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Patna : नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग पर JDU में दरार, पार्टी ने कहा- यह हमारा स्टैंड नहीं

  • केसी त्यागी की मांग को पार्टी ने बताया व्यक्तिगत बयान, नीतीश कुमार के स्वास्थ्य और सेवा पर जोर

जेबी लाइव, रिपोर्टर

पटना : जनता दल (यूनाइटेड) में उस समय दरार की स्थिति उत्पन्न हो गई जब पार्टी के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग की। इस बयान पर पार्टी नेता राजीव रंजन प्रसाद ने शनिवार को स्पष्ट किया कि यह पार्टी का आधिकारिक स्टैंड नहीं है। उन्होंने कहा कि केसी त्यागी का बयान व्यक्तिगत है और इसका पार्टी की गतिविधियों से कोई संबंध नहीं है। राजीव रंजन प्रसाद ने एएनआई से बातचीत में कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार स्वस्थ हैं और लगातार राज्य की जनता की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि पार्टी का इस तरह की मांग से कोई लेना-देना नहीं है।

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JDU ने नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग से किया किनारा

गौरतलब है कि शुक्रवार को जेडीयू नेता केसी त्यागी ने नीतीश कुमार को भारत रत्न से सम्मानित करने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि बिहार के मुख्यमंत्री राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के संस्थापक सदस्यों में से एक हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में दिवंगत चौधरी चरण सिंह और कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न से सम्मानित किया है। त्यागी ने नीतीश कुमार को समाजवादी आंदोलन से जुड़े सबसे प्रतिभाशाली जीवित नेताओं में से एक बताते हुए कहा कि उन्हें भी जीवित रहते हुए भारत रत्न से सम्मानित किया जाना चाहिए। उन्होंने नीतीश कुमार को ‘सुशासन बाबू’ बताते हुए उनके योगदान को रेखांकित किया।

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केसी त्यागी ने नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की रखी मांग

इससे पहले, फरवरी 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की थी कि पूर्व प्रधानमंत्रियों चौधरी चरण सिंह और पीवी नरसिम्हा राव को भारत रत्न से सम्मानित किया जाएगा। साथ ही हरित क्रांति के जनक एमएस स्वामीनाथन को भी देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजा गया। वहीं जनवरी 2024 में केंद्र सरकार ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर को सामाजिक न्याय और हाशिए पर रहने वाले लोगों के लिए उनके आजीवन योगदान की मान्यता में भारत रत्न प्रदान किया। इन घोषणाओं के बाद से ही विभिन्न राजनीतिक दलों और नेताओं द्वारा अपने-अपने नेताओं को भारत रत्न देने की मांगें उठाई जा रही हैं। इसी क्रम में जेडीयू नेता केसी त्यागी का बयान आया, जिसे पार्टी ने व्यक्तिगत करार दिया है।

Musabani : बच्चियों ने नाटक से समझाई ग्राम सभा की शक्ति, पंचायत की जिम्मेदारी

कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में छात्राओं ने जनभागीदारी और ग्रामीण विकास का दिया संदेश ग्राम विकास में जनभागीदारी बढ़ाने

  • कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में छात्राओं ने जनभागीदारी और ग्रामीण विकास का दिया संदेश
  • ग्राम विकास में जनभागीदारी बढ़ाने का छात्राओं ने दिया संदेश

जेबी लाइव, रिपोर्टर

मुसाबनी : कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में छात्राओं ने ग्राम सभा की भूमिका और पंचायत की जिम्मेदारियों पर आधारित जागरूकता नाटक प्रस्तुत किया। बच्चियों ने अपनी प्रतिभा और रचनात्मक प्रस्तुति के माध्यम से सरल एवं प्रभावी तरीके से बताया कि ग्राम सभा केवल औपचारिक बैठक नहीं, बल्कि ग्रामीणों की भागीदारी और स्थानीय स्तर पर निर्णय लेने का महत्वपूर्ण मंच है। नाटक में पंचायत की जिम्मेदारियों, ग्रामीणों की सहभागिता और गांव के विकास में जागरूक नागरिकों की भूमिका को भी प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया। छात्राओं ने संवाद और अभिनय के माध्यम से ग्रामीणों को अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। कार्यक्रम में मानिक भक्त, सीआरपी बेनासोल एवं बाल्मीकि पाल, पाथरगोडा क्षेत्र विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। बेनासोल पंचायत की मुखिया सुकुरमुनी हेंब्रम ने भी अतिथि के रूप में कार्यक्रम में सहभागिता की।

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छात्राओं ने अभिनय के जरिए ग्रामीणों को किया जागरूक

नाटक की प्रस्तुति ने यह संदेश दिया कि नई पीढ़ी जब अपने अधिकारों, जिम्मेदारियों और ग्राम व्यवस्था को समझती है, तो गांव के विकास में जनभागीदारी और मजबूत होती है। कार्यक्रम में छात्राओं की प्रस्तुति की सराहना की गई और उन्हें बेहतर प्रदर्शन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी गईं। विद्यालय की शिक्षिकाओं और पूरे विद्यालय परिवार को भी इस सार्थक पहल के लिए धन्यवाद दिया गया। कार्यक्रम के माध्यम से ग्राम सभा को मजबूत बनाने और ग्रामीणों की भागीदारी बढ़ाने का संदेश दिया गया। छात्राओं ने अपनी प्रस्तुति से यह बात सामने रखी कि गांव की समस्याओं और विकास योजनाओं में लोगों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। ग्राम सभा मजबूत होगी तो गांव की आवाज भी मजबूत होगी और जनभागीदारी बढ़ने से विकास की प्रक्रिया को गति मिलेगी।

Jhargram : भीड़ में मां से बिछड़ा मासूम, पुलिस की तत्परता से कुछ ही देर में मिला

सेवा सेतु अभियान के जनकल्याण शिविर में मचा हड़कंप, पुलिस ने तलाश कर बच्चे को मां से मिलाया पुलिस ने

  • सेवा सेतु अभियान के जनकल्याण शिविर में मचा हड़कंप, पुलिस ने तलाश कर बच्चे को मां से मिलाया
  • पुलिस ने तलाश कर मासूम को सुरक्षित मां के पास पहुंचाया

जेबी लाइव, रिपोर्टर

गोपिबल्लभपुर : जनकल्याण शिविर में उमड़ी भारी भीड़ के बीच शुक्रवार को मां से बिछड़े एक मासूम को लेकर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई। बच्चे के अचानक लापता होने की सूचना मिलते ही गोपिबल्लभपुर थाना पुलिस ने तत्काल सक्रियता दिखाई। पुलिसकर्मियों ने शिविर परिसर के अलग-अलग हिस्सों में बच्चे की तलाश शुरू कर दी। कुछ ही देर की मशक्कत के बाद पुलिस ने मासूम को सुरक्षित खोज लिया और उसकी मां के सुपुर्द कर दिया। बच्चे के सकुशल मिलने के बाद परिवार ने राहत की सांस ली। घटना गोपिबल्लभपुर-1 ब्लॉक के छातिनाशोल ब्लॉक कार्यालय परिसर में आयोजित ‘सेवा सेतु अभियान’ के जनकल्याण शिविर के दौरान हुई। शुक्रवार सुबह से ही शिविर में ब्लॉक के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। सरकारी योजनाओं और सेवाओं की जानकारी लेने के साथ लोगों को मौके पर ही आवेदन जमा करने की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही थी।

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जनकल्याण शिविर में बच्चे के गायब होने से मची अफरा-तफरी

शिविर में भीड़ को देखते हुए गोपिबल्लभपुर थाने की ओर से अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी। थाना प्रभारी अजय कुमार सिंह, बीडीओ प्रसून कुमार प्रामाणिक और संयुक्त बीडीओ सुशांत कुंडू समेत प्रशासनिक अधिकारियों ने शिविर का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने विभिन्न सेवा केंद्रों का जायजा लेने के साथ लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली। इसी दौरान बच्चे के लापता होने की सूचना मिलने पर पुलिसकर्मियों ने तुरंत तलाश अभियान शुरू किया। शिविर परिसर के विभिन्न हिस्सों में खोजबीन के बाद बच्चा मिल गया। पुलिस ने उसे सुरक्षित उसकी मां तक पहुंचाया। मासूम को सुरक्षित पाकर परिजनों ने पुलिस का आभार जताया, जबकि शिविर में मौजूद लोगों ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की। घटना ने भीड़भाड़ वाले आयोजनों में बच्चों की निगरानी और सुरक्षा के महत्व को भी सामने ला दिया।

Jamshedpur : दुर्गा पूजा को लेकर पुलिस-पूजा समितियों की बैठक, सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था पर जोर

351 पूजा समितियों के साथ तैयारियों पर मंथन, भीड़ नियंत्रण से लेकर विसर्जन तक की बनी रणनीति 21 अक्टूबर को

  • 351 पूजा समितियों के साथ तैयारियों पर मंथन, भीड़ नियंत्रण से लेकर विसर्जन तक की बनी रणनीति
  • 21 अक्टूबर को विसर्जन, घाटों पर रहेगी विशेष सुरक्षा व्यवस्था

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : दुर्गा पूजा को लेकर जमशेदपुर पुलिस ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की तैयारियां तेज कर दी हैं। शुक्रवार को एसएसपी कार्यालय में सिटी एसपी ललित मीणा की अध्यक्षता में जमशेदपुर केंद्रीय दुर्गा पूजा समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों के साथ महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में केंद्रीय दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष अंचितम गुप्ता समेत समिति के सदस्य मौजूद रहे। इस दौरान विधि-व्यवस्था, पूजा पंडालों की सुरक्षा, ट्रैफिक व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और प्रतिमा विसर्जन को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में विधि-व्यवस्था डीएसपी सुमित कुमार, ट्रैफिक डीएसपी नीरज कुमार, ट्रैफिक इंस्पेक्टर समेत पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी भी शामिल हुए।

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दुर्गा पूजा की तैयारियों को लेकर पुलिस ने पूजा समितियों के साथ किया मंथन

सिटी एसपी ललित मीणा ने बताया कि पिछले वर्ष जमशेदपुर केंद्रीय दुर्गा पूजा समिति से कुल 347 पूजा समितियां जुड़ी थीं, जबकि वर्ष 2026 में इनकी संख्या बढ़कर 351 हो गई है। पूजा समितियों की संख्या बढ़ने के साथ सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित बनाए रखने की जिम्मेदारी भी बढ़ी है। बैठक में शहर के विभिन्न पूजा पंडालों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया। भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिस बल की तैनाती, संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। पुलिस ने पूजा समितियों से भी सहयोग की अपील की, ताकि किसी भी स्थिति में प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय बनाया जा सके।

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347 से बढ़कर 351 हुई पूजा समितियों की संख्या

सिटी एसपी ने बताया कि दुर्गा पूजा का आयोजन 11 अक्टूबर से शुरू होगा। षष्ठी से दशमी तक शहर में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने की संभावना है। देर रात तक लोग पूजा पंडालों और बाजार क्षेत्रों में पहुंचते हैं, जिसे देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी। शहर के सभी संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया जाएगा। पूजा पंडालों के आसपास भीड़ नियंत्रण के साथ श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुचारू रखने के लिए विशेष इंतजाम किए जाएंगे। पुलिस की ओर से प्रमुख स्थानों पर निगरानी बढ़ाने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारी रखने पर भी जोर दिया गया।

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षष्ठी से दशमी तक बढ़ेगी भीड़, संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल

बैठक में यातायात व्यवस्था को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गई। प्रमुख सड़कों, पूजा पंडालों और भीड़ वाले क्षेत्रों में यातायात नियंत्रित करने की योजना पर विचार किया गया। जरूरत के अनुसार रूट डायवर्जन और अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिस की तैनाती की जाएगी। पूजा समितियों को अपने-अपने पंडालों में सुरक्षा मानकों का पालन करने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल पुलिस को सूचना देने की अपील की गई। इसके अलावा शहर के विभिन्न विसर्जन घाटों की सुरक्षा और वहां उपलब्ध व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया जाएगा। पुलिस प्रशासन और पूजा समितियों के बीच समन्वय बनाए रखने के लिए आगामी 5 अक्टूबर को एक और बैठक आयोजित कर पूजा एवं विसर्जन से जुड़ी तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की जाएगी।

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प्रमुख सड़कों पर रूट डायवर्जन और अतिरिक्त ट्रैफिक बल पर विचार

दुर्गा पूजा के बाद प्रतिमाओं के विसर्जन को लेकर भी बैठक में चर्चा हुई। इस वर्ष 21 अक्टूबर को प्रतिमा विसर्जन किए जाने की बात कही गई है। विसर्जन के दौरान घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़, यातायात और सुरक्षा को देखते हुए विशेष पुलिस व्यवस्था की जाएगी। पुलिस प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया कि दुर्गा पूजा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, शांतिपूर्ण माहौल और सुचारू यातायात व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता होगी। पूजा समितियों से भी प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने को कहा गया है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सामूहिक सहयोग और बेहतर समन्वय के माध्यम से पूजा एवं विसर्जन को व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने का प्रयास किया जाएगा।

Jamshedpur : बागबेड़ा में हथियार के साथ अपराधी गिरफ्तार, 17 से अधिक मामलों में आरोपी

वायरलेस मैदान में पुलिस की छापेमारी, देशी लोडेड कट्टा और जिंदा कारतूस बरामद हथियार बरामदगी के बाद आरोपी के संपर्कों

  • वायरलेस मैदान में पुलिस की छापेमारी, देशी लोडेड कट्टा और जिंदा कारतूस बरामद
  • हथियार बरामदगी के बाद आरोपी के संपर्कों की जांच में जुटी पुलिस

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : बागबेड़ा थाना क्षेत्र के वायरलेस मैदान में पुलिस ने देर रात छापेमारी कर हथियार के साथ अनूप चक्रवर्ती उर्फ अनूप बंगाली (42) को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, 1 अक्टूबर की देर रात वरीय पुलिस अधीक्षक, पूर्वी सिंहभूम को गुप्त सूचना मिली थी कि अनूप किसी आपराधिक घटना को अंजाम देने की नीयत से हथियार लेकर वायरलेस मैदान में घूम रहा है। सूचना के बाद एसएसपी के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक नगर के निर्देशन और डीएसपी विधि-व्यवस्था के नेतृत्व में विशेष छापामारी दल गठित किया गया। टीम ने मौके पर पहुंचकर इलाके की घेराबंदी की और आरोपी को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से लोहे का देशी लोडेड कट्टा और एक जिंदा गोली बरामद की गई।

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गुप्त सूचना पर पुलिस ने वायरलेस मैदान में की घेराबंदी

पुलिस के मुताबिक, मामले में बागबेड़ा थाना में कांड संख्या 92/26, दिनांक 2 अक्टूबर 2026 के तहत धारा 25(1-बी) ए/26 आर्म्स एक्ट के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की गई है। सिटी एसपी ललित मीणा ने बताया कि गिरफ्तार अनूप चक्रवर्ती उर्फ अनूप बंगाली के खिलाफ लगभग 17 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, उसके खिलाफ पूर्वी सिंहभूम जिले के विभिन्न थानों के अलावा पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले में भी मामले दर्ज हैं। पुलिस अब उसके आपराधिक इतिहास की विस्तृत जानकारी जुटा रही है। साथ ही हथियार उसके पास तक कैसे पहुंचा और उसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था, इसे लेकर भी जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

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आरोपी के खिलाफ जमशेदपुर से पुरुलिया तक दर्ज हैं मामले

पुलिस का कहना है कि समय रहते आरोपी को हथियार के साथ गिरफ्तार किए जाने से संभावित आपराधिक घटना को रोकने में सफलता मिली है। विशेष छापामारी दल ने सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को मौके से दबोचा। बरामद देशी कट्टा और जिंदा कारतूस को पुलिस ने जब्त कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपी से पूछताछ कर उसके संपर्कों और आपराधिक गतिविधियों से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटा रही है। अधिकारियों के अनुसार, मामले में आगे की जांच जारी है और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

Munger : आठ साल बाद पढ़ाई की राह पर लौटी नाज़िया, 10वीं में हासिल किए 81 प्रतिशत अंक

सिलाई और घर की जिम्मेदारियों के साथ पूरी की पढ़ाई, एजुकेट गर्ल्स के प्रगति कार्यक्रम ने दिया सहयोग 10वीं के

  • सिलाई और घर की जिम्मेदारियों के साथ पूरी की पढ़ाई, एजुकेट गर्ल्स के प्रगति कार्यक्रम ने दिया सहयोग
  • 10वीं के बाद आगे की पढ़ाई और रोजगार का लक्ष्य

जेबी लाइव, रिपोर्टर

मुंगेर : आर्थिक परिस्थितियों के कारण 12 वर्ष की उम्र में पढ़ाई छोड़ने वाली मिर्जापुर गांव की नाज़िया परबीन ने आठ साल बाद शिक्षा की राह पर लौटकर मिसाल पेश की है। नाज़िया ने बिहार मुक्त विद्यालयी शिक्षण एवं परीक्षा बोर्ड (बीबोस) से 10वीं की परीक्षा 81 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण की है। चार बहनों में सबसे बड़ी नाज़िया को परिवार की आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण वर्ष 2017 में पढ़ाई छोड़नी पड़ी थी। परिवार में कमाने वाला कोई अन्य सदस्य नहीं होने के कारण उन्होंने घर की जिम्मेदारी संभालने के लिए लुधियाना का रुख किया। वहां एक फैक्टरी में करीब सात हजार रुपये मासिक वेतन पर काम करते हुए वह अपनी कमाई का अधिकांश हिस्सा माता-पिता और छोटी बहनों की जरूरतों के लिए भेजती थीं।

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आर्थिक मजबूरी में छूटी पढ़ाई, परिवार के लिए काम करने लगीं नाज़िया

नाज़िया के जीवन में बदलाव तब आया, जब वह छुट्टी के दौरान अपने गांव लौटी थीं। इसी दौरान उनके गांव में एजुकेट गर्ल्स का प्रगति कार्यक्रम शुरू हुआ। गांव की प्रेरक और सामुदायिक कार्यकर्ता ने नाज़िया की परिस्थितियों को समझते हुए उनके घर जाकर दोबारा पढ़ाई शुरू करने के विकल्प की जानकारी दी। शुरुआत में नाज़िया ने पढ़ाई के प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया, क्योंकि परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी काफी हद तक उन्हीं पर थी। उन्हें चिंता थी कि नौकरी, घर की जिम्मेदारियों और पढ़ाई को एक साथ कैसे संभाल पाएंगी। प्रेरक ने उन्हें बताया कि प्रगति शिक्षण शिविर और मुक्त विद्यालय के माध्यम से नियमित स्कूल जाए बिना भी 10वीं की तैयारी की जा सकती है। पढ़ाई के खर्च का बोझ भी उन पर नहीं पड़ेगा।

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गांव की प्रेरक ने दिखाई दोबारा पढ़ाई शुरू करने की राह

प्रेरक की बात पर नाज़िया ने विचार किया और अपनी परिस्थितियों के अनुसार रास्ता तलाशा। उन्हें सिलाई का काम आता था। उन्होंने तय किया कि लुधियाना में नौकरी करने के बजाय गांव में रहकर सिलाई का काम करेंगी। इससे वह परिवार की आर्थिक मदद भी कर सकेंगी और पढ़ाई के लिए समय भी निकाल पाएंगी। वर्ष 2025 में उन्होंने आठ साल के अंतराल के बाद दोबारा पढ़ाई शुरू की। दिन में सिलाई का काम करने के साथ वह प्रगति शिक्षण शिविर में पढ़ाई करतीं और घर के कामकाज में भी हाथ बंटाती रहीं। उन्होंने अपने दैनिक जीवन को इस तरह व्यवस्थित किया कि आर्थिक जिम्मेदारियों के साथ शिक्षा भी जारी रह सके। धीरे-धीरे पढ़ाई में उनकी रुचि बढ़ती गई और परीक्षा की तैयारी मजबूत होती गई।

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सिलाई के साथ पढ़ाई, जिम्मेदारियों के बीच बनाया समय

पढ़ाई के दौरान नाज़िया के परिवार में उनकी शादी की तैयारियां भी शुरू हो गईं और तारीख तय होने लगी। हालांकि नाज़िया ने स्पष्ट किया कि वह पहले 10वीं की परीक्षा की तैयारी पूरी करना चाहती हैं और परीक्षा के बाद ही शादी के विषय में आगे बढ़ेंगी। उनके होने वाले पति ने भी उनके फैसले का सम्मान किया और उनका साथ दिया। इसके बाद नाज़िया ने पढ़ाई पर अपना ध्यान बनाए रखा। प्रगति कार्यक्रम के सहयोग, शिक्षण शिविर में नियमित अध्ययन और अपनी मेहनत के बल पर उन्होंने 10वीं की परीक्षा में 81 प्रतिशत अंक हासिल किए। परीक्षा परिणाम सामने आने के बाद परिवार में खुशी का माहौल बना। उनकी उपलब्धि ने छोटी बहनों को भी अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रेरित किया।

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शादी से पहले परीक्षा पूरी करने के फैसले पर मिली परिवार की सहमति

10वीं पास करने के बाद नाज़िया अब आगे की पढ़ाई जारी रखना चाहती हैं। उनका लक्ष्य अच्छी शिक्षा हासिल कर बेहतर रोजगार का अवसर प्राप्त करना और परिवार को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में योगदान देना है। नाज़िया की कहानी बताती है कि आर्थिक जिम्मेदारियों और लंबे अंतराल के बावजूद उपयुक्त अवसर मिलने पर शिक्षा की राह दोबारा पकड़ी जा सकती है। सिलाई उनके लिए केवल आय का साधन नहीं बनी, बल्कि इसी काम के साथ उन्होंने पढ़ाई के लिए समय भी निकाला। आठ साल बाद शिक्षा की दुनिया में लौटकर 81 प्रतिशत अंक हासिल करना उनके लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। अब वह आगे की पढ़ाई और रोजगार के अवसरों की दिशा में कदम बढ़ाने की तैयारी कर रही हैं।

Potka : गांव के मैदान से निखरेंगी खेल प्रतिभाएं, संजीव सरदार ने बेहतर अवसर देने पर दिया जोर

छोटा तिलाइझोर में दो दिवसीय फुटबॉल प्रतियोगिता का समापन फाइनल में विधायक ने खिलाड़ियों का बढ़ाया उत्साह खिलाड़ियों के उत्साहवर्धन

  • छोटा तिलाइझोर में दो दिवसीय फुटबॉल प्रतियोगिता का समापन
  • फाइनल में विधायक ने खिलाड़ियों का बढ़ाया उत्साह
  • खिलाड़ियों के उत्साहवर्धन में जुटे ग्रामीण और खेलप्रेमी

जेबी लाइव, रिपोर्टर

पोटका : गांधी जयंती के अवसर पर हेंसल आमदा पंचायत के छोटा तिलाइझोर गांव स्थित चाडरीपाठ फुटबॉल मैदान में वाईएससी तिलाइझोर के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय फुटबॉल प्रतियोगिता का शुक्रवार को समापन हुआ। फाइनल मुकाबले में मुख्य अतिथि के रूप में पोटका विधायक संजीव सरदार शामिल हुए। उन्होंने मैदान में पहुंचकर खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया और उनका उत्साह बढ़ाया। इसके बाद विधायक ने किक मारकर फाइनल मुकाबले का शुभारंभ किया। प्रतियोगिता को लेकर स्थानीय खिलाड़ियों और ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला। फाइनल मुकाबले के दौरान बड़ी संख्या में खेलप्रेमी मैदान पहुंचे और दोनों टीमों के खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। पूरे मुकाबले के दौरान मैदान में रोमांच और उत्साह का माहौल बना रहा।

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चाडरीपाठ मैदान में फुटबॉल मुकाबले को देखने उमड़ी भीड़

खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए विधायक संजीव सरदार ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। गांवों में ऐसे कई युवा हैं, जिनमें बेहतर प्रदर्शन करने की क्षमता है, लेकिन उन्हें उचित मंच और अवसर की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण स्तर पर आयोजित होने वाली फुटबॉल प्रतियोगिताएं युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करती हैं। ऐसे आयोजनों के माध्यम से खिलाड़ी अपनी कमियों को पहचानने के साथ खेल कौशल में सुधार भी कर सकते हैं। विधायक ने कहा कि स्थानीय स्तर पर खेल प्रतियोगिताओं को प्रोत्साहित करने से युवाओं में खेल के प्रति रुचि बढ़ेगी और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का रास्ता मिलेगा। उन्होंने प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए आयोजकों और ग्रामीणों को शुभकामनाएं दीं।

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ग्रामीण प्रतिभाओं को मंच देने पर विधायक ने दिया जोर

संजीव सरदार ने कहा कि खेल केवल जीत और हार तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे युवाओं में अनुशासन, टीम भावना, नेतृत्व क्षमता और आपसी सहयोग की भावना मजबूत होती है। उन्होंने खिलाड़ियों से खेल भावना के साथ मैदान में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने और परिणाम को सकारात्मक रूप से स्वीकार करने की अपील की। विधायक ने युवाओं का आह्वान किया कि वे शिक्षा के साथ खेल को भी अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ खेल में सक्रिय रहने से युवाओं के व्यक्तित्व का समग्र विकास होता है। ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाले ऐसे आयोजन युवाओं को अपनी क्षमता पहचानने और उसे निखारने का अवसर देते हैं। उन्होंने कहा कि खेल के माध्यम से युवा अपने गांव, प्रखंड और जिले का नाम भी रोशन कर सकते हैं।

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शिक्षा के साथ खेल को जीवन का हिस्सा बनाने की अपील

फाइनल मुकाबले को देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण और खेलप्रेमी चाडरीपाठ फुटबॉल मैदान पहुंचे। दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने बेहतर खेल का प्रदर्शन किया और दर्शकों ने पूरे मुकाबले का उत्साह के साथ आनंद लिया। आयोजन स्थल पर लगातार खिलाड़ियों और समर्थकों में उत्साह बना रहा। मौके पर मुखिया अर्धेंदु सरदार, पूर्व मुखिया लखिमनी सरदार, शिक्षक उत्तम सरदार, पूर्व उपमुखिया मंजू दास, कमेटी के बलराम सरदार, पूर्णचंद्र सरदार, जयराम सरदार, देवसिंह सरदार, नरोत्तम दास, अरुण पात्र, विश्वनाथ सरदार, उदित सिंह सरदार, विक्रम सरदार, सिरतन सरदार और शंकर सरदार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, खिलाड़ी एवं खेलप्रेमी मौजूद रहे।

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