मुबारक अंसारी के पुलिस रिमांड के दौरान मिली अहम जानकारी
घटना में प्रयुक्त पिस्तौल, कारतूस और खोखा जब्त
फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस का अभियान जारी
जेबी लाइव, रिपोर्टर
जमशेदपुर : आजादनगर थाना क्षेत्र में 1 जून को हुई चर्चित फायरिंग घटना की जांच में पूर्वी सिंहभूम पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मामले के मुख्य आरोपी मुबारक अंसारी को पुलिस रिमांड पर लेकर की गई पूछताछ के दौरान उसकी निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल की गई 7.65 एमएम की पिस्तौल, एक जिंदा कारतूस और फायर किया गया खोखा बरामद किया गया है। पुलिस इस बरामदगी को मामले की जांच में महत्वपूर्ण उपलब्धि मान रही है। अधिकारियों के अनुसार बरामद हथियार को जब्त कर लिया गया है और अब उसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया चल रही है। जांच एजेंसियों का मानना है कि फॉरेंसिक रिपोर्ट से यह स्पष्ट हो सकेगा कि बरामद पिस्तौल का उपयोग इसी फायरिंग घटना में किया गया था या नहीं। इस कार्रवाई के बाद मामले की जांच को और मजबूती मिली है।
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मुख्य आरोपी की निशानदेही पर मिला फायरिंग में इस्तेमाल हथियार
जानकारी के अनुसार 1 जून 2026 को आज़ादनगर थाना क्षेत्र के रोड नंबर-3 स्थित सिब्तैन मस्जिद के समीप फायरिंग की घटना हुई थी। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया था। सूचना मिलने पर पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और साक्ष्य जुटाने के साथ जांच शुरू कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मुबारक अंसारी, मोहम्मद शफीक, तनवीर उर्फ इमरान उर्फ खेपा, महताब तथा तनवीर उर्फ समीर के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की थी। घटना के बाद सभी आरोपी फरार हो गए थे, जिसके बाद उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित कर लगातार छापेमारी शुरू की गई। पुलिस ने झारखंड के अलावा बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के विभिन्न जिलों में भी संभावित ठिकानों पर दबिश दी।
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फायरिंग के बाद कई राज्यों में चली पुलिस की छापेमारी
जांच के दौरान पुलिस को पहली सफलता 13 जून को मिली, जब आरोपी तनवीर उर्फ इमरान उर्फ खेपा को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इसके बाद पुलिस का दबाव लगातार बढ़ता गया और फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई। इसी क्रम में मुख्य आरोपी मुबारक अंसारी ने 22 जून को न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पण के बाद पुलिस ने न्यायालय से अनुमति प्राप्त कर 25 जून को उसे रिमांड पर लिया। कई घंटों तक चली पूछताछ के दौरान आरोपी ने घटना से जुड़े महत्वपूर्ण खुलासे किए। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने हथियार और अन्य साक्ष्य बरामद किए। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ में आरोपी ने अपने सहयोगियों और घटना की साजिश से संबंधित कई अहम जानकारियां भी दी हैं, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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आत्मसमर्पण के बाद पूछताछ में हुए कई अहम खुलासे
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि मुख्य आरोपी मुबारक अंसारी का आपराधिक इतिहास पहले से रहा है और उसके खिलाफ कपाली ओपी थाना में कई मामले दर्ज हैं। पुलिस अब उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और संभावित आपराधिक नेटवर्क की भी जांच कर रही है। पूरे अभियान का नेतृत्व पुलिस उपाधीक्षक (पटमदा) दयानंद कुमार के निर्देशन में किया गया। उनके नेतृत्व में गठित विशेष टीम लगातार फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और साक्ष्य संग्रह में जुटी हुई है। पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में अपराध नियंत्रण के लिए विशेष अभियान जारी रहेगा और किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि फरार आरोपियों के संबंध में कोई सूचना हो तो तत्काल पुलिस को उपलब्ध कराएं, ताकि सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर कानून के दायरे में लाया जा सके।