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Chandil : चांडिल में निजी जमीन पर रातोंरात गिट्टी डालने का आरोप, जमीन मालिक ने उठाए सवाल

  • पुरिशीली में सरदार कुली के सामने टर्निंग पॉइंट के पास की घटना
  • सत्येंद्र सिंह ने एसडीओ के आदेश के दावे की पुष्टि और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की
  • चांडिल जमीन विवाद में प्रशासनिक जांच और आधिकारिक स्पष्टीकरण का इंतजार

जेबी लाइव, रिपोर्टर

चांडिल : सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल क्षेत्र अंतर्गत पुरिशीली में सरदार कुली के सामने टर्निंग पॉइंट के पास निजी जमीन पर रात के अंधेरे में गिट्टी डालकर गड्ढा भरने का मामला सामने आया है। जमीन मालिक सत्येंद्र सिंह ने इस घटना पर कड़ा विरोध जताते हुए इसे उनकी जमीन पर बिना अनुमति कब्जा करने की कोशिश बताया है। उनके अनुसार, शुक्रवार की देर रात करीब 12 बजे से 2 बजे के बीच अज्ञात हाईवा के माध्यम से उनकी जमीन पर गिट्टी गिराई गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद जब वह मौके पर पहुंचे, तो जमीन पर गिट्टी पड़ी हुई मिली। शनिवार सुबह करीब 10 बजे जमीन का निरीक्षण करने पर उन्होंने देखा कि वहां मौजूद गड्ढे को गिट्टी से भर दिया गया है। सत्येंद्र सिंह ने इस घटना को गंभीर बताते हुए संबंधित लोगों की पहचान करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि निजी जमीन पर किसी भी प्रकार का काम जमीन मालिक की सहमति अथवा वैध कानूनी प्रक्रिया के तहत ही किया जाना चाहिए।

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चांडिल में निजी जमीन पर गिट्टी डालने का मामला, जमीन मालिक ने जताया विरोध

सत्येंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि जमीन पर गिट्टी डालने वाले व्यक्ति ने कथित तौर पर एसडीओ के आदेश का हवाला दिया था। हालांकि, आरोप के अनुसार, उक्त व्यक्ति ने अपना परिचय स्पष्ट किए बिना ही वहां से चला गया। इस घटनाक्रम के बाद जमीन मालिक ने सवाल उठाया है कि आखिर उनकी निजी जमीन पर किसके आदेश से गिट्टी गिराई गई। यदि वास्तव में किसी प्रशासनिक अधिकारी की ओर से ऐसा कोई आदेश जारी किया गया था, तो उसके दस्तावेज और आदेश की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए। वहीं, यदि किसी व्यक्ति ने बिना अनुमति जमीन पर गिट्टी गिराई है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। सत्येंद्र सिंह का कहना है कि किसी अधिकारी के आदेश का केवल मौखिक हवाला देकर निजी जमीन पर काम करना उचित नहीं है। उन्होंने प्रशासन से मामले की जांच कर यह पता लगाने की मांग की है कि गिट्टी किसके निर्देश पर गिराई गई, इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे और संबंधित हाईवा किसका था। फिलहाल, एसडीओ के कथित आदेश की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और न ही गिट्टी गिराने वाले व्यक्ति की पहचान सामने आई है।

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एसडीओ के आदेश का हवाला देने का आरोप, जमीन मालिक ने मांगा स्पष्टीकरण

जमीन मालिक सत्येंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि वह इस मामले को लेकर संबंधित थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराएंगे। उन्होंने कहा कि उनकी निजी जमीन पर इस तरह गिट्टी डालकर गड्ढा भरना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने पुलिस और प्रशासन से शिकायत के आधार पर मामले की जांच करने, घटनास्थल का निरीक्षण करने तथा गिट्टी गिराने में इस्तेमाल किए गए वाहन और संबंधित व्यक्तियों की पहचान करने की मांग करने की बात कही है। उनके मुताबिक, जांच में यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि जमीन पर गिट्टी डालने का उद्देश्य क्या था और इसके पीछे किसका निर्देश था। यदि किसी प्रकार की अनधिकृत गतिविधि की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि निजी संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करना आवश्यक है और ऐसे मामलों में जमीन मालिक की शिकायत को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। अब पुलिस में लिखित शिकायत दिए जाने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक शिकायत दर्ज होने, पुलिस की जांच शुरू होने अथवा किसी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

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निजी जमीन पर कथित अतिक्रमण के मामले में थाने में शिकायत देंगे सत्येंद्र सिंह

इस घटना के बाद क्षेत्र में निजी जमीन की सुरक्षा और प्रशासनिक आदेशों के कथित इस्तेमाल को लेकर सवाल उठे हैं। मामले में निष्पक्ष जांच के जरिए जमीन की वास्तविक स्थिति, गिट्टी गिराने की परिस्थितियों और संबंधित लोगों की भूमिका स्पष्ट करना जरूरी है। साथ ही, एसडीओ के आदेश का हवाला दिए जाने के दावे की संबंधित प्रशासनिक स्तर पर पुष्टि की जानी चाहिए, ताकि किसी प्रकार की गलतफहमी की गुंजाइश न रहे। यदि किसी वैध सरकारी आदेश के तहत जमीन पर कोई कार्य किया गया है, तो उसके आधार और प्रक्रिया की जानकारी जमीन मालिक को उपलब्ध कराई जानी चाहिए। दूसरी ओर, यदि बिना अनुमति निजी जमीन पर गिट्टी गिराए जाने की पुष्टि होती है, तो कानून के अनुसार आवश्यक कदम उठाए जा सकते हैं। फिलहाल, इस मामले में जमीन मालिक के आरोप सामने आए हैं, लेकिन संबंधित प्रशासन और पुलिस का पक्ष उपलब्ध नहीं है। प्रशासनिक प्रतिक्रिया और जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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Manoharpur : मनोहरपुर में सांसद जोबा माझी और विधायक जगत माझी ने पांच दुर्गा पूजा पंडालों का किया उद्घाटन

ढोल-नगाड़ों के साथ जनप्रतिनिधियों का पारंपरिक स्वागत मां दुर्गा की पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और शांति की कामना मां

  • ढोल-नगाड़ों के साथ जनप्रतिनिधियों का पारंपरिक स्वागत
  • मां दुर्गा की पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और शांति की कामना
  • मां दुर्गा की आराधना के साथ मनोहरपुर में दुर्गोत्सव की रौनक बढ़ी

जेबी लाइव, रिपोर्टर

मनोहरपुर : दुर्गा पूजा के अवसर पर शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 को मनोहरपुर प्रखंड क्षेत्र में भक्तिमय माहौल के बीच पांच दुर्गा पूजा पंडालों का उद्घाटन किया गया। सिंहभूम की सांसद जोबा माझी और मनोहरपुर के विधायक जगत माझी ने संयुक्त रूप से फीता काटकर विभिन्न पूजा पंडालों का शुभारंभ किया। इस दौरान श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला और पूरा क्षेत्र मां दुर्गा की भक्ति में सराबोर नजर आया। दोनों जनप्रतिनिधियों ने हाजरा कंपनी प्रांगण स्थित श्री श्री देवी पूजा कमेटी, संत नरसिंह आश्रम नव दुर्गा पूजा समिति, मनोहरपुर साइडिंग दुर्गा पूजा समिति, मनोहरपुर लाइन पार दुर्गा पूजा कमेटी तथा रेलवे दुर्गा पूजा पंडाल का उद्घाटन किया। उद्घाटन के बाद सांसद और विधायक ने मां दुर्गा के दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना की तथा क्षेत्रवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और शांति की कामना की।

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मनोहरपुर में पांच पूजा पंडालों के उद्घाटन से बढ़ा दुर्गोत्सव का उत्साह

पंडालों के उद्घाटन के दौरान सांसद जोबा माझी और विधायक जगत माझी का पूजा समितियों तथा स्थानीय लोगों ने ढोल-नगाड़ों के साथ पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। विभिन्न पूजा स्थलों पर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही। पूजा समितियों के सदस्यों ने अतिथियों का स्वागत करते हुए दुर्गा पूजा के आयोजन और तैयारियों की जानकारी दी। पूरे क्षेत्र में धार्मिक उल्लास और उत्सव का माहौल देखने को मिला। पंडालों में मां दुर्गा के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का पहुंचना जारी रहा। पारंपरिक स्वागत, पूजा-अर्चना और सामूहिक भागीदारी ने आयोजन को विशेष बना दिया। स्थानीय लोगों ने भी उत्साह के साथ दुर्गोत्सव में भाग लिया। पांचों पंडालों के उद्घाटन के साथ ही मनोहरपुर और आसपास के क्षेत्रों में पूजा की रौनक और बढ़ गई।

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ढोल-नगाड़ों के साथ सांसद और विधायक का स्वागत, पंडालों में उमड़े श्रद्धालु

इस अवसर पर जिला परिषद उपाध्यक्ष रंजीत यादव, मुखिया पूजा कुजूर, समाजसेवी बसंत हरलालका, अश्विनी बघेल, बहादुर मुर्मू, बंधन उरांव, रमेश तिर्की, अजहर अली, राज यादव, प्रकाश साह, अरविंद गुप्ता, राजेश हरलालका, विक्रम सिंह, निखिल साह, शुभम पटेल, राधेश सिंह, चंचल रवानी और बिनोद सिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इनके अलावा संजीव गंताइत, सूरज गुप्ता, दुर्योधन महांति, रजनीश साह, मुकेश हरलालका, पिंकी डागा, वशिष्ठ यादव, प्रफुल भंज, विजय साहू, राजेश सिंह और श्रवण यादव समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कार्यक्रम में भाग लिया। पूजा समितियों के सदस्यों और स्थानीय लोगों की सक्रिय भागीदारी से आयोजन में सामुदायिक एकजुटता दिखाई दी। जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी से पूजा समितियों और श्रद्धालुओं में भी उत्साह देखने को मिला।

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मनोहरपुर के दुर्गा पूजा आयोजनों में जुटे जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग

पांचों दुर्गा पूजा पंडालों के उद्घाटन के साथ मनोहरपुर में दुर्गोत्सव का उत्साह और बढ़ गया। सांसद जोबा माझी और विधायक जगत माझी ने मां दुर्गा की आराधना कर क्षेत्र में शांति, खुशहाली और समृद्धि की कामना की। वहीं, पूजा समितियों ने श्रद्धालुओं की भागीदारी के बीच धार्मिक आयोजन को सफल बनाने की तैयारी की। पारंपरिक स्वागत, पूजा-अर्चना और स्थानीय लोगों की उपस्थिति ने दुर्गा पूजा के सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व को दर्शाया। पूरे कार्यक्रम के दौरान भक्तिमय वातावरण बना रहा। क्षेत्रवासियों में पूजा को लेकर उत्साह देखने को मिला और पंडालों में दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं का आना-जाना जारी रहा।

Gua : बायोमेट्रिक हाजिरी विवाद: सीजीआईटी में साक्ष्य पेश नहीं कर सका सेल प्रबंधन, अधिकारियों की गैरमौजूदगी पर सवाल

धनबाद न्यायाधिकरण में 15 अक्टूबर को हुई सुनवाई झारखंड मजदूर संघर्ष संघ ने श्रम कानूनों की अनदेखी का लगाया आरोप

  • धनबाद न्यायाधिकरण में 15 अक्टूबर को हुई सुनवाई
  • झारखंड मजदूर संघर्ष संघ ने श्रम कानूनों की अनदेखी का लगाया आरोप
  • रमा पांडे बोले—नियमों के तहत लागू हो बायोमेट्रिक उपस्थिति सिस्टम

जेबी लाइव, रिपोर्टर

गुवा : सेल की खदानों में बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू करने को लेकर चल रहे विवाद में 15 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय सरकारी औद्योगिक न्यायाधिकरण (सीजीआईटी), धनबाद में सुनवाई हुई। झारखंड मजदूर संघर्ष संघ के अनुसार, सुनवाई के दौरान सेल प्रबंधन आवश्यक साक्ष्य और प्रमाण संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। संघ ने यह भी आरोप लगाया कि मामले की सुनवाई के दौरान प्रबंधन का कोई अधिकारी उपस्थित नहीं हुआ। यह विवाद 15 जून 2026 से खदानों में बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू करने के प्रयास से जुड़ा है। संघ का कहना है कि प्रबंधन ने टाइम ऑफिस से कर्मचारियों के उपस्थिति कार्ड हटा दिए थे, जिससे कर्मचारियों को बायोमेट्रिक प्रणाली से हाजिरी बनाने के लिए कहा गया। इसके विरोध में कर्मचारियों ने पुरानी व्यवस्था से उपस्थिति दर्ज करने की मांग उठाई थी। हालांकि, सुनवाई और प्रबंधन की अनुपस्थिति को लेकर संघ के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

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सेल की खदानों में बायोमेट्रिक हाजिरी को लेकर विवाद, धनबाद में सुनवाई

झारखंड मजदूर संघर्ष संघ के मुताबिक, बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली को लेकर कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच विवाद के कारण चारों खदानों में उत्पादन प्रभावित हुआ। संघ ने इस वजह से सेल को करोड़ों रुपये के नुकसान होने का दावा भी किया है। संगठन ने औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 की धारा 33 का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि कर्मचारियों की सेवा शर्तों में बदलाव करने की प्रक्रिया पर सवाल उठते हैं। संघ का कहना है कि न्यायाधिकरण की ओर से प्रबंधन को नोटिस जारी किया गया था, लेकिन उसका जवाब दाखिल नहीं किया गया। संगठन ने यह भी दावा किया कि चार सुनवाइयों के दौरान प्रबंधन की ओर से अपेक्षित दस्तावेज पेश नहीं किए गए। इन आरोपों पर सेल प्रबंधन का पक्ष उपलब्ध नहीं है। मामले में वास्तविक स्थिति न्यायाधिकरण के रिकॉर्ड और संबंधित पक्षों के आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

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बायोमेट्रिक विवाद में श्रम कानूनों के पालन पर मजदूर संघ ने उठाए सवाल

झारखंड मजदूर संघर्ष संघ के केंद्रीय अध्यक्ष रमा पांडे ने कहा कि कर्मचारी बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली के विरोधी नहीं हैं, लेकिन इसे निर्धारित नियमों और कानूनी प्रक्रिया के अनुसार लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रबंधन श्रम कानूनों की अनदेखी कर रहा है। रमा पांडे ने कहा कि कर्मचारियों की उपस्थिति व्यवस्था में बदलाव करते समय संबंधित नियमों और सेवा शर्तों का पालन करना आवश्यक है। संघ ने मामले में न्यायाधिकरण के समक्ष तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर सुनवाई किए जाने की उम्मीद जताई है। अब इस मामले में अगली सुनवाई और न्यायाधिकरण के रुख पर कर्मचारियों की नजर बनी हुई है। प्रबंधन की ओर से जवाब और आवश्यक साक्ष्य प्रस्तुत किए जाने के बाद विवाद के कानूनी पहलुओं पर स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।

Manoharpur : मनोहरपुर में स्वास्थ्य केंद्र और नवदुर्गा मंदिर के पास गंदगी का अंबार, मरीजों व श्रद्धालुओं की बढ़ी परेशानी

संक्रमण फैलने की आशंका से स्थानीय लोगों में नाराजगी नियमित सफाई और कूड़ा फेंकने वालों पर कार्रवाई की मांग मनोहरपुर

  • संक्रमण फैलने की आशंका से स्थानीय लोगों में नाराजगी
  • नियमित सफाई और कूड़ा फेंकने वालों पर कार्रवाई की मांग
  • मनोहरपुर में नियमित सफाई और कचरा प्रबंधन की उठी मांग

जेबी लाइव, रिपोर्टर

मनोहरपुर : मनोहरपुर मुख्य बाजार मार्ग स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के समीप कूड़े-कचरे का अंबार लगा हुआ है। गंदगी के कारण आसपास संक्रमण फैलने की आशंका बनी हुई है। अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी मार्ग पर स्थित नवदुर्गा मंदिर में दुर्गा पूजा पंडाल और नवरात्रि के अनुष्ठान आयोजित किए जा रहे हैं। मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को रास्ते में फैली गंदगी के बीच से गुजरना पड़ रहा है। त्योहार के दौरान इस स्थिति से स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्र और धार्मिक स्थल के आसपास साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए, ताकि मरीजों, श्रद्धालुओं और आम राहगीरों को परेशानी न हो।

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मनोहरपुर में गंदगी से मरीजों और श्रद्धालुओं की बढ़ी परेशानी

स्थानीय लोगों का आरोप है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और नवदुर्गा मंदिर के समीप गंदगी की समस्या प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों के संज्ञान में होने के बावजूद इसका स्थायी समाधान नहीं किया गया है। लोगों के अनुसार, जगह-जगह कूड़ा जमा होने से वातावरण दूषित हो रहा है। विशेष रूप से स्वास्थ्य केंद्र के पास गंदगी का होना चिंता का विषय है, क्योंकि यहां प्रतिदिन मरीज और उनके परिजन पहुंचते हैं। वहीं, नवरात्रि के दौरान मंदिर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने से समस्या और गंभीर हो गई है। इस बीच, नवदुर्गा मंदिर में दर्शन-पूजन के दौरान बसंत हरलालका ने समस्या को गंभीरता से लेते हुए अपने स्तर से साफ-सफाई कराई। उनके इस प्रयास से तत्काल राहत मिली, लेकिन स्थानीय लोगों का मानना है कि नियमित सफाई के बिना समस्या दोबारा उत्पन्न हो सकती है।

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बसंत हरलालका ने कराई सफाई, स्थायी समाधान की मांग बरकरार

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और नवदुर्गा मंदिर के आसपास नियमित सफाई सुनिश्चित करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि कूड़ा जमा होने वाले स्थानों की नियमित निगरानी की जाए और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने पर रोक लगाई जाए। साथ ही, गंदगी फैलाने वालों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि स्वच्छता व्यवस्था बनी रहे। लोगों ने संबंधित विभाग से त्योहार के दौरान विशेष सफाई अभियान चलाने और भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न न होने देने की अपील की है। उनका कहना है कि स्वास्थ्य केंद्र और धार्मिक स्थल के आसपास स्वच्छ वातावरण बनाए रखना जरूरी है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस समस्या पर कितना ध्यान देता है और स्थानीय लोगों को गंदगी से कब तक स्थायी राहत मिलती है।

Jhargram : दुर्गापूजा के बीच झाड़ग्राम में भीषण हादसा, बेकाबू डंपर कई घरों में घुसा; मालिक की मौत

गोपीबल्लभपुर-2 ब्लॉक के कानपुर इलाके में हादसे से मची अफरातफरी, कई मकान क्षतिग्रस्त डंपर हादसे के कारणों की जांच में

  • गोपीबल्लभपुर-2 ब्लॉक के कानपुर इलाके में हादसे से मची अफरातफरी, कई मकान क्षतिग्रस्त
  • डंपर हादसे के कारणों की जांच में जुटी बेलियाबेड़ा पुलिस

जेबी लाइव, रिपोर्टर

झाड़ग्राम : दुर्गापूजा के उत्सवी माहौल के बीच पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम जिले में एक भीषण सड़क हादसा हो गया। गोपीबल्लभपुर-2 ब्लॉक के कानपुर इलाके में बेलियाबेड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक अनियंत्रित डंपर सड़क किनारे बने कई घरों में जा घुसा। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कई मकानों के हिस्से क्षतिग्रस्त हो गए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसे में डंपर मालिक की मौत हो गई। त्योहार के बीच हुई इस घटना से इलाके में शोक और दहशत का माहौल बन गया। अचानक हुए हादसे के बाद स्थानीय लोगों के बीच अफरातफरी मच गई।

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झाड़ग्राम में अनियंत्रित डंपर की टक्कर से कई मकान क्षतिग्रस्त

स्थानीय लोगों के मुताबिक, अचानक तेज आवाज सुनाई दी। बाहर निकलकर देखने पर पता चला कि तेज रफ्तार डंपर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बने मकानों से टकरा गया है। डंपर की टक्कर से कई कच्चे और पक्के घरों के हिस्से टूट गए। घटना के बाद आसपास के लोग घटनास्थल पर जुट गए और राहत कार्य में सहयोग करने लगे। हादसे की भयावहता को देखकर स्थानीय लोगों में चिंता और दहशत फैल गई। दुर्गापूजा के दौरान हुई इस दुर्घटना ने क्षेत्र के लोगों को झकझोर कर रख दिया। हादसे में मकानों को हुए नुकसान के साथ डंपर मालिक की मौत की खबर से इलाके में शोक का माहौल है।

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तेज आवाज के बाद मची अफरातफरी, राहत कार्य में जुटे स्थानीय लोग

घटना की सूचना मिलते ही बेलियाबेड़ा थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने के साथ राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। प्रारंभिक जानकारी में डंपर मालिक की घटनास्थल पर ही मौत होने की बात सामने आई है। हालांकि, दुर्घटना के वास्तविक कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि डंपर तकनीकी खराबी के कारण अनियंत्रित हुआ या हादसे के पीछे मानवीय लापरवाही थी। दुर्घटना से क्षतिग्रस्त मकानों और घटनाक्रम से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी भी जुटाई जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही हादसे के कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा।

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धर्मांतरण, डांडिया-गरबा और दुर्गा प्रतिमा विसर्जन की परंपराओं पर विधायक ने रखी राय धार्मिक आयोजनों को मनोरंजन के बजाय उपासना

  • धर्मांतरण, डांडिया-गरबा और दुर्गा प्रतिमा विसर्जन की परंपराओं पर विधायक ने रखी राय
  • धार्मिक आयोजनों को मनोरंजन के बजाय उपासना का स्वरूप देने की अपील
  • सनातन परंपराओं के संरक्षण और दुर्गा पूजा में अनुशासन की सरयू राय ने की अपील

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने धर्मांतरण के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए इसे हिंदू धर्म के संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम बताया। शहर में एक दुर्गा पूजा पंडाल के उद्घाटन के बाद उन्होंने कहा कि इस फैसले के पक्ष में सभी लोगों को आवाज बुलंद करनी चाहिए। उनके अनुसार, धर्मांतरण से जुड़े मामलों में धार्मिक पहचान और उससे संबंधित सुविधाओं के प्रश्न पर न्यायालय का निर्णय महत्वपूर्ण है। उन्होंने दावा किया कि इस विषय पर लंबे समय से प्रयास और आंदोलन किए जा रहे थे। सरयू राय ने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में धर्मांतरण को लेकर भी गंभीरता से विचार करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि धर्म परिवर्तन करने वाले लोगों को इससे अपने निहित स्वार्थों की पूर्ति की उम्मीद नहीं रखनी चाहिए। हालांकि, फैसले के कानूनी दायरे और उससे प्रभावित होने वाली सुविधाओं की वास्तविक स्थिति संबंधित न्यायिक आदेश के आधार पर ही स्पष्ट होगी।

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धर्मांतरण के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को सरयू राय ने बताया महत्वपूर्ण

सरयू राय ने नवरात्रि के दौरान आयोजित होने वाले डांडिया और गरबा कार्यक्रमों को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि डांडिया और गरबा का संबंध धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं से है और इन्हें केवल मनोरंजन का साधन बनाकर नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि जो लोग हिंदू धर्म और उसकी परंपराओं का विरोध करते हैं, वे इन आयोजनों में किस उद्देश्य से शामिल होते हैं। उन्होंने आयोजकों से धार्मिक उत्सवों की गरिमा बनाए रखने की अपील की। सरयू राय के अनुसार, उन्होंने डांडिया नाइट के आयोजन की प्रशासनिक अनुमति के लिए पैरवी कराने आए कुछ लोगों से भी इस विषय पर चर्चा की थी। उन्होंने प्रशासन को सामाजिक सद्भाव पर ऐसे आयोजनों के संभावित प्रभावों पर विचार करने की सलाह दी। इस दौरान उनके बयान में धार्मिक आयोजनों में भागीदारी को लेकर सवाल भी उठे। उनके विचारों को लेकर अलग-अलग मत हो सकते हैं, लेकिन धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सहभागिता तथा सामाजिक सौहार्द का विषय सार्वजनिक चर्चा का हिस्सा बना हुआ है।

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डांडिया-गरबा को मनोरंजन नहीं, धार्मिक परंपरा के रूप में मनाने की अपील

विधायक ने दुर्गा पूजा के बाद प्रतिमा विसर्जन के दौरान होने वाली गतिविधियों पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि विसर्जन के समय कुछ समूहों का नशे में होना और पारंपरिक धार्मिक गीतों के स्थान पर अनुचित गाने बजाना शर्मनाक स्थिति पैदा करता है। उनके अनुसार, मां दुर्गा की प्रतिमा के विसर्जन का कार्यक्रम श्रद्धा, अनुशासन और धार्मिक मर्यादा के साथ संपन्न होना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि विसर्जन के दौरान मां दुर्गा के भजन, स्तुति और धार्मिक श्लोकों को प्राथमिकता दी जाए। सरयू राय ने कहा कि देवी दुर्गा से जुड़े अनेक संस्कृत श्लोकों का संकलन कर उन्हें संगीतबद्ध किया जा सकता है, ताकि डीजे के माध्यम से भी उनका प्रसारण हो सके। इससे धार्मिक परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। उन्होंने युवाओं से पूजा और विसर्जन के दौरान संयम बरतने तथा सनातन परंपराओं के अनुरूप आचरण करने की अपील की।

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दुर्गा विसर्जन में धार्मिक गीत बजाने और मर्यादा बनाए रखने पर जोर

सोशल मीडिया पर लिखे अपने संदेश में सरयू राय ने गरबा और डांडिया को नवरात्रि तथा मां दुर्गा की उपासना से जुड़ा धार्मिक-सांस्कृतिक उत्सव बताया। उन्होंने कहा कि धार्मिक कार्यक्रमों को तमाशे में बदलने के बजाय उनकी परंपरागत गरिमा बनाए रखनी चाहिए। उन्होंने आयोजकों और प्रशासन से ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन की प्रकृति तथा उनके सामाजिक प्रभाव पर विचार करने की अपील की। अपनी पोस्ट में उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि जो लोग अपने परिवार के साथ खुले तौर पर मां दुर्गा के प्रति आस्था व्यक्त नहीं कर सकते, वे ऐसे धार्मिक आयोजनों में किस उद्देश्य से शामिल होना चाहते हैं। उनके इस बयान में धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक पहचान और आयोजनों में भागीदारी को लेकर कड़ा रुख दिखाई दिया। साथ ही, इस तरह की टिप्पणियों से धार्मिक आयोजनों में सभी समुदायों की भागीदारी और सामाजिक सद्भाव को लेकर बहस होने की संभावना भी है। धार्मिक परंपराओं के संरक्षण के साथ सार्वजनिक आयोजनों में कानून और व्यवस्था का पालन सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

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सोशल मीडिया पोस्ट में सरयू राय ने धार्मिक आयोजनों की गरिमा का उठाया मुद्दा

सरयू राय ने नई पीढ़ी से सनातन परंपराओं के प्रति जागरूक रहने और दुर्गा पूजा को केवल उत्सव के रूप में नहीं, बल्कि धार्मिक उपासना के रूप में मनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि मां दुर्गा की आराधना से जुड़े भजन, श्लोक और स्तुतियों को लोकप्रिय बनाया जाना चाहिए, ताकि युवा पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ सके। उन्होंने पूजा समितियों से विसर्जन के दौरान अनुशासन बनाए रखने, नशे से दूर रहने और धार्मिक गीतों को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। वहीं, डांडिया-गरबा आयोजनों को लेकर उन्होंने प्रशासन से सामाजिक सद्भाव के पहलू पर भी विचार करने को कहा। उनके बयानों में धार्मिक परंपराओं के संरक्षण और आयोजनों की मर्यादा पर जोर दिया गया। हालांकि, विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में सहभागिता के प्रश्न पर विचारों की विविधता बनी रह सकती है। ऐसे में धार्मिक आस्था का सम्मान करने के साथ कानून के अनुरूप आयोजन और सभी समुदायों के बीच सौहार्द बनाए रखना भी महत्वपूर्ण है।

Gua : चिड़िया सेल अस्पताल की बदहाल व्यवस्था पर भड़के रामा पांडे, निष्पक्ष जांच की मांग

महिला-पुरुष मरीजों को एक ही वार्ड में रखने पर जताई नाराजगी सिक्योरिटी गार्ड महेश हरिजन की मौत के मामले में

  • महिला-पुरुष मरीजों को एक ही वार्ड में रखने पर जताई नाराजगी
  • सिक्योरिटी गार्ड महेश हरिजन की मौत के मामले में दोषियों पर कार्रवाई की मांग
  • अस्पताल की व्यवस्था सुधारने और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग

जेबी लाइव, रिपोर्टर

गुवा : चिड़िया सेल अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था को लेकर झारखंड मजदूर संघर्ष संघ यूनियन के केंद्रीय अध्यक्ष रामा पांडे ने कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए व्यवस्था में तत्काल सुधार करने की मांग की। रामा पांडे के अनुसार, अस्पताल के वार्ड में महिला और पुरुष मरीजों को एक साथ रखा जा रहा है, जो उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में इलाज कराने आने वाले मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा के साथ-साथ सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण मिलना चाहिए। महिला और पुरुष मरीजों के लिए अलग-अलग वार्ड की व्यवस्था करना अस्पताल प्रबंधन की जिम्मेदारी है। उन्होंने प्रबंधन से इस दिशा में जल्द आवश्यक कदम उठाने की मांग की।

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चिड़िया सेल अस्पताल में महिला और पुरुष मरीजों के लिए अलग वार्ड की मांग

रामा पांडे ने अप्रैल महीने में सिक्योरिटी गार्ड महेश हरिजन की मौत का मामला भी उठाया। उन्होंने बताया कि दांत में दर्द होने पर महेश हरिजन इलाज कराने चिड़िया सेल अस्पताल पहुंचे थे। आरोप के अनुसार, अस्पताल में दांत के डॉक्टर ने उनका दांत निकाल दिया। इसके बाद उनके मुंह से काफी खून बहने लगा, जो बंद नहीं हो रहा था। कुछ दिनों बाद उनका मुंह पूरी तरह फूल गया और अंततः उनकी मौत हो गई। इस घटना को गंभीर बताते हुए रामा पांडे ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि जांच के माध्यम से घटना के वास्तविक कारणों और इलाज के दौरान किसी प्रकार की लापरवाही हुई या नहीं, इसका पता लगाया जाना चाहिए। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी है।

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सिक्योरिटी गार्ड महेश हरिजन की मौत की जांच कराने की उठी मांग

रामा पांडे ने स्पष्ट कहा कि यदि जांच में अस्पताल के किसी चिकित्सक, कर्मचारी या संबंधित व्यक्ति की लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि मरीजों की जान और सुरक्षा से जुड़ा मामला होने के कारण इसे गंभीरता से लिया जाना आवश्यक है। साथ ही, अस्पताल प्रबंधन को चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने, मरीजों की उचित देखभाल सुनिश्चित करने और वार्डों की व्यवस्था दुरुस्त करने पर विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने मांग की कि अस्पताल में इलाज कराने आने वाले मरीजों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। रामा पांडे ने प्रबंधन से अस्पताल की कमियों की समीक्षा कर आवश्यक सुधार करने की अपील की, ताकि मरीजों को बेहतर और सुरक्षित चिकित्सा सुविधा मिल सके।

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