चक्रधरपुर के दलकी-02 गांव में हुई घटना, पुलिस ने नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर भेजा न्यायिक हिरासत में
जेबी लाइव, रिपोर्टर
चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत दलकी-02 गांव में डायन प्रथा के आरोप में 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में नामजद चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पुलिस प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 9 सितंबर 2026 को दलकी-02 निवासी सुमित्रा महली (65), पति जगदीश महली के फर्दबयान के आधार पर चक्रधरपुर थाना कांड संख्या 98/2026 दर्ज किया गया। प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के साथ डायन प्रथा प्रतिषेध अधिनियम, 2001 की धारा 3/4 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पीड़िता ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने उस पर डायन होने का आरोप लगाते हुए उसके साथ मारपीट की।
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डायन बताकर बुजुर्ग महिला को बनाया निशाना, पुलिस ने घर से दबोचे आरोपी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक, चाईबासा के निर्देश पर सहायक पुलिस अधीक्षक सह अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, चक्रधरपुर के नेतृत्व में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने दलकी-02 गांव पहुंचकर छापामारी की और चारों नामजद आरोपियों को उनके घर से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सीमा मुंडारी उर्फ चिकनी मुंडारी, नन्दलाल मुंडारी उर्फ नीलू मुंडारी, बाया मुंडारी उर्फ लुदु मुंडारी तथा राजू मुंडारी उर्फ मोटू मुंडारी के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपियों ने मामले में अपनी संलिप्तता स्वीकार करते हुए बयान दिया। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने सुमित्रा महली को डायन बताते हुए उस पर जादू-टोना करने का आरोप लगाया था। इसी आरोप को लेकर महिला के साथ मारपीट की गई।
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विशेष टीम ने की त्वरित कार्रवाई, चारों आरोपियों का आपराधिक इतिहास मिला शून्य
पुलिस ने गिरफ्तार सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक इतिहास शून्य पाया गया है। छापामारी दल में चक्रधरपुर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी डॉ. सैयद मुस्तफा हाशमी, थाना प्रभारी अवधेश कुमार सहित अन्य पुलिस पदाधिकारी शामिल रहे। पुलिस की त्वरित कार्रवाई के बाद मामले में आगे की जांच जारी है। घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में डायन प्रथा जैसी कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता और सख्त कानूनी कार्रवाई की जरूरत को सामने रखा है। पुलिस प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की जाती रही है कि किसी भी महिला या व्यक्ति पर अंधविश्वास के आधार पर डायन होने का आरोप लगाकर हिंसा न करें और किसी भी विवाद की स्थिति में कानून का सहारा लें।


























