खूंटी पुलिस को बड़ी सफलता, कई थानों में दर्ज हैं गंभीर आपराधिक मामले
गुप्त सूचना पर पुलिस ने की कार्रवाई
हथियार, कारतूस और नक्सली पर्चे बरामद
नक्सली नेटवर्क तोड़ने के लिए जांच तेज
जेबी लाइव, रिपोर्टर
खूंटी : प्रतिबंधित नक्सली संगठन पीएलएफआई के हार्डकोर उग्रवादी राजेश महतो उर्फ राजेश यादव को पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस अधीक्षक ऋषभ गर्ग ने बुधवार को प्रेस वार्ता में बताया कि 12 मई को सूचना मिली थी कि कर्रा थाना क्षेत्र का प्राथमिकी अभियुक्त और पीएलएफआई का सक्रिय सदस्य राजेश महतो किसी कार्य से खूंटी आने वाला है। सूचना के सत्यापन के बाद अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, तोरपा क्रिस्टोफर केरकेट्टा के नेतृत्व में विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया। टीम ने खूंटी-तिरला मार्ग स्थित निर्माणाधीन बस स्टैंड के पास संदिग्ध युवक को देखा, जो पुलिस को देखते ही भागने लगा, लेकिन जवानों ने पीछा कर उसे पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम मोहन कुमार उर्फ राजेश महतो उर्फ राजेश यादव बताया।
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नक्सल विरोधी अभियान में पुलिस को लगातार मिल रही सफलताएं
पुलिस ने गिरफ्तार उग्रवादी की निशानदेही पर ग्राम काटमकुकू स्थित एक नवनिर्मित मकान से मिट्टी के अंदर छिपाकर रखे गए हथियार और अन्य सामान बरामद किए। बरामद सामग्री में एक देशी पिस्टल, 7.65 बोर के दो जिंदा कारतूस, पीएलएफआई के दो पर्चे, तीन मोबाइल फोन और एक छोटा बैग शामिल है। पुलिस ने इस संबंध में कर्रा थाना में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपी के मोबाइल फोन से जंगी ऐप और ट्विनमी ऐप भी मिले हैं, जिनका उपयोग संगठन के सदस्य आपस में संपर्क के लिए करते थे। यह भी सामने आया है कि वह पिछले कई वर्षों से क्षेत्र में लेवी वसूली में सक्रिय रहा है और उसके खिलाफ रांची एवं खूंटी जिले के विभिन्न थानों में छह गंभीर मामले दर्ज हैं, जिनमें एनआईए और आर्म्स एक्ट से जुड़े मामले भी शामिल हैं।
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नक्सली नेटवर्क और डिजिटल कम्युनिकेशन की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस के अनुसार, राजेश महतो की गिरफ्तारी से पीएलएफआई संगठन के नेटवर्क को लेकर कई अहम सुराग मिले हैं, जिनकी गहन जांच की जा रही है। एसपी ऋषभ गर्ग ने कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल गिरफ्तारी नहीं, बल्कि पूरे संगठन के नेटवर्क और उसके संचालकों तक पहुंचकर उग्रवादी तंत्र को पूरी तरह ध्वस्त करना है। इस छापेमारी अभियान में तोरपा के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक रामप्रवेश कुमार, कर्रा थाना प्रभारी दीपक कांत कुमार, जरियागढ़ थाना प्रभारी विरेन्द्र कुमार, मारंगहादा थाना प्रभारी विकास जायसवाल सहित कर्रा थाना, खूंटी थाना, तकनीकी शाखा और सशस्त्र बल के जवान शामिल थे। पुलिस अब बरामद मोबाइल डाटा और डिजिटल ऐप्स के आधार पर आगे की जांच को तेज कर रही है ताकि संगठन के अन्य सदस्यों तक भी पहुंच बनाई जा सके।






















