दिवेंदु दास की मौत के बाद उग्र हुआ आंदोलन, खदान का उत्पादन प्रभावित
यूनियनों ने मुआवजा और नौकरी की मांग दोहराई
हार्ट अटैक से हुई थी मौत, परिवार की स्थिति ने बढ़ाई संवेदना
उत्पादन ठप होने से बढ़ी प्रबंधन की चिंता, समाधान का इंतजार
जेबी लाइव, रिपोर्टर
गुवा : गुवा सेल खदान में ड्यूटी के दौरान एग्जीक्यूटिव ऑफिसर दिवेंदु दास (32) की मौत के बाद शुरू हुआ मजदूरों का आंदोलन सोमवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। मृत अधिकारी के आश्रित को नौकरी देने की मांग को लेकर मजदूरों ने खदान क्षेत्र में जाने वाली बसों को रोककर चक्का जाम जारी रखा। शनिवार की रात्रि पाली से शुरू हुए इस आंदोलन के कारण लौह अयस्क उत्पादन और डिस्पैच पूरी तरह प्रभावित हो गया है। मजदूरों का कहना है कि जब तक दिवंगत अधिकारी के परिवार को न्याय नहीं मिलता और आश्रित को नौकरी देने की घोषणा नहीं की जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। आंदोलन को गुवा क्षेत्र की विभिन्न मजदूर यूनियनों का भी समर्थन प्राप्त है, जिससे प्रबंधन पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
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त्रिपक्षीय बैठक रही बेनतीजा, मजदूरों ने जारी रखा आंदोलन
सोमवार को आयोजित त्रिपक्षीय बैठक से मजदूरों और प्रबंधन के बीच समाधान निकलने की उम्मीद थी, लेकिन बैठक किसी ठोस निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी। इसके बाद मजदूरों ने अपनी मांगों को लेकर और सख्त रुख अपनाते हुए चक्का जाम जारी रखने की घोषणा कर दी। यूनियनों और कर्मचारियों ने सेल प्रबंधन से मृत अधिकारी के आश्रित को नियमानुसार मुआवजा देने के साथ उनकी पत्नी को नौकरी प्रदान करने की मांग की है। मजदूर नेताओं का कहना है कि दिवेंदु दास के परिवार की परिस्थितियों को देखते हुए मानवीय आधार पर निर्णय लिया जाना चाहिए। आंदोलन के कारण खदान में सामान्य कामकाज प्रभावित है और उत्पादन पूरी तरह ठप होने से कंपनी को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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युवा अधिकारी की असमय मौत से कर्मियों में शोक और आक्रोश
जानकारी के अनुसार 15 अगस्त को प्रथम पाली में कार्य के दौरान दिवेंदु दास के सीने में अचानक दर्द उठा। सहकर्मी उन्हें तत्काल गुवा सेल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान हार्ट अटैक से उनकी मौत हो गई। बताया जाता है कि लगभग दो वर्ष पूर्व उनकी नियुक्ति आसनसोल से गुवा सेल खदान में हुई थी। उनकी शादी को अभी मात्र एक वर्ष हुआ था। वे अपने वृद्ध माता-पिता के इकलौते पुत्र थे, जबकि उनकी पत्नी भी अपने माता-पिता की इकलौती संतान हैं। दूसरी ओर, सेल के मुख्य महाप्रबंधक चंद्रभूषण कुमार ने कहा कि दिवेंदु दास की मौत घर जाते समय रास्ते में हार्ट अटैक आने से हुई थी। हालांकि मजदूर अपनी मांगों पर अडिग हैं और आंदोलन जारी रहने से लौह अयस्क उत्पादन पूरी तरह प्रभावित बना हुआ है।




























