15 दिनों के एकांतवास के बाद महाप्रभु जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा ने दिए दिव्य दर्शन
जेबी लाइव, रिपोर्टर
बहरागोड़ा : बहरागोड़ा प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न जगन्नाथ मंदिरों में बुधवार को नेत्र उत्सव श्रद्धा, आस्था और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर 15 दिनों के एकांतवास और विश्राम के बाद भगवान जगन्नाथ, भ्राता बलभद्र एवं बहन सुभद्रा ने भक्तों को अपने दिव्य नवयौवन रूप में दर्शन दिए। पाटपुर स्थित जगन्नाथ मंदिर में मुख्य पुजारी दुर्गा पद पाठक ने विधि-विधान के साथ महाप्रभु का विशेष श्रृंगार किया। भगवान के नवयौवन स्वरूप के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर परिसर में पूरे दिन धार्मिक अनुष्ठान और भक्ति कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
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भजन-कीर्तन से गूंजा मंदिर परिसर, रथ यात्रा की तैयारियां पूरी
संध्या होते ही स्थानीय कीर्तन मंडलियों द्वारा प्रस्तुत भजन-कीर्तन से मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण में डूब गया। श्रद्धालु देर रात तक भक्ति रस में सराबोर रहे और कार्यक्रम के समापन पर महाप्रसाद का वितरण किया गया। धार्मिक मान्यता के अनुसार देव स्नान पूर्णिमा के बाद महाप्रभु अस्वस्थ होकर विश्राम गृह में विराजमान रहते हैं और नेत्र उत्सव के दिन पुनः भक्तों को दर्शन देते हैं। नेत्र उत्सव के सफल आयोजन के साथ ही 16 जुलाई को निकलने वाली भव्य रथ यात्रा का मार्ग प्रशस्त हो गया है। रथ यात्रा को लेकर बहरागोड़ा के सभी जगन्नाथ मंदिरों में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।























