TMH अस्पताल में लंबी बीमारी के बाद हुआ निधन, क्षेत्र में शोक की लहर
जेबी लाइव, रिपोर्टर
मुसाबनी : मुसाबनी प्रखंड क्षेत्र के वरिष्ठ एवं समर्पित झारखंड आंदोलनकारी उदय मांझी का TMH अस्पताल में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उनके निधन की खबर फैलते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। वे झारखंड आंदोलन के एक जुझारू और प्रतिबद्ध कार्यकर्ता के रूप में जाने जाते थे, जिन्होंने अलग राज्य की लड़ाई में सक्रिय भूमिका निभाई थी। उनके निधन की सूचना मिलते ही विधायक सोमेश चंद्र सोरेन मुसाबनी प्रखंड के बलियागोड़ स्थित उनके आवास पहुंचे और पार्थिव शरीर का अंतिम दर्शन कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।
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आंदोलन के दौरान संघर्षपूर्ण रहा जीवन, कई बार जेल भी गए
उदय मांझी के साथी संतोष सोरेन ने बताया कि वे बिहार क्रिमिनल कंट्रोल एक्ट के तहत लगभग 18 माह तक जेल में रहे थे। उन्होंने मुसाबनी प्रखंड कार्यालय में काला झंडा फहराने जैसे ऐतिहासिक आंदोलन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, जो उनके साहस का प्रतीक माना जाता है। धालभूमगढ़ प्रखंड में बीडीओ के खिलाफ हुए आंदोलन में भी वे सक्रिय रूप से शामिल रहे। उनके ऊपर विभिन्न थानों में कई मामले दर्ज हुए, जो उनके संघर्षमय जीवन की गवाही देते हैं। बाद में उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देते हुए शिक्षक के रूप में समाज सेवा जारी रखी और सेवानिवृत्ति से कुछ ही महीने पहले उनका निधन हो गया।
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नेताओं और कार्यकर्ताओं ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि
विधायक सोमेश चंद्र सोरेन ने कहा कि उदय मांझी का योगदान झारखंड आंदोलन के इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा। उनके अंतिम दर्शन के दौरान प्रखंड अध्यक्ष प्रधान सोरेन, वरिष्ठ नेता जगदीश भगत, कालीपोदो गोराई, संतोष सोरेन, कान्हु सामंत, सचिव महेश्वर हांसदा, गणेश टुडू, सुल्तान अंसारी, समीर मुर्मू सहित कई स्थानीय कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने उनके संघर्ष, त्याग और समाज सेवा को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। पूरे क्षेत्र में उनके निधन से गहरा शोक व्याप्त है और लोग उन्हें एक सच्चे आंदोलनकारी के रूप में याद कर रहे हैं।






















