श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और विधि-व्यवस्था पर विशेष जोर, शराब बिक्री और बूगी-बूगी डांस पर रहेगा प्रतिबंध
जेबी लाइव, रिपोर्टर
पोटका : पोटका प्रखंड मुख्यालय में मंगलवार को कोल्हान के प्रसिद्ध धार्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्र मुक्तेश्वर धाम हरिणा में आयोजित होने वाले पारंपरिक हरिणा मेला की तैयारियों को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पोटका विधायक संजीव सरदार ने की। इस दौरान मेला के सफल, शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर विभिन्न विभागों के अधिकारियों और मेला समिति के सदस्यों के साथ विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में बीडीओ अरुण कुमार मुंडा, मुसाबनी डीएसपी रोहित कुमार रजवार, जादूगोड़ा सर्किल इंस्पेक्टर प्रवेश चंद्र सिन्हा, विभिन्न थाना प्रभारियों समेत स्वास्थ्य, वन, आबकारी, विद्युत, पेयजल और अंचल विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। विधायक ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
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ग्रामीणों की मांग पर शराब बिक्री और बूगी-बूगी डांस पर रोक
बैठक के दौरान हरिणा गांव के ग्रामीणों और मेला समिति के सदस्यों ने मेला परिसर में पूर्ण शराबबंदी लागू करने तथा बूगी-बूगी डांस कार्यक्रमों पर प्रतिबंध लगाने की मांग रखी। ग्रामीणों का कहना था कि इन गतिविधियों के कारण हर वर्ष विवाद और अशांति की स्थिति उत्पन्न होती है, जिससे मेला की धार्मिक और सांस्कृतिक गरिमा प्रभावित होती है। मांग पर गंभीरता से विचार करते हुए विधायक संजीव सरदार ने प्रशासन को मेला क्षेत्र में शराब की बिक्री और सेवन पर पूरी तरह रोक लगाने का निर्देश दिया। साथ ही उन्होंने स्पष्ट कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। विधायक ने मेला समिति को सांस्कृतिक कार्यक्रमों के चयन में पारंपरिक और सामाजिक मूल्यों को प्राथमिकता देने की सलाह भी दी।
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तीन राज्यों से पहुंचते हैं हजारों श्रद्धालु, सुविधाओं पर रहेगा फोकस
विधायक संजीव सरदार ने कहा कि 15 जून से प्रारंभ होने वाला हरिणा मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान और आस्था का प्रतीक है। इस मेले में झारखंड, ओड़िशा और पश्चिम बंगाल से प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार हरिणा क्षेत्र को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। साथ ही हरिणा मेला को राजकीय मेला का दर्जा दिलाने की दिशा में भी प्रयास जारी हैं। विधायक ने कहा कि श्रद्धालुओं को पेयजल, स्वास्थ्य सेवा, बिजली, सुरक्षा, स्वच्छता और यातायात जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। उन्होंने जल्द ही मेला स्थल का दौरा कर तैयारियों की समीक्षा करने की बात कही।
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सुरक्षा, पार्किंग और यातायात व्यवस्था को लेकर दिए गए विशेष निर्देश
बैठक में विधायक ने सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। उन्होंने मेला के दौरान पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही बड़े वाहनों का परिचालन पांडरशोली से बुनूडीह होते हुए हरिणा गांव तक कराने तथा वाहन पार्किंग के लिए बड्डीह प्राथमिक विद्यालय परिसर में व्यवस्था करने का निर्देश दिया। विधायक ने पाटभोक्ताओं के प्रवेश के लिए सभी गेट खुले रखने, आपातकालीन स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए मेला मार्ग को कम से कम 20 फीट चौड़ा रखने तथा बाइक स्टंट और रैश ड्राइविंग पर पूर्ण रोक लगाने को कहा। इसके अलावा महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मनचलों पर विशेष निगरानी रखने के भी निर्देश दिए गए।
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मेला के सफल आयोजन के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार
बैठक के बाद मुसाबनी डीएसपी रोहित कुमार रजवार ने कहा कि प्रशासन हरिणा मेला के शांतिपूर्ण और सुरक्षित आयोजन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि मेला समिति के साथ समन्वय बनाकर 24 घंटे निगरानी रखी जाएगी और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। ग्रामीणों की मांग के अनुरूप मेला में पूर्ण शराबबंदी लागू रहेगी तथा बाइक स्टंट और रैश ड्राइविंग करने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाएगा। डीएसपी ने बताया कि 4 जून को मेला परिसर में एक और तैयारी बैठक आयोजित कर सुरक्षा एवं संचालन की अंतिम रणनीति तय की जाएगी। बैठक में हरिणा ग्राम प्रधान सह मुख्य पुजारी बज्रांकन दंडपात, चिकित्सा प्रभारी डॉ. रजनी महाकुड़, आबकारी विभाग के रामदास भगत, पोटका थाना प्रभारी सन्नी टोप्पो, कोवाली थाना प्रभारी मुकेश कुमार साव, जादूगोड़ा थाना प्रभारी ईश्वर दयाल मुंडा, डुमरिया थाना प्रभारी रमेश टोप्पो सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और मेला समिति के सदस्य मौजूद रहे।






















