- प्रबंधन की अनुपस्थिति से नाराज ग्रामीणों ने 20 अप्रैल को चक्का जाम का किया ऐलान
जेबी लाइव, रिपोर्टर
गुवा : गुवा क्षेत्र में 12 गांवों के मुंडा-मानकी के बैनर तले चल रहा 72 घंटे का भूख हड़ताल शनिवार सुबह 8 बजे समाप्त हो गया। तीन दिनों तक चले इस आंदोलन के दौरान न तो प्रशासन और न ही सेल प्रबंधन की ओर से कोई अधिकारी वार्ता के लिए पहुंचा, जिससे ग्रामीणों में गहरा आक्रोश देखने को मिला। आंदोलनकारियों का आरोप है कि उनकी मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है, जिसके कारण उन्हें यह कठोर कदम उठाना पड़ा। भूख हड़ताल के दौरान कई ग्रामीणों की तबीयत भी प्रभावित हुई, लेकिन इसके बावजूद किसी भी स्तर पर संवाद की पहल नहीं की गई। इस रवैये से नाराज होकर ग्रामीणों ने आंदोलन को और तेज करने का संकेत दिया है।
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सोमवार को जीरो प्वाइंट से बंकर क्षेत्र तक चक्का जाम, उत्पादन प्रभावित करने की तैयारी
भूख हड़ताल समाप्त होने के बाद आयोजित बैठक में आगे की रणनीति पर चर्चा की गई, जिसमें सर्वसम्मति से 20 अप्रैल, सोमवार को सुबह 4 बजे से चक्का जाम करने का निर्णय लिया गया। यह जाम सेल के जीरो प्वाइंट से लेकर बंकर क्षेत्र तक रहेगा, जिससे खदान क्षेत्र में होने वाले डिस्पैच को पूरी तरह ठप करने की योजना है। साथ ही खदान में चलने वाली बस सेवाओं को भी बाधित किया जाएगा। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक पहल नहीं हुई, तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा। इस आंदोलन को पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा का समर्थन भी प्राप्त है, और वे स्वयं चक्का जाम में शामिल होकर नेतृत्व कर सकते हैं।


























