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Dumaria : जलयात्रा और विश्व पर्यावरण दिवस पर डुमरिया में जागरूकता की अलख, 200 से अधिक पौधे लगाए गए

  • सागेन साकाम परियोजना के तहत ग्रामीणों ने जल, जंगल और जमीन संरक्षण का दिया संदेश
  • ग्रामीणों ने पौधों के संरक्षण का लिया संकल्प, हरित भविष्य के निर्माण पर जोर
  • पौधारोपण अभियान से हरित और सुरक्षित भविष्य की दिशा में पहल

जेबी लाइव, रिपोर्टर

डुमरिया : डुमरिया प्रखंड में कलामंदिर द्वारा संचालित “सागेन साकाम” परियोजना के अंतर्गत जलयात्रा के दूसरे दिन का सफल आयोजन किया गया। संयोगवश 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस होने के कारण कार्यक्रम का महत्व और बढ़ गया। जलयात्रा हरेबेड़ा प्रधान टोला से शुरू होकर बारेडीह गांव तक निकाली गई, जिसमें हरेबेड़ा, जानेगोड़ा, नरसिंहबहाल और बारेडीह के ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पारंपरिक वेशभूषा में सजे ग्रामीण ढोल-नगाड़ों और लोकगीतों के साथ नृत्य करते हुए जल, जंगल और जमीन के संरक्षण का संदेश देते नजर आए। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण और जल संसाधनों के महत्व पर लोगों को जागरूक किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समुदाय को प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए प्रेरित करना तथा जल संकट के समाधान में जनभागीदारी सुनिश्चित करना रहा।

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जल संरक्षण और पर्यावरण बचाने का दिया गया सामूहिक संदेश

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर ग्रामीणों एवं कलामंदिर टीम के सहयोग से 200 से अधिक पौधों का रोपण किया गया। प्राथमिक विद्यालय हरेबेड़ा परिसर में भी ग्राम प्रधान मथुर हांसदा की अगुवाई में पौधारोपण अभियान चलाया गया। इस दौरान ग्रामीणों ने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी देखभाल और संरक्षण करना भी सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। कार्यक्रम के माध्यम से जल संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग के प्रति लोगों को जागरूक किया गया। कलामंदिर टीम के तेजप्रताप आर्य, परेश, गालू, नमिता और बुधराय सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। वक्ताओं ने कहा कि जलयात्रा और पर्यावरण दिवस जैसे आयोजन समाज को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का बोध कराते हैं तथा स्वच्छ, हरित और सुरक्षित भविष्य के निर्माण के लिए प्रेरित करते हैं।

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Jamshedpur : टाटा स्टील फाउंडेशन मल्टी स्किल सेंटर में विश्व पर्यावरण दिवस पर चलाया गया पौधरोपण अभियान

विश्व पर्यावरण दिवस पर क्वेस सेंटर में छात्रों ने लिया पर्यावरण संरक्षण का संकल्प पर्यावरण संरक्षण की शपथ के साथ

  • विश्व पर्यावरण दिवस पर क्वेस सेंटर में छात्रों ने लिया पर्यावरण संरक्षण का संकल्प
  • पर्यावरण संरक्षण की शपथ के साथ कार्यक्रम का हुआ समापन

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : कदमा स्थित रोड नंबर-19, फार्म एरिया में संचालित टाटा स्टील फाउंडेशन मल्टी स्किल डेवलपमेंट सेंटर में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर क्वेस (Quess) की ओर से विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान प्रतिभागियों ने “दिन हो या रात, करो पर्यावरण की बात” का संदेश देते हुए लोगों को प्रकृति के प्रति जागरूक रहने की अपील की। छात्रों ने पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और हरियाली बढ़ाने के महत्व पर अपने विचार साझा किए तथा अधिक से अधिक पेड़ लगाने और उन्हें संरक्षित रखने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान परिसर में उत्साह और जागरूकता का माहौल देखने को मिला।

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छात्रों ने हरियाली बढ़ाने और प्रकृति संरक्षण का दिया संदेश

कार्यक्रम का संचालन क्वेस के सेंटर मैनेजर अमन कुमार साह ने किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिवस तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि यह प्रत्येक व्यक्ति की निरंतर जिम्मेदारी है। उन्होंने छात्रों को प्रकृति के संरक्षण के लिए सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर बैंकिंग शिक्षक मनोज महतो, रिटेल ट्रेनर रवि कुमार, इंग्लिश ट्रेनर उषा कुमारी, आईटी ट्रेनर कृति श्रीवास्तव तथा कम्युनिटी मोबिलाइजर अंबुज कुमार सहित अन्य प्रशिक्षक और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण की शपथ लेते हुए अपने जीवन में अधिक से अधिक पौधे लगाने, उनकी देखभाल करने और स्वच्छ वातावरण बनाए रखने का संकल्प लिया। कार्यक्रम उत्साहपूर्ण और प्रेरणादायक वातावरण में संपन्न हुआ।

Patna : पटना कोचिंग फायरिंग मामला: खान सर पर एफआईआर दर्ज, जांच तेज, पुलिस जुटी कार्रवाई में

कदमकुआं थाने में आर्म्स एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज, दो गार्ड पहले ही गिरफ्तार खान सर ने कहा-

  • कदमकुआं थाने में आर्म्स एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज, दो गार्ड पहले ही गिरफ्तार
  • खान सर ने कहा- आत्मरक्षा में चली गोली, जांच में करेंगे पूरा सहयोग
  • पोस्टर विवाद से बढ़ा तनाव, पुलिस सभी पहलुओं की कर रही जांच
  • पोस्टर विवाद और फायरिंग कनेक्शन की जांच में जुटी पुलिस

जेबी लाइव, रिपोर्टर

पटना : पटना के चर्चित कोचिंग संचालक खान सर एक बार फिर सुर्खियों में हैं। उनके कोचिंग संस्थान से जुड़ी फायरिंग की घटना के बाद पुलिस ने उनके खिलाफ कदमकुआं थाना में एफआईआर दर्ज की है। जानकारी के अनुसार, वायरल वीडियो और प्रारंभिक जांच के आधार पर पुलिस ने यह कार्रवाई की है। खान सर पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 109 तथा शस्त्र अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। घटना के संबंध में सामने आए वीडियो में कथित तौर पर कुछ लोगों को गोलीबारी करते हुए देखा गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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वायरल वीडियो के बाद पुलिस ने तेज की जांच

मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए खान सर ने कहा है कि उनके कोचिंग सेंटर पर हुई पत्थरबाजी और तनावपूर्ण स्थिति के दौरान सुरक्षा गार्डों ने आत्मरक्षा में गोली चलाई थी। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर की औपचारिक जानकारी नहीं है, लेकिन वे जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करेंगे। वहीं पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के शर्मा ने बताया कि वीडियो में फायरिंग करते दिखाई देने वाले दोनों व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनके पास से हथियार भी बरामद किए गए हैं, जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस का कहना है कि जांच रिपोर्ट और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

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गिरफ्तार गार्डों के हथियार एफएसएल जांच के लिए भेजे गए

जांच के दौरान यह बात भी सामने आई है कि घटना से पहले कदमकुआं स्थित क्षेत्र में एक कोचिंग संस्थान के प्रचार-प्रसार को लेकर विवाद हुआ था। जानकारी के अनुसार, ज्ञान बिंदु कोचिंग सेंटर के निदेशक रोशन आनंद का बैनर लगाए जाने के बाद कुछ लोगों द्वारा पोस्टर फाड़े जाने का आरोप लगाया गया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया, जो बाद में विवाद का कारण बना। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि पूरे घटनाक्रम में किसकी क्या भूमिका रही और क्या फायरिंग की घटना का संबंध इसी विवाद से था। अधिकारियों का कहना है कि निष्पक्ष जांच के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

New Delhi : 400 मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों की बढ़ेगी रफ्तार, रेलवे की नई योजना से यात्रियों को मिलेगा बड़ा फायदा

130 किमी प्रति घंटे की गति से दौड़ सकेंगी सैकड़ों ट्रेनें, यात्रा समय में होगी उल्लेखनीय कमी एलएचबी कोच और

  • 130 किमी प्रति घंटे की गति से दौड़ सकेंगी सैकड़ों ट्रेनें, यात्रा समय में होगी उल्लेखनीय कमी
  • एलएचबी कोच और आधुनिक ट्रैक होंगे योजना की सफलता की आधारशिला
  • समय-सारणी में बदलाव से यात्रियों को मिलेगी समय की बड़ी बचत
  • बढ़ी रफ्तार से रेल यात्रियों को मिलेगा तेज और सुविधाजनक सफर

जेबी लाइव, रिपोर्टर

नई दिल्ली : भारतीय रेलवे देशभर के लाखों यात्रियों को तेज और बेहतर यात्रा सुविधा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रहा है। रेलवे बोर्ड ने एक महत्वाकांक्षी योजना को सैद्धांतिक मंजूरी दी है, जिसके तहत लगभग 350 से 400 लंबी दूरी की मेल, एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनों की अधिकतम गति 110 किमी प्रति घंटे से बढ़ाकर 130 किमी प्रति घंटे करने की तैयारी की जा रही है। इस योजना का उद्देश्य पारंपरिक रेल सेवाओं को अधिक तेज, सुविधाजनक और समयबद्ध बनाना है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस पहल से सामान्य मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें भी प्रीमियम श्रेणी की ट्रेनों के मानकों के करीब पहुंच सकेंगी। इससे लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को विशेष लाभ मिलेगा और विभिन्न शहरों के बीच यात्रा का समय कम होगा।

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रेलवे की नई पहल से लंबी दूरी की यात्रा होगी और तेज

रेलवे की यह योजना मुख्य रूप से उन ट्रेनों पर केंद्रित होगी जिनमें पहले से आधुनिक एलएचबी कोच लगाए जा चुके हैं। जर्मन तकनीक पर आधारित ये कोच 160 किमी प्रति घंटे तक की गति से सुरक्षित संचालन के लिए डिजाइन किए गए हैं। रेलवे ने इस परियोजना को सफल बनाने के लिए ट्रैक, सिग्नलिंग सिस्टम और अन्य बुनियादी ढांचे को उन्नत करने की प्रक्रिया भी तेज कर दी है। पहले चरण में उन रेल मार्गों की पहचान की जा रही है जहां पटरियों का आधुनिकीकरण, इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम और भारी रेल लाइनें पहले से मौजूद हैं या उनका कार्य अंतिम चरण में है। अधिकारियों का मानना है कि इन सुधारों के बाद अधिक गति से ट्रेनों का संचालन पूरी तरह सुरक्षित और प्रभावी होगा।

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आधुनिक तकनीक और बुनियादी ढांचा बनाएंगे ट्रेनों को अधिक तेज

गति वृद्धि की इस योजना के साथ भारतीय रेलवे अपने नेटवर्क की समय-सारणी की भी व्यापक समीक्षा कर रहा है। वर्तमान में 130 किमी प्रति घंटे की गति मुख्य रूप से राजधानी, शताब्दी, दुरंतो और वंदे भारत जैसी प्रीमियम ट्रेनों तक सीमित है। नई योजना लागू होने के बाद कई नियमित मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें भी चयनित मार्गों पर इसी गति से चल सकेंगी। इससे प्रमुख शहरों और राज्यों के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों के समय में उल्लेखनीय कमी आएगी। रेलवे का मानना है कि औसत गति में थोड़ी बढ़ोतरी भी लंबी दूरी की यात्रा में कई घंटों की बचत कर सकती है। यह पहल न केवल यात्रियों की सुविधा बढ़ाएगी, बल्कि भारतीय रेलवे की सेवा गुणवत्ता और परिचालन दक्षता को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मदद करेगी।

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38 लाख से अधिक दुर्भावनापूर्ण पैकेटों से किया गया हमला, डेटा सुरक्षित होने का दावा पुनर्मूल्यांकन पोर्टल पर 70 हजार

  • 38 लाख से अधिक दुर्भावनापूर्ण पैकेटों से किया गया हमला, डेटा सुरक्षित होने का दावा
  • पुनर्मूल्यांकन पोर्टल पर 70 हजार से अधिक आवेदन, छात्रों ने जताई तकनीकी परेशानियां
  • भुगतान के अतिरिक्त विकल्प जोड़े गए, छात्रों को दी गई महत्वपूर्ण सलाह
  • पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन से पहले नियमों को समझना जरूरी

जेबी लाइव, रिपोर्टर

नई दिल्ली : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने अपने पोस्ट-रिजल्ट सर्विसेज पोर्टल पर हुए समन्वित साइबर हमलों को लेकर दिल्ली पुलिस में आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई है। बोर्ड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि 24×7 निगरानी और तकनीकी सुरक्षा व्यवस्था के कारण सभी साइबर हमलों को सफलतापूर्वक नियंत्रित कर लिया गया। सीबीएसई के अनुसार 3 जून 2026 को पोर्टल पर लगभग 38 लाख दुर्भावनापूर्ण डिनायल-ऑफ-सर्विस (DoS) पैकेट भेजकर सिस्टम को बाधित करने का प्रयास किया गया था। हालांकि तकनीकी टीमों के समय पर हस्तक्षेप और मजबूत साइबर सुरक्षा उपायों की वजह से पोर्टल लगातार संचालित होता रहा। बोर्ड ने स्पष्ट किया कि इस हमले के बावजूद किसी भी प्रकार का डेटा लीक नहीं हुआ और न ही सिस्टम की सुरक्षा से कोई समझौता किया गया।

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साइबर हमले के बावजूद सीबीएसई ने डेटा सुरक्षा पर जताया भरोसा

सीबीएसई ने बताया कि पुनर्मूल्यांकन और सत्यापन प्रक्रिया के लिए अब तक कुल 70,433 सफल आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें 7,314 आवेदन अंकों के सत्यापन तथा 63,119 आवेदन पुनर्मूल्यांकन के लिए किए गए हैं। पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 6 जून की मध्यरात्रि निर्धारित की गई है। इस बीच कई छात्रों ने सोशल मीडिया पर आवेदन प्रक्रिया के दौरान तकनीकी दिक्कतों और पोर्टल एक्सेस संबंधी समस्याओं की शिकायत की है। इन शिकायतों पर प्रतिक्रिया देते हुए बोर्ड ने छात्रों से अपनी समस्याएं डायरेक्ट मैसेज (DM) के माध्यम से साझा करने को कहा है। सीबीएसई ने भरोसा दिलाया कि उसकी टीम छात्रों की समस्याओं का समाधान करने के लिए लगातार कार्य कर रही है, ताकि किसी भी पात्र छात्र को आवेदन से वंचित न होना पड़े।

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आवेदन प्रक्रिया को लेकर छात्रों की शिकायतों पर सीबीएसई ने दी प्रतिक्रिया

बोर्ड ने पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक सुगम बनाने के लिए भुगतान के अतिरिक्त विकल्प भी उपलब्ध कराए हैं। अब छात्र यूपीआई, नेट बैंकिंग, क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड के माध्यम से शुल्क का भुगतान कर सकते हैं। सीबीएसई ने बताया कि एसबीआई, केनरा बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और इंडियन बैंक के भुगतान गेटवे पोर्टल पर उपलब्ध हैं। इसके लिए छात्रों का इन बैंकों में खाता होना आवश्यक नहीं है। बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल वे अभ्यर्थी, जिन्होंने उत्तर पुस्तिकाओं की फोटोकॉपी प्राप्त करने के लिए आवेदन किया है, वही सत्यापन या पुनर्मूल्यांकन के लिए पात्र होंगे। पुनर्मूल्यांकन के बाद अंक बढ़ या घट सकते हैं और बोर्ड द्वारा घोषित परिणाम अंतिम माना जाएगा। इसके विरुद्ध किसी प्रकार की अपील या समीक्षा स्वीकार नहीं की जाएगी।

Patna : बिहार एमएलसी चुनाव में तेज हुई सियासी हलचल, भाजपा ने पवन सिंह समेत चार उम्मीदवार उतारे

भाजपा और जदयू ने जारी की उम्मीदवारों की सूची, चुनावी तैयारियों को मिला नया आयाम जदयू ने भी खोले पत्ते,

  • भाजपा और जदयू ने जारी की उम्मीदवारों की सूची, चुनावी तैयारियों को मिला नया आयाम
  • जदयू ने भी खोले पत्ते, संगठन को चुनावी मोड में लाने के निर्देश
  • उम्मीदवारों की घोषणा के बाद बिहार में चुनावी गतिविधियां हुईं तेज

जेबी लाइव, रिपोर्टर

पटना : बिहार विधान परिषद (एमएलसी) के द्विवार्षिक चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शुक्रवार को अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर चुनावी रण में बड़ा दांव खेला है। पार्टी ने भोजपुरी फिल्म अभिनेता पवन सिंह, डॉ. संजय मयूख, अनिल कुमार ठाकुर और शीला पंडित को उम्मीदवार बनाया है। उम्मीदवारों की घोषणा के साथ ही राज्य की राजनीति में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। विशेष रूप से पवन सिंह को टिकट दिए जाने को भाजपा की जनाधार बढ़ाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी नेतृत्व को उम्मीद है कि इन चेहरों के जरिए विभिन्न वर्गों तक प्रभावी पहुंच बनाई जा सकेगी। भाजपा की इस सूची ने आगामी चुनाव को और अधिक दिलचस्प बना दिया है।

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पवन सिंह की एंट्री से चुनावी मुकाबले में बढ़ी दिलचस्पी

वहीं जनता दल (यूनाइटेड) ने भी 2026 के बिहार विधान परिषद द्विवार्षिक चुनाव और उपचुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। पार्टी की ओर से बिहार जदयू अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा के हस्ताक्षर से आधिकारिक सूची जारी की गई। विधानसभा की रिक्त सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए शेखपुरा निवासी ललन प्रसाद को उम्मीदवार बनाया गया है। उम्मीदवारों की घोषणा के साथ ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली पार्टी ने अपनी चुनावी तैयारियों को औपचारिक रूप से गति दे दी है। पार्टी संगठन को जमीनी स्तर पर सक्रिय रहने, जनसंपर्क अभियान तेज करने और उम्मीदवारों के समर्थन में व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दोनों प्रमुख दलों द्वारा उम्मीदवारों की घोषणा के बाद बिहार की चुनावी राजनीति अब और अधिक सक्रिय और प्रतिस्पर्धी होने वाली है।

Gua : विश्व पर्यावरण दिवस पर सीआरपीएफ 26वीं बटालियन ने चलाया व्यापक पौधारोपण अभियान

किरीबुरू स्थित डी-26वीं वाहिनी परिसर में जवानों और अधिकारियों ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश जवानों और वन विभाग ने

  • किरीबुरू स्थित डी-26वीं वाहिनी परिसर में जवानों और अधिकारियों ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
  • जवानों और वन विभाग ने मिलकर बढ़ाया हरियाली का संदेश

जेबी लाइव, रिपोर्टर

गुवा : गुवा के किरीबुरू क्षेत्र में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सारंडा स्थित डी-26वीं वाहिनी, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) परिसर में पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन कमांडेंट राजीव रंजन के निर्देशानुसार किया गया, जबकि इसका नेतृत्व सहायक कमांडेंट (एड्ज्यूटेंट) अरविंद कुमार रजक ने किया। इस अवसर पर अधिकारियों और जवानों ने परिसर तथा आसपास के क्षेत्रों में विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी लोगों ने प्रकृति के संरक्षण और हरित वातावरण को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। वृक्षारोपण के माध्यम से पर्यावरण संतुलन बनाए रखने तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।

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पौधारोपण के जरिए हरित भविष्य का दिया गया संदेश

सहायक कमांडेंट अरविंद कुमार रजक ने कहा कि वृक्षारोपण अभियान का उद्देश्य लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना और प्राकृतिक संसाधनों के महत्व को समझाना है। उन्होंने बताया कि 26वीं बटालियन के विभिन्न कंपनी मुख्यालयों एवं आसपास के क्षेत्रों में भी पौधारोपण किया गया। कार्यक्रम में निरीक्षक जीडी निरंजन कुमार सिंह, उपनिरीक्षक जीडी ललन यादव, सासंगदा वन रेंज के वन विभाग के कर्मचारी सहित डैट मुख्यालय के सभी अधीनस्थ अधिकारी और जवान उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास और सामूहिक भागीदारी का संदेश देते हुए लोगों को अधिक से अधिक पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया गया।

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