झारखंड मज़दूर संघर्ष संघ व झारखंड खान समूह ने समझौते को कर्मचारियों के हितों के खिलाफ बताते हुए नई समिति गठन की मांग की
नई श्रम समिति गठन की मांग हुई तेज
जेबी लाइव, रिपोर्टर
गुआ : एनजेसीएस (NJCS) की हालिया बोनस बैठक के बाद गैर-एनजेसीएस श्रमिक संगठनों ने समझौते की प्रक्रिया और उसके परिणामों पर गंभीर आपत्ति जताई है। झारखंड मज़दूर संघर्ष संघ तथा झारखंड खान समूह की ओर से जारी प्रतिक्रिया में कहा गया कि बैठक के दौरान नेताओं के बीच अपेक्षित एकजुटता नहीं दिखी और विभिन्न पक्ष एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते नजर आए। संगठनों का आरोप है कि बोनस के मूल फॉर्मूले और कर्मचारियों को मिलने वाले वास्तविक लाभ पर पर्याप्त चर्चा नहीं हुई। उन्होंने दावा किया कि बैठक में चार सदस्यों ने समझौते पर हस्ताक्षर किए, जबकि एक सदस्य ने हस्ताक्षर नहीं किया, जिससे सर्वसम्मति को लेकर प्रश्न खड़े होते हैं।
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बोनस समझौते की प्रक्रिया पर उठे सवाल
संगठनों ने कहा कि एनजेसीएस की परंपरा और नियमों के अनुसार महत्वपूर्ण मुद्दों का समाधान सर्वसम्मति से होना चाहिए। उनका तर्क है कि यदि किसी सदस्य ने सहमति नहीं दी, तो उसकी आपत्तियों और सुझावों पर विस्तृत विचार होना चाहिए था। बयान में यह भी कहा गया कि कर्मचारियों को लाभांश, उत्पादन और विक्रय के वास्तविक आंकड़ों के अनुरूप बोनस नहीं मिला है। उन्होंने पिछले तीन वर्षों के उत्पादन और बिक्री के आंकड़ों की समीक्षा कर बोनस निर्धारण प्रक्रिया को सार्वजनिक करने की मांग की। साथ ही यह आरोप भी लगाया गया कि कर्मचारियों की अपेक्षाओं और नेताओं की घोषित मांगों के मुकाबले अंतिम समझौता संतोषजनक नहीं रहा।
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उत्पादन, विक्रय और बोनस फॉर्मूले पर बहस तेज
झारखंड मज़दूर संघर्ष संघ और झारखंड खान समूह ने अपने बयान में कहा कि समझौते पर हस्ताक्षर नहीं करने वाले पक्ष की आपत्तियों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए था। संगठनों ने दावा किया कि कर्मचारियों की आवाज़ को पर्याप्त महत्व नहीं मिला और प्रबंधन तथा अन्य पक्षों ने उनकी चिंताओं को अनदेखा किया। उन्होंने वर्तमान एनजेसीएस व्यवस्था की समीक्षा करते हुए नए श्रम कानूनों के अनुरूप नई समिति गठित करने की मांग की, जिसमें सक्रिय कर्मचारियों की भागीदारी सुनिश्चित हो। संगठनों ने कहा कि भविष्य में बोनस निर्धारण और श्रमिक हितों से जुड़े निर्णय अधिक पारदर्शी एवं सहभागी प्रक्रिया के तहत लिए जाने चाहिए।
























