्य आंदोलन में निभाई थी सक्रिय भूमिका

दुबराज कुंभकार छात्र जीवन से ही झारखंड आंदोलन से जुड़े रहे और अलग झारखंड राज्य की मांग को लेकर चलाए गए जनआंदोलनों में सक्रिय भागीदारी निभाई। वे झारखंड आंदोलन के प्रखर नेता शहीद निर्मल महतो के विचारों से प्रभावित थे और उनके नेतृत्व में आंदोलन को मजबूती देने के लिए लगातार कार्य करते रहे। सामाजिक जीवन में भी वे लोगों को मार्गदर्शन देने, जनसमस्याओं को उठाने और समाजहित के कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए जाने जाते थे। उनके सरल, मृदुभाषी और मिलनसार व्यक्तित्व ने उन्हें क्षेत्र में विशेष पहचान दिलाई। वे अपने पीछे पत्नी, दो पुत्र अशोक कुंभकार और दीपक कुंभकार सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके निधन पर क्षेत्र के लोगों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और परिवार को इस कठिन समय में धैर्य प्रदान करने की कामना की।

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मुर्गाघुटू निवासी किसान ने बिजली विभाग से मुआवजे की मांग उठाई जेबी लाइव, रिपोर्टर जादूगोड़ा : नरवा पहाड़ क्षेत्र के

  • मुर्गाघुटू निवासी किसान ने बिजली विभाग से मुआवजे की मांग उठाई

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जादूगोड़ा : नरवा पहाड़ क्षेत्र के मुर्गाघुटू गांव निवासी मोसो बास्के के दो बैलों की बिजली के तार की चपेट में आने से मौत हो गई। घटना मंगलवार सुबह करीब 11 बजे की बताई जा रही है। पीड़ित मोसो बास्के ने बताया कि उनके दोनों बैल खेत के आसपास चर रहे थे। इसी दौरान वहां से गुजर रही बिजली की लाइन का तार काफी नीचे झुका हुआ था, जिसकी चपेट में आने से दोनों बैलों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद ग्रामीणों में भी चिंता का माहौल है।

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क्षतिपूर्ति नहीं मिलने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

मोसो बास्के ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि बिजली का तार सुरक्षित ऊंचाई पर होता तो यह घटना नहीं होती। उन्होंने विभाग से एक लाख रुपये की क्षतिपूर्ति देने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि उचित मुआवजा नहीं मिलने पर विभाग की कथित लापरवाही के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों ने भी क्षेत्र में झुके हुए बिजली तारों की जांच कर आवश्यक सुधार की मांग की है।

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दुकुटोला के पास सड़क पर भरे गंदे पानी से राहगीरों और वाहन चालकों को हो रही कठिनाई जेबी लाइव, रिपोर्टर

  • दुकुटोला के पास सड़क पर भरे गंदे पानी से राहगीरों और वाहन चालकों को हो रही कठिनाई

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : करनडीह से परसुडीह जाने वाले मुख्य मार्ग पर रेल क्रॉसिंग के सामने दुकुटोला क्षेत्र में जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण सड़क पर गंदे पानी का भारी जलजमाव हो गया है। लगातार जमा पानी से स्थानीय लोगों और राहगीरों को आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई हिस्सों में सड़क पूरी तरह पानी से ढकी हुई है, जिससे लोगों को मजबूरी में गंदे पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। इसका सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों पर पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से यह समस्या बनी हुई है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो सका है।

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JJKM ने उपायुक्त से हस्तक्षेप कर स्थायी समाधान कराने की मांग की

इस समस्या को लेकर झारखंड जनशक्ति क्रांतिकारी मोर्चा (JJKM) के केंद्रीय अध्यक्ष बीरसिंह देवगम ने पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त को पत्र भेजकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने पत्र में कहा है कि संबंधित विभाग द्वारा स्थल निरीक्षण कर जल निकासी की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि सड़क पर लंबे समय तक गंदा पानी जमा रहने से संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका बनी रहती है। बीरसिंह देवगम ने प्रशासन से आग्रह किया है कि अस्थायी उपायों के साथ-साथ जलजमाव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए भी ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में लोगों को ऐसी परेशानी का सामना न करना पड़े।

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लगातार वर्षा और बढ़े जलस्तर से मंदिर परिसर व पर्यटन स्थल पानी में डूबे जेबी लाइव, रिपोर्टर राजनगर : बंगाल

  • लगातार वर्षा और बढ़े जलस्तर से मंदिर परिसर व पर्यटन स्थल पानी में डूबे

जेबी लाइव, रिपोर्टर

राजनगर : बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से पिछले तीन दिनों से हो रही लगातार बारिश ने राजनगर क्षेत्र में जनजीवन प्रभावित कर दिया है। बारिश के कारण जलस्तर बढ़ने से भीमखांदा स्थित प्राचीन बुढ़ा बाबा शिव मंदिर परिसर में पानी भर गया है। शिव मंदिर के साथ-साथ बजरंगी मंदिर और हरि संकीर्तन मंदिर भी जलमग्न हो गए हैं। भीमखांदा का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल भी पूरी तरह पानी में डूब गया है। मंदिर तक जाने वाले मार्गों पर भी पानी भर जाने से श्रद्धालुओं का आवागमन बाधित हो गया है।

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धार्मिक आस्था से जुड़ा है भीमखांदा का ऐतिहासिक स्थल

स्थानीय लोगों के अनुसार बुढ़ा बाबा शिव मंदिर क्षेत्र की धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र है और इसकी ऐतिहासिक पहचान पांडव काल से जुड़ी मानी जाती है। यहां प्रतिदिन पूजा-अर्चना होती है तथा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के अलावा दूर-दराज से भी श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। श्रावण माह के सोमवार को यहां बड़ी संख्या में भक्त जलाभिषेक करने आते हैं। वर्तमान में जलभराव के कारण मंदिर तक पहुंचना कठिन हो गया है और सामान्य दर्शन-पूजन प्रभावित हुआ है। प्रशासन ने नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों के आसपास रहने वाले लोगों से सतर्क रहने तथा अनावश्यक रूप से जलमग्न क्षेत्रों में नहीं जाने की अपील की है।

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