दो लाभुक समितियों के गठन से अटका 25 लाख का विकास कार्य
ग्राम सभा में हंगामा, ग्रामीणों का प्रदर्शन; किस समिति को मिलेगी मान्यता, इस पर टिकी सबकी नजर
जिला स्तर के निर्णय के बाद ही आगे बढ़ेगी योजना
जेबी लाइव, रिपोर्टर
पोटका : पोटका प्रखंड के ग्वालकाटा पंचायत अंतर्गत चंदनपुर गांव में 25 लाख रुपये की लागत से प्रस्तावित जाहेर थान घेराबंदी योजना अब ग्रामीणों के बीच गुटबाजी का शिकार होती नजर आ रही है। योजना के लिए लाभुक समिति के गठन को लेकर गांव में विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों के एक समूह ने पूर्व में गठित समिति को ही वैध बताते हुए दूसरी समिति के गठन का विरोध किया। पूर्व लाभुक समिति के अध्यक्ष मकरो हेंब्रम के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर अपना आक्रोश जताया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पहले से गठित समिति को दरकिनार कर नई समिति बनाने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे गांव में अनावश्यक विवाद और तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
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जाहेर थान योजना पर गांव में दो गुट आमने-सामने

ग्रामीणों के विरोध के बीच प्रखंड कल्याण पदाधिकारी नीरज सिंह की मौजूदगी में आयोजित ग्राम सभा भी पूरी नहीं हो सकी। लाभुक समिति के पुनर्गठन को लेकर बुलायी गई बैठक में एक पक्ष ने कड़ा विरोध दर्ज कराया, जिसके कारण ग्राम सभा अधूरी रह गई। इस घटनाक्रम के बाद जाहेर थान घेराबंदी योजना के क्रियान्वयन पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि एक ही योजना के लिए दो-दो समितियों का गठन होने से विकास कार्यों पर ग्रहण लग गया है। दोनों पक्ष अपने-अपने दावों को सही ठहरा रहे हैं, जिससे प्रशासन के लिए भी स्थिति चुनौतीपूर्ण बन गई है।
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विरोध के कारण अधूरी रही ग्राम सभा, योजना पर छाया संकट
मकरो हेंब्रम ने दावा किया कि 8 मई 2025 को ग्राम प्रधान रामेश्वर हेंब्रम की अध्यक्षता में विधिवत ग्राम सभा आयोजित कर लाभुक समिति का गठन किया जा चुका है। उस समिति में मकरो हेंब्रम को अध्यक्ष, जादू हेंब्रम को सचिव और सिंगराई हांसदा को कोषाध्यक्ष चुना गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि गांव के कुछ लोग राजनीतिक साजिश के तहत पूर्व में हुई ग्राम सभा को रद्द कराने और फर्जी तरीके से नई समिति बनाने का प्रयास कर रहे हैं। मकरो हेंब्रम का कहना है कि उनकी समिति को गांव के लगभग 70 प्रतिशत लोगों का समर्थन प्राप्त है और दूसरी समिति का गठन पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने प्रशासन से पहले गठित समिति को ही मान्यता देने की मांग की है।
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पहले गठित समिति को वैध बताकर ग्रामीणों ने उठाई मान्यता की मांग
वहीं दूसरे पक्ष के नायके रघुनाथ सोरेन का कहना है कि प्रखंड कार्यालय के निर्देश पर 11 जून को जाहेर थान परिसर में ग्राम सभा आयोजित कर नई लाभुक समिति का गठन किया गया। उनके अनुसार ग्राम प्रधान रघुनाथ सोरेन को अध्यक्ष तथा नायके बाबा छोट राय सोरेन को सचिव चुना गया है। इधर दोनों समितियों की गठन संबंधी प्रतियां प्रखंड कल्याण पदाधिकारी और पंचायत सचिव सूरज कुमार को सौंप दी गई हैं। विवाद बढ़ने के बाद प्रखंड कल्याण पदाधिकारी नीरज सिंह ने कहा कि मामले की जानकारी जिला कल्याण पदाधिकारी को भेजी जाएगी। उच्च स्तर से निर्णय आने के बाद ही यह तय होगा कि किस समिति को मान्यता मिलेगी और योजना का कार्य आगे बढ़ सकेगा। फिलहाल पूरे गांव की निगाहें प्रशासनिक फैसले पर टिकी हुई हैं।

























