भव्य कलश यात्रा और धार्मिक अनुष्ठानों में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने लिया भाग
जेबी लाइव, रिपोर्टर
बहरागोड़ा : बहरागोड़ा प्रखंड की पारुलिया पंचायत अंतर्गत लालसाई गांव में माता शीतला की पूजा पारंपरिक रीति-रिवाजों और गहरी आस्था के साथ संपन्न हुई। इस अवसर पर गांव में सुबह से ही धार्मिक माहौल बना रहा। पुजारी भानु ठाकुर के नेतृत्व में सैकड़ों महिला-पुरुष श्रद्धालुओं ने बड़ा तालाब से भव्य कलश यात्रा निकाली। कीर्तन, शंखध्वनि, घंटे और बैंड-बाजों के साथ निकली यह यात्रा पूरे गांव का भ्रमण करते हुए लालसाई क्लब परिसर पहुंची, जहां विधिवत पूजा-अर्चना का शुभारंभ किया गया। श्रद्धालुओं ने गांव और क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति तथा परिवार की खुशहाली के लिए माता शीतला से प्रार्थना की। पूजा के दौरान ग्रामीणों ने आसपास के सभी देवी-देवताओं का आह्वान कर धार्मिक परंपराओं का पालन किया। महिलाओं और पुरुषों ने कतारबद्ध होकर दीप प्रज्वलित किए तथा माता के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। विशेष मान्यता के अनुसार इस दिन गांव के किसी भी घर में चूल्हा नहीं जलाया गया, जिससे धार्मिक परंपरा और सामूहिक आस्था का अनूठा उदाहरण देखने को मिला।
इसे भी पढ़ें : Baharagoda : झारखंड आंदोलनकारी स्व. सनातन हेंब्रम की छठी पुण्यतिथि पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि
माता के पवित्र झंडे की स्थापना से गांव में बनी रही भक्तिमय वातावरण
पूजा के समापन के बाद शाम को श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। इसके बाद रात में विशेष धार्मिक अनुष्ठान के तहत पूरे गांव की परिक्रमा करते हुए माता शीतला का पवित्र झंडा स्थापित किया गया। ग्रामीणों की मान्यता है कि माता का यह ध्वज गांव को महामारी, संक्रामक रोगों और अन्य बड़ी बीमारियों से सुरक्षित रखता है। इसी विश्वास के साथ हर वर्ष यह परंपरा निभाई जाती है। रातभर भजन-कीर्तन और माता के गुणगान से पूरा गांव भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा। श्रद्धालुओं ने माता शीतला से सभी लोगों के उत्तम स्वास्थ्य और समृद्ध जीवन की कामना की। इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में पूजा समिति के सदस्यों और ग्रामीणों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई तथा पूरे कार्यक्रम को सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया।



























