जंगलमहल स्वराज मोर्चा ने लोधा-शबर समेत कमजोर जनजातीय समुदायों के लिए आधार सेवाएं गांव तक पहुंचाने की उठाई मांग
सरकारी योजनाओं से वंचित न हों जरूरतमंद परिवार
जेबी लाइव, रिपोर्टर
झाड़ग्राम : जिले के दूरदराज और आदिवासी बहुल क्षेत्रों में आधार कार्ड से जुड़ी समस्याओं का समाधान करने के लिए विशेष पहल की मांग तेज हो गई है। जंगलमहल स्वराज मोर्चा (जेएसएम) ने केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय से विशेष पिछड़ी जनजाति समूह (पीवीटीजी) और अन्य कमजोर आदिवासी समुदायों के लिए विशेष आधार नामांकन एवं अपडेट शिविर आयोजित करने की मांग की है। इस संबंध में संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष अशोक महतो ने केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री को ईमेल के माध्यम से एक विस्तृत आवेदन भेजा है। आवेदन में झाड़ग्राम के दुर्गम गांवों में रहने वाले लोगों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया है।
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आदिवासी क्षेत्रों में आधार सेवाएं पहुंचाने की उठी मांग
आवेदन में कहा गया है कि वर्तमान समय में आधार कार्ड सरकारी योजनाओं, राशन, वित्तीय सहायता, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, पेंशन और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लिए पहचान का महत्वपूर्ण दस्तावेज बन चुका है। इसके बावजूद झाड़ग्राम जिले के कई दूरस्थ आदिवासी गांवों में अब भी अनेक लोग आधार नामांकन से वंचित हैं। वहीं बड़ी संख्या में लोगों को आधार कार्ड में नाम, उम्र, पता सुधार, बायोमेट्रिक अपडेट और अन्य जानकारियों में संशोधन कराने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इससे कई जरूरतमंद परिवार सरकारी सुविधाओं तक समय पर नहीं पहुंच पा रहे हैं।
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आधार की अनिवार्यता से बढ़ी ग्रामीणों की परेशानी
जंगलमहल स्वराज मोर्चा ने विशेष रूप से लोधा-शबर समुदाय की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है। संगठन के अनुसार झाड़ग्राम नगरपालिका के वार्ड संख्या पांच स्थित चांदाबिला और भालुकखुलिया लोधा-शबर गांवों में काफी संख्या में लोग आधार संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं। मोर्चा का कहना है कि जिले के अन्य आदिवासी बहुल क्षेत्रों की स्थिति भी लगभग ऐसी ही है। आधार केंद्रों की दूरी के कारण ग्रामीणों को लंबी यात्रा करनी पड़ती है, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ने के साथ उनका कामकाजी दिन भी प्रभावित होता है। विशेष पिछड़ी जनजाति समूह के परिवारों के लिए यह समस्या और अधिक गंभीर है।
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लोधा-शबर समुदाय की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया
संगठन ने मांग की है कि जिले के विशेष पिछड़ी जनजाति समूह और अन्य संवेदनशील अनुसूचित जनजाति गांवों को चिन्हित कर विशेष आधार आउटरीच अभियान चलाया जाए। बच्चों, बुजुर्गों, दिव्यांगों और असहाय लोगों के लिए गांव या उसके निकट अस्थायी शिविर लगाए जाएं ताकि उन्हें आधार सेवाओं के लिए दूर-दराज नहीं जाना पड़े। साथ ही झाड़ग्राम में एक स्थायी आधार सेवा केंद्र स्थापित करने की भी मांग की गई है, जहां नामांकन, सुधार, डेमोग्राफिक अपडेट और बायोमेट्रिक सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हों।
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स्थायी आधार सेवा केंद्र स्थापित करने की मांग
जेएसएम ने यह भी आग्रह किया है कि केवल आधार संबंधी तकनीकी या प्रशासनिक समस्याओं के कारण किसी भी व्यक्ति को खाद्य सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेंशन, आवास, छात्रवृत्ति या अन्य सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न किया जाए। इसके लिए वैकल्पिक पहचान व्यवस्था और प्रभावी शिकायत निवारण तंत्र सुनिश्चित करने की मांग की गई है। संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष अशोक महतो ने कहा कि सबसे पिछड़े और वंचित समुदायों तक सरकारी सेवाएं पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने केंद्र सरकार, यूआईडीएआई और संबंधित विभागों से समन्वय कर झाड़ग्राम में विशेष आधार अभियान और पूर्णकालिक आधार सेवा केंद्र शुरू करने की दिशा में शीघ्र कदम उठाने का आग्रह किया है।


























