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New Delhi : जगदीप धनखड़ का इस्तीफा देशभर में चर्चा का विषय, सत्ता-पक्ष और विपक्ष में शुरू हुआ आरोप-प्रत्यारोप

  • स्वास्थ्य कारण या कुछ और? उपराष्ट्रपति के इस्तीफे ने उठाए राजनीतिक सवाल, राष्ट्रपति ने मंजूर किया इस्तीफा, पीएम मोदी ने जताई चिंता
  • राजनीतिक विश्लेषकों की चिंता, कहीं अंदरूनी मतभेद तो नहीं इस्तीफे की वजह?

जेबी लाइव, रिपोर्टर

भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सोमवार देर रात अपने पद से इस्तीफा दे दिया, जिसे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया। इसके बाद इस्तीफा गृह मंत्रालय को भेजा गया, जिसने संविधान के अनुच्छेद 67A के तहत इसकी जानकारी सार्वजनिक की। इस्तीफा ऐसे समय पर आया जब संसद का मानसून सत्र प्रारंभ हुआ ही था। इस अचानक लिए गए फैसले ने राजनीतिक हलकों में चर्चाओं और कयासों का दौर तेज कर दिया है। पीएम नरेंद्र मोदी ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर प्रतिक्रिया देते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य की कामना की और उनके कार्यकाल की सराहना की।

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राष्ट्रपति ने स्वीकार किया इस्तीफा, पीएम मोदी ने जताई चिंता, देश में छाया सन्नाटा

विपक्ष ने धनखड़ के इस्तीफे को रहस्यमयी करार देते हुए इसके पीछे गहरी साजिश की आशंका जताई है। कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने कहा कि यह पूरी तरह चौंकाने वाला है और स्वास्थ्य को वजह बताना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि उपराष्ट्रपति और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला दबाव में काम कर रहे हैं। जेएमएम सांसद महुआ माजी ने भी इसी तरह की प्रतिक्रिया दी और सवाल उठाया कि जब वे सुबह संसद आए थे तो कोई संकेत नहीं था कि इस्तीफा देंगे।

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विपक्ष ने उठाए सवाल, बोले- क्या सिर्फ स्वास्थ्य कारण है या कोई गहरी साजिश?

राजद सांसद मनोज झा ने सरकार पर ‘गैर पारदर्शिता’ का आरोप लगाते हुए कहा कि बीच कार्यकाल में इस्तीफा देना सामान्य नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार की हर प्रक्रिया पर संदेह होने लगा है क्योंकि पारदर्शिता का पूरी तरह अभाव है। चंद्रशेखर आजाद ने इस्तीफे को चिंता का विषय बताया और कहा कि इस्तीफा अचानक हुआ है, लेकिन उन्होंने धनखड़ के कार्यकाल की प्रशंसा करते हुए राष्ट्रपति से इस्तीफा स्वीकारने की मांग की।

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गैर पारदर्शिता पर विपक्ष हमलावर, चंद्रशेखर बोले- इस्तीफा स्वीकार हो, पर चिंता जायज

सत्तापक्ष ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि वह संवेदनशील मुद्दे पर भी राजनीति कर रहा है। भाजपा सांसद रवि किशन ने कहा कि विपक्ष तो किसी के स्वास्थ्य पर भी राजनीति करने से नहीं चूकता। उन्होंने कहा कि जब डॉक्टर ने उन्हें आराम की सलाह दी है तो इस पर राजनीति दुर्भाग्यपूर्ण है। केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने भी कहा कि इस्तीफा चौंकाने वाला जरूर है, लेकिन अगर स्वास्थ्य कारण हैं, तो उन्हें प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

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सत्तापक्ष ने विपक्ष को घेरा, कहा- इंसानियत पर भी राजनीति कर रहा है विपक्ष

भाजपा सांसद डॉ. भागवत किशनराव कराड ने खुलासा किया कि कुछ समय पहले उपराष्ट्रपति एम्स में भर्ती भी हुए थे। ऐसे में उनके इस्तीफे को केवल राजनीतिक चश्मे से देखना गलत है। वहीं कांग्रेस सांसद शशि थरूर का रुख बाकी विपक्षी नेताओं से अलग दिखा। उन्होंने किसी तरह की राजनीतिक टिप्पणी नहीं करते हुए केवल स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। यह उनके संवेदनशील दृष्टिकोण को दर्शाता है।

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शशि थरूर ने दिखाया संयम, बोले- राजनीति से ऊपर है स्वास्थ्य की चिंता

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उपराष्ट्रपति का इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब देश में राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं और संसद का सत्र चल रहा है। ऐसे में ये सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या वास्तव में कारण सिर्फ स्वास्थ्य है या फिर इसके पीछे कोई अंदरूनी मतभेद या दबाव है। सत्तापक्ष जहां इसे मानवता और संवेदनशीलता का विषय बता रहा है, वहीं विपक्ष इसे लोकतंत्र की पारदर्शिता पर सवाल मान रहा है। बहरहाल, धनखड़ के इस्तीफे ने देश की राजनीति में हलचल जरूर मचा दी है।

Chaibasa : 15 वर्षों की सेवा का मिला प्रतिफल, रोटरी क्लब के लगाए फलदार पौधे बने ग्रामीणों की आय का स्रोत

पामपाड़ा गांव में फलदार पौधों के वितरण कार्यक्रम के दौरान सामने आई प्रेरणादायक सफलता की कहानी जेबी लाइव, रिपोर्टर चाईबासा

  • पामपाड़ा गांव में फलदार पौधों के वितरण कार्यक्रम के दौरान सामने आई प्रेरणादायक सफलता की कहानी

जेबी लाइव, रिपोर्टर

चाईबासा : रोटरी क्लब ऑफ चाईबासा द्वारा पिछले 15 वर्षों से संचालित फलदार पौधा वितरण अभियान आज ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बनता दिखाई दे रहा है। इसी क्रम में इस वर्ष भी पामपाड़ा गांव में ग्रामीणों के बीच फलदार पौधों का वितरण किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य गांवों में हरियाली बढ़ाने के साथ-साथ ग्रामीण परिवारों को अतिरिक्त आय का स्थायी स्रोत उपलब्ध कराना है। इस दौरान ग्रामीणों और रोटरी सदस्यों के बीच संवाद हुआ, जिसमें वर्षों पहले लगाए गए पौधों के परिणामों पर चर्चा की गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया और पर्यावरण संरक्षण के साथ आर्थिक सशक्तीकरण के इस प्रयास की सराहना की।

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पुराने पौधे अब दे रहे भरपूर फल, बाजार में बेचकर हो रही अतिरिक्त कमाई

कार्यक्रम का सबसे भावुक और प्रेरणादायक क्षण तब आया जब गांव के भारत देवगम, जगदीश देवगम और अर्जुन होनहागा ने बताया कि रोटरी क्लब द्वारा 10 से 15 वर्ष पूर्व वितरित किए गए फलदार पौधे अब बड़े पेड़ों का रूप ले चुके हैं और भरपूर फल दे रहे हैं। ग्रामीण अपने साथ उन्हीं पेड़ों के फल लेकर कार्यक्रम में पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि इन फलों को आसपास के बाजारों में बेचकर परिवारों को अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है। ग्रामीणों के अनुसार इस पहल ने न केवल गांव की पहचान बढ़ाई है, बल्कि कई परिवारों की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत किया है। वर्षों पहले लगाए गए पौधों को फलता-फूलता देखकर रोटरी सदस्यों ने भी संतोष व्यक्त किया और इसे सेवा कार्य की वास्तविक सफलता बताया।

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पर्यावरण संरक्षण और आजीविका संवर्धन के प्रयास रहेंगे जारी

रोटरी क्लब ऑफ चाईबासा के अध्यक्ष रोटेरियन अमित पोद्दार ने कहा कि किसी भी सेवा कार्य की सबसे बड़ी उपलब्धि तब होती है, जब उसका लाभ वर्षों बाद भी समाज को मिलता रहे। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को फल बेचकर आय अर्जित करते देख क्लब के सभी सदस्यों को गर्व की अनुभूति हुई है। इस कार्यक्रम के प्रायोजक रोटेरियन पुनीत सेठिया थे, जिन्होंने अपने स्वर्गीय रोटेरियन शशी भाई सेठिया की पुण्य स्मृति में इस अभियान को सहयोग दिया। कार्यक्रम में रोटेरियन महेश खत्री सहित कई सदस्य मौजूद रहे। रोटरी क्लब ने भविष्य में भी पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास और ग्रामीणों की आजीविका को सशक्त बनाने के लिए ऐसे कार्यक्रमों को जारी रखने का संकल्प दोहराया।

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ओल चिकी और संताली संस्कृति पर होगा मंथन झारखंड समेत कई राज्यों के बुद्धिजीवी, शिक्षाविद और सांस्कृतिक प्रतिनिधि होंगे शामिल

  • ओल चिकी और संताली संस्कृति पर होगा मंथन
  • झारखंड समेत कई राज्यों के बुद्धिजीवी, शिक्षाविद और सांस्कृतिक प्रतिनिधि होंगे शामिल

जेबी लाइव, रिपोर्टर

घाटशिला : आगामी 11 और 12 अक्टूबर 2026 को माझी पारगाना माहाल, घाटशिला में असेका (ASECA) झारखंड के तत्वावधान में दो दिवसीय प्रांतीय महाधिवेशन एवं सांस्कृतिक महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस महाधिवेशन की तैयारियों को लेकर बुधवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें आयोजन की रूपरेखा, अतिथियों की उपस्थिति और विभिन्न सत्रों की विस्तृत योजना पर चर्चा की गई। आयोजकों ने बताया कि इस कार्यक्रम में झारखंड के अलावा ओडिशा, पश्चिम बंगाल, असम और बिहार से हजारों की संख्या में संताल समाज के बुद्धिजीवी, शिक्षाविद, सामाजिक कार्यकर्ता और सांस्कृतिक प्रतिनिधि भाग लेंगे। महाधिवेशन का मुख्य उद्देश्य संताली भाषा, ओल चिकी लिपि तथा आदिवासी सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन को नई दिशा देना है।

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पहले दिन राष्ट्रीय सेमिनार और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे आकर्षण का केंद्र

महाधिवेशन के प्रथम दिन 11 अक्टूबर को पारंपरिक पूजा-पाठ एवं ध्वजारोहण के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया जाएगा। इसके बाद “संताली भाषा और ओल चिकी लिपि का आधुनिकीकरण एवं रोजगार में इसकी भूमिका” तथा “पंडित रघुनाथ मुर्मू की दर्शनशास्त्रीय सोच” विषय पर राष्ट्रीय स्तर का सेमिनार आयोजित होगा। इस सत्र में भाषा विशेषज्ञ, शिक्षाविद और शोधकर्ता संताली भाषा के डिजिटलीकरण, नई पीढ़ी तक पहुंच और रोजगार के अवसरों में इसकी उपयोगिता पर विचार-विमर्श करेंगे। शाम के सांस्कृतिक सत्र में विभिन्न राज्यों से आए कलाकार पारंपरिक दंग, सोहराय और लागड़े नृत्य की प्रस्तुति देंगे, जिससे संताल संस्कृति की समृद्ध परंपरा का प्रदर्शन होगा।

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दूसरे दिन सम्मान समारोह और भविष्य की रणनीति पर होगा विचार

12 अक्टूबर को आयोजित दूसरे दिन के कार्यक्रम में संताली भाषा, साहित्य, शिक्षा, खेल और सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों को ‘असेका रत्न’ सहित विभिन्न सम्मानों से सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा संताली माध्यम विद्यालयों की स्थिति, मातृभाषा आधारित शिक्षा के विस्तार और भाषा संरक्षण के लिए सरकारी स्तर पर आवश्यक पहल को लेकर प्रस्ताव पारित किए जाएंगे। समापन सत्र में समाज को संगठित रखने, युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने और ओल चिकी लिपि के व्यापक प्रचार-प्रसार का संकल्प लिया जाएगा।

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कई विशिष्ट अतिथि करेंगे कार्यक्रम की शोभा बढ़ाने का कार्य

आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पारगाना बाबा बैजू मुर्मू, विधायक सोमेश चन्द्र सोरेन, पंडित रघुनाथ मुर्मू के पौत्र भीमवार मुर्मू, पारगाना बाबा दासमत हांसदा सहित कई विशिष्ट अतिथि शामिल होंगे। इसके अलावा साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित संताली साहित्यकार, कला अकादमी से सम्मानित कलाकार तथा विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिष्ठित हस्तियां भी कार्यक्रम में भाग लेंगी। उनके विचार और अनुभव प्रतिभागियों को भाषा और संस्कृति के संरक्षण की दिशा में नई प्रेरणा प्रदान करेंगे।

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बैठक में आयोजन को ऐतिहासिक बनाने का लिया गया संकल्प

बैठक में असेका झारखंड इकाई के अध्यक्ष सुभाष चन्द्र माण्डी, सचिव शंकर सोरेन, मेघराय टुडू, कन्हाई लाल हेम्ब्रम, सालखू मुर्मू, कृष्ण चन्द्र हेम्ब्रम, सावना हांसदा, चरण हेम्ब्रम, पीताम्बर बेसरा, रामजीत सोरेन, बिष्णु कुमार मुर्मू, बोडो राम सोरेन, धोना राम टुडू, बदेन चन्द्र हांसदा, पीताम्बर हांसदा, जीबन बास्के और बायला सोरेन सहित अनेक सदस्य उपस्थित रहे। पदाधिकारियों ने कहा कि यह महाधिवेशन केवल सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि संताली भाषा और पहचान को सशक्त बनाने का एक महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने समाज के लोगों से पारंपरिक वेशभूषा में बड़ी संख्या में शामिल होकर आयोजन को ऐतिहासिक बनाने की अपील की।

Manoharpur : मनोहरपुर में सोनालिका ट्रैक्टर सेंटर की कार्यशाला, ग्राहकों को दी गई तकनीकी जानकारी

कस्टमर केयर, सेल्स और सर्विस पर केंद्रित सेमिनार में किसानों व ग्राहकों ने लिया हिस्सा जेबी लाइव, रिपोर्टर मनोहरपुर :

  • कस्टमर केयर, सेल्स और सर्विस पर केंद्रित सेमिनार में किसानों व ग्राहकों ने लिया हिस्सा

जेबी लाइव, रिपोर्टर

मनोहरपुर : रजरप्पा ऑटोमोबाइल सोनालिका ट्रैक्टर सेंटर, मनोहरपुर में बुधवार को कस्टमर केयर, सेल्स एवं सर्विस विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला-सह-सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर आमंत्रित ग्राहकों का अंगवस्त्र एवं मोमेंटो देकर सम्मान किया गया। सेमिनार को संबोधित करते हुए सेंटर संचालक अभय सिंह ने सोनालिका ट्रैक्टर के विभिन्न मॉडलों, उनकी तकनीकी विशेषताओं तथा कृषि कार्यों में उनकी उपयोगिता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने ट्रैक्टरों के बेहतर रखरखाव, समय पर सर्विसिंग और मशीन की कार्यक्षमता बढ़ाने के उपायों पर भी प्रकाश डाला।

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त्योहारी ऑफर के तहत ग्राहकों को मिलेंगे उपहार और लॉटरी कूपन

कार्यक्रम के दौरान अभय सिंह ने बताया कि आगामी त्योहारों को ध्यान में रखते हुए ग्राहकों के लिए विशेष ऑफर शुरू किया गया है। इसके तहत नए ट्रैक्टर की खरीद पर आकर्षक उपहारों के साथ लॉटरी ड्रॉ कूपन भी प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि लॉटरी का चयन ग्राहकों की उपस्थिति में पारदर्शी तरीके से किया जाएगा। इस अवसर पर सोनालिका ट्रैक्टर के ग्राहक बब्लू महतो को नए ट्रैक्टर की चाभी भी सौंपी गई। कार्यक्रम में चोलामंडलम ऑटोमोबाइल फाइनेंस कंपनी, चक्रधरपुर के ब्रांच मैनेजर अभिषेक सत्यम, सेल्स एग्जीक्यूटिव पंकज पांडे सहित मनोहरपुर और आनंदपुर प्रखंड के कई किसान, लाभुक एवं ग्राहक उपस्थित रहे।

Bodam : झारखंड आंदोलनकारी दुबराज कुंभकार का निधन, बोड़ाम समेत पूरे क्षेत्र में शोक

हार्ट अटैक से हुई मृत्यु, सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में सक्रिय भूमिका के लिए थे प्रसिद्ध जेबी लाइव, रिपोर्टर बोड़ाम

  • हार्ट अटैक से हुई मृत्यु, सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में सक्रिय भूमिका के लिए थे प्रसिद्ध

जेबी लाइव, रिपोर्टर

बोड़ाम : झारखंड आंदोलन से जुड़े वरिष्ठ आंदोलनकारी एवं बोड़ाम प्रखंड के बड़ा सुसनी निवासी दुबराज कुंभकार (65) का मंगलवार को हार्ट अटैक से निधन हो गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद परिजन उन्हें अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन दोपहर करीब 12:30 बजे रास्ते में ही उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर फैलते ही बड़ा सुसनी गांव सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। सामाजिक, राजनीतिक और विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने उनके आवास पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की तथा शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। क्षेत्रवासियों ने उनके निधन को समाज और आंदोलन के लिए अपूरणीय क्षति बताया।

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अलग झारखंड राज्य आंदोलन में निभाई थी सक्रिय भूमिका

दुबराज कुंभकार छात्र जीवन से ही झारखंड आंदोलन से जुड़े रहे और अलग झारखंड राज्य की मांग को लेकर चलाए गए जनआंदोलनों में सक्रिय भागीदारी निभाई। वे झारखंड आंदोलन के प्रखर नेता शहीद निर्मल महतो के विचारों से प्रभावित थे और उनके नेतृत्व में आंदोलन को मजबूती देने के लिए लगातार कार्य करते रहे। सामाजिक जीवन में भी वे लोगों को मार्गदर्शन देने, जनसमस्याओं को उठाने और समाजहित के कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए जाने जाते थे। उनके सरल, मृदुभाषी और मिलनसार व्यक्तित्व ने उन्हें क्षेत्र में विशेष पहचान दिलाई। वे अपने पीछे पत्नी, दो पुत्र अशोक कुंभकार और दीपक कुंभकार सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके निधन पर क्षेत्र के लोगों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और परिवार को इस कठिन समय में धैर्य प्रदान करने की कामना की।

Jadugoda : नरवा पहाड़ में बिजली तार की चपेट में आने से दो बैलों की मौत

मुर्गाघुटू निवासी किसान ने बिजली विभाग से मुआवजे की मांग उठाई जेबी लाइव, रिपोर्टर जादूगोड़ा : नरवा पहाड़ क्षेत्र के

  • मुर्गाघुटू निवासी किसान ने बिजली विभाग से मुआवजे की मांग उठाई

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जादूगोड़ा : नरवा पहाड़ क्षेत्र के मुर्गाघुटू गांव निवासी मोसो बास्के के दो बैलों की बिजली के तार की चपेट में आने से मौत हो गई। घटना मंगलवार सुबह करीब 11 बजे की बताई जा रही है। पीड़ित मोसो बास्के ने बताया कि उनके दोनों बैल खेत के आसपास चर रहे थे। इसी दौरान वहां से गुजर रही बिजली की लाइन का तार काफी नीचे झुका हुआ था, जिसकी चपेट में आने से दोनों बैलों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद ग्रामीणों में भी चिंता का माहौल है।

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क्षतिपूर्ति नहीं मिलने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

मोसो बास्के ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि बिजली का तार सुरक्षित ऊंचाई पर होता तो यह घटना नहीं होती। उन्होंने विभाग से एक लाख रुपये की क्षतिपूर्ति देने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि उचित मुआवजा नहीं मिलने पर विभाग की कथित लापरवाही के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों ने भी क्षेत्र में झुके हुए बिजली तारों की जांच कर आवश्यक सुधार की मांग की है।

Jamshedpur : करनडीह–परसुडीह मार्ग पर जलजमाव से बढ़ी परेशानी, समाधान की मांग तेज

दुकुटोला के पास सड़क पर भरे गंदे पानी से राहगीरों और वाहन चालकों को हो रही कठिनाई जेबी लाइव, रिपोर्टर

  • दुकुटोला के पास सड़क पर भरे गंदे पानी से राहगीरों और वाहन चालकों को हो रही कठिनाई

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : करनडीह से परसुडीह जाने वाले मुख्य मार्ग पर रेल क्रॉसिंग के सामने दुकुटोला क्षेत्र में जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण सड़क पर गंदे पानी का भारी जलजमाव हो गया है। लगातार जमा पानी से स्थानीय लोगों और राहगीरों को आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई हिस्सों में सड़क पूरी तरह पानी से ढकी हुई है, जिससे लोगों को मजबूरी में गंदे पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। इसका सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों पर पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से यह समस्या बनी हुई है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो सका है।

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JJKM ने उपायुक्त से हस्तक्षेप कर स्थायी समाधान कराने की मांग की

इस समस्या को लेकर झारखंड जनशक्ति क्रांतिकारी मोर्चा (JJKM) के केंद्रीय अध्यक्ष बीरसिंह देवगम ने पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त को पत्र भेजकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने पत्र में कहा है कि संबंधित विभाग द्वारा स्थल निरीक्षण कर जल निकासी की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि सड़क पर लंबे समय तक गंदा पानी जमा रहने से संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका बनी रहती है। बीरसिंह देवगम ने प्रशासन से आग्रह किया है कि अस्थायी उपायों के साथ-साथ जलजमाव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए भी ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में लोगों को ऐसी परेशानी का सामना न करना पड़े।

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