130 किमी प्रति घंटे की गति से दौड़ सकेंगी सैकड़ों ट्रेनें, यात्रा समय में होगी उल्लेखनीय कमी
एलएचबी कोच और आधुनिक ट्रैक होंगे योजना की सफलता की आधारशिला
समय-सारणी में बदलाव से यात्रियों को मिलेगी समय की बड़ी बचत
बढ़ी रफ्तार से रेल यात्रियों को मिलेगा तेज और सुविधाजनक सफर
जेबी लाइव, रिपोर्टर
नई दिल्ली : भारतीय रेलवे देशभर के लाखों यात्रियों को तेज और बेहतर यात्रा सुविधा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रहा है। रेलवे बोर्ड ने एक महत्वाकांक्षी योजना को सैद्धांतिक मंजूरी दी है, जिसके तहत लगभग 350 से 400 लंबी दूरी की मेल, एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनों की अधिकतम गति 110 किमी प्रति घंटे से बढ़ाकर 130 किमी प्रति घंटे करने की तैयारी की जा रही है। इस योजना का उद्देश्य पारंपरिक रेल सेवाओं को अधिक तेज, सुविधाजनक और समयबद्ध बनाना है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस पहल से सामान्य मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें भी प्रीमियम श्रेणी की ट्रेनों के मानकों के करीब पहुंच सकेंगी। इससे लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को विशेष लाभ मिलेगा और विभिन्न शहरों के बीच यात्रा का समय कम होगा।
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रेलवे की नई पहल से लंबी दूरी की यात्रा होगी और तेज
रेलवे की यह योजना मुख्य रूप से उन ट्रेनों पर केंद्रित होगी जिनमें पहले से आधुनिक एलएचबी कोच लगाए जा चुके हैं। जर्मन तकनीक पर आधारित ये कोच 160 किमी प्रति घंटे तक की गति से सुरक्षित संचालन के लिए डिजाइन किए गए हैं। रेलवे ने इस परियोजना को सफल बनाने के लिए ट्रैक, सिग्नलिंग सिस्टम और अन्य बुनियादी ढांचे को उन्नत करने की प्रक्रिया भी तेज कर दी है। पहले चरण में उन रेल मार्गों की पहचान की जा रही है जहां पटरियों का आधुनिकीकरण, इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम और भारी रेल लाइनें पहले से मौजूद हैं या उनका कार्य अंतिम चरण में है। अधिकारियों का मानना है कि इन सुधारों के बाद अधिक गति से ट्रेनों का संचालन पूरी तरह सुरक्षित और प्रभावी होगा।
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आधुनिक तकनीक और बुनियादी ढांचा बनाएंगे ट्रेनों को अधिक तेज
गति वृद्धि की इस योजना के साथ भारतीय रेलवे अपने नेटवर्क की समय-सारणी की भी व्यापक समीक्षा कर रहा है। वर्तमान में 130 किमी प्रति घंटे की गति मुख्य रूप से राजधानी, शताब्दी, दुरंतो और वंदे भारत जैसी प्रीमियम ट्रेनों तक सीमित है। नई योजना लागू होने के बाद कई नियमित मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें भी चयनित मार्गों पर इसी गति से चल सकेंगी। इससे प्रमुख शहरों और राज्यों के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों के समय में उल्लेखनीय कमी आएगी। रेलवे का मानना है कि औसत गति में थोड़ी बढ़ोतरी भी लंबी दूरी की यात्रा में कई घंटों की बचत कर सकती है। यह पहल न केवल यात्रियों की सुविधा बढ़ाएगी, बल्कि भारतीय रेलवे की सेवा गुणवत्ता और परिचालन दक्षता को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मदद करेगी।























