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Potka : हेसल में रक्तदान शिविर, 179 लोगों ने किया रक्तदान

  • श्री श्री बजरंग बली पूजा समिति की रजत जयंती पर आयोजित शिविर में अतिथियों ने बढ़ाया रक्तदाताओं का उत्साह
  • रजत जयंती पर पूजा समिति ने पेश की सेवा की मिसाल

जेबी लाइव, रिपोर्टर

पोटका : श्री श्री बजरंग बली पूजा समिति हेसल के तत्वावधान में समिति के 25वें वर्ष यानी रजत जयंती के अवसर पर रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में कुल 179 लोगों ने रक्तदान कर मानव सेवा का संदेश दिया। कार्यक्रम में आदित्यपुर के महापौर संजय सरदार, जिला परिषद सदस्य अमोदनी महतो, भाजपा सरायकेला जिला अध्यक्ष हरे कृष्ण प्रधान, सुखचैन ग्रुप के सीईओ साहिल प्रसाद, रुंगटा कंपनी के प्रतिनिधि शीतल भारद्वाज, भाजपा ओबीसी मोर्चा के जिला अध्यक्ष कृष्णा प्रधान, पूर्व विधायक अनंत राम टुडू, जमशेदपुर ब्लड बैंक के जीएम संजय जी तथा वीबीडीए जमशेदपुर के जीएम कमल कुमार घोष समेत कई अतिथि शामिल हुए। अतिथियों ने रक्तदाताओं का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि रक्तदान महादान है और इससे बढ़कर कोई दूसरा दान नहीं हो सकता। उन्होंने लोगों से नियमित रूप से रक्तदान करने की अपील की।

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179 रक्तदाताओं ने दिया मानव सेवा का संदेश

रक्तदान शिविर को सफल बनाने में श्री श्री बजरंग बली पूजा समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई। समिति के अध्यक्ष गोपाल सरकार, सचिव मनोज पटनायक, कोषाध्यक्ष आनंद साहू, उपसचिव विनोद ज्योतिषी, उपाध्यक्ष मानस कुमार साहू, जामिनि महाकुर, उज्ज्वल कुमार मोदक, देवाशीष पटनायक, अरुण बारीक, निम्बू प्रधान, राज कुमार साह, अशोक मिस्त्री, सोमनाथ गोप, प्रह्लाद दे, संजीत अधिकारी और सुधान्य ज्योतिषी समेत अन्य सदस्यों ने आयोजन की व्यवस्था संभाली। समिति के सदस्यों ने कहा कि रक्तदान शिविर के माध्यम से जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त उपलब्ध कराने में सहयोग मिलेगा। रजत जयंती के अवसर पर आयोजित इस पहल की स्थानीय लोगों ने भी सराहना की।

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Muri : बारेन्दा मोड़ पर हाइवा की चपेट में आये पति-पत्नी, दोनों की मौत

सड़क किनारे खड़े दंपती को हाइवा ने कुचला, करीब नौ घंटे जाम रही सड़क नौ घंटे तक सड़क जाम, पीड़ित

  • सड़क किनारे खड़े दंपती को हाइवा ने कुचला, करीब नौ घंटे जाम रही सड़क
  • नौ घंटे तक सड़क जाम, पीड़ित परिवार को दी गई तत्काल आर्थिक सहायता

जेबी लाइव, रिपोर्टर

मुरी : सोनाहातू थाना क्षेत्र के बारेन्दा मोड़ के पास सोमवार सुबह दर्दनाक सड़क हादसे में पति-पत्नी की मौत हो गई। मृतकों की पहचान पश्चिम बंगाल के झालदा थाना क्षेत्र स्थित पापड़ाहुड़ाम कुशी नगर निवासी रमेश महतो और सिंधुबाला देवी के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार दोनों मोटरसाइकिल (जेएच01एन-1161) से नजदीकी गांव में रिश्तेदार के यहां आए थे। सुबह करीब छह से सात बजे के बीच दोनों बारेन्दा चौक से पहले देवासरना के पास सड़क किनारे खड़े थे। इसी दौरान हाइवा (जेएच10डीबी-5777) ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में सिंधुबाला देवी को हाइवा कुछ दूर तक घसीटता ले गया, जिससे मौके पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई। वहीं रमेश महतो का पैर गंभीर रूप से कुचल गया और इलाज के लिए ले जाने के दौरान रास्ते में उनकी मौत हो गई।

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हाइवा की चपेट में आने से महिला की मौके पर मौत, पति ने रास्ते में दम तोड़ा

हादसे के बाद आक्रोशित लोगों ने सड़क जाम कर दिया। सड़क करीब नौ घंटे तक जाम रही, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार को तत्काल 25 हजार रुपये की सहायता राशि दी गई। घटना की जानकारी मिलने पर विधायक भी घटनास्थल पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने उपस्थित लोगों से भी बातचीत की और परिवार को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। हादसे के बाद स्थानीय लोगों में भी आक्रोश देखा गया और उन्होंने सड़क पर भारी वाहनों की आवाजाही तथा सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई।

Chandil : रैनबो छात्रावास से फिर भागे छह बच्चे, 12 घंटे बाद अभिभावकों को मिली सूचना

रात के अंधेरे में निकले बच्चे 10 किमी दूर पश्चिम बंगाल में मिले, अभिभावकों ने सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल

  • रात के अंधेरे में निकले बच्चे 10 किमी दूर पश्चिम बंगाल में मिले, अभिभावकों ने सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
  • गेट पर सुरक्षाकर्मी तैनात करने का दावा, अभिभावक मांग रहे स्थायी सुरक्षा व्यवस्था

जेबी लाइव, रिपोर्टर

चांडिल : नीमडीह प्रखंड मुख्यालय से करीब आधा किलोमीटर दूर रघुनाथपुर स्थित रैनबो इंग्लिश स्कूल के छात्रावास से छह बच्चों के रात में निकल जाने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शनिवार अहले सुबह हुई घटना के बाद पुलिस ने सभी बच्चों को पश्चिम बंगाल के मालती और बलरामपुर क्षेत्र से सकुशल बरामद कर लिया। नीमडीह थाना प्रभारी दिलशान बिरुवा ने बताया कि बरामद बच्चों को उनके परिजनों को सौंप दिया गया है। जानकारी के अनुसार बड़ा लापांग के दो और लाकड़ी के एक समेत कुल छह बच्चे छात्रावास से निकलकर कई किलोमीटर दूर पहुंच गए थे। रघुनाथपुर से करीब 10 किलोमीटर दूर मालती में चार बच्चों को एक सिविक पुलिसकर्मी ने देखा और इसकी सूचना पुलिस को दी। इसके बाद नीमडीह और बलरामपुर पुलिस सक्रिय हुई और सभी बच्चों को सुरक्षित बरामद कर लिया।

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छात्रावास से निकले छह बच्चे पश्चिम बंगाल में मिले, पुलिस ने कराया सुरक्षित बरामद

घटना के बाद बच्चों के अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन की कार्यप्रणाली और सूचना देने में कथित देरी पर गंभीर सवाल उठाए हैं। अभिभावकों का आरोप है कि बच्चे रात करीब तीन बजे छात्रावास से बाहर निकल गए थे, लेकिन उन्हें घटना की जानकारी करीब 12 घंटे बाद दी गई। मंगली गोप और ज्योत्सना गोप ने कहा कि यदि बच्चे रात के अंधेरे में छात्रावास से निकलने के बाद रास्ते में किसी हादसे या अन्य अनहोनी का शिकार हो जाते तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेता? अभिभावकों के अनुसार बच्चों की सुरक्षा के लिए छात्रावास में पर्याप्त निगरानी व्यवस्था होनी चाहिए। वहीं, घटना के समय को लेकर भी विरोधाभास सामने आया है। एक बच्चे ने रात करीब एक बजे छात्रावास से बाहर निकलने की बात बताई, जबकि स्कूल प्रबंधन के अनुसार बच्चे करीब तीन बजे छात्रावास से निकले। घटना के समय को लेकर सामने आए इस अंतर ने भी प्रबंधन की निगरानी और जानकारी रखने की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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12 घंटे बाद अभिभावकों को सूचना देने के आरोप से बढ़ी स्कूल प्रबंधन की मुश्किलें

ग्रामीणों और स्थानीय सूत्रों के अनुसार छात्रावास से बच्चों के निकल जाने की यह पहली घटना नहीं है। दावा किया जा रहा है कि इससे पहले भी करीब तीन बार बच्चे छात्रावास से बाहर निकल चुके हैं। इसके बावजूद सुरक्षा व्यवस्था में ठोस सुधार नहीं किए जाने को लेकर अभिभावकों में नाराजगी है। अभिभावकों का कहना है कि छात्रावास में रहने वाले बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी स्कूल प्रबंधन की होती है। ऐसे में यदि बच्चे रात में बिना किसी प्रभावी निगरानी के छात्रावास से निकलकर कई किलोमीटर दूर पहुंच जाते हैं और परिजनों को समय पर जानकारी तक नहीं मिलती, तो बच्चों को दोबारा छात्रावास भेजने को लेकर भरोसा कैसे कायम होगा। इस घटना ने स्कूल प्रबंधन के साथ-साथ संबंधित प्रशासन और शिक्षा विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। अभिभावक अब मामले की गंभीरता से जांच और बच्चों की सुरक्षा के लिए स्थायी व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।

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पहले भी बच्चों के छात्रावास से निकलने का दावा, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

घटना के बाद स्कूल प्रबंधन ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की बात कही है। स्कूल प्रबंधक पतित दास ने बताया कि स्कूल के मुख्य गेट पर सुरक्षाकर्मी तैनात किया जाएगा। हालांकि, अभिभावकों का सवाल है कि यदि सुरक्षा के लिए गेट पर सुरक्षाकर्मी की जरूरत थी तो ऐसी व्यवस्था पहले क्यों नहीं की गई। उनका कहना है कि छात्रावास में रहने वाले बच्चों की निगरानी के लिए रात के समय पर्याप्त स्टाफ, प्रवेश-निकास पर नियंत्रण और नियमित सुरक्षा जांच जैसी व्यवस्था जरूरी है। छह बच्चों के एक साथ छात्रावास से निकलकर करीब 10 किलोमीटर दूर पहुंच जाने की घटना के बाद अब प्रबंधन पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भरोसा कायम करने की चुनौती है। पुलिस ने सभी बच्चों को सकुशल बरामद कर परिजनों को सौंप दिया है, लेकिन घटना के कारण अभिभावकों की चिंता दूर नहीं हुई है। वे बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस और स्थायी कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।

Pawada : असेका के दो दिवसीय प्रांतीय महाधिवेशन की तैयारियों को लेकर बैठक संपन्न

11-12 अक्टूबर को माझी पारगाना माहाल, घाटशिला में जुटेंगे संताल समाज के प्रतिनिधि भाषा-संस्कृति और ओल चिकी पर होगा मंथन

  • 11-12 अक्टूबर को माझी पारगाना माहाल, घाटशिला में जुटेंगे संताल समाज के प्रतिनिधि
  • भाषा-संस्कृति और ओल चिकी पर होगा मंथन
  • बैठक में आयोजन की जिम्मेदारियों और व्यवस्थाओं पर बनी रणनीति

जेबी लाइव, रिपोर्टर

पावड़ा : असेका (ASECA) के आगामी दो दिवसीय प्रांतीय महाधिवेशन की तैयारियों को लेकर रविवार को हेम्ब्रम बाखुल, कॉलेज टोला, पावड़ा में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में 11 एवं 12 अक्टूबर को माझी पारगाना माहाल, घाटशिला में प्रस्तावित वार्षिक महाधिवेशन एवं सांस्कृतिक महोत्सव की तैयारियों की अंतिम रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा हुई। आयोजन को भव्य और ऐतिहासिक बनाने के लिए कार्यक्रमों, अतिथियों के स्वागत, मंच व्यवस्था, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, आवास, भोजन, यातायात और अन्य व्यवस्थाओं से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया। आयोजकों के अनुसार महाधिवेशन में झारखंड के विभिन्न क्षेत्रों के अलावा ओडिशा, पश्चिम बंगाल, असम और बिहार से हजारों की संख्या में संताल समाज के बुद्धिजीवी, शिक्षाविद, समाजसेवी, साहित्यकार और सांस्कृतिक प्रतिनिधियों के पहुंचने की संभावना है। बैठक में व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करने तथा सभी कार्यों को आपसी समन्वय के साथ पूरा करने पर विशेष जोर दिया गया।

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घाटशिला में जुटेंगे विभिन्न राज्यों के संताल समाज के प्रतिनिधि

असेका झारखंड के तत्वावधान में आयोजित इस महाधिवेशन का मुख्य उद्देश्य संताली भाषा, ओल चिकी लिपि, शिक्षा, साहित्य और जनजातीय कला-संस्कृति के संरक्षण एवं विकास को लेकर गंभीर मंथन करना है। इस वर्ष सम्मेलन में विशेष रूप से संताली भाषा की गौरवशाली लिपि ‘ओल चिकी’ के प्रचार-प्रसार, संताली भाषा में प्राथमिक से उच्च शिक्षा को मजबूत करने तथा पारंपरिक कला एवं सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के मुद्दों पर चर्चा होगी। महाधिवेशन के प्रथम दिन 11 अक्टूबर को पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पूजा-पाठ एवं ध्वजारोहण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया जाएगा। इसके बाद “संताली भाषा और ओल चिकी लिपि का आधुनिकीकरण एवं रोजगार में इसकी भूमिका” तथा “पण्डित रघुनाथ मुर्मू के फिलॉसफी” जैसे विषयों पर राष्ट्रीय सेमिनार आयोजित होगा। विशेषज्ञ डिजिटल प्लेटफॉर्म, आधुनिक तकनीक, भाषा के विस्तार और संताली युवाओं के लिए रोजगार की संभावनाओं पर विचार रखेंगे।

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ओल चिकी के प्रचार और संताली शिक्षा के विस्तार पर होगा विशेष मंथन

महाधिवेशन के पहले दिन शाम को झारखंड के विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले सांस्कृतिक दलों द्वारा पारंपरिक दंग, सोहराय और लागड़े नृत्यों की रंगारंग प्रस्तुति दी जाएगी। वहीं दूसरे दिन 12 अक्टूबर को संताली भाषा, साहित्य, शिक्षा और खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाली समाज की विभूतियों को ‘असेका रत्न’ सहित विभिन्न सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा संताली माध्यम के विद्यालयों की स्थिति में सुधार, संताली भाषा में शिक्षा के विस्तार तथा सरकार के समक्ष समाज की प्रमुख मांगों को रखने के लिए महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए जाएंगे। समापन सत्र में समाज को एकजुट करने और नई पीढ़ी को अपनी भाषा, संस्कृति एवं परंपरा से जोड़ने का संकल्प लिया जाएगा। आयोजकों का कहना है कि महाधिवेशन के माध्यम से भाषा-संस्कृति के संरक्षण के साथ युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ने तथा शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में नई संभावनाओं पर संवाद को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।

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सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ होगा सम्मान समारोह, पारित होंगे अहम प्रस्ताव

महाधिवेशन में मुख्य अतिथि के रूप में पारगाना बाबा बैजू मुर्मू, विधायक सोमेश चन्द्र सोरेन, पण्डित रघुनाथ मुर्मू के तीन पौत्र भीमवार मुर्मू, नेपोल रघुन मुर्मू एवं दुर्गा प्रसाद मुर्मू, लछ्मण मराण्डी, चैतन्य प्रसाद मुर्मू तथा पारगाना बाबा दासमत हाँसदा सहित अन्य गणमान्य लोगों के शामिल होने की संभावना है। साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित संताली लेखक, कला अकादमी से सम्मानित कलाकार तथा अन्य विशिष्ट अतिथि भी विभिन्न सत्रों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। असेका झारखंड इकाई के केंद्रीय पदाधिकारियों ने कहा कि यह आयोजन केवल सांस्कृतिक उत्सव नहीं, बल्कि संताली भाषा और संस्कृति के अस्तित्व, संरक्षण एवं विकास को लेकर महत्वपूर्ण वैचारिक महाकुंभ है। उन्होंने झारखंड सहित पड़ोसी राज्यों के संताल समाज के लोगों और मातृभाषा प्रेमियों से 11 एवं 12 अक्टूबर को पारंपरिक वेशभूषा में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर महाधिवेशन को ऐतिहासिक बनाने की अपील की।

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संताली भाषा-संस्कृति के संरक्षण को लेकर होगा वैचारिक महाकुंभ

बैठक में असेका के अध्यक्ष सुभाष चन्द्र माण्डी, सचिव शंकर सोरेन, मेघराय टुडू, कन्हाई लाल हेम्ब्रम, सालखू मुर्मू, कृष्ण चन्द्र हेम्ब्रम, अंजलि किस्कु, कपूर मनी हॉंसदा, राखि बास्के, सरस्वती हाँसदा, मृदुला बास्के, पूर्णिमा हॉंसदा, सोनाली मुर्मू, जयन्ती हाँसदा, सावना हांसदा, चरण हेम्ब्रम, पीताम्बर बेसरा, रामजीत सोरेन, बिष्णु कुमार मुर्मू, बोडो राम सोरेन, धोना राम टुडू, बुढ़ान मुर्मू, बदेन चन्द्र हांसदा, जीबन बास्के, बायला सोरेन सहित अनेक सदस्य एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। बैठक के दौरान सदस्यों ने महाधिवेशन को सफल बनाने के लिए आपसी समन्वय, व्यापक जनभागीदारी और बेहतर आयोजन व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया। साथ ही विभिन्न जिम्मेदारियों को समय पर पूरा करने तथा कार्यक्रम में आने वाले अतिथियों एवं प्रतिनिधियों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने को लेकर भी चर्चा हुई। आयोजकों ने कहा कि सामूहिक प्रयास से दो दिवसीय महाधिवेशन को सफल और यादगार बनाया जाएगा।

Jamshedpur : एसआईआर कर्मी बनकर महिला को बंधक बनाने वाले चार गिरफ्तार, सोने के आभूषण बरामद

मानगो फ्लैट में घुसकर महिला से मारपीट कर लूटे थे आभूषण, पुलिस ने चार आरोपियों को दबोचा पूछताछ में गिरोह

  • मानगो फ्लैट में घुसकर महिला से मारपीट कर लूटे थे आभूषण, पुलिस ने चार आरोपियों को दबोचा
  • पूछताछ में गिरोह और अन्य वारदातों के खुलासे की उम्मीद

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : मानगो थाना क्षेत्र में एसआईआर कर्मी बनकर फ्लैट में घुसकर महिला को बंधक बनाने, मारपीट करने और सोने के आभूषण लूटने के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वारदात में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर लूटे गए सोने के आभूषण भी बरामद कर लिए गए हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पहचान छिपाने के उद्देश्य से लूटे गए आभूषणों को गलाकर चपटा गोलाकार रूप दे दिया था। घटना 31 अगस्त 2026 को मानगो के गोविंदा ब्लॉक स्थित श्री कृष्णा उद्यान कॉम्प्लेक्स के फ्लैट नंबर ई/5 की पांचवीं मंजिल पर हुई थी। आरोपी एसआईआर कर्मी बनकर फ्लैट में पहुंचे और वहां मौजूद महिला लिलावती अम्मा को बंधक बनाकर उनके साथ मारपीट की। इसके बाद महिला के पहने हुए सोने के आभूषण छीनकर फरार हो गए। मामले में लिलावती अम्मा के लिखित आवेदन पर 2 सितंबर 2026 को मानगो थाना कांड संख्या 186/2026 दर्ज किया गया।

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मानगो में एसआईआर कर्मी बनकर फ्लैट में घुसे थे आरोपी

घटना की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष छापामारी टीम का गठन किया गया। टीम पुलिस अधीक्षक (नगर) की निगरानी तथा सहायक पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय-1) के नेतृत्व में कार्रवाई कर रही थी। पुलिस ने मामले की जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों और मानवीय सूचना को आधार बनाया। टीम ने संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखते हुए लगातार विभिन्न संभावित ठिकानों पर छापेमारी की। जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस को वारदात में शामिल अपराधियों के संबंध में महत्वपूर्ण सुराग मिले। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को चिन्हित कर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटना की योजना और वारदात को अंजाम देने में आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है।

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तकनीकी साक्ष्य और सूचना के आधार पर पुलिस अपराधियों तक पहुंची

गिरफ्तार आरोपियों में राकेश बहादुर उर्फ राकू, उम्र करीब 45 वर्ष, अभिषेक कुमार दास, उम्र करीब 26 वर्ष, तबस्सुम खातुन, उम्र करीब 35 वर्ष और समरेश पॉल उर्फ नान्दु पॉल, उम्र करीब 48 वर्ष शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ के बाद उनकी निशानदेही पर लूटे गए सोने के आभूषण बरामद किए। पूछताछ में सामने आया कि पुलिस से बचने और लूटे गए आभूषणों की पहचान छिपाने के लिए उन्हें गलाकर चपटा गोलाकार रूप दे दिया गया था। इसके बावजूद पुलिस ने जांच के दौरान मिले तकनीकी एवं मानवीय सुरागों के आधार पर उस सोने को बरामद कर लिया। बरामदगी को पुलिस के लिए मामले में महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। चारों आरोपियों से फिलहाल पूछताछ जारी है और उनके आपराधिक रिकॉर्ड की भी जानकारी जुटाई जा रही है।

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पहचान छिपाने के लिए आरोपियों ने सोने को गलाकर बदला रूप

पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर वारदात से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। पूछताछ में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि घटना में चारों आरोपियों की क्या-क्या भूमिका थी और उनके साथ कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों ने एसआईआर कर्मी बनकर महिला के फ्लैट में प्रवेश करने की योजना कैसे तैयार की। इसके अलावा उनके नेटवर्क और पूर्व की गतिविधियों की भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस को आशंका है कि आरोपियों ने इसी तरीके से अन्य लोगों को भी निशाना बनाया हो सकता है। इसलिए घटना से पहले और बाद में आरोपियों की गतिविधियों तथा संभावित अन्य वारदातों से उनके संबंध की भी जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ और अनुसंधान के आधार पर मामले में आगे और खुलासे हो सकते हैं।

Jamshedpur : बागबेड़ा में 330 लीटर महुआ शराब बरामद, दो आरोपी गिरफ्तार

जगन्नाथपुर मोड़ के पास कार की डिक्की से मिली शराब, सिदगोड़ा ले जाने की थी तैयारी अवैध शराब कारोबार के

  • जगन्नाथपुर मोड़ के पास कार की डिक्की से मिली शराब, सिदगोड़ा ले जाने की थी तैयारी
  • अवैध शराब कारोबार के खिलाफ अभियान जारी रखने का दावा

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : बागबेड़ा थाना पुलिस ने अवैध महुआ शराब की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दोनों की निशानदेही पर कुल 330 लीटर महुआ शराब बरामद की है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विकास विशाल उर्फ छोटू और धीरेन तांती के रूप में हुई है। दोनों सिदगोड़ा थाना क्षेत्र के ग्वाला बस्ती के निवासी बताए गए हैं। डीएसपी लॉ एंड ऑर्डर सुमित कुमार ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कार के माध्यम से अवैध महुआ शराब की तस्करी की जा रही है। सूचना के आधार पर बागबेड़ा पुलिस ने जगन्नाथपुर मोड़/पुल के पास वाहन जांच अभियान शुरू किया।

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गुप्त सूचना पर पुलिस ने शुरू की वाहन जांच

जांच के दौरान पुलिस ने एक संदिग्ध कार को रोककर उसकी तलाशी ली। कार की डिक्की खोलने पर उसमें महुआ शराब रखी मिली। पुलिस ने तत्काल शराब जब्त करते हुए कार सवार दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने कुल 330 लीटर महुआ शराब बरामद की। पुलिस के अनुसार, बरामद शराब को सिदगोड़ा क्षेत्र में ले जाकर खपाने की तैयारी थी। कार्रवाई के बाद पुलिस अब शराब के स्रोत और इसके संभावित खरीदारों की जानकारी जुटा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस अवैध कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

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सिदगोड़ा ले जाई जा रही थी अवैध महुआ शराब

पुलिस ने मामले में दोनों आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अवैध शराब की तस्करी और बिक्री के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि गिरफ्तार आरोपियों का किसी बड़े शराब तस्करी नेटवर्क से संबंध तो नहीं है। बरामद शराब और वाहन से जुड़े तथ्यों की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए सूचना के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई से अवैध शराब के कारोबार में शामिल लोगों के बीच हड़कंप मचा हुआ है।

Jamshedpur : आज से छत्तीसगढ़ी समाज की महिलाओं का निर्जला तीज व्रत शुरू

अखंड सौभाग्य, पति की दीर्घायु और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना को लेकर महिलाओं ने लिया संकल्प सामूहिक आयोजन में

  • अखंड सौभाग्य, पति की दीर्घायु और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना को लेकर महिलाओं ने लिया संकल्प
  • सामूहिक आयोजन में दिखी छत्तीसगढ़ी संस्कृति की झलक

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : छत्तीसगढ़ी समाज की महिलाओं द्वारा मनाया जाने वाला पारंपरिक तीज व्रत रविवार, 13 सितंबर 2026 से शुरू हो गया। इस अवसर पर श्री श्री शिव शीतला माता मंदिर, बागुनहातु परिसर में छत्तीसगढ़ी महिला समिति की ओर से विशेष आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचीं और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इसके बाद महिलाओं ने पारंपरिक रूप से करू भात खाकर निर्जला तीज व्रत रखने का संकल्प लिया। सुहागिन महिलाएं पति की दीर्घायु, अच्छे स्वास्थ्य, परिवार की सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना को लेकर यह कठिन व्रत करती हैं। व्रत के दौरान महिलाएं अन्न और जल का त्याग कर भगवान शिव एवं माता पार्वती की आराधना करती हैं।

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करू भात के बाद महिलाओं ने लिया निर्जला व्रत का संकल्प

तीज व्रत छत्तीसगढ़ी समाज में धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है। मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पूजा-अर्चना के बाद महिलाओं ने सामूहिक रूप से व्रत का संकल्प लिया। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा। महिलाओं ने एक-दूसरे को तीज पर्व की शुभकामनाएं दीं और व्रत से जुड़ी परंपराओं एवं धार्मिक मान्यताओं पर चर्चा की। छत्तीसगढ़ी महिला समिति की ओर से बताया गया कि तीज केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महिलाओं को अपनी संस्कृति, परंपरा और आपसी एकजुटता से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण पर्व है। इसके माध्यम से नई पीढ़ी को भी छत्तीसगढ़ी समाज की पारंपरिक रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराया जाता है।

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तीज पर्व ने महिलाओं को संस्कृति और परंपरा से जोड़ा

कार्यक्रम में समिति की अध्यक्षा शशि साहू के अलावा पिंकी निषाद, गीता निषाद, पिंकी साहू, किरण साहू और लता साहू समेत बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं। सभी ने श्रद्धा और उत्साह के साथ तीज व्रत का संकल्प लिया। महिलाओं की सामूहिक उपस्थिति और पारंपरिक आयोजन ने मंदिर परिसर में पर्व की धार्मिक एवं सांस्कृतिक छटा को और आकर्षक बना दिया। समिति की महिलाओं ने कहा कि तीज जैसे पर्व सामाजिक और सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सामूहिक आयोजन से महिलाओं के बीच आपसी सहयोग और भाईचारे की भावना भी मजबूत होती है। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं में पर्व को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला।

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