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Potka : पोटका में ग्रामीण एसपी ने दुर्गा पूजा पंडालों का किया निरीक्षण

  • सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूजा समितियों को दिए निर्देश
  • सीसीटीवी, अग्निशमन और श्रद्धालुओं के लिए अलग प्रवेश-निकास द्वार बनाने पर जोर
  • सीसीटीवी और स्वयंसेवकों की तैनाती से भीड़ प्रबंधन की तैयारी

जेबी लाइव, रिपोर्टर

पोटका : पूर्वी सिंहभूम जिले के ग्रामीण एसपी शुभम कुमार खंडेलवाल ने रविवार को पोटका एवं कोवाली थाना क्षेत्र के दुर्गा पूजा पंडालों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने हाता स्थित श्री श्री सार्वजनिन दुर्गा पूजा पंडाल और हल्दीपोखर के श्री श्री सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल का जायजा लिया। एसपी ने पूजा समितियों के पदाधिकारियों से मुलाकात कर पूजा के दौरान सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने नवरात्र के पहले दिन सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं भी दीं।

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दुर्गा पूजा में सुरक्षा व्यवस्था पर पुलिस का जोर

ग्रामीण एसपी ने पूजा समितियों को निर्देश दिया कि पंडालों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं और अग्निशमन की पर्याप्त व्यवस्था रखी जाए। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए स्वयंसेवकों की तैनाती करने तथा महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए प्रवेश एवं निकास के अलग-अलग द्वार बनाने पर जोर दिया गया। इसके अलावा भीड़ के दौरान वाहनों की सुगम पार्किंग, हेल्प डेस्क की स्थापना और अन्य जरूरी सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि दुर्गा पूजा शांतिपूर्ण और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हो सके। निरीक्षण के दौरान डीएसपी रोहित कुमार रजवार, कोवाली थाना प्रभारी अमित कुमार चौधरी, पोटका थाना के सब-इंस्पेक्टर कुंदन वर्मा तथा पूजा समिति के अध्यक्ष मनोज राम, सुरजीत कुंडू सहित संजय कुंडू, जयदेव मुखर्जी, शैलेन गुहा, कैलाश पात्र, बाप्पा सरकार, किशानु नंदी, विक्की गुप्ता और सोनू अग्रवाल समेत अन्य लोग उपस्थित थे।

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Jamshedpur : सरयू राय ने मुर्दा मैदान का कचरा मानगो नगर निगम कार्यालय के सामने डंप कराया, बोले- अब निगम हटाए कचरा

सात दिन का अल्टीमेटम बीतने पर विधायक ने खुद कराई सफाई अपर नगर आयुक्त पर डंपिंग स्थल की जानकारी नहीं

  • सात दिन का अल्टीमेटम बीतने पर विधायक ने खुद कराई सफाई
  • अपर नगर आयुक्त पर डंपिंग स्थल की जानकारी नहीं देने का आरोप
  • निगम की कार्यशैली और बोर्ड बैठक नहीं होने पर भी उठाए सवाल

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : मानगो के मुर्दा मैदान में पिछले दो वर्षों से सफाई नहीं होने के मामले में विधायक सरयू राय ने रविवार को खुद मोर्चा संभाल लिया। नगर निगम को सात दिनों का अल्टीमेटम देने के बावजूद सफाई नहीं होने पर उन्होंने तीन ट्रैक्टर, एक हाईवा और जेसीबी की मदद से मैदान से कचरा उठवाया। रविवार शाम करीब चार बजे मुर्दा मैदान से निकाला गया कचरा मानगो नगर निगम कार्यालय के सामने खाली पड़ी जमीन पर डंप कर दिया गया। सरयू राय ने कहा कि उन्होंने नगर निगम के अपर नगर आयुक्त से कचरा डंप करने के लिए निर्धारित स्थल की जानकारी मांगी थी, लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। उनका कहना था कि यदि अधिकारी डंपिंग स्थल बता देते तो कचरा सीधे वहीं पहुंचा दिया जाता। उन्होंने कहा कि मुर्दा मैदान की सफाई नगर निगम की जिम्मेदारी थी, लेकिन कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्हें स्वयं पहल करनी पड़ी। अब नगर निगम को तय करना है कि कार्यालय के सामने पड़े कचरे को कहां ले जाना है। सरयू राय ने इस कार्रवाई के जरिए नगर निगम की सफाई व्यवस्था और कचरा निस्तारण की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।

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दो साल से गंदगी झेल रहे थे स्थानीय लोग, आदिवासी नेताओं की सहमति के बाद भी नहीं हुई सफाई

सरयू राय के अनुसार, मुर्दा मैदान में लंबे समय से कचरा जमा होने के कारण बरसात के बाद दुर्गंध फैलती थी और आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी होती थी। स्थानीय लोगों और कुछ वार्ड पार्षदों ने उनसे मिलकर मैदान की सफाई कराने की मांग की थी। नगर निगम की ओर से जमीन के मालिकाना हक का मुद्दा उठाते हुए कहा गया था कि यह आदिवासियों की जमीन है और वे सफाई का विरोध करते हैं। इसके बाद सरयू राय ने एक अक्टूबर को आदिवासी नेताओं से बातचीत की। नेताओं ने आशंका जताई कि सफाई के बाद मैदान पर अतिक्रमण हो सकता है। इस पर विधायक ने बताया कि मैदान की घेराबंदी के लिए करीब डेढ़ साल पहले कल्याण विभाग को प्रस्ताव भेजा जा चुका है और मई में अंचल अधिकारी की रिपोर्ट भी भेजी गई थी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि स्वीकृति मिलने के बाद मैदान की घेराबंदी कराई जाएगी। स्थानीय लोगों ने भी जमीन पर अतिक्रमण नहीं होने देने का आश्वासन दिया। इसके बाद आदिवासी नेता सफाई के लिए तैयार हो गए। सरयू राय ने दावा किया कि उन्होंने इसकी सूचना नगर निगम को देकर सफाई कराने का अनुरोध किया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अंततः अल्टीमेटम की अवधि समाप्त होने के बाद उन्होंने स्वयं सफाई अभियान शुरू कराया।

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डंपिंग स्थल नहीं बताने पर विधायक ने निगम कार्यालय के सामने गिरवाया कचरा

सरयू राय ने बताया कि सफाई अभियान शुरू करने से पहले उन्होंने अपर नगर आयुक्त से मानगो का कचरा निस्तारित करने के लिए निर्धारित स्थल की जानकारी मांगी थी, ताकि मुर्दा मैदान से निकले कचरे को वहां पहुंचाया जा सके। उनके अनुसार, अधिकारी ने डंपिंग स्थल की जानकारी नहीं दी और मैदान की सफाई भी नहीं कराई। विधायक ने दावा किया कि करीब आधा दर्जन वार्ड पार्षदों ने भी व्हाट्सऐप संदेश भेजकर कचरा डंप करने की जगह बताने का अनुरोध किया था, लेकिन उन्हें भी जानकारी नहीं मिली। उन्होंने कहा कि कचरा उठवाने के बाद उसे कहीं न कहीं पहुंचाना जरूरी था। ऐसे में रविवार शाम चार बजे उसे नगर निगम कार्यालय के सामने खाली जमीन पर डंप कर दिया गया। सरयू राय ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य कचरे को अपने घर ले जाना नहीं, बल्कि नगर निगम की निष्क्रियता को सामने लाना था। उन्होंने कहा कि यदि निगम समय पर सफाई कराता और कचरा निस्तारण का स्थान बता देता, तो कार्यालय के सामने कचरा डालने की नौबत नहीं आती। इस घटना ने शहर की सफाई व्यवस्था और कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण को लेकर नगर निगम की जिम्मेदारी पर बहस छेड़ दी है।

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रविवार को निगम कार्यालय बंद रहने पर सरयू राय ने उठाए सवाल

विधायक ने नगर निगम कार्यालय बंद रहने पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि नगर निगम की सेवाएं आपातकालीन प्रकृति की हैं और इन्हें रविवार या सोमवार के आधार पर नहीं चलाया जाना चाहिए। उनके अनुसार, रविवार का हवाला देकर पूरा कार्यालय बंद था, जबकि सफाई और कचरा निस्तारण जैसे मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई की जरूरत थी। सरयू राय ने मेयर और अपर नगर आयुक्त की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन मेयर को कम से कम वार्ड पार्षदों के साथ संवाद कर उनकी समस्याएं सुननी चाहिए। पार्षदों के सहयोग से सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रत्येक वार्ड में सुपरवाइजर नियुक्त होने के बावजूद जमीनी स्तर पर अपेक्षित काम नहीं हो रहा है। सरयू राय ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर असंतोष जताते हुए कहा कि अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों से संवाद करना चाहिए और जनता की समस्याओं का समय पर समाधान करना चाहिए। उनके अनुसार, स्थानीय निकाय का काम केवल व्यवस्था चलाना नहीं, बल्कि नागरिकों को जरूरी सेवाएं उपलब्ध कराना भी है।

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बोर्ड की बैठक नहीं होने पर सवाल, उपायुक्त से कार्रवाई की मांग

सरयू राय ने झारखंड नगरपालिका अधिनियम का हवाला देते हुए नगर निगम बोर्ड की नियमित बैठकों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि महीने में एक बार बोर्ड की बैठक होनी चाहिए, जिसमें पार्षदों के साथ विकास कार्यों और नागरिक सुविधाओं पर चर्चा की जाए। विधायक के अनुसार, पहली बैठक चार महीने बाद बुलाई गई थी और उसके संपन्न होने के करीब दो महीने बीतने के बावजूद अगली बैठक के संबंध में कोई स्पष्ट पहल दिखाई नहीं दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम विधायक और वार्ड पार्षदों का सहयोग नहीं ले रहा है तथा अधिकारी अपनी मर्जी से काम कर रहे हैं। सरयू राय ने बताया कि उन्होंने उपायुक्त से नगर निगम के अधिकारियों के खिलाफ कड़ी रिपोर्ट उच्च स्तर पर भेजने की मांग की है। उनका आरोप है कि अधिकारी जनप्रतिनिधियों से संवाद नहीं करते और पत्रों का जवाब भी नहीं देते। मुर्दा मैदान से कचरा उठाकर निगम कार्यालय के सामने डंप करने की कार्रवाई के माध्यम से विधायक ने सफाई व्यवस्था, प्रशासनिक जवाबदेही और नगर निगम के कामकाज पर सवाल खड़े किए हैं। अब इस मामले में नगर निगम की ओर से कचरे के निस्तारण और सफाई व्यवस्था को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर स्थानीय लोगों की नजर रहेगी।

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बेलियाबेड़ा थाना पुलिस ने 500 मीटर के दायरे में दुकानों की जांच की गुटखा, बीड़ी और सिगरेट की बिक्री नहीं

  • बेलियाबेड़ा थाना पुलिस ने 500 मीटर के दायरे में दुकानों की जांच की
  • गुटखा, बीड़ी और सिगरेट की बिक्री नहीं करने की दी हिदायत

जेबी लाइव, रिपोर्टर

झाड़ग्राम : स्कूली विद्यार्थियों को नशे की लत से दूर रखने और शैक्षणिक संस्थानों के आसपास स्वस्थ वातावरण बनाए रखने के उद्देश्य से बेलियाबेड़ा थाना पुलिस ने तंबाकू उत्पादों की बिक्री के खिलाफ जांच अभियान चलाया। गोपीबल्लभपुर-2 प्रखंड के तपसिया हाई स्कूल, रंटुआ हाई स्कूल और बलदी निगमआनंद हाई स्कूल के आसपास स्थित दुकानों की जांच की गई। इस दौरान पुलिस ने स्कूलों के 500 मीटर के दायरे में गुटखा, बीड़ी, सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों की बिक्री की स्थिति का जायजा लिया। अभियान का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को तंबाकू सेवन के दुष्प्रभावों से बचाना और स्कूलों के आसपास नशामुक्त वातावरण सुनिश्चित करना है।

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दुकानदारों को नियमों की जानकारी देकर किया गया जागरूक

बेलियाबेड़ा थाना प्रभारी नीलू मंडल के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान के दौरान पुलिस ने दुकानदारों को संबंधित नियमों की जानकारी दी और स्कूलों के आसपास तंबाकू उत्पादों की बिक्री नहीं करने की हिदायत दी। इसके साथ ही आम लोगों को तंबाकू सेवन से होने वाले स्वास्थ्य संबंधी नुकसान के प्रति जागरूक किया गया। पुलिस की इस पहल का स्थानीय लोगों ने स्वागत किया है। उनका कहना है कि विद्यार्थियों को नशे से दूर रखने के लिए ऐसे जांच अभियान नियमित रूप से चलाए जाने चाहिए। साथ ही, स्कूलों के आसपास दुकानों की लगातार निगरानी और जागरूकता कार्यक्रमों से बच्चों के लिए सुरक्षित एवं स्वस्थ वातावरण तैयार करने में मदद मिल सकती है।

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SIR प्रक्रिया में मतदाता सूची से नाम हटाने और चुनावों में कथित धांधली के विरोध में प्रदर्शन लाल बिल्डिंग चौक

  • SIR प्रक्रिया में मतदाता सूची से नाम हटाने और चुनावों में कथित धांधली के विरोध में प्रदर्शन
  • लाल बिल्डिंग चौक पर ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन

जेबी लाइव, रिपोर्टर

गम्हरिया : सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया प्रखंड में कांग्रेस एवं इंडिया गठबंधन के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग के खिलाफ विशाल पैदल मार्च निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। रैली की शुरुआत राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुई। जिला कांग्रेस कमेटी और गम्हरिया प्रखंड कांग्रेस कमेटी के संयुक्त नेतृत्व में निकला यह मार्च गम्हरिया ब्लॉक कार्यालय परिसर से शुरू होकर लाल बिल्डिंग चौक पहुंचा। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, पिछले चुनावों में कथित धांधली और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मुद्दे पर नारेबाजी की। लाल बिल्डिंग चौक पर मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला दहन कर विरोध जताया गया।

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SIR प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही की उठी मांग

प्रदर्शन के दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष राज बागची ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चुनावों में कथित धांधली और मतदाता सूची से लोगों के नाम हटाए जाने की शिकायतें लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक हैं। उन्होंने मांग की कि SIR प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए, ताकि कोई भी पात्र नागरिक अपने मताधिकार से वंचित न हो। राज बागची ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर इंडिया गठबंधन के प्रदर्शन की अनुमति और बैरिकेडिंग को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने मौजूदा परिस्थितियों की तुलना आपातकाल जैसे हालात से करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग दोहराई। ये आरोप और मांगें कांग्रेस एवं गठबंधन के नेताओं की ओर से प्रदर्शन के दौरान रखी गईं।

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लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा के लिए एकजुट हुए गठबंधन के कार्यकर्ता

पैदल मार्च में जिला कांग्रेस, प्रदेश कांग्रेस, महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ, सेवादल और विभिन्न प्रखंडों तथा नगर इकाइयों के पदाधिकारी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची की निष्पक्षता और प्रत्येक पात्र नागरिक के मतदान अधिकार की सुरक्षा पर जोर दिया। नेताओं ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए पारदर्शिता और निष्पक्षता जरूरी है। रैली के दौरान कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर आवाज बुलंद की।

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जिला और प्रखंड स्तर के कई नेता पैदल मार्च में हुए शामिल

कार्यक्रम में जिला प्रभारी बेलस तिर्की, जिला कार्यकारी अध्यक्ष तरुण दे, गम्हरिया प्रखंड अध्यक्ष अनिल ठाकुर, महिला जिला अध्यक्ष संगीता प्रधान, इंटक महिला जिला अध्यक्ष रानी शर्मा, आदित्यपुर नगर अध्यक्ष संतोष सिंह, झारखंड प्रदेश प्रवक्ता देबू चटर्जी, इंटक कोल्हान प्रभारी राणा सिंह, जिला मीडिया चेयरमैन सुमंत शर्मा, गम्हरिया मंडल अध्यक्ष करन मार्डी और संजीव कुमार दास समेत इंडिया गठबंधन के बड़ी संख्या में नेता एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। प्रदर्शन के माध्यम से गठबंधन ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर अपनी आपत्तियां दर्ज कराते हुए लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा की मांग उठाई।

Chandil : चांडिल डकैती कांड: पीड़ित परिवार से मिलीं विधायक सविता महतो, एसपी से की अपराधियों की गिरफ्तारी की मांग

नकाबपोश बदमाशों ने हथियार के बल पर 50 लाख से अधिक के आभूषण और पांच लाख रुपये नकद लूटे बच्चों

  • नकाबपोश बदमाशों ने हथियार के बल पर 50 लाख से अधिक के आभूषण और पांच लाख रुपये नकद लूटे
  • बच्चों की गुल्लक और पायल तक ले गए अपराधी

जेबी लाइव, रिपोर्टर

चांडिल : सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल मुख्य बाजार में व्यवसायी के घर हुई लाखों रुपये की डकैती के बाद रविवार को ईचागढ़ की विधायक सविता महतो पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचीं। उन्होंने परिजनों से घटना की जानकारी ली और उन्हें ढांढ़स बंधाते हुए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया। पीड़ित परिवार के अनुसार, शुक्रवार देर रात करीब 12:30 बजे से शनिवार तड़के 2:30 बजे के बीच सात-आठ नकाबपोश बदमाश घर में घुस आए। अपराधियों ने परिवार के सदस्यों की कनपटी पर देसी कट्टा सटाकर उन्हें बंधक बना लिया। इसके बाद 50 लाख रुपये से अधिक के सोने-चांदी के आभूषण और पांच लाख रुपये से अधिक नकद लूट लिए। बदमाश बच्चों की गुल्लक में जमा रुपये और बच्ची के पैरों से पायल तक खोलकर ले गए। घटना की आपबीती सुनाते हुए परिवार के सदस्य भावुक हो उठे।

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विधायक ने एसपी से की जल्द गिरफ्तारी की मांग, पुलिस गश्त बढ़ाने का सुझाव

घटना की गंभीरता को देखते हुए विधायक सविता महतो ने जिला पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गियारी से फोन पर बात कर अपराधियों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों की पहचान कर जल्द कार्रवाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया। विधायक ने चांडिल थाना प्रभारी संतन तिवारी को पीड़ित परिवार के घर के आसपास पुलिस गश्त और निगरानी बढ़ाने का सुझाव भी दिया, ताकि परिवार खुद को सुरक्षित महसूस कर सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए। इस दौरान काबलू महतो, राहुल वर्मा, कृष्ण चौधरी समेत अन्य लोग मौजूद थे। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बनी हुई है।

Baharagoda : सालदोहा गांव की मुख्य सड़क पर जलजमाव और कीचड़, नाली नहीं होने से ग्रामीण परेशान

कई सालों से सड़क पर बह रहा घरों का गंदा पानी, फिसलकर चोटिल हो रहे राहगीर जनप्रतिनिधियों की उदासीनता से

  • कई सालों से सड़क पर बह रहा घरों का गंदा पानी, फिसलकर चोटिल हो रहे राहगीर
  • जनप्रतिनिधियों की उदासीनता से ग्रामीणों में आक्रोश

जेबी लाइव, रिपोर्टर

बहरागोड़ा : पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा प्रखंड अंतर्गत सालदोहा गांव की मुख्य सड़क जलजमाव और कीचड़ के कारण बदहाल हो गई है। गांव में नाली का निर्माण नहीं होने से घरों का गंदा पानी पिछले कई वर्षों से सड़क पर बह रहा है। इससे सड़क पर कीचड़ जमा हो गया है और राहगीरों के साथ बाइक चालकों को भी आवागमन में परेशानी हो रही है। फिसलन के कारण लोगों के गिरकर चोटिल होने की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है, लेकिन समस्या के समाधान के लिए अब तक ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

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नाली निर्माण नहीं होने से बढ़ा बीमारी और हादसों का खतरा

स्थानीय ग्राम प्रधान बीरेंद्र भोल, राजेश बीड, देवेश बेज, अमित दास, संजय पातर, शुभम भोल और अनुराग दास समेत अन्य ग्रामीणों ने बताया कि सड़क निर्माण के दौरान संवेदक की ओर से नाली नहीं बनाई गई, जिसके कारण यह समस्या गंभीर हो गई है। सड़क पर गंदा पानी जमा रहने से संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा भी बना हुआ है। ग्रामीणों ने संबंधित जनप्रतिनिधियों की उदासीनता पर नाराजगी जताते हुए नाली निर्माण और जलनिकासी की समुचित व्यवस्था करने की मांग की है। उनका कहना है कि जल्द समाधान नहीं हुआ तो लोगों की परेशानी और बढ़ सकती है।

Baharagoda : बहरागोड़ा के लधनासोल जंगल में जंगली हाथी का डेरा, वन विभाग ने ग्रामीणों को किया सतर्क

चिंगड़ा पंचायत के आसपास के गांवों में सावधानी बरतने की अपील रात में बाहर निकलने और हाथी को देखने के

  • चिंगड़ा पंचायत के आसपास के गांवों में सावधानी बरतने की अपील
  • रात में बाहर निकलने और हाथी को देखने के लिए भीड़ लगाने से बचने की सलाह

जेबी लाइव, रिपोर्टर

बहरागोड़ा : पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा प्रखंड अंतर्गत चिंगड़ा पंचायत के लधनासोल जंगल में एक जंगली हाथी के डेरा डालने से आसपास के ग्रामीण इलाकों में सतर्कता बढ़ गई है। हाथी की मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग ने ग्रामीणों से सावधानी बरतने की अपील की है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि हाथी के आसपास रहने वाले लोग अनावश्यक रूप से जंगल की ओर न जाएं और अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें। वनकर्मी हाथी की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं, ताकि किसी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

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जंगली हाथी से बचाव के लिए वन विभाग ने जारी की सावधानी

वन विभाग ने ग्रामीणों को रात के समय या नशे की हालत में घर से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी है। सुबह मशरूम, पत्ते और सूखी लकड़ी लाने के लिए जंगल जाने से बचने तथा जंगल के रास्तों पर विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। विभाग ने हाथी को देखने के लिए भीड़ लगाने या उसे भगाने के उद्देश्य से दूसरे गांव जाने से भी मना किया है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि हाथी दिखाई देने पर उसके पास न जाएं और वनकर्मियों के निर्देशों का पालन करें।

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