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Gua : हतनाबुरु के पास बारिश का कहर, पीसीसी सड़क का हिस्सा बहा, आवागमन हुआ प्रभावित

  • पुलिया के समीप सड़क क्षतिग्रस्त, गिरे पेड़ से बढ़ी ग्रामीणों की परेशानी
  • लगातार बारिश से सारंडा के ग्रामीण संपर्क मार्गों पर मंडरा रहा खतरा

जेबी लाइव, रिपोर्टर

गुवा : सारंडा क्षेत्र में लगातार हो रही भारी वर्षा का असर अब ग्रामीण संपर्क मार्गों पर भी दिखाई देने लगा है। हतनाबुरु गांव के समीप तेज बारिश और पानी के तेज बहाव के कारण पुलिया के पास बनी पीसीसी सड़क का बड़ा हिस्सा बह गया है। सड़क के क्षतिग्रस्त होने से इस मार्ग पर आवागमन प्रभावित हो गया है। स्थिति को और गंभीर बनाते हुए सड़क पर एक बड़ा पेड़ भी गिर गया है, जिससे रास्ता संकरा हो गया है और वाहन चालकों को काफी सावधानी बरतनी पड़ रही है। ग्रामीणों के अनुसार क्षतिग्रस्त हिस्से से मोटरसाइकिल तक निकालना मुश्किल हो गया है। बारिश के दौरान पानी का बहाव बढ़ जाने से दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। स्थानीय लोग जान जोखिम में डालकर इस मार्ग का उपयोग करने को मजबूर हैं।

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छोटानागरा-थोलकोबाद मार्ग पर बढ़ी चिंता, ग्रामीणों ने की शीघ्र मरम्मत की मांग

हतनाबुरु के समीप क्षतिग्रस्त यह सड़क छोटानागरा से थोलकोबाद को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है, जिससे प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीणों का आवागमन होता है। सड़क की खराब स्थिति के कारण सारंडा क्षेत्र के दर्जनों गांवों के लोगों को बाजार, स्कूल, अस्पताल और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि सड़क पर गिरे पेड़ को तत्काल हटाया जाए तथा बह चुके हिस्से की जल्द मरम्मत कराई जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो लगातार हो रही बारिश के कारण सड़क को और अधिक नुकसान पहुंच सकता है, जिससे मार्ग पूरी तरह बंद होने की आशंका है। इससे क्षेत्र के हजारों लोगों का संपर्क प्रभावित हो सकता है और दैनिक जीवन पर गंभीर असर पड़ सकता है।

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Jamshedpur : बाढ़ प्रभावित बागबेड़ा में राहत अभियान तेज, विधायक संजीव सरदार के निर्देश पर 1000 नास्ता पैकेट वितरित

जलजमाव से प्रभावित परिवारों की मदद के लिए झामुमो प्रतिनिधिमंडल ने लगाया सेवा शिविर लगातार बारिश के बीच राहत कार्य

  • जलजमाव से प्रभावित परिवारों की मदद के लिए झामुमो प्रतिनिधिमंडल ने लगाया सेवा शिविर
  • लगातार बारिश के बीच राहत कार्य जारी, जरूरतमंदों तक पहुंच रही सहायता

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : लगातार हो रही बारिश के कारण बागबेड़ा क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। नदी का जलस्तर बढ़ने से कई घरों में पानी घुस गया, जिससे लोगों का जनजीवन प्रभावित हो गया। स्थिति की जानकारी मिलते ही पोटका विधायक संजीव सरदार ने प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए तत्काल राहत अभियान चलाने का निर्देश दिया। विधायक के निर्देश एवं सौजन्य से झामुमो प्रतिनिधिमंडल ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर सेवा शिविर लगाया और जरूरतमंद लोगों के बीच राहत सामग्री का वितरण शुरू किया। राहत अभियान के तहत प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया, ताकि संकट की इस घड़ी में लोगों को राहत मिल सके।

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प्रतिनिधिमंडल ने प्रभावित परिवारों से मिलकर हरसंभव सहयोग का दिया भरोसा

राहत अभियान के दौरान झामुमो प्रतिनिधिमंडल ने बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच 1000 पैकेट ब्रेड और केले का वितरण किया। साथ ही प्रतिनिधियों ने घर-घर जाकर लोगों की समस्याओं की जानकारी ली और उन्हें हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने कहा कि विधायक संजीव सरदार के निर्देश पर स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर आगे भी राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में संगठन प्रभावित लोगों के साथ मजबूती से खड़ा है। मौके पर तरुण सरदार, पूर्व जिला परिषद सदस्य किशोर यादव, पूर्व प्रखंड अध्यक्ष बहादुर किस्कु, प्रखंड सचिव जगत मार्डी, मनोज नाहा, पिंटू प्रसाद, मायावती टुडू, नीता सरकार, द्रौपती मुंडा, सुनील गुप्ता, संजय महतो सहित बड़ी संख्या में झामुमो कार्यकर्ता उपस्थित रहे और राहत कार्य में सक्रिय भूमिका निभाई।

Jamshedpur : मानगो नगर निगम की बोर्ड बैठक पर उठे सवाल, उप महापौर ने डीसी को सौंपा ज्ञापन

चार माह बाद हुई बैठक की प्रक्रिया, टेंडर प्रस्तावों और पारदर्शिता को लेकर मांगी गई विधिक समीक्षा पारदर्शी और नियमित

  • चार माह बाद हुई बैठक की प्रक्रिया, टेंडर प्रस्तावों और पारदर्शिता को लेकर मांगी गई विधिक समीक्षा
  • पारदर्शी और नियमित बोर्ड बैठक से मजबूत होगी स्थानीय स्वशासन व्यवस्था

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : मानगो नगर निगम की 18 अगस्त 2026 को आयोजित बोर्ड बैठक को लेकर नया विवाद सामने आया है। निगम के उप महापौर ने बुधवार को उपायुक्त कार्यालय पहुंचकर एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा और बैठक की प्रक्रिया, पार्षदों की सहभागिता तथा विभिन्न प्रशासनिक पहलुओं पर गंभीर सवाल उठाए। ज्ञापन में कहा गया है कि नगर निगम की बोर्ड बैठक स्थानीय स्वशासन व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण इकाई होती है, जहां जनहित से जुड़े विषयों पर चर्चा और निर्णय लिए जाते हैं। ऐसे में बैठक की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, नियमसम्मत और सहभागी होनी चाहिए। उप महापौर ने उपायुक्त से पूरे मामले की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की मांग करते हुए कहा कि निगम की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और निर्वाचित प्रतिनिधियों के अधिकारों का संरक्षण सुनिश्चित किया जाना जरूरी है।

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चार माह के अंतराल के बाद बैठक होने पर जताई आपत्ति

ज्ञापन में झारखंड नगरपालिका अधिनियम, 2011 की धारा 74(1) का हवाला देते हुए कहा गया है कि नगर निगम के सुचारू संचालन के लिए नियमित रूप से बोर्ड बैठक आयोजित किया जाना आवश्यक है। उप महापौर के अनुसार 18 अगस्त को आयोजित बोर्ड बैठक लगभग चार माह के लंबे अंतराल के बाद हुई, जो स्थानीय निकाय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर प्रश्न खड़े करती है। उन्होंने कहा कि नियमित बैठक नहीं होने से वार्डों की समस्याओं, विकास योजनाओं और जनहित के मुद्दों पर समय पर निर्णय नहीं हो पाता। ज्ञापन में उपायुक्त से आग्रह किया गया है कि संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक माह बोर्ड बैठक आयोजित करने के लिए निर्देशित किया जाए, ताकि जनप्रतिनिधियों को अपने क्षेत्र की समस्याओं को उठाने और समाधान के लिए आवश्यक निर्णय लेने का अवसर मिल सके।

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पिछली कार्यवाही की संपुष्टि और टेंडर प्रक्रिया पर उठाए सवाल

उप महापौर ने बोर्ड बैठक में पिछली बैठकों की कार्यवाही के अनुमोदन और संपुष्टि को लेकर भी आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने कहा कि किसी भी बैठक की पूर्व कार्यवाही का विधिवत अनुमोदन होने के बाद ही उससे जुड़े प्रस्तावों और निर्णयों को आगे बढ़ाया जाना चाहिए। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि पूर्व बैठकों की कार्यवाही की संपुष्टि किए बिना टेंडर संबंधी प्रस्तावों और प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाया गया, जो प्रक्रियात्मक दृष्टि से उचित नहीं माना जा सकता। उन्होंने उपायुक्त से 18 अगस्त की बैठक में लिए गए निर्णयों, प्रस्तावों और विशेष रूप से टेंडर संबंधी मामलों की विधिक एवं प्रशासनिक समीक्षा कराने की मांग की है, ताकि यदि कहीं नियमों का उल्लंघन हुआ हो तो उसे समय रहते दुरुस्त किया जा सके।

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पार्षदों की सहभागिता और जनहित प्रस्तावों को प्राथमिकता देने की मांग

ज्ञापन में कहा गया है कि नगर निगम के निर्वाचित पार्षद अपने-अपने वार्ड की जनता का प्रतिनिधित्व करते हैं और उनकी समस्याओं को बोर्ड के समक्ष रखने का अधिकार रखते हैं। उप महापौर ने मांग की कि पेयजल, सड़क, नाली, स्वच्छता, सीवेज, स्ट्रीट लाइट और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े जनहित प्रस्तावों को बोर्ड बैठक के एजेंडा में उचित स्थान दिया जाए। उन्होंने कहा कि सभी पार्षदों को अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए, जिससे वार्ड स्तर की समस्याओं पर सार्थक चर्चा हो सके। इसके साथ ही उन्होंने बोर्ड बैठकों में पारदर्शी और सहभागी व्यवस्था सुनिश्चित करने पर बल देते हुए कहा कि इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी तथा जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप निर्णय लिए जा सकेंगे।

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उपस्थिति पंजी, रिकॉर्डिंग और विधिक समीक्षा की मांग

बैठक की पारदर्शिता बढ़ाने के लिए उप महापौर ने कई सुझाव भी दिए हैं। उन्होंने कहा कि बोर्ड बैठक में उपस्थित सभी निर्वाचित प्रतिनिधियों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए विधिवत उपस्थिति पंजी का संधारण किया जाना चाहिए। साथ ही बैठक की वीडियो अथवा ऑडियो रिकॉर्डिंग की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में किसी विवाद की स्थिति में कार्यवाही का प्रमाणिक रिकॉर्ड उपलब्ध रहे। उन्होंने उपायुक्त से मांग की कि 18 अगस्त की बोर्ड बैठक की पूरी कार्यवाही, लिए गए निर्णयों और टेंडर प्रस्तावों की विस्तृत विधिक एवं प्रशासनिक समीक्षा कराई जाए। साथ ही भविष्य में नियमित बोर्ड बैठक, सभी पार्षदों की सहभागिता, पारदर्शी प्रक्रिया और नियमसम्मत कार्यप्रणाली सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। उप महापौर ने कहा कि नगर निगम की कार्यप्रणाली लोकतांत्रिक, जवाबदेह और पारदर्शी होगी तभी आम जनता के हितों से जुड़े फैसले प्रभावी रूप से लागू किए जा सकेंगे।

Gua : किरीबुरू-बड़ाजामदा मुख्य मार्ग पर सड़क पर पड़ा पेड़ बना दुर्घटना का कारण, वाहन चालकों में चिंता

ओम शांति स्थल मंदिर के आगे मार्ग आंशिक रूप से बाधित, सावधानी से गुजर रहे वाहन समय रहते समाधान नहीं

  • ओम शांति स्थल मंदिर के आगे मार्ग आंशिक रूप से बाधित, सावधानी से गुजर रहे वाहन
  • समय रहते समाधान नहीं हुआ तो हो सकती है बड़ी दुर्घटना

जेबी लाइव, रिपोर्टर

गुवा : किरीबुरू-बड़ाजामदा मुख्य मार्ग पर ओम शांति स्थल मंदिर से लगभग एक किलोमीटर आगे सड़क पर पड़ा पेड़ वाहन चालकों के लिए खतरा बन गया है। जानकारी के अनुसार पेड़ को बीच से काटकर सड़क से हटाने का प्रयास किया गया, लेकिन उसका आधा हिस्सा अब भी सड़क के एक हिस्से पर पड़ा हुआ है। इससे मार्ग आंशिक रूप से बाधित हो गया है और वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। सड़क संकरी होने के कारण बड़े वाहनों सहित अन्य वाहन चालकों को काफी सतर्कता के साथ गुजरना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पेड़ का शेष हिस्सा सड़क पर रहने से किसी भी समय दुर्घटना हो सकती है, विशेषकर तब जब वाहन तेज गति से गुजर रहे हों।

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घने कोहरे में बढ़ रहा खतरा, लोगों ने की तत्काल कार्रवाई की मांग

वर्षा ऋतु में किरीबुरू-बड़ाजामदा मार्ग पर दिन और रात दोनों समय घना कोहरा छाया रहता है, जिससे दृश्यता काफी कम हो जाती है। खासकर रात के समय वाहन चालकों को सामने की सड़क स्पष्ट दिखाई नहीं देती। ऐसे में सड़क पर पड़ा पेड़ दुर्घटना की आशंका को और बढ़ा रहा है। स्थानीय लोगों और नियमित रूप से इस मार्ग का उपयोग करने वाले वाहन चालकों ने बताया कि यदि कोहरे के बीच कोई चालक समय रहते पेड़ को नहीं देख पाया तो वाहन सीधे उससे टकरा सकता है, जिससे गंभीर हादसा हो सकता है। लोगों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से मांग की है कि सड़क पर पड़े पेड़ के शेष हिस्से को अविलंब हटाया जाए, ताकि मार्ग पूरी तरह सुरक्षित हो सके और किसी अप्रिय घटना की आशंका समाप्त हो।

Jamshedpur : पूर्वी सिंहभूम जिला अग्रवाल सम्मेलन की कार्यसमिति का विस्तार, नए पदाधिकारियों को मिली जिम्मेदारी

बिमल बाकरेवाल बने जिला महासचिव, सीए राजेश अग्रवाल को सौंपी गई कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सदस्यता विस्तार अभियान से संगठन को

  • बिमल बाकरेवाल बने जिला महासचिव, सीए राजेश अग्रवाल को सौंपी गई कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी
  • सदस्यता विस्तार अभियान से संगठन को मिलेगा नया आधार

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिला अग्रवाल सम्मेलन ने संगठन को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए जिला कार्यसमिति का विस्तार किया है। जिला अध्यक्ष मंटू अग्रवाल ने बिमल बाकरेवाल को जिला महासचिव तथा सीए राजेश अग्रवाल को जिला कोषाध्यक्ष मनोनीत किया है। इसके साथ ही संगठन के विस्तार और सदस्यता अभियान को गति देने के उद्देश्य से नवनीत चौधरी को जिला संगठन मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है। नवनीत चौधरी जिले के विभिन्न क्षेत्रों में अग्रबंधुओं को सम्मेलन से जोड़ने तथा सदस्यता अभियान को व्यापक रूप देने का कार्य करेंगे। जिला अध्यक्ष ने विश्वास जताया कि नए पदाधिकारी संगठन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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युवा इकाई के गठन की तैयारी, संरक्षक सदस्यता अभियान पर विशेष जोर

जिला अध्यक्ष मंटू अग्रवाल ने बताया कि कार्यसमिति के अन्य रिक्त पदों पर भी जल्द नियुक्तियां की जाएंगी, ताकि संगठन को और अधिक सक्रिय एवं प्रभावी बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि पूर्वी सिंहभूम जिला अग्रवाल सम्मेलन की युवा इकाई का भी शीघ्र गठन किया जाएगा, जिससे समाज की युवा पीढ़ी को संगठन की गतिविधियों से जोड़कर नेतृत्व के अवसर प्रदान किए जा सकें। वहीं प्रदेश के वरिष्ठ उपाध्यक्ष कमल किशोर अग्रवाल ने जानकारी दी कि वर्तमान में संरक्षक सदस्यता विस्तार अभियान को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। इसके तहत समाज के अधिक से अधिक लोगों को संरक्षक सदस्य के रूप में जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि संगठन की सामाजिक और जनसेवी गतिविधियों को और मजबूती मिल सके।

Jamshedpur : सोना देवी विश्वविद्यालय के फ्रेशर्स वीक का शुभारंभ, मोटिवेशनल स्पीकर चंद्रेश्वर खां ने विद्यार्थियों को किया प्रेरित

एक सप्ताह तक चलने वाले कार्यक्रम में नए विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की गतिविधियों और शैक्षणिक संस्कृति से कराया जाएगा परिचित

  • एक सप्ताह तक चलने वाले कार्यक्रम में नए विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की गतिविधियों और शैक्षणिक संस्कृति से कराया जाएगा परिचित
  • अनुशासन और नियमित अध्ययन पर दिया गया जोर

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : सोना देवी विश्वविद्यालय में फ्रेशर्स वीक आगाज का भव्य शुभारंभ किया गया। एक सप्ताह तक चलने वाले इस विशेष कार्यक्रम का उद्देश्य नवनामांकित विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के वातावरण, शैक्षणिक गतिविधियों और विभिन्न व्यवस्थाओं से परिचित कराना है। कार्यक्रम के पहले दिन विद्यार्थियों ने एक-दूसरे से परिचय साझा किया और आपसी समझ विकसित करने का प्रयास किया। साथ ही विश्वविद्यालय के विभिन्न फैकल्टी सदस्यों से भी उनका परिचय कराया गया। विवेकानंद ऑडिटोरियम में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नए विद्यार्थी, शिक्षक और विश्वविद्यालय के पदाधिकारी उपस्थित रहे। आयोजन के दौरान विद्यार्थियों में उत्साह और जिज्ञासा का माहौल देखने को मिला।

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नए विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय संस्कृति से कराया गया परिचित

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रख्यात मोटिवेशनल स्पीकर चंद्रेश्वर खाॅ ने विद्यार्थियों को जीवन में निरंतर सीखते रहने और आत्मविकास की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि बीते कल की गलतियों को दोहराने के बजाय उनसे सीख लेकर निरंतर सुधार की दिशा में कार्य करना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को विवेकपूर्ण ढंग से मोबाइल फोन का उपयोग करने की सलाह दी और कहा कि सफलता के लिए आंतरिक प्रेरणा सबसे महत्वपूर्ण तत्व है। उन्होंने छात्रों से शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म लक्ष्य निर्धारित करने तथा उन्हें प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इच्छाशक्ति, आत्मविश्वास और ज्ञान का समन्वय व्यक्ति को सफलता के शिखर तक पहुंचा सकता है।

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आत्मविश्वास और इच्छाशक्ति से मिलती है सफलता

कार्यक्रम में शिक्षाविद् एवं इग्नू के पूर्व क्षेत्रीय निदेशक डॉ. सरोज मिश्र ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरणा, स्मरण शक्ति, समझ और चिंतन क्षमता का होना आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रभावी अध्ययन पद्धति अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि पढ़ाई इस प्रकार करें कि सीखी हुई बातों को दूसरों को भी समझा सकें। डॉ. मिश्र ने कहा कि विश्वविद्यालयी शिक्षा केवल परीक्षा पास करने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व विकास और ज्ञान विस्तार का सशक्त साधन है। उनके विचारों ने विद्यार्थियों को अध्ययन के प्रति गंभीर और जागरूक बनने के लिए प्रेरित किया।

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प्रभावी अध्ययन पद्धति अपनाने की दी सलाह

विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रभाकर सिंह ने विद्यार्थियों को जीवन में सफलता के मूल मंत्र बताए। उन्होंने कहा कि प्रसन्नता, ईमानदारी, कठिन परिश्रम और विनम्रता सफलता की आधारशिला हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने माता-पिता, गुरुओं और संस्थान का सम्मान करने की अपील की। श्री सिंह ने कहा कि युवा पीढ़ी के कंधों पर समाज और राष्ट्र निर्माण की बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने तथा संकल्प सिद्धि के लिए गर्व और आत्मविश्वास की भावना विकसित करने की सलाह दी। उनके प्रेरक विचारों ने विद्यार्थियों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया।

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कुलाधिपति ने बताए सफलता के मूल मंत्र

कार्यक्रम के अंत में विश्वविद्यालय की कुलसचिव डॉ. नित नयना ने विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के नियमों और अनुशासन के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि कक्षा में शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करना प्रत्येक विद्यार्थी की जिम्मेदारी है। अनुशासन और नियमित अध्ययन ही बेहतर शैक्षणिक उपलब्धियों का आधार बनते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से विश्वविद्यालय की गरिमा बनाए रखने और सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया। फ्रेशर्स वीक के पहले दिन का कार्यक्रम प्रेरणादायक और ज्ञानवर्धक रहा, जिसने विद्यार्थियों को अपने भविष्य के प्रति नई ऊर्जा और दिशा प्रदान की।

Jamshedpur : गरज-चमक और बारिश के बीच सूर्य मंदिर छठ घाट पर हुई भव्य महाआरती, आस्था का दिखा अद्भुत नजारा

बनारस के प्रख्यात गंगा घाट की तर्ज पर आयोजित महाआरती में हजारों श्रद्धालु हुए शामिल, जयकारों से गूंजा पूरा परिसर

  • बनारस के प्रख्यात गंगा घाट की तर्ज पर आयोजित महाआरती में हजारों श्रद्धालु हुए शामिल, जयकारों से गूंजा पूरा परिसर
  • सफल आयोजन पर समिति ने जताया श्रद्धालुओं का आभार

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : सिदगोड़ा सूर्य मंदिर समिति की ओर से श्रावण माह के उपलक्ष्य में सोमवार संध्या सूर्य मंदिर छठ घाट पर बनारस के प्रख्यात गंगा घाट की तर्ज पर भव्य महाआरती का आयोजन किया गया। गरज-चमक और झमाझम बारिश के बीच आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ और हजारों की संख्या में लोग महाआरती में शामिल हुए। छठ घाट के अविरल जल प्रवाह और आध्यात्मिक वातावरण के बीच श्रद्धालु पूरे भक्तिभाव के साथ आरती में तल्लीन नजर आए। महाशिवालय परिसर में गूंजते भक्ति गीतों और मंत्रोच्चार ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

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बारिश भी नहीं डिगा सकी श्रद्धालुओं की आस्था

महाआरती में पूर्व मुख्यमंत्री एवं सूर्य मंदिर समिति के मुख्य संरक्षक रघुवर दास तथा समिति के संरक्षक चंद्रगुप्त सिंह मुख्य रूप से उपस्थित रहे। बनारस से आए विद्वान पंडितों और जमशेदपुर के 15 सदस्यीय पंडित दल ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ आरती संपन्न कराई। जैसे ही बनारस शैली में आरती प्रारंभ हुई, श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। घंट, घड़ियाल, शंख और डमरू की गूंज से पूरा परिसर गुंजायमान हो गया। श्रद्धालुओं ने हाथ जोड़कर भगवान शिव का आशीर्वाद लिया और आरती के दिव्य स्वरूप का आनंद उठाया। एक घंटे तक चले इस आयोजन में हर-हर महादेव और भोलेनाथ के जयकारों से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा।

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वैदिक मंत्रोच्चार और शंखध्वनि से गुंजायमान हुआ परिसर

महाशिवालय के मध्य स्थित छठ घाट पर पूरे विधि-विधान के साथ आरती की गई। आरती के दौरान आतिशबाजी भी की गई, जिसने कार्यक्रम की भव्यता को और बढ़ा दिया। श्रद्धालुओं का कहना था कि उन्हें ऐसा अनुभव हुआ मानो काशी के गंगा घाट की आरती का प्रत्यक्ष दर्शन हो रहा हो। कई श्रद्धालुओं ने इसे आध्यात्मिक ऊर्जा और श्रद्धा से भर देने वाला आयोजन बताया। लगातार बारिश के बावजूद लोग कार्यक्रम स्थल पर डटे रहे और पूरे समय भक्ति में लीन रहे।

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काशी की तर्ज पर हुई आरती ने मोहा मन

गंगा आरती आयोजन के प्रभारी एवं सूर्य मंदिर समिति के महासचिव अखिलेश चौधरी ने कहा कि सूर्य मंदिर समिति के तत्वावधान में आयोजित यह महाआरती पूरी श्रद्धा और भव्यता के साथ संपन्न हुई। उन्होंने कहा कि बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया। उन्होंने इसे भगवान भोलेनाथ, मां गंगा और इंद्रदेव के आशीर्वाद का प्रतीक बताया तथा कार्यक्रम में शामिल सभी श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर समिति के पदाधिकारी, वरिष्ठ सदस्य और हजारों श्रद्धालु मौजूद रहे।

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