मानव-वन्यजीव संघर्ष से प्रभावित परिवारों को सरकार ने दी आर्थिक सहायता
पीड़ित परिवारों को लाखों रुपये की अनुग्रह सहायता प्रदान
ग्रामीणों से सतर्क रहने और तुरंत सूचना देने की अपील
जेबी लाइव, रिपोर्टर
गुवा : वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, झारखंड सरकार के अंतर्गत पोड़ाहाट वन प्रमंडल चाईबासा के आनंदपुर वन प्रक्षेत्र में गुरुवार को हाथी के हमले और वन्यजीवों से हुई क्षति से प्रभावित परिवारों के बीच मुआवजा राशि का वितरण किया गया। कार्यक्रम में जगन्नाथपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक सोनाराम सिंकू मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इस दौरान विधायक ने प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता राशि प्रदान करते हुए कहा कि राज्य सरकार मानव-वन्यजीव संघर्ष से प्रभावित परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता और मजबूती के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि जंगल से सटे ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार हाथियों की गतिविधियों से जनजीवन प्रभावित हो रहा है, ऐसे में सरकार और वन विभाग मिलकर लोगों की सुरक्षा एवं राहत के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं।
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हाथी हमले में मृत लखन मुण्डा के परिजनों को मिली सहायता राशि
ज्ञात हो कि ग्राम बारंगा निवासी स्वर्गीय लखन मुण्डा की हाथी के हमले में दर्दनाक मौत हो गई थी। घटना के बाद विधायक सोनाराम सिंकू ने शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर हरसंभव सहायता का भरोसा दिया था। इसी क्रम में गुरुवार को मृतक के परिजन गुमिंदा मुण्डा को ₹3 लाख 80 हजार की अनुग्रह सहायता राशि प्रदान की गई। इससे पूर्व उन्हें तत्काल राहत के रूप में ₹20 हजार की सहायता दी जा चुकी थी। इसके अलावा ग्राम सिरका के कई प्रभावित परिवारों को भी फसल, अनाज, मकान एवं पशुधन क्षति के एवज में आर्थिक सहायता दी गई। गुरवारी उरांव को ₹8,840, चुनानी तिग्गा को ₹7,800, राधी तिग्गा को ₹26,500, गंगाराम बाड़ा को ₹11,700, सोमरी बाड़ा को ₹22,750 तथा निदिया एक्का को ₹16,900 की सहायता राशि प्रदान की गई। वहीं सोमारी बाड़ा को कच्चे मकान की गंभीर क्षति और एक खस्सी के नुकसान के लिए ₹1 लाख 4 हजार 640 की आर्थिक सहायता दी गई।
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वन विभाग और सरकार संघर्ष रोकने के लिए कर रहे लगातार प्रयास
कार्यक्रम के दौरान विधायक सोनाराम सिंकू ने कहा कि वन क्षेत्र से सटे गांवों में मानव और वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को रोकने के लिए सरकार एवं वन विभाग लगातार प्रयासरत हैं। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि हाथियों की गतिविधि दिखने पर तुरंत वन विभाग को सूचना दें ताकि समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसी घटनाओं में त्वरित कार्रवाई और शीघ्र मुआवजा भुगतान सुनिश्चित किया जाए, जिससे प्रभावित परिवारों को परेशानी का सामना न करना पड़े। इस अवसर पर वनरक्षी देशमुख तीयु, संतोष मरांडी सहित विभाग के अन्य कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।























