Share

Jadugoda : रंकिणी मंदिर विकास कार्य विवाद : विधायक संजीव सरदार के पुतला दहन की सरदार मुड़ा स्वशासन व्यवस्था ने की निंदा

  • सामाजिक कार्यकर्ता सिदेश्वर सरदार ने प्रेस वार्ता कर जताई चिंता, विकास कार्य को विवादित बनाने का लगाया आरोप

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जादूगोड़ा : हाता–जादूगोड़ा मुख्य मार्ग स्थित ऐतिहासिक मां रंकिणी मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण एवं पर्यटन विकास कार्य को लेकर चल रहा विवाद लगातार चर्चा में बना हुआ है। विवाद के दूसरे दिन बुधवार को सामाजिक कार्यकर्ता सिदेश्वर सरदार एवं सरदार मुड़ा स्वशासन व्यवस्था ने मंदिर परिसर स्थित धूमकुड़िया भवन में प्रेस वार्ता आयोजित कर पोटका विधायक संजीव सरदार के पुतला दहन की घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने घटना को निंदनीय बताते हुए कहा कि किसी भी विकासात्मक योजना को लेकर असहमति हो सकती है, लेकिन लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने के बजाय किसी जनप्रतिनिधि का पुतला दहन करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि रंकिणी थान भूमिज समाज की आस्था और सांस्कृतिक पहचान का केंद्र है, जहां वर्षों से विभिन्न विकास कार्य होते रहे हैं और समाज ने हमेशा सकारात्मक सहयोग दिया है।

इसे भी पढ़ें : Manoharpur : विश्व युवा कौशल दिवस पर मनोहरपुर आईटीआई में प्लेसमेंट ड्राइव, 26 छात्रों को मिला रोजगार का अवसर

19 करोड़ की योजना से बदली जा रही रंकिणी मंदिर क्षेत्र की तस्वीर

प्रेस वार्ता के दौरान सिदेश्वर सरदार ने कहा कि करीब दो वर्ष पूर्व विधायक संजीव सरदार के प्रयास से झारखंड सरकार के वन एवं पर्यटन विभाग द्वारा लगभग 19 करोड़ रुपये की लागत से रंकिणी मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण एवं पर्यटन विकास की महत्वाकांक्षी योजना शुरू की गई थी। योजना के तहत फ्लाईओवर, गार्डवाल, सीढ़ियां, धूमकुड़िया भवन, विवाह मंडप सहित कई आधारभूत संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कार्य शुरू होने के बाद दो वर्षों तक किसी प्रकार का विरोध या विवाद सामने नहीं आया। अब अचानक कुछ लोगों द्वारा इसे विवादित बनाकर राजनीतिक रंग देने का प्रयास किया जा रहा है, जो क्षेत्र के विकास के लिए उचित नहीं है।

इसे भी पढ़ें : Jagnathpur : ‘उन्नति का पहिया’ योजना के तहत 557 छात्र-छात्राओं को मिली साइकिल

ग्रामसभा की सहमति और भूमि दान के बाद शुरू हुआ था विकास कार्य

सिदेश्वर सरदार ने ग्रामसभा की अनदेखी के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने कहा कि 19 मई 2024 को बड़ा झरना हिल में ग्राम प्रधान की अध्यक्षता में ग्रामसभा आयोजित हुई थी, जिसमें स्थानीय मुखिया और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया था। इसके अलावा 26 मई 2024 को रोहिणीबेड़ा मौजा में भी ग्रामसभा आयोजित की गई थी, जिसका उल्लेख ग्रामसभा पंजी में दर्ज है। उन्होंने बताया कि विकास कार्य के लिए स्थानीय रैयतों ने स्वेच्छा से अपनी भूमि दान की थी। कोंदा भूमिज और मोहन भूमिज सहित अन्य ग्रामीणों द्वारा भूमि उपलब्ध कराए जाने के बाद ही परियोजना को आगे बढ़ाया गया। उन्होंने कहा कि यह योजना स्थानीय लोगों की सहमति और सहभागिता से शुरू हुई थी, इसलिए इसे ग्रामसभा विरोधी बताना तथ्यों के विपरीत है।

इसे भी पढ़ें : Baharagoda : नेत्र उत्सव के साथ नवयौवन रूप में भक्तों को दर्शन दिए महाप्रभु, आज निकलेगी भव्य रथ यात्रा

बाहरी तत्वों पर राजनीति करने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का आरोप

सामाजिक कार्यकर्ता ने आरोप लगाया कि कुछ बाहरी लोग राजनीतिक उद्देश्य से इस विकास परियोजना को विवाद का रूप देने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और विधायक संजीव सरदार की पहल से क्षेत्र में पर्यटन विकास की नई संभावनाएं खुली हैं, लेकिन विपक्ष से जुड़े कुछ लोग इसे बाधित करना चाहते हैं। सिदेश्वर सरदार ने कहा कि कुछ तत्व दो आदिवासी समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि क्षेत्र में वर्षों से आपसी भाईचारा और सामाजिक सौहार्द कायम है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि समाज के लोग किसी भी साजिश को सफल नहीं होने देंगे और विकास कार्यों का समर्थन जारी रखेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी को योजना पर आपत्ति है तो उसे संबंधित विभाग से जानकारी लेकर अपनी बात रखनी चाहिए, न कि जनभावनाओं को भड़काने का प्रयास करना चाहिए।

इसे भी पढ़ें : Baharagoda : स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली पर भाजपा का हल्ला बोल, 13 सूत्री मांग पत्र सौंपा

माझी-परगना महाल, उपायुक्त और मुख्यमंत्री को सौंपा जाएगा प्रतिवेदन

सिदेश्वर सरदार ने बताया कि पूरे मामले को लेकर सरदार मुड़ा स्वशासन व्यवस्था का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही माझी-परगना महाल से मुलाकात करेगा और वास्तविक स्थिति से अवगत कराएगा। इसके बाद समाज की ओर से उपायुक्त पूर्वी सिंहभूम तथा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भी ज्ञापन सौंपा जाएगा। ज्ञापन में विकास कार्य के संबंध में तथ्यों को रखा जाएगा तथा समाज में भ्रम और वैमनस्य फैलाने की कोशिश करने वाले लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की जाएगी। प्रेस वार्ता के दौरान तरफ सरदार मुड़ा हिमांशु सरदार, हरिश चंद्र सिंह भूमिज, सुदर्शन भूमिज, गौरी सरदार, बासंती सरदार, हेमंत सरदार, मनोरंजन सिंह, निमाई सरदार, सूरज सरदार, लखीराम सरदार, वीर सिंह सरदार, शांखो सरदार, संजय सरदार, सागर सरदार, रामेश्वर सरदार, अमल सरदार, बिरेश सरदार, रविंद्र सरदार सहित बड़ी संख्या में समाज के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

Leave a Comment

Jamshedpur : रथ यात्रा पर अधिवक्ताओं ने किया महाभोग वितरण, 2000 से अधिक श्रद्धालुओं ने किया प्रसाद ग्रहण

पुराना कोर्ट परिसर में महाप्रभु जगन्नाथ सेवा दल के बैनर तले आयोजित हुआ सेवा कार्यक्रम श्रद्धालुओं ने सेवा कार्य की

  • पुराना कोर्ट परिसर में महाप्रभु जगन्नाथ सेवा दल के बैनर तले आयोजित हुआ सेवा कार्यक्रम
  • श्रद्धालुओं ने सेवा कार्य की सराहना की

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : भगवान जगन्नाथ महाप्रभु की रथ यात्रा के शुभ अवसर पर गुरुवार को जमशेदपुर के पुराना कोर्ट परिसर में महाप्रभु जगन्नाथ सेवा दल के बैनर तले भव्य महाभोग वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम सुबह 11 बजे से शुरू होकर संध्या 4 बजे तक चला। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, अधिवक्ताओं एवं आम नागरिकों ने महाभोग ग्रहण किया। आयोजन का उद्देश्य भगवान जगन्नाथ के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने के साथ-साथ सेवा और सद्भावना का संदेश देना था। कार्यक्रम में अधिवक्ता अखिलेश प्रताप सिंह, अक्षय कुमार झा, प्रणव सरकार, राजकुमार दास, महेश कुमार, अनंत गोप, सुनील कुमार महंती, संजीव कुमार झा, जगन्नाथ कुमार सहित कई अधिवक्ताओं ने सक्रिय भूमिका निभाई।

इसे भी पढ़ें : Chaibasa : मझगाँव मारपीट मामले में आरटीआई एक्टिविस्ट सिर्मा देवगम ने की निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग

अधिवक्ताओं और सहयोगियों ने संभाली आयोजन की जिम्मेदारी

कार्यक्रम को सफल बनाने में अधिवक्ता अनिल कुमार तिवारी, केशव सिंह, नीरज कुमार, रविंद्र कुमार ठाकुर, दिलीप सिंह, जसपाल, मनीष गुप्ता, मनोज कुमार, राकेश कुमार शर्मा उर्फ मुन्ना तथा परमपति भगत सहित अनेक लोगों ने सहयोग दिया। वहीं राजेश कुमार झा, विद्यानंद मिश्रा, उमेश शुक्ला और बलराम समेत 100 से अधिक स्वयंसेवक आयोजन में जुटे रहे। आयोजन समिति के अनुसार पूरे कार्यक्रम के दौरान लगभग 2000 से अधिक लोगों के बीच महाभोग का वितरण किया गया। श्रद्धालुओं ने इस सेवा कार्य की सराहना करते हुए इसे सामाजिक और धार्मिक समरसता का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।

Chaibasa : मझगाँव मारपीट मामले में आरटीआई एक्टिविस्ट सिर्मा देवगम ने की निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग

घायलों से मुलाकात के बाद पीएमओ, अनुसूचित जनजाति आयोग, डीसी और एसपी को भेजा पत्र मामले की जांच जारी, आधिकारिक

  • घायलों से मुलाकात के बाद पीएमओ, अनुसूचित जनजाति आयोग, डीसी और एसपी को भेजा पत्र
  • मामले की जांच जारी, आधिकारिक बयान का इंतजार

जेबी लाइव, रिपोर्टर

चाईबासा : मझगाँव प्रखंड में हुए चर्चित मारपीट मामले को लेकर आरटीआई एक्टिविस्ट एवं कोल्हान अवाम अधिकार मोर्चा के अध्यक्ष सिर्मा देवगम ने बुधवार को सदर अस्पताल, चाईबासा पहुंचकर घायल युवकों से मुलाकात की। उन्होंने पीड़ितों का हालचाल जाना और घटना से संबंधित जानकारी प्राप्त की। इसके बाद देवगम ने प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ), राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग, पश्चिम सिंहभूम के उपायुक्त तथा पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजकर मामले में त्वरित, निष्पक्ष एवं प्रभावी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि पीड़ितों को न्याय दिलाने और दोषियों के विरुद्ध सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।

इसे भी पढ़ें : Gua : बड़ाजामदा बाजार में विशाल बरगद का पेड़ गिरा, तीन दुकानों के शेड क्षतिग्रस्त

आरोपियों की गिरफ्तारी और पुलिस कार्रवाई की उठी मांग

अपने पत्र में सिर्मा देवगम ने घटना में शामिल आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के प्रावधानों के तहत भी कार्रवाई की मांग की। देवगम ने घटना के समय मौके पर मौजूद पुलिस पदाधिकारी पर कथित लापरवाही के आरोपों की जांच कर उन्हें निलंबित करने तथा विभागीय कार्रवाई करने की भी मांग की है। इसके अलावा उन्होंने घायलों के समुचित इलाज की व्यवस्था सरकारी खर्च पर कराने और प्रत्येक पीड़ित को 10 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग रखी है।

इसे भी पढ़ें : Odisa : पुरी रथयात्रा में भीड़ बढ़ने से बिगड़े हालात, एक श्रद्धालु की मौत, कई घायल

जाहेरथान की सुरक्षा के लिए स्थायी पुलिस चौकी की मांग

देवगम ने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि मझगाँव स्थित देशाउली क्षेत्र में कुछ लोगों द्वारा प्रतिबंधित सामग्री का सेवन किया जा रहा था, जिसका गांव के युवाओं ने आदिवासी धार्मिक परंपराओं का हवाला देते हुए विरोध किया। उनके अनुसार, इसी बात को लेकर विवाद बढ़ा और बाद में कुछ लोगों द्वारा आदिवासी युवकों के साथ मारपीट की गई, जिसमें कई युवक घायल हो गए। उन्होंने संबंधित जाहेरथान की सुरक्षा के लिए स्थायी पुलिस चौकी स्थापित करने की भी मांग की है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक इस मामले में पुलिस अथवा दूसरे पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक बयान प्राप्त नहीं हो सका था। मामले की जांच जारी है और प्रशासनिक स्तर पर आगे की कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।

Gua : बड़ाजामदा बाजार में विशाल बरगद का पेड़ गिरा, तीन दुकानों के शेड क्षतिग्रस्त

दोपहर में हुई घटना से मची अफरा-तफरी, संयोगवश टला बड़ा हादसा जर्जर पेड़ों की जांच और कार्रवाई की उठी मांग

  • दोपहर में हुई घटना से मची अफरा-तफरी, संयोगवश टला बड़ा हादसा
  • जर्जर पेड़ों की जांच और कार्रवाई की उठी मांग

जेबी लाइव, रिपोर्टर

गुवा : बड़ाजामदा बाजार के अंदर स्थित वर्षों पुराना एक विशाल बरगद का पेड़ गुरुवार को करीब दोपहर 1:30 बजे अचानक भरभराकर गिर पड़ा। पेड़ गिरते ही बाजार क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी सुरक्षा के लिए इधर-उधर भागने लगे। घटना के बाद आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पेड़ काफी पुराना और विशाल था, जिसके गिरने की आवाज दूर तक सुनाई दी। बाजार में मौजूद लोगों ने तत्काल आसपास के क्षेत्र को खाली कराया, जिससे किसी बड़ी अनहोनी की आशंका टल गई। घटना के समय बाजार में सामान्य दिनों की तरह चहल-पहल थी, जिसके कारण लोगों में कुछ देर तक दहशत का माहौल बना रहा।

इसे भी पढ़ें : Odisa : पुरी रथयात्रा में भीड़ बढ़ने से बिगड़े हालात, एक श्रद्धालु की मौत, कई घायल

तीन दुकानदारों को हुआ आर्थिक नुकसान

गिरा हुआ बरगद का पेड़ नीचे स्थित तीन मुर्गा दुकानों के शेड पर आ गिरा, जिससे समीर कुरैशी, रंजीत निषाद और शंकर सामंत की दुकानों के शेड पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। हादसे के समय तीनों दुकानदार अपनी-अपनी दुकानों में मौजूद थे, लेकिन सौभाग्यवश किसी को चोट नहीं लगी और कोई जनहानि नहीं हुई। घटना की सूचना मिलने पर प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लेते हुए नुकसान का आकलन किया। स्थानीय लोगों ने इसे बड़ी दुर्घटना टलने की घटना बताते हुए राहत व्यक्त की। साथ ही प्रशासन से क्षतिग्रस्त दुकानदारों को उचित सहायता प्रदान करने तथा बाजार क्षेत्र में मौजूद जर्जर और जोखिमपूर्ण पेड़ों की जांच कर समय रहते आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।

Odisa : पुरी रथयात्रा में भीड़ बढ़ने से बिगड़े हालात, एक श्रद्धालु की मौत, कई घायल

ग्रैंड रोड पर उमड़ी भारी भीड़ के बीच दम घुटने की घटना, राहत एवं बचाव कार्य में जुटी टीमें रथयात्रा

  • ग्रैंड रोड पर उमड़ी भारी भीड़ के बीच दम घुटने की घटना, राहत एवं बचाव कार्य में जुटी टीमें
  • रथयात्रा में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा होगी

जेबी लाइव, रिपोर्टर

पुरी : ओडिशा के पुरी में गुरुवार को विश्व प्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ रथयात्रा के दौरान भीड़ बढ़ने से हालात बिगड़ गए, जिसमें एक श्रद्धालु की मौत हो गई जबकि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को चिकित्सकीय सहायता देनी पड़ी। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, ग्रैंड रोड (बड़ा डंडा) पर रथ खींचने की रस्म देखने के लिए लाखों श्रद्धालु एकत्रित हुए थे। इसी दौरान अत्यधिक भीड़ के कारण एक श्रद्धालु को सांस लेने में दिक्कत हुई और वह बेहोश होकर गिर पड़ा। उसे तत्काल पुरी जिला मुख्यालय अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, करीब 100 या उससे अधिक लोगों के घायल अथवा अस्वस्थ होने की सूचना है, हालांकि प्रशासन की ओर से अंतिम आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि की प्रतीक्षा है।

इसे भी पढ़ें : Gua : बड़ाजामदा स्टेशन पर रथ यात्रा स्पेशल ट्रेन का भव्य स्वागत, लोको पायलट का हुआ सम्मान

राहत एवं बचाव कार्य में जुटी रहीं आपातकालीन टीमें

घटना के बाद पुलिस, आपदा प्रबंधन दल और चिकित्सा टीमें तत्काल सक्रिय हो गईं। कई श्रद्धालुओं को प्राथमिक उपचार दिया गया, जबकि गंभीर रूप से प्रभावित लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया। अधिकारियों ने बताया कि रथयात्रा मार्ग पर भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अचानक बढ़ी भीड़ और सीमित स्थान के कारण लोगों को आवागमन में कठिनाई हुई, जिससे कई लोग असहज महसूस करने लगे।

इसे भी पढ़ें : Manoharpur : दुबिल माइंस ट्रांसपोर्टिंग विवाद सुलझा, ठेका कंपनी और स्थानीय ट्रांसपोर्टरों के बीच बनी सहमति

घटना के कारणों की जांच शुरू

भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा देश के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक है, जिसमें हर वर्ष देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं। अधिकारियों ने घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है और भीड़ प्रबंधन व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से संयम बनाए रखने तथा सुरक्षा कर्मियों के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। घटना को लेकर विभिन्न एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

Gua : बड़ाजामदा स्टेशन पर रथ यात्रा स्पेशल ट्रेन का भव्य स्वागत, लोको पायलट का हुआ सम्मान

श्रद्धालुओं में दिखा उत्साह, भगवान जगन्नाथ के दर्शन के लिए मिली सीधी रेल सुविधा पर्व-त्योहारों पर विशेष ट्रेनों के नियमित

  • श्रद्धालुओं में दिखा उत्साह, भगवान जगन्नाथ के दर्शन के लिए मिली सीधी रेल सुविधा
  • पर्व-त्योहारों पर विशेष ट्रेनों के नियमित संचालन की उठी मांग

जेबी लाइव, रिपोर्टर

गुवा : रथ यात्रा के पावन अवसर पर चक्रधरपुर रेल मंडल द्वारा संचालित 08567 बड़बिल–पुरी रथ यात्रा स्पेशल ट्रेन का बुधवार सुबह बड़ाजामदा रेलवे स्टेशन पर गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस अवसर पर पूर्व मुखिया राजा तिर्की, पूर्व उपमुखिया गोवर्धन चौरसिया, स्थानीय ब्लॉगर विक्की ब्लॉग सहित कई गणमान्य नागरिक एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे। सभी ने लोको पायलट और रेल कर्मचारियों को मिठाई खिलाकर उनका सम्मान किया तथा सुरक्षित और सफल यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं। स्टेशन परिसर में श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच विशेष उत्साह का माहौल देखने को मिला। उपस्थित लोगों ने कहा कि रथ यात्रा के दौरान इस विशेष ट्रेन का संचालन क्षेत्र के श्रद्धालुओं के लिए बड़ी सौगात है, जिससे उन्हें पुरी जाकर भगवान जगन्नाथ के दर्शन करने में सुविधा होगी।

इसे भी पढ़ें : Manoharpur : दुबिल माइंस ट्रांसपोर्टिंग विवाद सुलझा, ठेका कंपनी और स्थानीय ट्रांसपोर्टरों के बीच बनी सहमति

बड़बिल से पुरी तक विभिन्न स्टेशनों पर मिलेगी सुविधा

रेलवे द्वारा जारी जानकारी के अनुसार 08567 बड़बिल–पुरी रथ यात्रा स्पेशल ट्रेन बड़बिल से सुबह 7:35 बजे रवाना होकर बड़ाजामदा, नोवामुंडी, बांसपानी, डांगवापोसी, देवझार, नयागढ़, केंदुझार, हरिचंदनपुर, जाखपुरा, कटक, भुवनेश्वर, खुर्दा रोड और सखीगोपाल सहित विभिन्न स्टेशनों से होते हुए शाम 5:30 बजे पुरी पहुंचेगी। वहीं वापसी में 08568 पुरी–बड़बिल रथ यात्रा स्पेशल ट्रेन पुरी से शाम 7:45 बजे प्रस्थान कर अगले दिन सुबह 7:00 बजे बड़बिल पहुंचेगी। रेलवे के अनुसार यह विशेष सेवा 16 एवं 24 जुलाई को वापसी यात्रा के लिए संचालित की जाएगी। स्थानीय लोगों ने रेलवे के इस निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि इससे बड़ाजामदा, नोवामुंडी और आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालुओं को सीधी रेल सुविधा मिली है। उन्होंने भविष्य में भी प्रमुख पर्व-त्योहारों के अवसर पर ऐसी विशेष ट्रेनों के नियमित संचालन की मांग की।

Manoharpur : दुबिल माइंस ट्रांसपोर्टिंग विवाद सुलझा, ठेका कंपनी और स्थानीय ट्रांसपोर्टरों के बीच बनी सहमति

स्थानीय ट्रांसपोर्टरों को मिलेगी प्राथमिकता, जरूरत पड़ने पर कंपनी चला सकेगी अपने वाहन सहमति के बाद ट्रांसपोर्टिंग कार्य सुचारू होने

  • स्थानीय ट्रांसपोर्टरों को मिलेगी प्राथमिकता, जरूरत पड़ने पर कंपनी चला सकेगी अपने वाहन
  • सहमति के बाद ट्रांसपोर्टिंग कार्य सुचारू होने की उम्मीद

जेबी लाइव, रिपोर्टर

मनोहरपुर : चिड़िया स्थित सेल (SAIL) के दुबिल आयरन ओर माइंस में ट्रांसपोर्टिंग कार्य को लेकर पिछले कुछ दिनों से चल रहे विवाद का समाधान गुरुवार को आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में निकल आया। मनोहरपुर साइडिंग में हुई वार्ता में सेल की अधिकृत ठेका कंपनी एन.के. मिनरल्स प्राइवेट लिमिटेड और मनोहरपुर ट्रांसपोर्टर एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक के दौरान स्थानीय ट्रांसपोर्टरों ने माइंस क्षेत्र में बाहरी वाहनों और बाहरी ट्रांसपोर्टरों के संचालन का विरोध करते हुए स्थानीय लोगों को ट्रांसपोर्टिंग कार्य में प्राथमिकता देने की मांग रखी। दोनों पक्षों के बीच विस्तार से चर्चा हुई, जिसमें क्षेत्र के युवाओं और स्थानीय व्यवसायियों के हितों को ध्यान में रखते हुए समाधान तलाशने पर सहमति बनी। वार्ता सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुई और सभी पक्षों ने आपसी सहयोग से कार्य संचालन की आवश्यकता पर बल दिया।

इसे भी पढ़ें : Gua : सेल किरीबुरू के सीएसआर सहयोग से 37 महिलाओं ने पूरा किया जूट प्रशिक्षण, प्रमाणपत्र वितरित

प्रतिदिन 2,000 टन परिवहन की जिम्मेदारी निभाएगी कंपनी

बैठक में यह सहमति बनी कि दुबिल माइंस से संबंधित ट्रांसपोर्टिंग कार्य में बाहरी ट्रांसपोर्टरों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा तथा स्थानीय ट्रांसपोर्टरों को पहली प्राथमिकता प्रदान की जाएगी। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि ठेका कंपनी को प्रतिदिन लगभग 2,000 टन आयरन ओर का परिवहन दुबिल माइंस से मनोहरपुर साइडिंग स्थित डंपिंग यार्ड तक सुनिश्चित करना है। यदि किसी कारणवश स्थानीय ट्रांसपोर्टर टेंडर की शर्तों के अनुरूप आवश्यक संख्या में वाहन उपलब्ध नहीं करा पाते हैं, तो कंपनी अपनी आवश्यकता के अनुसार निजी वाहनों का संचालन कर सकेगी। इस प्रस्ताव पर स्थानीय ट्रांसपोर्टरों और कंपनी दोनों ने सहमति जताई। समझौते के बाद ट्रांसपोर्टिंग कार्य को लेकर बनी अनिश्चितता समाप्त हो गई है और जल्द ही कार्य सुचारू रूप से संचालित होने की उम्मीद जताई जा रही है।

Leave a Comment

You cannot copy content of this page

Scroll to Top