एक सप्ताह तक चलने वाले कार्यक्रम में नए विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की गतिविधियों और शैक्षणिक संस्कृति से कराया जाएगा परिचित
अनुशासन और नियमित अध्ययन पर दिया गया जोर
जेबी लाइव, रिपोर्टर
जमशेदपुर : सोना देवी विश्वविद्यालय में फ्रेशर्स वीक आगाज का भव्य शुभारंभ किया गया। एक सप्ताह तक चलने वाले इस विशेष कार्यक्रम का उद्देश्य नवनामांकित विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के वातावरण, शैक्षणिक गतिविधियों और विभिन्न व्यवस्थाओं से परिचित कराना है। कार्यक्रम के पहले दिन विद्यार्थियों ने एक-दूसरे से परिचय साझा किया और आपसी समझ विकसित करने का प्रयास किया। साथ ही विश्वविद्यालय के विभिन्न फैकल्टी सदस्यों से भी उनका परिचय कराया गया। विवेकानंद ऑडिटोरियम में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नए विद्यार्थी, शिक्षक और विश्वविद्यालय के पदाधिकारी उपस्थित रहे। आयोजन के दौरान विद्यार्थियों में उत्साह और जिज्ञासा का माहौल देखने को मिला।
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नए विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय संस्कृति से कराया गया परिचित

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रख्यात मोटिवेशनल स्पीकर चंद्रेश्वर खाॅ ने विद्यार्थियों को जीवन में निरंतर सीखते रहने और आत्मविकास की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि बीते कल की गलतियों को दोहराने के बजाय उनसे सीख लेकर निरंतर सुधार की दिशा में कार्य करना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को विवेकपूर्ण ढंग से मोबाइल फोन का उपयोग करने की सलाह दी और कहा कि सफलता के लिए आंतरिक प्रेरणा सबसे महत्वपूर्ण तत्व है। उन्होंने छात्रों से शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म लक्ष्य निर्धारित करने तथा उन्हें प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इच्छाशक्ति, आत्मविश्वास और ज्ञान का समन्वय व्यक्ति को सफलता के शिखर तक पहुंचा सकता है।
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आत्मविश्वास और इच्छाशक्ति से मिलती है सफलता
कार्यक्रम में शिक्षाविद् एवं इग्नू के पूर्व क्षेत्रीय निदेशक डॉ. सरोज मिश्र ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरणा, स्मरण शक्ति, समझ और चिंतन क्षमता का होना आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रभावी अध्ययन पद्धति अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि पढ़ाई इस प्रकार करें कि सीखी हुई बातों को दूसरों को भी समझा सकें। डॉ. मिश्र ने कहा कि विश्वविद्यालयी शिक्षा केवल परीक्षा पास करने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व विकास और ज्ञान विस्तार का सशक्त साधन है। उनके विचारों ने विद्यार्थियों को अध्ययन के प्रति गंभीर और जागरूक बनने के लिए प्रेरित किया।
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प्रभावी अध्ययन पद्धति अपनाने की दी सलाह
विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रभाकर सिंह ने विद्यार्थियों को जीवन में सफलता के मूल मंत्र बताए। उन्होंने कहा कि प्रसन्नता, ईमानदारी, कठिन परिश्रम और विनम्रता सफलता की आधारशिला हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने माता-पिता, गुरुओं और संस्थान का सम्मान करने की अपील की। श्री सिंह ने कहा कि युवा पीढ़ी के कंधों पर समाज और राष्ट्र निर्माण की बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने तथा संकल्प सिद्धि के लिए गर्व और आत्मविश्वास की भावना विकसित करने की सलाह दी। उनके प्रेरक विचारों ने विद्यार्थियों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया।
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कुलाधिपति ने बताए सफलता के मूल मंत्र
कार्यक्रम के अंत में विश्वविद्यालय की कुलसचिव डॉ. नित नयना ने विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के नियमों और अनुशासन के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि कक्षा में शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करना प्रत्येक विद्यार्थी की जिम्मेदारी है। अनुशासन और नियमित अध्ययन ही बेहतर शैक्षणिक उपलब्धियों का आधार बनते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से विश्वविद्यालय की गरिमा बनाए रखने और सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया। फ्रेशर्स वीक के पहले दिन का कार्यक्रम प्रेरणादायक और ज्ञानवर्धक रहा, जिसने विद्यार्थियों को अपने भविष्य के प्रति नई ऊर्जा और दिशा प्रदान की।

























