कौशल विकास के जरिए आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ीं स्वयं सहायता समूह की महिलाएं
स्वरोजगार को मिलेगा नया आयाम
महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
जेबी लाइव, रिपोर्टर
गुवा : सेल किरीबुरू के सीएसआर विभाग के सहयोग तथा सृजन फाउंडेशन के प्रयासों से स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) की 37 महिलाओं ने जूट सामग्री निर्माण का एक वर्षीय विशेष प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को कौशल विकास से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना था। प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को विभिन्न प्रकार के जूट उत्पादों के निर्माण, डिजाइन, गुणवत्ता सुधार तथा उत्पादन की तकनीकी जानकारी दी गई। प्रशिक्षण पूरा होने के उपरांत सेल किरीबुरू एवं सृजन फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में प्रमाणपत्र वितरण समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें सभी प्रशिक्षित महिलाओं को प्रमाणपत्र देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने महिलाओं की मेहनत, लगन और सीखने की प्रतिबद्धता की सराहना की।
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जूट उत्पादों को स्वरोजगार का मजबूत माध्यम बनाने पर जोर
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथियों ने कहा कि जूट आधारित उत्पादों की बाजार में लगातार मांग बढ़ रही है और यह महिलाओं के लिए स्वरोजगार का बेहतर अवसर बन सकता है। उन्होंने महिलाओं को प्रशिक्षण से प्राप्त कौशल का उपयोग कर छोटे उद्योगों और समूह आधारित उत्पादन गतिविधियों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। वक्ताओं ने कहा कि इस प्रकार के कौशल विकास कार्यक्रम न केवल महिलाओं की आय बढ़ाने में सहायक होते हैं, बल्कि परिवार और समाज में उनकी भूमिका को भी मजबूत बनाते हैं। सृजन फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने बताया कि प्रशिक्षण के अगले चरण में महिलाओं को उन्नत तकनीकों, उत्पाद गुणवत्ता सुधार और व्यावसायिक उत्पादन की जानकारी दी जाएगी, ताकि वे प्रतिस्पर्धी बाजार में अपने उत्पादों की पहचान बना सकें।
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उत्पादन, ब्रांडिंग और मार्केटिंग को मिलेगा बढ़ावा
सृजन फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने बताया कि भविष्य में जूट उत्पादों के व्यावसायिक उत्पादन, ब्रांडिंग और मार्केटिंग को बढ़ावा देने की व्यापक योजना तैयार की गई है। इसके लिए संस्था ने सेल के सीएसआर विभाग से कच्चे माल, बिजली संचालित मशीनों तथा अन्य आवश्यक उपकरणों के लिए वित्तीय सहयोग का अनुरोध किया है। उनका कहना है कि आवश्यक संसाधन उपलब्ध होने पर प्रशिक्षित महिलाएं संगठित रूप से उत्पादन कार्य शुरू कर सकेंगी और आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाएंगी। समारोह में सीजीएम (खान) पी.एम. शिरपुरकर, सीजीएम (एचआर) धीरेन्द्र मिश्रा, जीएम (विद्युत) नवीन सोनकुसारे, डीजीएम (एचआर-एल एंड डीसी) रथीन विश्वास, एजीएम (एचआर-एल एंड डी) एवं प्रभारी सीएसआर सी.के. विश्वाल, एजीएम (यांत्रिक) रमेश सिन्हा तथा बी. बासा सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल संचालन में सृजन फाउंडेशन की टीम के पूजा, स्वपन मन्ना, संजय दास, पुष्पा शर्मा और जाहिद अख्तर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।























