पूजा-अर्चना के दौरान खेलते-खेलते नदी किनारे पहुंचा था बच्चा, परिवार में पसरा मातम
जेबी लाइव, रिपोर्टर
राजनगर : राजनगर प्रखंड के प्रसिद्ध धार्मिक एवं पर्यटन स्थल भीमखंदा स्थित बोंगबोंगा नदी में रविवार को एक दर्दनाक हादसे में चार वर्षीय बालक की डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई, जबकि परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जानकारी के अनुसार गम्हरिया पंचायत के सोलगड़िया गांव से 8 से 10 महिलाएं एवं कुछ बच्चे पूजा-अर्चना के लिए भीमखंदा पहुंचे थे। धार्मिक अनुष्ठान के दौरान उनके साथ आए बच्चे आसपास खेल रहे थे। इसी बीच तीन छोटे बच्चे खेलते-खेलते नदी घाट के समीप पहुंच गए, जहां अचानक एक मासूम का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया।
इसे भी पढ़ें : Gua : बायोमेट्रिक व्यवस्था के विरोध में आज सेल प्रबंधन का पुतला दहन करेगी संयुक्त यूनियन
स्थानीय लोगों ने किया बचाव का प्रयास, अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
घटना को देख अन्य बच्चों ने तत्काल इसकी सूचना परिजनों को दी। सूचना मिलते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई और परिवार के सदस्य नदी की ओर दौड़ पड़े। स्थानीय ग्रामीणों और परिजनों ने मिलकर बच्चे को नदी से बाहर निकाला तथा उसकी जान बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किया। इसके बाद उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, राजनगर ले जाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने बच्चे की जांच की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। यह खबर सुनते ही अस्पताल परिसर में मातम छा गया और परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया।
इसे भी पढ़ें : Manoharpur : हाथी के हमले में मृत चंदन जोजो के आश्रित परिवार को मिली 4 लाख रुपये की सहायता राशि
गर्मी की छुट्टियां मनाने आया था ननिहाल, सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की उठी मांग
बताया जा रहा है कि मृत बालक धनबाद जिले का निवासी था और गर्मी की छुट्टियों में अपनी मां के साथ सोलगड़िया स्थित अपने मामा के घर आया हुआ था। किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि छुट्टियों की खुशियां इस तरह दुख में बदल जाएंगी। इस हृदयविदारक घटना ने एक बार फिर नदी घाटों, जलाशयों और धार्मिक स्थलों पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे संवेदनशील स्थलों पर चेतावनी बोर्ड, सुरक्षा घेराबंदी और निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
























