दमाकी–मानपुर तीन किमी सड़क जर्जर, गड्ढों और जलभराव से आवागमन हुआ मुश्किल
स्वास्थ्य केंद्र और विद्यालय जाने वालों को हो रही भारी परेशानी
सड़क पर उतरे ग्रामीण, जल्द निर्माण नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने सड़क निर्माण नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की दी चेतावनी
जेबी लाइव, रिपोर्टर
पोटका : ऐतिहासिक गांव के रूप में पहचान रखने वाला मानपुर इन दिनों बुनियादी सड़क सुविधा के अभाव से जूझ रहा है। गांव तक पहुंचने वाली सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है और जगह-जगह बने बड़े गड्ढे तथा जलभराव लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गए हैं। बरसात के मौसम में सड़क की स्थिति और भी खराब हो गई है। गड्ढों में पानी भर जाने से सड़क तालाब जैसी दिखाई देती है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की खराब हालत के कारण दोपहिया और चारपहिया वाहनों के साथ-साथ पैदल चलने वाले लोगों को भी भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
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कई बार आवेदन के बावजूद नहीं हुई सड़क निर्माण की पहल

ग्रामीणों के अनुसार सड़क निर्माण को लेकर कई बार जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभाग के अधिकारियों को आवेदन दिया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई। मानपुर में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और प्लस टू विद्यालय स्थित है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज, एंबुलेंस, छात्र-छात्राएं और ग्रामीण इसी मार्ग से आते-जाते हैं। खराब सड़क के कारण मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में देरी होती है, जबकि बच्चों को विद्यालय आने-जाने में जोखिम उठाना पड़ता है। दमाकी से मानपुर तक लगभग तीन किलोमीटर लंबी सड़क सबसे अधिक जर्जर स्थिति में है। इसी मार्ग से आधा दर्जन से अधिक गांवों का संपर्क बना हुआ है, जिससे हजारों लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है।
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जर्जर सड़क से हजारों लोगों की दिनचर्या प्रभावित

सड़क की बदहाली से नाराज ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। प्रदर्शनकारियों ने अविलंब सड़क निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से उपेक्षा का शिकार यह सड़क अब जानलेवा बन चुकी है। प्रदर्शन में सामाजिक कार्यकर्ता धीरन भकत, अंबिका महतो, ग्राम प्रधान गोपाल मुर्मू, मुखिया प्रतिनिधि तरनी सिंह सरदार, नुनाराम रजक, शत्रुघ्न दास, बंकिम रजक, कालू सिंह, ठाकुर प्रसाद पात्र, त्रिलोचन भकत, सुनील मांडी, लस्का मुर्मू, शुरू तापे समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
























