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Muri : बकरीद को लेकर सिल्ली थाना में शांति समिति की बैठक, सौहार्द बनाए रखने की अपील

  • पुलिस प्रशासन और सामाजिक संगठनों ने अफवाहों से बचने व शांतिपूर्ण पर्व मनाने पर दिया जोर
  • अफवाहों से बचें और प्रशासन का सहयोग करें

जेबी लाइव, रिपोर्टर

मुरी : बकरीद पर्व को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने को लेकर सिल्ली थाना परिसर में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक का संचालन कर रहे फारूक मोमिन ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि बकरीद के दौरान काटे जाने वाले बकरे के अवशेष, खराब चमड़े एवं हड्डियों को सही तरीके से जमीन में गाड़ दिया जाए ताकि आसपास रहने वाले अन्य समुदाय के लोगों की भावनाओं को ठेस न पहुंचे और आपसी भाईचारा कायम रहे। उन्होंने कहा कि सिल्ली क्षेत्र हमेशा से सामाजिक सौहार्द और एकता की मिसाल रहा है तथा इसे बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। बैठक में मौजूद लोगों ने भी आपसी सहयोग और सद्भाव के साथ पर्व मनाने का संकल्प लिया।

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त्योहारों में सामाजिक सौहार्द बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी

बैठक को संबोधित करते हुए सिल्ली थाना प्रभारी नवीन कुमार ने कहा कि शांतिपूर्ण बकरीद मनाने की जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन के साथ-साथ आम जनता की भी है। उन्होंने लोगों से अफवाहों से बचने और किसी भी संदिग्ध सूचना की जानकारी तुरंत पुलिस को देने की अपील की। वहीं मुरी ओपी प्रभारी विकास कुमार पासवान ने कहा कि सिल्ली क्षेत्र में हमेशा शांति और भाईचारे के साथ पर्व-त्योहार मनाए जाते रहे हैं और इस बार भी इसी परंपरा को कायम रखा जाएगा। बैठक में अरुण कुमार यादव, उदय कुमार सिंह, मुन्ना सिंह, देवाशीष दत्ता, लालू उरांव, मोहम्मद चांद, राजेश साहु, मेघनाथ महतो, जसरुद्दीन समेत मुस्लिम कमेटी एवं शांति समिति के कई सदस्य उपस्थित थे।

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Jamshedpur : ओल्ड एज होम में डालसा का कानूनी जागरूकता शिविर, वरिष्ठ नागरिकों को बताए गए अधिकार

सीनियर सिटीजन एक्ट और प्रोजेक्ट मानवता के तहत वृद्धजनों को दी गई निःशुल्क कानूनी सहायता की जानकारी ओल्ड एज होम

  • सीनियर सिटीजन एक्ट और प्रोजेक्ट मानवता के तहत वृद्धजनों को दी गई निःशुल्क कानूनी सहायता की जानकारी
  • ओल्ड एज होम का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का लिया जायजा

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : नालसा एवं झालसा के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार जमशेदपुर द्वारा संचालित 90 दिवसीय गहन विधिक जागरूकता अभियान के तहत सोमवार को बाराद्वारी स्थित ओल्ड एज होम में कानूनी जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार जमशेदपुर के अध्यक्ष अरविन्द कुमार पांडेय के मार्गदर्शन में किया गया। शिविर में प्रोजेक्ट मानवता के तहत वृद्ध लोगों को उनके कानूनी अधिकारों, निःशुल्क विधिक सहायता योजनाओं और सरकारी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डालसा सचिव कुमार सौरभ त्रिपाठी उपस्थित रहे, जबकि मध्यस्थ अधिवक्ता के.के. सिन्हा एवं लीगल एड डिफेंस काउंसिल सदस्य विजय तिवारी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद थे। कार्यक्रम के दौरान वृद्ध महिलाओं एवं पुरुषों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपने अनुभव और समस्याएं भी साझा कीं।

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वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों को लेकर बढ़ाई जा रही जागरूकता

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डालसा सचिव Kumar Saurabh Tripathi ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए सीनियर सिटीजन एक्ट के रूप में एक सशक्त कानून बनाया गया है। उन्होंने बताया कि इस कानून के तहत कोई भी बेटा, बेटी या रिश्तेदार वरिष्ठ नागरिकों को उनकी संपत्ति से बेदखल नहीं कर सकता। यदि कोई वृद्ध व्यक्ति अपनी आय या संपत्ति से स्वयं का पालन-पोषण करने में सक्षम नहीं है, तो वह अपने वयस्क बच्चों या रिश्तेदारों से मासिक भरण-पोषण की मांग कर सकता है। उन्होंने कहा कि इस कानून के तहत दायर मामलों का निपटारा 90 दिनों के भीतर करना अनिवार्य है। उन्होंने वृद्धजनों से कहा कि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें और किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार से संपर्क करें।

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सीनियर सिटीजन एक्ट के तहत संपत्ति और भरण-पोषण का अधिकार सुरक्षित

मध्यस्थ अधिवक्ता के.के. सिन्हा ने कहा कि 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के सभी भारतीय नागरिकों को आर्थिक और शारीरिक सुरक्षा प्राप्त करने का कानूनी अधिकार है। उन्होंने बताया कि यदि किसी बुजुर्ग ने अपनी संपत्ति इस शर्त पर बच्चों या रिश्तेदारों के नाम की हो कि वे जीवनभर उनकी देखभाल करेंगे, लेकिन बाद में वे जिम्मेदारी निभाने से इंकार कर दें, तो वरिष्ठ नागरिक न्यायाधिकरण के माध्यम से उस गिफ्ट डीड को रद्द करवाकर अपनी संपत्ति वापस प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों की उपेक्षा करना या उन्हें बेसहारा छोड़ना दंडनीय अपराध है, जिसके लिए कठोर सजा का प्रावधान किया गया है। वहीं लीगल एड डिफेंस काउंसिल सदस्य विजय तिवारी ने प्रोजेक्ट मानवता के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर लोगों तक न्याय पहुंचाना है।

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प्रोजेक्ट मानवता के जरिए जरूरतमंदों तक पहुंच रही कानूनी सहायता

कार्यक्रम के दौरान पीएलवी के रूप में डॉ. के.के. शुक्ला, नागेंद्र कुमार, दिलीप जायसवाल, प्रकाश मिश्रा, संजय तिवारी, आशीष प्रजापति एवं सुनीता झा समेत कई लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम संपन्न होने के बाद डालसा सचिव ने ओल्ड एज होम का निरीक्षण भी किया। उन्होंने वहां रहने वाले वृद्धों के रहन-सहन, भोजन व्यवस्था, किचन, शयन कक्ष और अन्य सुविधाओं का गहन निरीक्षण करते हुए संबंधित लोगों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने वृद्धजनों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को भी सुना और समाधान का भरोसा दिलाया। इस जागरूकता शिविर के माध्यम से वृद्धजनों में अपने अधिकारों को लेकर जागरूकता बढ़ी और उन्होंने जिला विधिक सेवा प्राधिकार की पहल की सराहना की।

Gua : तेज आंधी से किरीबुरू में बड़ा हादसा टला, ओडिया हाई स्कूल का कंप्यूटर रूम क्षतिग्रस्त

सूखा पेड़ बिजली तार और खंभे पर गिरा, हिलटॉप क्षेत्र की बिजली आपूर्ति हुई बाधित बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने में

  • सूखा पेड़ बिजली तार और खंभे पर गिरा, हिलटॉप क्षेत्र की बिजली आपूर्ति हुई बाधित
  • बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने में जुटा विभाग

जेबी लाइव, रिपोर्टर

गुवा : किरीबुरू के हिलटॉप क्षेत्र में सोमवार शाम आई तेज आंधी के कारण एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। तेज हवा के दौरान एक सूखा और जर्जर पेड़ टूटकर बिजली के खंभे एवं तार पर गिर पड़ा, जिसके बाद वह सीधे ओडिया हाई स्कूल परिसर में जा गिरा। इस घटना में स्कूल के कंप्यूटर रूम को नुकसान पहुंचा है, जबकि हिलटॉप आवासीय क्षेत्र की बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। पेड़ गिरने से स्कूल मार्ग पर बड़े वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित रही। घटना के बाद इलाके में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों के अनुसार तेज हवा के कारण पेड़ जड़ से टूट गया और बिजली तारों को अपने साथ खींचते हुए स्कूल परिसर तक पहुंच गया।

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तेज आंधी और जर्जर पेड़ों से बढ़ रहा खतरा

हालांकि राहत की बात यह रही कि घटना के समय स्कूल परिसर में कोई मौजूद नहीं था, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और बिजली विभाग की टीम मौके पर पहुंची तथा गिरे हुए पेड़ को हटाने और बिजली आपूर्ति बहाल करने का कार्य शुरू किया। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि स्कूल और आवासीय क्षेत्रों के आसपास मौजूद सूखे एवं कमजोर पेड़ों की जल्द पहचान कर उन्हें हटाया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचाव हो सके। लोगों ने कहा कि बरसात और आंधी के मौसम में जर्जर पेड़ कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं।

Gua : गुवा सेल अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार, वार्डों में लगे नए एसी

मरीजों को गर्मी से राहत देने के लिए बढ़ाई गई सुविधाएं, अब रविवार को भी खुलेगी लैब गुवा सेल अस्पताल

  • मरीजों को गर्मी से राहत देने के लिए बढ़ाई गई सुविधाएं, अब रविवार को भी खुलेगी लैब
  • गुवा सेल अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर नई पहल

जेबी लाइव, रिपोर्टर

गुवा : गुवा सेल अस्पताल में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। अस्पताल प्रशासन ने भीषण गर्मी को देखते हुए मेल वार्ड और महिला वार्ड में नए एयर कंडीशन लगाए हैं, जबकि पुराने एयर कंडीशन की मरम्मत कर उन्हें दोबारा चालू किया गया है। इससे अस्पताल में भर्ती मरीजों को गर्मी से काफी राहत मिलेगी। गुवा सेल अस्पताल के मुख्य चिकित्सा प्रभारी अशोक कुमार अमन ने बताया कि फिजियोथैरेपी विभाग में भी नया एयर कंडीशन लगाया गया है, ताकि मरीजों को उपचार के दौरान बेहतर वातावरण मिल सके। उन्होंने कहा कि अस्पताल की साफ-सफाई व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए फ्री बाकेट सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है तथा अतिरिक्त अटेंडेंट की भी नियुक्ति की गई है।

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गर्मी के मौसम में अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की सुविधा

मुख्य चिकित्सा प्रभारी ने बताया कि पहले अस्पताल की लैब रविवार को बंद रहती थी, लेकिन अब मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रविवार को भी लैब संचालित करने का निर्णय लिया गया है। इससे मरीज अब सप्ताह के सातों दिन जरूरी जांच करा सकेंगे। इसके अलावा सप्लाई कंस्ट्रक्शन मजदूरों के लिए अस्पताल परिसर में आरओ की नई मशीन लगाई गई है, जिससे उन्हें स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके। अस्पताल के किचन का उद्घाटन भी किया गया है तथा दवाओं की उपलब्धता बढ़ाई गई है, ताकि मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। अस्पताल प्रशासन द्वारा की गई इन नई व्यवस्थाओं से मरीजों और उनके परिजनों में संतोष देखा जा रहा है।

Gua : गुवा के कच्छी धौड़ा में 72 घंटे अखंड नाम यज्ञ संकीर्तन का भक्तिमय समापन

तीन दिनों तक हरिनाम संकीर्तन से गूंजता रहा क्षेत्र, श्रद्धालुओं ने निकाली नगर भ्रमण यात्रा हरिनाम संकीर्तन में उमड़ी श्रद्धालुओं

  • तीन दिनों तक हरिनाम संकीर्तन से गूंजता रहा क्षेत्र, श्रद्धालुओं ने निकाली नगर भ्रमण यात्रा
  • हरिनाम संकीर्तन में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़

जेबी लाइव, रिपोर्टर

गुवा : गुवा क्षेत्र के कच्छी धौड़ा में आयोजित 24 पहर यानी 72 घंटे तक चले श्री श्री अखंड नाम यज्ञ संकीर्तन का सोमवार देर शाम श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ समापन हो गया। तीन दिनों तक चले इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। लगातार हरिनाम संकीर्तन, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा। श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और आस्था के साथ संकीर्तन में भाग लेते हुए भगवान के नाम का गुणगान किया। आयोजन स्थल पर देर रात तक श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही और जय श्रीराम तथा हरिनाम के जयघोष से माहौल गुंजायमान बना रहा।

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धार्मिक आयोजनों से बढ़ रहा सामाजिक और आध्यात्मिक जुड़ाव

समापन के बाद कीर्तन मंडलियों द्वारा नगर भ्रमण यात्रा निकाली गई। इस दौरान श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए पूरे क्षेत्र का भ्रमण किए। नगर भ्रमण के बाद धार्मिक परंपरा के अनुसार कलश का विसर्जन कारो नदी में किया गया। आयोजन को सफल बनाने में श्री श्री अखंड नाम यज्ञ संकीर्तन कमेटी के सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। मौके पर राजा ठक्कर, राजू चौबे, निलेश ठक्कर, दयालाल ठक्कर, भावेश ठक्कर, नरेश चौबे, बबलू मिश्रा, पंकज ठक्कर और विपिन ठक्कर सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं स्थानीय ग्रामीण उपस्थित थे।

Baharagoda : निरंजनपुर में दर्दनाक हादसा: छत से गिरकर 5 वर्षीय विद्युत मुंडा की मौत

बिजली गुल होने के कारण परिवार छत पर सो रहा था, आधी रात को हुआ हादसा मासूम की मौत से

  • बिजली गुल होने के कारण परिवार छत पर सो रहा था, आधी रात को हुआ हादसा
  • मासूम की मौत से निरंजनपुर गांव में पसरा मातम

जेबी लाइव, रिपोर्टर

बहरागोड़ा : बहरागोड़ा प्रखंड की कुमारडूबी पंचायत अंतर्गत निरंजनपुर गांव में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। रविवार की आधी रात छत से गिरकर पांच वर्षीय मासूम विद्युत मुंडा की मौत हो गई। बताया जाता है कि गांव में बिजली नहीं रहने के कारण उमस से परेशान उपेन मुंडा का परिवार घर की छत पर सोया हुआ था। इसी दौरान आधी रात को मासूम विद्युत अचानक नींद से जाग गया और नीचे उतरने के प्रयास में अनियंत्रित होकर छत से नीचे गिर पड़ा। गिरने की आवाज सुनते ही परिजन दौड़कर पहुंचे और बच्चे को गंभीर हालत में तुरंत बहरागोड़ा अस्पताल लेकर रवाना हुए, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है।

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बिजली संकट और लापरवाही से बढ़ रहे हादसों पर उठे सवाल

सोमवार सुबह घटना की सूचना मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई। मृतक विद्युत मुंडा अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र बताया जा रहा है। इस हृदयविदारक घटना के बाद गांव के लोग बड़ी संख्या में पीड़ित परिवार को सांत्वना देने पहुंचे। सरस्वती शिशु मंदिर पाठपुर दरखुली के शिक्षक रोहित कुईला, शक्ति कुमार साहू, गौरी शंकर गंड, राजेश कुईला एवं सुकुमार साहू सहित कई ग्रामीणों ने मृतक के घर पहुंचकर शोक व्यक्त किया और परिजनों को ढांढस बंधाया। ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव में नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं से बचा जा सके।

Jadugoda : मेचुआ गांव में गूंजा “सरना कोड नहीं तो जनगणना नहीं” का नारा, आदिवासियों में उबाल

जनगणना के 13वें कॉलम में सरना कोड जोड़ने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन पोटका बीडीओ से मुलाकात

  • जनगणना के 13वें कॉलम में सरना कोड जोड़ने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
  • पोटका बीडीओ से मुलाकात के बाद तय होगी आगे की रणनीति

जेहबी लाइव, रिपोर्टर

जादूगोड़ा : आगामी 30 जून से शुरू होने वाले मतदाता सूची के विशेष गहन परीक्षण और जनगणना प्रक्रिया से पहले जादूगोड़ा क्षेत्र के आदिवासी बहुल मेचुआ गांव में सरना कोड को लेकर विरोध तेज हो गया है। जनगणना के 13वें कॉलम में सरना धर्म को अलग पहचान नहीं दिए जाने से ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। ग्राम प्रधान डोमन श्याम सोरेन, पुजारी मधु सोरेन और सामाजिक कार्यकर्ता मंगल सोरेन के नेतृत्व में ग्रामीणों ने गांव में प्रदर्शन करते हुए “सरना कोड नहीं तो जनगणना नहीं” के जोरदार नारे लगाए। प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना था कि आदिवासी समाज न तो हिंदू है और न ही मुस्लिम, बल्कि उनका अपना अलग सरना धर्म और पूजा पद्धति है, जिसे सरकारी दस्तावेजों में मान्यता मिलनी चाहिए।

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सरना धर्म को अलग पहचान देने की मांग फिर हुई तेज

ग्रामीणों ने कहा कि झारखंड के आदिवासी प्रकृति पूजक हैं और उनकी संस्कृति, परंपरा, खान-पान तथा धार्मिक मान्यताएं अन्य धर्मों से पूरी तरह अलग हैं। इसके बावजूद जनगणना प्रपत्र में सरना कोड के लिए अलग कॉलम नहीं होना आदिवासी समाज के अस्तित्व और अधिकारों की अनदेखी है। ग्रामीणों का कहना है कि अनुसूचित जनजाति समाज के लिए अलग “सरना कोड” अथवा अन्य स्वतंत्र कॉलम होना चाहिए, ताकि उनकी वास्तविक पहचान सुरक्षित रह सके। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो वे जनगणना प्रक्रिया से दूरी बना सकते हैं। गांव में इस मुद्दे को लेकर लगातार बैठकें और जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।

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आदिवासी समाज ने पहचान और अधिकार बचाने की उठाई आवाज

मामले को लेकर सोमवार को आदिवासी समाज का एक प्रतिनिधिमंडल पोटका बीडीओ Anil Munda से मुलाकात करेगा और जनगणना के 13वें कॉलम में सरना कोड जोड़ने की मांग रखेगा। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन के साथ बातचीत के बाद ही वे आगे की रणनीति तय करेंगे और यह निर्णय लेंगे कि जनगणना प्रक्रिया में भाग लेना है या नहीं। फिलहाल मेचुआ गांव में यह मुद्दा आदिवासी पहचान और अस्तित्व से जुड़ा बड़ा आंदोलन बनता जा रहा है। स्थानीय लोगों की नजर अब प्रशासन और झारखंड सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है कि इस संवेदनशील मुद्दे का समाधान किस तरह निकाला जाता है।

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