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Seraikela : गैरेज चौक स्थित लाइसेंसी शराब दुकान का औचक निरीक्षण, सभी अभिलेख और स्टॉक मिले दुरुस्त

  • उत्पाद अधीक्षक विजय क्षितिज मिंज ने विक्रय व्यवस्था, स्टॉक एवं मूल्य सूची की जांच कर दिए आवश्यक निर्देश

जेबी लाइव, रिपोर्टर

सरायकेला : उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी के निर्देशानुसार उत्पाद अधीक्षक विजय क्षितिज मिंज ने मंगलवार को सरायकेला नगर क्षेत्र के गैरेज चौक स्थित लाइसेंसी खुदरा शराब दुकान का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मदिरा उत्पादों के उपलब्ध स्टॉक, विक्रय अभिलेखों, मूल्य सूची तथा उपभोक्ताओं को निर्धारित दर पर उत्पाद उपलब्ध कराए जाने संबंधी व्यवस्थाओं की गहन जांच की गई। जांच के क्रम में दुकान में उपलब्ध स्टॉक, बिक्री रजिस्टर एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन किया गया। निरीक्षण में सभी अभिलेख अद्यतन एवं नियमानुसार संधारित पाए गए। साथ ही दुकान में प्रदर्शित मूल्य सूची और विक्रय दरों का भी मिलान किया गया, जिसमें किसी प्रकार की अनियमितता नहीं पाई गई।

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ग्राहकों से ली गई जानकारी, एमआरपी पर बिक्री की पुष्टि

निरीक्षण के दौरान उत्पाद अधीक्षक ने दुकान पर मौजूद ग्राहकों से भी बातचीत कर मदिरा उत्पादों की उपलब्धता एवं विक्रय मूल्य के संबंध में जानकारी प्राप्त की। ग्राहकों ने बताया कि सभी उत्पाद निर्धारित अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं और उनसे अतिरिक्त राशि की मांग नहीं की जाती है। जांच के दौरान मूल्य निर्धारण, विक्रय प्रक्रिया तथा उपभोक्ता सुविधाओं के संबंध में भी समीक्षा की गई। विभागीय अधिकारियों ने पाया कि दुकान प्रबंधन द्वारा निर्धारित नियमों का पालन किया जा रहा है तथा विक्रय व्यवस्था संतोषजनक है। निरीक्षण में मूल्य सूची स्पष्ट रूप से प्रदर्शित मिली और स्टॉक विवरण भी अभिलेखों से मेल खाते पाए गए।

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पारदर्शिता और उपभोक्ता हितों के लिए जारी रहेगा अभियान

उत्पाद अधीक्षक विजय क्षितिज मिंज ने संबंधित दुकान प्रबंधन को विभागीय प्रावधानों एवं लाइसेंस की शर्तों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी मदिरा उत्पादों की बिक्री निर्धारित एमआरपी पर ही की जाए तथा स्टॉक, विक्रय एवं अन्य अभिलेखों का नियमित और अद्यतन संधारण किया जाए। इसके अलावा मूल्य सूची को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित रखने, उपभोक्ताओं को आवश्यकतानुसार बिल उपलब्ध कराने तथा निरीक्षण के समय सभी अभिलेख प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि जिले में मदिरा विक्रय व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने, उपभोक्ता हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और विभागीय नियमों के अनुपालन के लिए नियमित एवं औचक निरीक्षण अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

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Rajnagar : हाता-चाईबासा मार्ग पर तेज रफ्तार वाहनों पर होगी निगरानी, स्पीड डिटेक्शन डिवाइस की टेस्टिंग शुरू

सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए राजनगर पुलिस की नई पहल, ओवरस्पीड वाहनों पर होगी कार्रवाई जेबी लाइव, रिपोर्टर

  • सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए राजनगर पुलिस की नई पहल, ओवरस्पीड वाहनों पर होगी कार्रवाई

जेबी लाइव, रिपोर्टर

राजनगर : हाता-चाईबासा मुख्य मार्ग पर लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए राजनगर थाना पुलिस ने महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पुलिस प्रशासन ने इस व्यस्त मार्ग पर स्पीड डिटेक्शन डिवाइस के माध्यम से वाहनों की गति पर नजर रखने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके तहत डिवाइस की टेस्टिंग प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से सड़क पर यातायात नियमों का बेहतर पालन सुनिश्चित किया जा सकेगा और दुर्घटनाओं में कमी लाने में मदद मिलेगी। यह कदम सड़क सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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ओवरस्पीडिंग बनी हादसों की बड़ी वजह

पुलिस के अनुसार हाता-चाईबासा मुख्य मार्ग पर बीते कुछ समय के दौरान तेज रफ्तार वाहनों के कारण सड़क दुर्घटनाओं में लगातार वृद्धि हुई है। कई लोगों की जान गई है, जबकि अनेक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। जांच में पाया गया कि अधिकांश दुर्घटनाओं के पीछे ओवरस्पीडिंग प्रमुख कारण रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए स्पीड डिटेक्शन डिवाइस की व्यवस्था की गई है। यह उपकरण मार्ग से गुजरने वाले वाहनों की गति को रिकॉर्ड करेगा और निर्धारित सीमा से अधिक रफ्तार में चलने वाले वाहनों की पहचान करेगा। इसके आधार पर नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

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सुरक्षित यातायात के लिए नियमों के पालन की अपील

राजनगर पुलिस का कहना है कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि वाहन चालकों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी है। अधिकारियों ने लोगों से निर्धारित गति सीमा का पालन करने, दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने तथा चारपहिया वाहनों में सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने की अपील की है। स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की इस पहल का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि आधुनिक तकनीक के प्रयोग से सड़क हादसों में कमी आएगी और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सड़क पर सुरक्षित यात्रा के लिए नियमों का पालन ही सबसे प्रभावी उपाय है।

Rajnagar : कुमडीह में पेपर प्लेट निर्माण इकाई का शुभारंभ, 150 महिलाओं को मिलेगा रोजगार

महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने की दिशा में नाबार्ड और जेटीडीएस की महत्वपूर्ण पहल जेबी लाइव, रिपोर्टर

  • महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने की दिशा में नाबार्ड और जेटीडीएस की महत्वपूर्ण पहल

जेबी लाइव, रिपोर्टर

राजनगर : ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राजनगर प्रखंड के कुमडीह गांव में मंगलवार को पेपर प्लेट निर्माण इकाई का शुभारंभ किया गया। यह परियोजना नाबार्ड के लाइवलीहुड एंड एंटरप्राइज डेवलपमेंट प्रोग्राम (एलईडीपी) के अंतर्गत झारखंड ट्राइबल डेवलपमेंट सोसाइटी (जेटीडीएस) एवं डीपीएमयू सरायकेला-खरसावां द्वारा 100 प्रतिशत अनुदान आधारित योजना के रूप में संचालित की जा रही है। कार्यक्रम के दौरान दो अत्याधुनिक पेपर प्लेट निर्माण मशीनों का विधिवत उद्घाटन किया गया। उद्घाटन समारोह में जेटीडीएस के राज्य परियोजना निदेशक विजय सिंह बिरूवा, नाबार्ड की जिला विकास प्रबंधक चंदना मिश्रा, पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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महिला उद्यमिता और आर्थिक सशक्तिकरण पर दिया गया जोर

समारोह को संबोधित करते हुए विजय सिंह बिरूवा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए ऐसी योजनाएं अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से गांवों की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और आत्मनिर्भरता का मार्ग प्रशस्त होगा। वहीं चंदना मिश्रा ने महिलाओं को उत्पाद की गुणवत्ता बनाए रखने, आधुनिक तकनीकों को अपनाने तथा बाजार की मांग के अनुरूप उत्पादन करने की सलाह दी। उन्होंने विश्वास जताया कि यह इकाई स्थानीय महिलाओं के लिए आय का स्थायी स्रोत बनेगी। कार्यक्रम में मौजूद जनप्रतिनिधियों ने भी उत्पादों के विपणन और बाजार उपलब्ध कराने में हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।

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प्रशिक्षण के बाद प्रतिदिन होगा हजारों उत्पादों का निर्माण

अधिकारियों ने बताया कि आवासीय प्रशिक्षण पूरा होने के बाद इन मशीनों के माध्यम से प्रतिदिन हजारों पेपर प्लेट और दोने का उत्पादन किया जाएगा, जिससे लगभग 150 महिलाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। इसके अतिरिक्त स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए 10 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा, जिसमें उत्पादन, प्रबंधन और विपणन से संबंधित व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि यह पहल भविष्य में राजनगर और सरायकेला प्रखंड को महिला उद्यमिता के मॉडल क्षेत्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। कार्यक्रम के सफल आयोजन में जेटीडीएस डीपीएमयू सरायकेला-खरसावां के डीपीएम नीरज नयन सहित अन्य पदाधिकारियों और कर्मियों की सक्रिय भूमिका रही।

Ghatsila : फुलडुंगरी में भागमति सेवा सदन का उद्घाटन, बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की मिली सौगात

पूर्व स्वास्थ्य मंत्री डॉ. दिनेश षाड़ंगी ने किया मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल का शुभारंभ जेबी लाइव, रिपोर्टर घाटशिला : फुलडुंगरी स्थित

  • पूर्व स्वास्थ्य मंत्री डॉ. दिनेश षाड़ंगी ने किया मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल का शुभारंभ

जेबी लाइव, रिपोर्टर

घाटशिला : फुलडुंगरी स्थित धरम बहाल में शनिवार को भागमति सेवा सदन के उद्घाटन समारोह का आयोजन किया गया। मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल का विधिवत उद्घाटन झारखंड के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री डॉ. दिनेश षाड़ंगी ने किया। अस्पताल के निदेशक सह पूर्व रेंजर रामजी राय ने मुख्य अतिथि का पुष्पगुच्छ एवं शॉल ओढ़ाकर स्वागत किया। कार्यक्रम में जिला परिषद सदस्य देवयानी मुर्मू, राम दास हांसदा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। उद्घाटन समारोह में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने भी भाग लिया।

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ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा की जरूरत पर बल

अपने संबोधन में डॉ. दिनेश षाड़ंगी ने कहा कि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना आज की बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भागमति सेवा सदन के शुरू होने से घाटशिला एवं आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी और गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए दूर-दराज के शहरों पर निर्भरता कम होगी। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को जनसेवा की भावना से कार्य करने तथा मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए शुभकामनाएं दीं। समारोह में उपस्थित अतिथियों ने भी अस्पताल की स्थापना को क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए इसके सफल संचालन और जनहित में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की कामना की।

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झाड़ग्राम में आयोजित भव्य समारोह में मेधावी छात्र-छात्राओं सामाजिक संगठनों और विशिष्ट हस्तियों को किया गया सम्मानित जेबी लाइव, रिपोर्टर

  • झाड़ग्राम में आयोजित भव्य समारोह में मेधावी छात्र-छात्राओं
  • सामाजिक संगठनों और विशिष्ट हस्तियों को किया गया सम्मानित

जेबी लाइव, रिपोर्टर

झाड़ग्राम : समाजसेवी संगठन दिगंतेर दिशारी के 5वें स्थापना दिवस के अवसर पर झाड़ग्राम स्थित आईएमए ऑडिटोरियम में भव्य मिलन उत्सव, प्रतिभा सम्मान एवं मेधावी छात्र-छात्रा अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न हिस्सों से आए सामाजिक संगठनों, समाजसेवियों, शिक्षाविदों, कलाकारों और गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति ने समारोह को विशेष गरिमा प्रदान की। इस अवसर पर झाड़ग्राम, मेदिनीपुर, मालदा, नारायणगढ़, गड़बेता, केशियाड़ी, बहरागोड़ा और गोपीबल्लभपुर सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए 20 से अधिक स्वयंसेवी संगठनों तथा 35 से अधिक समाजकर्मियों को सम्मानित किया गया। साथ ही वर्ष 2026 की माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 19 मेधावी छात्र-छात्राओं को विशेष सम्मान प्रदान किया गया, जिनमें सांताली और बंगला माध्यम के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले 12 विद्यार्थी भी शामिल थे।

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आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को मिली शैक्षणिक सहायता

समारोह के दौरान शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल की गई। विज्ञान संकाय के चार तथा कला संकाय के तीन आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को कक्षा 11 की सभी पाठ्यपुस्तकें उपहार स्वरूप प्रदान की गईं। इस अवसर पर प्रख्यात लोक साहित्यकार प्रफुल्ल चंद्र महतो, वरिष्ठ संगीतकार नारायण रायचौधुरी तथा झाड़ग्राम की कला संस्था के संस्थापक संजीव मित्र को विशेष सम्मान से नवाजा गया। कार्यक्रम की सबसे प्रेरणादायक घोषणा तब हुई जब समाजसेवी कमल सिंह ने एक आर्थिक रूप से कमजोर मेधावी छात्रा की उच्च शिक्षा का पूरा खर्च वहन करने की घोषणा की। इस घोषणा का उपस्थित लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ स्वागत किया।

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सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां

समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने भी दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। वरिष्ठ कलाकार बाबू राय के मधुर गीतों, मुक्तांगन के नृत्य कलाकारों की समूह प्रस्तुति, नृत्य गुरु तापस डे के एकल नृत्य तथा बाल कलाकार श्रीनिका और अंशुप के प्रभावशाली कवितापाठ ने उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में स्वामी मुक्तेश्वर महाराज सहित कई विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे। अंत में संगठन के अध्यक्ष अंजन जना ने सभी सदस्यों, सहयोगियों और शुभचिंतकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संगठन के कार्यकर्ताओं के समर्पण और सेवा भाव के कारण ही संस्था ने समाजसेवा के क्षेत्र में पांच वर्षों की सफल और गौरवपूर्ण यात्रा पूरी की है।

Potka : बाल विवाह मुक्त पंचायत बनाने का लिया सामूहिक संकल्प

प्रखंड स्तरीय कार्यशाला में जनप्रतिनिधियों और समुदाय के सदस्यों ने रोकथाम के उपायों पर किया मंथन जेबी लाइव, रिपोर्टर पोटका

  • प्रखंड स्तरीय कार्यशाला में जनप्रतिनिधियों और समुदाय के सदस्यों ने रोकथाम के उपायों पर किया मंथन

जेबी लाइव, रिपोर्टर

पोटका : सामाजिक संस्था युवा (यूथ फॉर यूनिटी एंड वॉलंटरी एक्शन) एवं गर्ल्स फर्स्ट फंड के सहयोग से तेंतला स्थित इम्पीरियल रिसोर्ट में बाल विवाह एवं जबरन विवाह की रोकथाम को लेकर प्रखंड स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में पंचायत प्रतिनिधियों, ग्राम प्रधानों, आंगनबाड़ी सेविकाओं, स्वास्थ्य सहियाओं, डालसा के पीएलबी तथा विभिन्न गांवों के समुदाय प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान पंचायत स्तर पर बाल विवाह रोकने में जनप्रतिनिधियों की भूमिका और जिम्मेदारियों पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रतिभागियों ने बाल विवाह के सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक कारणों की पहचान करते हुए इसके प्रभाव और समाधान पर विचार-विमर्श किया।

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जागरूकता और सामुदायिक भागीदारी पर दिया गया जोर

कार्यशाला में “मेरा गांव मेरी जिम्मेदारी” गतिविधि के माध्यम से पंचायतों में निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने, जागरूकता अभियान चलाने तथा सामुदायिक सहभागिता बढ़ाने की रणनीति तैयार की गई। प्रतिभागियों को बाल विवाह मुक्त पंचायत योजना, पेसा अधिनियम 1996 तथा ग्राम सभा की भूमिका के संबंध में भी जानकारी दी गई। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने अपने-अपने क्षेत्रों को बाल विवाह मुक्त पंचायत बनाने का सामूहिक संकल्प लिया। कार्यक्रम का संचालन अंजना देवगम ने किया, जबकि स्वागत संबोधन चंदमनी सेवैया ने प्रस्तुत किया।

Gua : सारंडा के साल पत्तों से आत्मनिर्भरता की राह पर नुईया गांव की महिलाएं

पत्तल निर्माण से बढ़ रही आय, वन आधारित आजीविका को मिल रहा नया आधार जेबी लाइव, रिपोर्टर गुवा : नोवामुंडी

  • पत्तल निर्माण से बढ़ रही आय, वन आधारित आजीविका को मिल रहा नया आधार

जेबी लाइव, रिपोर्टर

गुवा : नोवामुंडी प्रखंड अंतर्गत गुवा थाना क्षेत्र के नुईया गांव की महिलाएं सारंडा के जंगलों से प्राप्त होने वाले साल पत्तों के माध्यम से आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रही हैं। ग्रामीण महिलाएं जंगल से साल के पत्ते एकत्र कर उनसे पत्तल तैयार करती हैं और उनकी बिक्री कर परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत बना रही हैं। गांव के मुंडा दुरसू चाम्पिया ने बताया कि वन विभाग के सहयोग से महिलाओं को रोजगार से जोड़ने और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। यह पहल न केवल ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने में सहायक साबित हो रही है, बल्कि पारंपरिक वन आधारित आजीविका को भी नई मजबूती प्रदान कर रही है।

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सामूहिक प्रयास से मिल रही नियमित आय

ग्रामीणों के अनुसार सप्ताह में एक दिन महिलाएं और परिवार के अन्य सदस्य सारंडा के जंगलों से साल के पत्ते एकत्र करते हैं। इसके बाद इन पत्तों से पत्तल बनाकर बंडल तैयार किए जाते हैं। एक परिवार सप्ताह में औसतन तीन बंडल तैयार करता है, जिनका वजन लगभग 10 से 13 किलोग्राम तक होता है। गांव के करीब 20 परिवार इस कार्य से जुड़े हुए हैं और सामूहिक रूप से सप्ताह में लगभग 90 बंडल तैयार कर लेते हैं। तैयार पत्तलों की बिक्री से परिवारों को नियमित आय प्राप्त हो रही है, जिससे घरेलू खर्चों के साथ बच्चों की शिक्षा और अन्य आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिल रही है।

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बाजार से जुड़कर बढ़ रहे रोजगार के अवसर

ग्रामीणों ने बताया कि सप्ताह में एक बार जराइकेला से वाहन गांव पहुंचता है और तैयार पत्तलों के बंडलों को लगभग 45 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीद लेता है। खरीददार इन्हें गोदाम में ले जाकर पहले सुखाते हैं, फिर मशीनों की सहायता से थाली और दोना का आकार देकर विभिन्न बाजारों में बिक्री के लिए भेजते हैं। इस कार्य से सारिया सुरीन, गोरजो चाम्पिया, चंद्रमोहन बोदरा सहित कई परिवार जुड़े हुए हैं। ग्रामीणों का मानना है कि यदि इस पहल को और अधिक प्रोत्साहन तथा बाजार उपलब्ध कराया जाए तो सारंडा क्षेत्र के अन्य गांवों की महिलाएं भी इससे जुड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बन सकती हैं और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर विकसित हो सकते हैं।

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