Jamshedpur : विधायक मंगल कालिंदी के हस्तक्षेप के बाद खासमहल-गोविंदपुर सड़क निर्माण को मिली रफ्तार
पथ निर्माण विभाग ने किया निरीक्षण, दो दिनों के भीतर कार्य शुरू करने का निर्देश
जनता को जल्द राहत दिलाने के लिए निर्माण कार्य की होगी निगरानी
जेबी लाइव, रिपोर्टर
जमशेदपुर :खासमहल से गोविंदपुर तक अधूरी पड़ी सड़क और उसकी जर्जर स्थिति को लेकर जुगसलाई विधायक मंगल कालिंदी के सख्त रुख के बाद पथ निर्माण विभाग सक्रिय हो गया है। बुधवार को विभाग के अधीक्षण अभियंता कुमार वीरेन्द्र बहादुर ने सड़क का स्थलीय निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों तथा ठेकेदार को दो दिनों के भीतर निर्माण कार्य शुरू करने का निर्देश दिया। गौरतलब है कि मंगलवार को विधायक मंगल कालिंदी ने विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर सड़क निर्माण में हो रही देरी पर कड़ी नाराजगी जताई थी। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए जल्द से जल्द निर्माण कार्य शुरू कराने को कहा था तथा मामले से विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को भी अवगत कराया था।
सड़क निर्माण में देरी पर विधायक ने जताई थी नाराजगी
विधायक मंगल कालिंदी ने कहा कि सड़क की खराब स्थिति के कारण क्षेत्र की जनता को प्रतिदिन भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग और ठेकेदार की लापरवाही का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है, जिसे अब किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। विधायक ने बताया कि उनके हस्तक्षेप के बाद विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए निरीक्षण कराया है और अगले दो से तीन दिनों के भीतर निर्माण कार्य पूरी तरह शुरू होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता और प्रगति पर लगातार नजर रखी जाएगी, ताकि जनता को जल्द से जल्द बेहतर सड़क सुविधा उपलब्ध कराई जा सके और आवागमन की समस्या का स्थायी समाधान हो सके।
शिक्षा मंत्रालय के निर्देश पर आयोजित पांच दिवसीय कार्यक्रम में छात्र कल्याण मानसिक स्वास्थ्य और परिणाम-आधारित शिक्षा पर विशेष जोर
शिक्षा मंत्रालय के निर्देश पर आयोजित पांच दिवसीय कार्यक्रम में छात्र कल्याण
मानसिक स्वास्थ्य और परिणाम-आधारित शिक्षा पर विशेष जोर
उच्च शिक्षा में छात्र-केंद्रित वातावरण निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
जेबी लाइव, रिपोर्टर
जमशेदपुर :भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय (MoE) के निर्देशों के अनुरूप राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) जमशेदपुर में पांच दिवसीय फैकल्टी अपग्रेडेशन कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्र मार्गदर्शन, मनोसामाजिक कल्याण, परामर्श सहायता प्रणाली, परिणाम-आधारित शिक्षण तथा समावेशी शैक्षणिक प्रक्रियाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाना है। संस्थान के निदेशक प्रो. गौतम सूत्रधार के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम का दूसरा दिवस 4 जून 2026 को डीजेएलएचसी कक्ष संख्या-212 में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के अंतर्गत स्टूडेंट मेंटरिंग स्किल वर्कशॉप के तहत विभिन्न विशेषज्ञ सत्रों का आयोजन किया गया, जिनमें शिक्षकों को विद्यार्थियों के समग्र विकास और प्रभावी मार्गदर्शन से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी गई। कार्यक्रम का उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों में छात्र-केंद्रित और सहयोगात्मक शिक्षण वातावरण को बढ़ावा देना है।
छात्र कल्याण और समावेशी शिक्षा को मजबूत बनाने की पहल
कार्यक्रम के प्रथम तकनीकी सत्र का विषय “छात्रों द्वारा सामना की जाने वाली दृश्य एवं अदृश्य बाधाओं की पहचान” था। यह सत्र सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ साइकियाट्री (सीआईपी), रांची के साइकियाट्रिक सोशल वर्क ट्यूटर विष्णु सुरेश द्वारा प्रस्तुत किया गया। उन्होंने विद्यार्थियों की शैक्षणिक, व्यवहारिक, भावनात्मक, मनोवैज्ञानिक और सामाजिक चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की। सत्र में छात्रों की समस्याओं की प्रारंभिक पहचान, मनोसामाजिक हस्तक्षेप रणनीतियों और साक्ष्य-आधारित मार्गदर्शन पद्धतियों पर विशेष जोर दिया गया। उन्होंने बताया कि शिक्षकों और मेंटर्स की भूमिका केवल अकादमिक मार्गदर्शन तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में मानसिक दृढ़ता, भावनात्मक संतुलन और आत्मविश्वास विकसित करने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। साथ ही शिक्षण संस्थानों में मनोवैज्ञानिक रूप से सुरक्षित और समावेशी वातावरण तैयार करने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया।
विद्यार्थियों की मानसिक और भावनात्मक चुनौतियों पर विशेषज्ञों ने रखे विचार
दूसरा तकनीकी सत्र “आउटकम-बेस्ड एजुकेशन (OBE) एवं सक्रिय शिक्षण पद्धति” विषय पर आयोजित किया गया, जिसका संचालन कोलकाता की साइकियाट्रिक प्रोफेशनल एन. टी. रूपा ने किया। उन्होंने परिणाम-आधारित शिक्षा को शिक्षार्थी-केंद्रित शिक्षण पद्धतियों के साथ जोड़ने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। सत्र में पाठ्यक्रम परिणामों के रचनात्मक संरेखण, दक्षता मानचित्रण, सक्रिय अधिगम तकनीकों, सहयोगात्मक एवं अनुभवात्मक शिक्षण मॉडल तथा प्रारूपिक मूल्यांकन रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि आधुनिक शिक्षा प्रणाली में केवल पाठ्यक्रम पूरा करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में आलोचनात्मक चिंतन, समस्या-समाधान क्षमता और व्यावहारिक कौशल विकसित करना भी उतना ही आवश्यक है। इस दौरान शिक्षण-अधिगम प्रक्रियाओं में सतत गुणवत्ता सुधार और नवाचारपूर्ण शिक्षण हस्तक्षेपों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन प्रो. सरोज कुमार सारंगी, अधिष्ठाता (छात्र कल्याण) एवं कुलसचिव (प्रभारी), तथा प्रो. दिलीप कुमार यादव, अधिष्ठाता (संकाय कल्याण) की अध्यक्षता में किया गया। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. कुमारी नम्रता एवं डॉ. एस. सक्थिवेल रहे, जबकि डॉ. विजय कुमार डल्ला, डॉ. कुणाल सिंह, डॉ. संगीता कुमारी और डॉ. पौलामी माजी ने समन्वयक के रूप में अपनी भूमिका निभाई। कार्यक्रम में उप-निदेशक प्रो. आर. वी. शर्मा, सभी अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष तथा विभिन्न विभागों के संकाय सदस्यों ने सक्रिय सहभागिता की। अंत में संसाधन व्यक्तियों, आयोजकों और प्रतिभागियों को उनके योगदान के लिए धन्यवाद दिया गया। यह कार्यक्रम शिक्षा मंत्रालय की उस परिकल्पना को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य उच्च शिक्षा में समग्र छात्र विकास, शैक्षणिक उत्कृष्टता और उत्तरदायी संस्थागत वातावरण का निर्माण करना है।
शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया, आत्महत्या के कारणों का अब तक नहीं चला पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद
शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया, आत्महत्या के कारणों का अब तक नहीं चला पता
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद सामने आएंगे घटना के कारण
जेबी लाइव, रिपोर्टर
गुवा :गुवा थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने की दुखद घटना सामने आई है। घटना की सूचना मिलते ही गुवा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, लड़की का शव घर में फांसी के फंदे से लटका हुआ मिला। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया और पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल व्याप्त हो गया। स्थानीय लोगों ने भी इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। पुलिस ने मौके का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है तथा मामले के हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है।
घटना के बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर कानूनी प्रक्रिया पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए चाईबासा सदर अस्पताल भेज दिया। फिलहाल आत्महत्या के पीछे के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर घटना की पृष्ठभूमि जानने का प्रयास कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी। स्थानीय लोगों ने भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। इस हृदय विदारक घटना से पूरे क्षेत्र में मातम का माहौल है और लोग नाबालिग की असमय मौत से स्तब्ध हैं।
लोडेड देशी पिस्टल, जिंदा कारतूस और मोबाइल फोन बरामद, संगठित नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस संगठित हथियार नेटवर्क के
लोडेड देशी पिस्टल, जिंदा कारतूस और मोबाइल फोन बरामद, संगठित नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
संगठित हथियार नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश जारी
जेबी लाइव, रिपोर्टर
जमशेदपुर :पूर्वी सिंहभूम पुलिस ने जुगसलाई क्षेत्र में सक्रिय एक अवैध हथियार सप्लाई गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जाहिद हुसैन उर्फ विक्की (25) और मो. रेहान हुसैन (19) के रूप में हुई है। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर एक लोडेड देशी पिस्टल, एक 7.65 एमएम का जिंदा कारतूस और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। मिली जानकारी के अनुसार, वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक (नगर) के नेतृत्व तथा पुलिस उपाधीक्षक (विधि-व्यवस्था) की निगरानी में गठित विशेष टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर जुगसलाई स्थित गरीब नवाज कॉलोनी के समीप रेलवे पुल के नीचे छापेमारी कर दोनों आरोपियों को दबोच लिया।
गुप्त सूचना पर पुलिस की कार्रवाई, दो आरोपी गिरफ्तार
पुलिस पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने अवैध हथियार कारोबार से जुड़े होने की बात स्वीकार की। उनकी निशानदेही पर नदी किनारे रेलवे पुल के नीचे झाड़ियों में छिपाकर रखा गया एक लोडेड देशी पिस्टल और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया। इस मामले में जुगसलाई थाना कांड संख्या 44/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) एवं आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने बरामद हथियार और कारतूस को जब्त कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की जांच की जा रही है।
पूछताछ में मुख्य आरोपी जाहिद हुसैन उर्फ विक्की ने खुलासा किया कि अवैध हथियार सप्लायर एक देशी पिस्टल के बदले 40 हजार से 60 हजार रुपये तक वसूलते हैं। उसने बताया कि वह हथियार सप्लायरों और अपराधी प्रवृत्ति के खरीदारों के बीच बिचौलिए की भूमिका निभाता था। पुलिस के अनुसार यह मामला एक संगठित हथियार सप्लाई नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है। गौरतलब है कि जाहिद हुसैन के खिलाफ पहले से आर्म्स एक्ट और मारपीट सहित कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। फिलहाल पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों और हथियार सप्लायरों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
विशाल सभा में महिलाओं से झाड़ू लेकर आंदोलन के लिए तैयार रहने का आह्वान विस्थापितों के अधिकारों का मुद्दा गरमाया
विशाल सभा में महिलाओं से झाड़ू लेकर आंदोलन के लिए तैयार रहने का आह्वान
विस्थापितों के अधिकारों का मुद्दा गरमाया
विस्थापितों के अधिकार और रोजगार को लेकर तेज हुई आवाज
जेबी लाइव, रिपोर्टर
जादूगोड़ा :यूसिल की तुरामडीह ग्राम सभा की ओर से गुरुवार को फुटबॉल मैदान में एक विशाल जनसभा का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के छह गांवों के ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। सभा के मुख्य अतिथि एवं झामुमो नेता बाघराय मार्डी ने कहा कि आगामी 5 जून को तुरामडीह ग्राम सभा यूसिल प्रबंधन से 29 मई को जादूगोड़ा में चार बिंदुओं पर हुए समझौते का जवाब मांगेगी। उन्होंने कहा कि प्रबंधन के जवाब और रुख के आधार पर ग्राम सभा आगे के आंदोलन की दिशा तय करेगी। इस दौरान महिलाओं को भी आंदोलन के लिए तैयार रहने का आह्वान किया गया। बाघराय मार्डी ने कहा कि 5 जून को महिलाएं हाथों में झाड़ू लेकर तुरामडीह माइंस गेट पर मौजूद रहें, क्योंकि किसी भी समय आंदोलन की घोषणा की जा सकती है।
समझौते पर जवाब नहीं मिला तो आंदोलन की राह पकड़ेगी ग्राम सभा
सभा को संबोधित करते हुए बाघराय मार्डी ने आरोप लगाया कि वर्ष 1983-84 से तुरामडीह यूरेनियम प्रोजेक्ट प्रबंधन विस्थापितों का शोषण करता आ रहा है और अब यह स्थिति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने मांग की कि तुरामडीह माइंस में सभी नियुक्तियां ग्राम प्रधानों के माध्यम से की जाएं। साथ ही माइंस के आसपास हुए अवैध निर्माणों को हटाने, यूसिल प्रबंधन के संरक्षण में कथित रूप से फ्री हाजरी देने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई करने तथा भ्रष्टाचार में संलिप्त अधिकारी और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की गई। सभा को सन बसु, कान्हू मुर्मू, दुर्गा चरण मुर्मू, राजेंद्र नायक, कन्हाई गुइया, भोक्ता हांसदा, मग्दो दिग्गी और दीपक पाड़िया समेत कई ग्राम प्रधानों एवं जनप्रतिनिधियों ने संबोधित किया और ग्राम सभा के संघर्ष को समर्थन देने की बात कही।
साकची में आयोजित कार्यक्रम में आम, अमरूद, नींबू, संतरा और जामुन के पौधों का हुआ निःशुल्क वितरण “एक पेड़ मां-बहन
साकची में आयोजित कार्यक्रम में आम, अमरूद, नींबू, संतरा और जामुन के पौधों का हुआ निःशुल्क वितरण
“एक पेड़ मां-बहन के नाम” अभियान के माध्यम से दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
जेबी लाइव, रिपोर्टर
जमशेदपुर : विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गुरुवार को साकची बाजार हंडी लाइन स्थित मनोहर चाट दुकान के सामने समाजसेवी पप्पू सरदार द्वारा फलदार पौधों का निःशुल्क वितरण किया गया। इस अभियान के तहत आम, अमरूद, नींबू, संतरा और जामुन सहित विभिन्न प्रजातियों के लगभग 400 फलदार पौधे लोगों के बीच बांटे गए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शहरवासी पहुंचे और पौधे प्राप्त कर पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान में अपनी सहभागिता दर्ज कराई। पप्पू सरदार ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण और घटते हरित क्षेत्र को देखते हुए प्रत्येक व्यक्ति को पौधारोपण के प्रति जागरूक होना चाहिए तथा अपने आसपास अधिक से अधिक पेड़ लगाने चाहिए।
पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आए शहरवासी, बड़ी संख्या में पहुंचे पौधे लेने
पप्पू सरदार ने बताया कि इस वर्ष उन्होंने पौधा वितरण कार्यक्रम को “एक पेड़ मां-बहन के नाम” थीम के साथ आयोजित किया। उन्होंने कहा कि अभिनेत्री माधुरी दीक्षित की नई क्राइम-कॉमेडी फिल्म ‘मां बहन’ के ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज होने से प्रेरित होकर यह संदेश दिया गया है कि लोग अपनी मां और बहनों के सम्मान में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं। उन्होंने कहा कि पेड़-पौधे न केवल पर्यावरण संतुलन बनाए रखते हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण भी सुनिश्चित करते हैं। सोशल मीडिया के माध्यम से कार्यक्रम की पूर्व सूचना मिलने के बाद बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और पौधे लेकर अपने घरों एवं आसपास के क्षेत्रों में पौधारोपण का संकल्प लिया। उपस्थित लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प भी दोहराया।
युवाओं को उच्च शिक्षा से जोड़ने और सामाजिक उत्थान के लिए सामूहिक प्रयास पर जोर समाज के अधिकार और सम्मान
युवाओं को उच्च शिक्षा से जोड़ने और सामाजिक उत्थान के लिए सामूहिक प्रयास पर जोर
समाज के अधिकार और सम्मान के लिए सामूहिक संघर्ष का आह्वान
जेबी लाइव, रिपोर्टर
बहरागोड़ा :प्रखंड क्षेत्र के जुगडीहा गांव में गुरुवार को दंड क्षत्र समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें समाज के समग्र विकास, सामाजिक एकता और अधिकारों की रक्षा को लेकर व्यापक चर्चा हुई। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि समाज में व्याप्त पिछड़ेपन को दूर करने के लिए युवाओं को उच्च शिक्षा से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही समाज को नई दिशा और पहचान दिला सकती है। इसके साथ ही आपसी मतभेदों को भुलाकर समाज के सभी लोगों को एक मंच पर आने का आह्वान किया गया, ताकि सामूहिक शक्ति के माध्यम से समाज के विकास को गति दी जा सके।
बैठक के दौरान समाज के मान-सम्मान, अधिकारों और जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए ठोस कदम उठाने पर सहमति बनी। वक्ताओं ने कहा कि समाज के हक और सम्मान की रक्षा के लिए केवल विचार-विमर्श ही नहीं, बल्कि धरातल पर उतरकर संगठित संघर्ष की भी आवश्यकता है। इस अवसर पर समाज के लोगों ने एकजुट होकर सामाजिक जागरूकता, शिक्षा के प्रसार और सामुदायिक सहयोग को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। बैठक में सुभाष दीगर, मनसा दलाई, मिहिर चंद्र बाग, विश्वजीत राणा, सत्य रंजन दलाई, बबलू दलाई, कान्हू दलाई, नंदलाल बाग, बिजय दलाई और बिमल दलाई सहित बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।