लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठा रहे छात्रों पर बल प्रयोग संविधान की भावना के विपरीत बताया
जेबी लाइव, रिपोर्टर
मुरी : लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष एवं आंदोलनकारी छात्र नेता देवेन्द्र नाथ महतो ने नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों द्वारा किए जा रहे शांतिपूर्ण आंदोलन पर पुलिस बल प्रयोग और लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि देश के लाखों छात्र अपने भविष्य, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। ऐसे में उनकी मांगों को सुनने और समाधान निकालने के बजाय बल प्रयोग करना लोकतांत्रिक मूल्यों तथा संविधान की भावना के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि छात्रों को अपनी बात रखने का अधिकार है और सरकार को उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनना चाहिए। महतो ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति और शांतिपूर्ण विरोध को सम्मान मिलना चाहिए, न कि दमनात्मक कार्रवाई।
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छात्रों की मांगों पर संवाद और समाधान की जरूरत बताई
देवेन्द्र नाथ महतो ने कहा कि संसद किसी व्यक्ति, दल या सरकार की निजी संपत्ति नहीं, बल्कि देश की जनता की आवाज का सर्वोच्च मंच है। छात्र देश का भविष्य हैं और उनकी आवाज संसद तक पहुंचना लोकतंत्र की ताकत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि देशभर के छात्र लंबे समय से नीट पेपर लीक, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया तथा शिक्षा व्यवस्था में सुधार जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को उठा रहे हैं। इन मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से छात्रों की न्यायोचित मांगों को ध्यान में रखते हुए नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करने की अपील की। महतो ने कहा कि लोकतंत्र में लाठी नहीं, बल्कि संवाद सबसे प्रभावी माध्यम है। सरकार को दमन का रास्ता छोड़कर छात्रों का विश्वास जीतना चाहिए और उनकी समस्याओं का शीघ्र, निष्पक्ष एवं न्यायपूर्ण समाधान सुनिश्चित करना चाहिए।
























