नदी में मिले काले अंश से बढ़ी चिंता, ग्रामीणों ने पानी उपयोग में आ रही समस्याओं को रखा सामने
जल स्रोतों की सुरक्षा और कार्रवाई की मांग तेज
जेबी लाइव, रिपोर्टर
गुआ : कारो नदी के पानी में काला अंश मिलने की शिकायतों के बीच झारखंड मजदूर संघर्ष संघ, किरीबुरू और ओडिशा मजदूर संघर्ष संघ, बोलानी ने संयुक्त रूप से नदी का निरीक्षण किया। 2 अक्टूबर 2026 को किए गए इस निरीक्षण का उद्देश्य नदी में प्रदूषण संबंधी शिकायतों की वास्तविक स्थिति का आकलन करना था। निरीक्षण के दौरान झारखंड मजदूर संघर्ष संघ किरीबुरू के महामंत्री राजेंद्र सिंधिया स्वयं नदी में उतरे और पानी के नमूने एकत्र कर स्थिति का जायजा लिया। जांच के दौरान नदी के पानी में काला अंश स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। बरसात के बाद जलस्तर कम होने के कारण नदी के किनारों, पत्थरों और आसपास के बड़े हिस्से पर भी काले पदार्थ के निशान देखे गए, जिससे स्थानीय लोगों की चिंताएं और बढ़ गई हैं।
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नदी में काले अंश मिलने से बढ़ी पर्यावरणीय चिंता
मामले की जानकारी मिलने के बाद ओडिशा मजदूर संघर्ष संघ, बोलानी के महामंत्री शिवाशीष नंद ने इसकी सूचना ओडिशा प्रशासन को दी थी। संयुक्त निरीक्षण दल ने नदी किनारे बसे गांवों के लोगों से भी मुलाकात की और उनकी समस्याओं को सुना। ग्रामीणों ने बताया कि कारो नदी उनके लिए दैनिक जीवन का प्रमुख जल स्रोत है। घरेलू उपयोग, स्नान और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए लंबे समय से इसी नदी के पानी पर निर्भरता रही है। लेकिन नदी में काला पानी दिखाई देने के बाद लोगों ने इसका उपयोग बंद कर दिया है। ग्रामीणों के अनुसार कुछ दिनों तक उन्हें स्नान और अन्य दैनिक कार्यों में गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ा।
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ग्रामीणों ने बताई जल संकट और उपयोग की समस्या
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि क्षेत्र में उपलब्ध नलकूपों से सीमित मात्रा में ही पानी मिलता है, जिसके कारण उस पानी को मुख्य रूप से पीने के लिए सुरक्षित रखना पड़ता है। ऐसे में नदी के पानी के अनुपयोगी हो जाने से स्थिति और कठिन हो गई है। स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि पानी की गुणवत्ता प्रभावित होने के कारण सेल द्वारा अपने इंटेक को अस्थायी रूप से बंद किया गया है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। नदी में काला अंश किस स्रोत से पहुंचा, इसकी जांच जारी है। कुछ लोगों ने श्रीमेटालिक अथवा रूंगटा समूह के औद्योगिक प्रतिष्ठानों से संभावित प्रदूषण की आशंका जताई है, लेकिन अब तक किसी भी स्रोत की पुष्टि नहीं हुई है।
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प्रदूषण के संभावित स्रोतों की जांच जारी
संयुक्त दल ने स्थानीय सरपंच, जिला प्रदूषण नियंत्रण विभाग तथा संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को मामले की जानकारी दी है। वहीं ओडिशा वन विभाग की टीम ने पचेरी क्षेत्र में कारो नदी का निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट राज्य प्रदूषण नियंत्रण विभाग को भेजने और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। राजेंद्र सिंधिया और शिवाशीष नंद ने कहा कि जल जीवन का आधार है और प्राकृतिक जल स्रोतों की सुरक्षा सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने मांग की कि नदी में प्रदूषण के स्रोत की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और लोगों को स्वच्छ जल उपलब्ध हो सके।
























