सुरक्षा, सामाजिक सुविधाओं और श्रमिक अधिकारों को सुनिश्चित करने की मांग
जिला श्रम आयुक्त के माध्यम से भेजा ज्ञापन
सफाई कर्मियों को सम्मानजनक जीवन और अधिकार दिलाने की पहल
जेबी लाइव, रिपोर्टर
जमशेदपुर : जमशेदपुर में राज्यभर के सफाई एवं स्वच्छता कर्मियों की समस्याओं और अधिकारों को लेकर यूथ इंटक ने जोरदार पहल की है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष सत्यम सिंह के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला श्रम आयुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम मांगपत्र सौंपा। ज्ञापन में सफाई कर्मियों के लिए बेहतर कार्य परिस्थितियां, सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करने की मांग की गई है। संगठन का कहना है कि सफाई कर्मी प्रतिदिन कठिन और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में कार्य कर शहरों एवं गांवों को स्वच्छ बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें कई बुनियादी सुविधाओं और अधिकारों से वंचित रहना पड़ता है। यूथ इंटक ने सरकार से इन कर्मियों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार करने की अपील की है।
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वेतन, अवकाश और सामाजिक सुरक्षा सुविधाओं की उठाई मांग
मांगपत्र में साप्ताहिक अवकाश के दौरान वेतन कटौती पर रोक लगाने, मेडिकल अलाउंस उपलब्ध कराने तथा राष्ट्रीय अवकाश, आकस्मिक अवकाश और बीमारी अवकाश की सुविधा देने की मांग की गई है। इसके अलावा सभी सफाई कर्मियों को जीवन बीमा, भविष्य निधि (पीएफ), ईएसआई, ग्रेच्युटी और फाइनल सेटलमेंट जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है। संगठन ने कहा कि सफाई कर्मियों के लिए सामाजिक सुरक्षा केवल सुविधा नहीं बल्कि उनका अधिकार है। यूथ इंटक का मानना है कि इन सुविधाओं के अभाव में श्रमिकों और उनके परिवारों को आर्थिक और सामाजिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, जिसे दूर करने के लिए सरकार को प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
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कार्यस्थल पर सुरक्षा और स्थायी नियुक्ति की मांग
यूथ इंटक ने सफाई कर्मियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की मांग करते हुए प्रत्येक माह मास्क, दस्ताने, सुरक्षा जूते और अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने का आग्रह किया है। इसके साथ ही न्यूनतम वेतन का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने, कार्यस्थल पर दुर्घटना होने की स्थिति में उचित मुआवजा और इलाज की व्यवस्था करने, ठेका प्रथा में पारदर्शिता लाने तथा श्रमिकों के शोषण पर रोक लगाने की मांग भी उठाई गई। संगठन ने सफाई कर्मियों की नियमित नियुक्ति, स्थायीकरण और कार्य के निर्धारित घंटे तय करने की दिशा में ठोस कदम उठाने की अपील की। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि ये मांगें केवल श्रमिकों के अधिकारों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनकी गरिमा, सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन से भी जुड़ी हुई हैं।























