- निर्विरोध चुनाव में एकमात्र नामांकन, सर्वसम्मति से मिली कमान
जेबी लाइव, रिपोर्टर
नई दिल्ली : नई दिल्ली में 24 मार्च को जनता दल (यूनाइटेड) के संगठनात्मक चुनाव में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को एक बार फिर राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया। इस पद के लिए किसी अन्य उम्मीदवार ने नामांकन दाखिल नहीं किया, जिसके चलते उन्हें निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया। जेडीयू नेता Anil Hegde ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि नामांकन की अंतिम तिथि 22 मार्च थी, जबकि 23 मार्च को जांच और 24 मार्च को नाम वापसी की अंतिम समय सीमा तय थी। चूंकि केवल एक ही नामांकन प्राप्त हुआ, इसलिए पार्टी ने सर्वसम्मति से नीतीश कुमार को फिर से अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी।
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नेतृत्व की सराहना, 32 साल के सफर को बताया ऐतिहासिक
जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष Sanjay Jha ने नीतीश कुमार के नेतृत्व को पार्टी की मजबूती का आधार बताया। उन्होंने कहा कि 1994 में समता पार्टी के गठन से शुरू हुई यात्रा आज 32 वर्षों में एक मजबूत राजनीतिक संगठन के रूप में सामने आई है। झा ने कहा कि नीतीश कुमार के समर्पण और मेहनत ने पार्टी को नई पहचान दी। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पहले बिहार के लोगों में हीन भावना थी, लेकिन आज राज्य विकास के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन के साथ मिलकर किए गए कार्यों को भी उन्होंने इस बदलाव का प्रमुख कारण बताया।
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ललन सिंह का बयान- ‘नीतीश ही पार्टी’, कार्यकर्ताओं में उत्साह
केंद्रीय मंत्री और जेडीयू के वरिष्ठ नेता Rajiv Ranjan Singh ने स्पष्ट कहा कि पार्टी की पहचान ही नीतीश कुमार हैं। उन्होंने कहा कि जेडीयू की स्थापना से लेकर उसे ऊंचाइयों तक पहुंचाने में नीतीश कुमार की सबसे बड़ी भूमिका रही है। ऐसे में उनका निर्विरोध अध्यक्ष बनना स्वाभाविक है। इस घोषणा के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल देखा गया और नेताओं ने इसे संगठन की एकजुटता का प्रतीक बताया। जेडीयू के भीतर इस फैसले को नेतृत्व में स्थिरता और आगामी राजनीतिक रणनीतियों के लिए अहम माना जा रहा है।























