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Jamshedpur : बागबेड़ा में बिजली लाइन पर झूल रही पेड़ों की टहनियां बनीं खतरा, ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी

  • बार-बार जंपर उड़ने और हादसे की आशंका से स्थानीय लोगों में बढ़ी चिंता
  • ग्रामीणों ने दी चेतावनी, जल्द समाधान नहीं हुआ तो खुद करेंगे पेड़ों की कटाई

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : बागबेड़ा थाना क्षेत्र के बड़ा तालाब मेड़ दक्षिणी पंचायत भवन के समीप तथा हरहरगुट्टू देवता भवन के पास बिजली लाइन से सटी पेड़ों की टहनियां स्थानीय लोगों के लिए परेशानी और खतरे का कारण बनी हुई हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पेड़ों की टहनियां बिजली तारों से लगातार टकरा रही हैं, जिसके कारण बार-बार जंपर उड़ जाता है और क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बाधित होती रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार विभागीय अधिकारियों और बिजली मिस्त्रियों को आवेदन दिया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों के अनुसार कार्यपालक अभियंता ने एक माह पूर्व जल्द ही पेड़ों की छंटाई कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक स्थिति जस की तस बनी हुई है। इससे क्षेत्र के लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

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एक माह बाद भी नहीं हुई कार्रवाई, बिजली आपूर्ति लगातार प्रभावित

स्थानीय निवासियों ने बताया कि हरहरगुट्टू देवता भवन के पास स्थित पेड़ कभी भी गिर सकते हैं, जिससे आसपास के मकानों और लोगों की सुरक्षा को खतरा बना हुआ है। लोगों का आरोप है कि लाइनमैन से संपर्क करने पर टालमटोल किया जाता है, जबकि समस्या उठाने पर कुछ असामाजिक तत्वों के माध्यम से धमकी दिलाने की भी शिकायत सामने आई है। बबुआ सिंह, प्रमिला देवी, दीपक देवी, सुषमा देवी, विजय कुमार, अमित कुमार, रतन ठाकुर और अजय कुमार वर्मा समेत अन्य ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शनिवार तक पेड़ों की छंटाई नहीं कराई गई तो स्थानीय लोग स्वयं पेड़ काटने का कार्य शुरू कर देंगे। ग्रामीणों ने उच्च अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप कर समस्या का समाधान करने की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो किसी बड़े हादसे से इंकार नहीं किया जा सकता और ऐसी स्थिति में जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।

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Ghatsila : अधूरी सड़क निर्माण पर विधायक सोमेश सोरेन सख्त, संवेदक पर कार्रवाई की मांग

एक वर्ष बाद भी पूरा नहीं हुआ गाजीडीह सड़क निर्माण, विभागीय सचिव को लिखा पत्र विधायक ने उच्चस्तरीय जांच और

  • एक वर्ष बाद भी पूरा नहीं हुआ गाजीडीह सड़क निर्माण, विभागीय सचिव को लिखा पत्र
  • विधायक ने उच्चस्तरीय जांच और त्वरित निर्माण कार्य की उठाई मांग

जेबी लाइव, रिपोर्टर

घाटशिला : घाटशिला विधायक सोमेश चन्द्र सोरेन ने हाता–मुसाबनी मुख्य सड़क से गाजीडीह तक बनने वाली सड़क के निर्माण कार्य में हो रही देरी और लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने ग्रामीण कार्य विभाग, झारखंड सरकार के सचिव को पत्र लिखकर संबंधित संवेदक के खिलाफ कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई करने की मांग की है। विधायक ने अपने पत्र में कहा है कि मुख्यमंत्री ग्राम सड़क सुदृढ़ीकरण योजना के तहत 1.655 किलोमीटर लंबी सड़क का शिलान्यास 6 अप्रैल 2025 को किया गया था। यह सड़क क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है, जिससे प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन होता है।

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मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत स्वीकृत सड़क निर्माण अधर में

विधायक ने बताया कि शिलान्यास के बाद संवेदक द्वारा सड़क निर्माण का प्रारंभिक कार्य शुरू किया गया और सड़क को खोद दिया गया, लेकिन इसके बाद काम अधूरा छोड़ दिया गया। इससे सड़क की स्थिति और भी खराब हो गई है। जगह-जगह गड्ढे और जलजमाव होने के कारण ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में स्थिति और गंभीर हो जाती है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण पूरा नहीं होने से दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है और ग्रामीणों को विकास योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

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जर्जर सड़क और जलजमाव से ग्रामीणों की बढ़ी मुश्किलें

अपने पत्र में विधायक सोमेश सोरेन ने उल्लेख किया है कि शिलान्यास के एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद निर्माण कार्य अपेक्षित गति से पूरा नहीं किया गया है। उन्होंने विभाग से सड़क निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय जांच कराने, संवेदक के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा निर्माण कार्य को अविलंब पुनः शुरू कर निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा कराने का अनुरोध किया है। विधायक ने कहा कि सड़क निर्माण पूरा होने से क्षेत्र की जनता को राहत मिलेगी और आवागमन की समस्या का स्थायी समाधान हो सकेगा। उन्होंने विभाग से मामले को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।

Dumaria : वज्रपात से दामदी स्कूल टोला का ट्रांसफार्मर जला, 30 परिवार अंधेरे में रहने को मजबूर

बिजली आपूर्ति ठप होने से ग्रामीण परेशान, ट्रांसफार्मर के सामने किया विरोध प्रदर्शन मुखिया ने विद्युत विभाग से समन्वय कर

  • बिजली आपूर्ति ठप होने से ग्रामीण परेशान, ट्रांसफार्मर के सामने किया विरोध प्रदर्शन
  • मुखिया ने विद्युत विभाग से समन्वय कर जल्द समाधान का दिया भरोसा

जेबी लाइव, रिपोर्टर

डुमरिया : पूर्वी सिंहभूम जिले के डुमरिया प्रखंड अंतर्गत दामदी स्कूल टोला में आकाशीय बिजली गिरने से बड़ा नुकसान हुआ है। वज्रपात की चपेट में आने से गांव में स्थापित 16 केवी का विद्युत ट्रांसफार्मर पूरी तरह जल गया, जिसके कारण करीब 30 परिवारों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। पिछले कई दिनों से बिजली नहीं रहने के कारण ग्रामीणों को भीषण गर्मी में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बिजली बाधित होने से घरेलू कार्य प्रभावित हो रहे हैं, वहीं बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। समस्या के समाधान में हो रही देरी से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। स्थिति से परेशान ग्रामीणों ने जले हुए ट्रांसफार्मर के सामने एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन किया और जल्द नया ट्रांसफार्मर लगाने की मांग उठाई।

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ट्रांसफार्मर जलने से ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी, बच्चों की पढ़ाई प्रभावित

ग्रामीणों द्वारा मामले की जानकारी खैरबनी पंचायत के मुखिया सुरेंद्रनाथ हेंब्रम को दी गई। सूचना मिलते ही मुखिया मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि समस्या के समाधान के लिए विद्युत विभाग के कनीय अभियंता (जेई) से जल्द संपर्क कर नया ट्रांसफार्मर लगाने की पहल की जाएगी। मुखिया ने कहा कि गांव में जल्द बिजली बहाल कराने का प्रयास किया जाएगा ताकि लोगों को राहत मिल सके। इस दौरान उकिल मुर्मू, अनिल मुंडा, सिरू टुडू, दिलीप मार्डी, मिर्जा हांसदा, सोनामुनी हांसदा, मेघराई मुर्मू, पंचम हांसदा और जितेन टुडू सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने प्रशासन और विद्युत विभाग से शीघ्र कार्रवाई कर बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की है।

Gua : बायोमेट्रिक हाजिरी के विरोध में चार लौह अयस्क खदानों में ठप हुआ कामकाज

श्रमिकों ने पुरानी व्यवस्था बहाल करने की मांग उठाई किरीबुरू, मेघाहातुबुरु, गुवा और चिड़िया खदानों में उत्पादन प्रभावित, यूनियनें और

  • श्रमिकों ने पुरानी व्यवस्था बहाल करने की मांग उठाई
  • किरीबुरू, मेघाहातुबुरु, गुवा और चिड़िया खदानों में उत्पादन प्रभावित, यूनियनें और श्रमिक एकजुट
  • गतिरोध बढ़ा तो बड़े औद्योगिक आंदोलन की आशंका

जेबी लाइव, रिपोर्टर

गुवा : सेल प्रबंधन द्वारा बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू किए जाने के निर्णय के खिलाफ सोमवार को चार प्रमुख लौह अयस्क खदानों में व्यापक विरोध देखने को मिला। 15 जून की प्रथम पाली से किरीबुरू, मेघाहातुबुरु, गुवा और चिड़िया खदानों के हजारों श्रमिकों ने बायोमेट्रिक प्रणाली के माध्यम से हाजिरी दर्ज करने से इनकार कर दिया। इसके परिणामस्वरूप उत्पादन, लोडिंग, परिवहन और अन्य खनन गतिविधियां लगभग पूरी तरह ठप हो गईं। श्रमिकों का आरोप है कि जब वे पूर्व व्यवस्था के अनुसार पंचिंग कार्ड से उपस्थिति दर्ज कराने टाइम ऑफिस पहुंचे तो वहां न तो पंचिंग कार्ड उपलब्ध थे, न रजिस्टर और न ही कोई टाइम कीपर मौजूद था। कर्मचारियों का कहना है कि पुरानी व्यवस्था को बिना पूर्व सहमति और किसी स्पष्ट लिखित आदेश के अचानक समाप्त कर दिया गया, जिससे वे हाजिरी दर्ज किए बिना कार्यस्थल तक नहीं पहुंच सके।

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बायोमेट्रिक लागू होते ही चारों खदानों में प्रभावित हुआ उत्पादन

खदान क्षेत्रों में विरोध-प्रदर्शन का माहौल पूरे दिन बना रहा। कई स्थानों पर कर्मचारी मोटर गैरेज और टाइम ऑफिस के बाहर एकत्रित होकर प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। कुछ जगहों पर टायर जलाकर भी विरोध दर्ज कराया गया। विवाद तब और गहरा गया जब किरीबुरू खदान में 14 जून की रात्रि पाली में कार्यरत श्रमिक ड्यूटी समाप्त होने के बाद कार्ड आउट करने पहुंचे, लेकिन वहां से पंचिंग कार्ड पहले ही हटा लिए गए थे। श्रमिकों का आरोप है कि इस कारण उन्हें घंटों तक टाइम ऑफिस के बाहर इंतजार करना पड़ा। मजदूर नेता राजेंद्र सिंधिया ने कहा कि टाइम ऑफिस से अचानक पंचिंग कार्ड हटाकर कर्मचारियों को बायोमेट्रिक प्रणाली अपनाने के लिए बाध्य किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रबंधन ने इस मामले में कर्मचारियों और यूनियनों की राय को पूरी तरह नजरअंदाज किया है, जिसके कारण चारों खदानों में सामान्य कार्य प्रभावित हुआ है।

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पंचिंग कार्ड हटाने के फैसले पर श्रमिकों में बढ़ा आक्रोश

गुवा के वरिष्ठ मजदूर नेता रामा पाण्डे ने कहा कि बायोमेट्रिक हाजिरी के मुद्दे पर सभी यूनियनें और श्रमिक एकजुट हैं। उन्होंने बताया कि यह मामला वर्तमान में मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय), भारत सरकार के समक्ष विचाराधीन है। ऐसे में अंतिम निर्णय आने तक प्रबंधन को पुरानी उपस्थिति प्रणाली जारी रखनी चाहिए। दूसरी ओर मेघाहातुबुरु खदान में भी सुबह से तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। बड़ी संख्या में कर्मचारी केंद्रीय टाइम ऑफिस के बाहर जमा रहे, जिससे ड्यूटी बसों के संचालन पर भी असर पड़ा। यूनियनों का आरोप है कि फेस रीडिंग आधारित बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली को माइंस के स्टैंडिंग ऑर्डर में आवश्यक संशोधन किए बिना तथा यूनियनों को विश्वास में लिए बिना लागू किया जा रहा है। उनका कहना है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद कर्मचारियों के अवकाश, सेवा शर्तों और अन्य सुविधाओं पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर अब तक कोई स्पष्ट लिखित आश्वासन नहीं दिया गया है।

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श्रम आयुक्त के निर्णय तक पुरानी व्यवस्था जारी रखने की मांग

श्रमिक संगठनों का दावा है कि लगभग छह महीने पहले इस विषय पर प्रबंधन से स्पष्टीकरण मांगा गया था, लेकिन अब तक कोई स्पष्ट लिखित आदेश जारी नहीं किया गया। इसी कारण कर्मचारियों में असमंजस और असंतोष की स्थिति बनी हुई है। चार प्रमुख लौह अयस्क खदानों में कामकाज प्रभावित होने से सेल प्रबंधन को प्रतिदिन करोड़ों रुपये के संभावित नुकसान की आशंका जताई जा रही है। वहीं यदि यह गतिरोध लंबा खिंचता है तो इसका असर श्रमिकों की आय और खदानों के उत्पादन पर भी पड़ सकता है। फिलहाल प्रबंधन बायोमेट्रिक व्यवस्था लागू करने के अपने निर्णय पर कायम है, जबकि श्रमिक और यूनियनें पुरानी हाजिरी प्रणाली बहाल करने की मांग पर डटी हुई हैं। ऐसे में यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो यह विवाद एक बड़े औद्योगिक आंदोलन का रूप ले सकता है, जिसका असर पूरे खनन क्षेत्र पर पड़ने की संभावना है।

Manoharpur : मनोहरपुर रेलवे परिसर में सुरक्षा लापरवाही उजागर, निर्माणाधीन नाली में घुसी कार

बैरिकेडिंग और चेतावनी संकेतों के अभाव में हुआ हादसा, स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल स्थानीय लोगों ने रेलवे प्रशासन से

  • बैरिकेडिंग और चेतावनी संकेतों के अभाव में हुआ हादसा, स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल
  • स्थानीय लोगों ने रेलवे प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की

जेबी लाइव, रिपोर्टर

मनोहरपुर : मनोहरपुर रेलवे परिसर में चल रहे नाली निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी का मामला सामने आया है। निर्माणाधीन नाली के आसपास पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने के कारण रविवार रात एक कार दुर्घटनाग्रस्त होकर गड्ढे में जा घुसी। जानकारी के अनुसार, रेलवे परिसर में नाली निर्माण का कार्य जारी है, लेकिन निर्माण स्थल के आसपास न तो सुरक्षा बेल्ट लगाई गई थी और न ही किसी प्रकार की बैरिकेडिंग की गई थी। इसी बीच कार संख्या JH 10AM 7975 अनियंत्रित होकर निर्माणाधीन नाली के गड्ढे में जा घुसी। राहत की बात यह रही कि हादसे में कार चालक सुरक्षित बच गया और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और निर्माण कार्य में बरती जा रही लापरवाही को लेकर चर्चा शुरू हो गई।

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सुरक्षा इंतजामों की कमी से टला बड़ा हादसा

हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य में लगे ठेकेदार और संबंधित एजेंसियों की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि निर्माण स्थल पर पर्याप्त सुरक्षा उपाय नहीं किए गए हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों ने बताया कि रात के समय पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, चेतावनी संकेतक और बैरिकेडिंग के अभाव में वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय नागरिकों ने रेलवे प्रशासन और संबंधित ठेकेदार से निर्माण स्थल पर तत्काल सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते बैरिकेडिंग, रिफ्लेक्टर, चेतावनी बोर्ड और अन्य सुरक्षा उपाय नहीं किए गए तो भविष्य में गंभीर दुर्घटनाओं से इंकार नहीं किया जा सकता। लोगों ने जनहित में जल्द कार्रवाई कर निर्माण स्थल को सुरक्षित बनाने की अपील की है।

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फोटो1 मेला में चना गुड़ वितरण करते विधायक तथा मंदिर में पूजा करते सपरिवार पांच दिवसीय मेले के पहले दिन

फोटो1 मेला में चना गुड़ वितरण करते विधायक तथा मंदिर में पूजा करते सपरिवार

  • पांच दिवसीय मेले के पहले दिन हजारों श्रद्धालुओं ने किया बाबा मुक्तेश्वर का दर्शन-पूजन
  • श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए प्रशासन ने किए विशेष इंतजाम

जेबी लाइव, रिपोर्टर

पोटका : रोजो संक्रांति के अवसर पर मुक्तेश्वर धाम हरिना में आयोजित होने वाला कोल्हान का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक मेला सोमवार से शुरू हो गया। पांच दिनों तक चलने वाले इस धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन का शुभारंभ परंपरागत रूप से प्रातःकाल पातभोक्ता पूजन के साथ किया गया। मेले के पहले दिन ही हजारों श्रद्धालु मुक्तेश्वर बाबा के दरबार में पहुंचे और विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। पूजा के बाद श्रद्धालुओं ने मेले में लगी विभिन्न दुकानों, झूलों और अन्य आकर्षणों का आनंद उठाया। पूरे मेला परिसर में श्रद्धा, उत्साह और उल्लास का माहौल देखने को मिला। दूर-दराज के क्षेत्रों से पहुंचे श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने मेले की भव्यता को और बढ़ा दिया।

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पातभोक्ता पूजन के साथ पांच दिवसीय मेले का हुआ शुभारंभ

इस अवसर पर विधायक संजीव सरदार ने पातभोक्ताओं और श्रद्धालुओं के बीच चना, गुड़ एवं शरबत का वितरण किया। उन्होंने अपने परिवार के साथ बाबा मुक्तेश्वर की पूजा-अर्चना कर क्षेत्र और राज्य की खुशहाली की कामना की। मौके पर मुख्य पुजारी बजरंकन दंडपात भी उपस्थित रहे। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा और विधि-व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पुलिस बल एवं प्रशासनिक अधिकारी लगातार मेले की निगरानी कर रहे हैं। विधायक संजीव सरदार ने कहा कि मुक्तेश्वर धाम हरिना की यह परंपरा कोल्हान की सांस्कृतिक पहचान है, जो सामाजिक समरसता, आस्था और सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करती है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं को रोजो संक्रांति की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए हर संभव व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

Rajnagar : राजनगर में भीषण सड़क हादसा, आयरन लदे दो ट्रेलरों की टक्कर में चालक की मौत

डीवीसी के समीप आमने-सामने की भिड़ंत में एक चालक ने गंवाई जान, दूसरा चालक घायल पुलिस ने शुरू की जांच,

  • डीवीसी के समीप आमने-सामने की भिड़ंत में एक चालक ने गंवाई जान, दूसरा चालक घायल
  • पुलिस ने शुरू की जांच, तेज रफ्तार को माना जा रहा संभावित कारण

जेबी लाइव, रिपोर्टर

राजनगर : सरायकेला-खरसावां जिले के राजनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत डीवीसी के समीप सोमवार सुबह एक भीषण सड़क दुर्घटना में एक ट्रेलर चालक की मौत हो गई, जबकि दूसरे ट्रेलर का चालक घायल हो गया। हादसा सुबह करीब छह बजे उस समय हुआ जब आयरन (लौह अयस्क) लदा एक ट्रेलर जमशेदपुर से चाईबासा की ओर जा रहा था। इसी दौरान विपरीत दिशा से आ रहे एक अन्य आयरन लदे ट्रेलर से उसकी आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि एक ट्रेलर का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक केबिन में बुरी तरह फंस गया। दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और राहगीरों की भीड़ जमा हो गई।

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आमने-सामने की टक्कर से ट्रेलर का अगला हिस्सा हुआ क्षतिग्रस्त

घटना की सूचना मिलते ही राजनगर पुलिस और 108 एम्बुलेंस की टीम मौके पर पहुंची। बचाव दल ने काफी मशक्कत के बाद केबिन में फंसे चालक को बाहर निकाला और तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, राजनगर पहुंचाया। हालांकि अस्पताल पहुंचने के कुछ समय बाद चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक चालक की पहचान चक्रधर गिरी के रूप में हुई है। वह ओडिशा के क्योंझर जिला के घटगांव थाना क्षेत्र अंतर्गत अर्जुनबिला गांव का निवासी बताया जा रहा है। वहीं दूसरे ट्रेलर का चालक भी दुर्घटना में घायल हुआ है। जानकारी के अनुसार, वह प्राथमिक सहायता के बाद किसी अन्य वाहन से इलाज के लिए चाईबासा चला गया।

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घायल चालक का चाईबासा में चल रहा उपचार

दुर्घटना के कारण कुछ समय तक सड़क पर यातायात प्रभावित रहा। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर यातायात व्यवस्था को सामान्य कराया और दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की। फिलहाल मृतक का शव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, राजनगर में रखा गया है। पुलिस ने परिजनों को घटना की सूचना दे दी है। परिजनों के पहुंचने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सरायकेला सदर अस्पताल भेजा जाएगा। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और आमने-सामने की टक्कर को हादसे का संभावित कारण माना जा रहा है।

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