जेबी लाइव, रिपोर्टर
मुसाबनी : HCL/ICC मुसाबनी प्लांट में स्थानीय नियोजन को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। ग्रामीणों द्वारा पहले प्रशासन को दिए गए शिकायत पत्र के बाद अब मुसाबनी-1 के मुखिया और ग्राम प्रधान ने भी अपना-अपना स्पष्टीकरण प्रशासन को सौंपा है। तीनों पत्रों के अध्ययन से कई ऐसे सवाल खड़े हो रहे हैं, जिनका जवाब प्रशासनिक जांच के बिना संभव नहीं दिखता। ग्रामीणों का आरोप है कि 16 जुलाई 2026 को आयोजित बताई गई ग्रामसभा वास्तव में हुई ही नहीं। उनका कहना है कि HCL में स्थानीय युवाओं की बहाली के नाम पर कागजों में बैठक दिखाकर कुछ चुनिंदा लोगों के नाम आगे बढ़ा दिए गए, जबकि जीरो किलोमीटर क्षेत्र के अनेक योग्य युवाओं को नजरअंदाज कर दिया गया। मुखिया और ग्राम प्रधान ने अपने-अपने पत्र में लिखा है कि ग्रामसभा की बैठक हुई थी तथा ग्रामीणों की सहमति से नामों का चयन किया गया। लेकिन इस दावे पर अब सबसे बड़ा सवाल उठ रहा है।
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अगर ग्रामसभा हुई थी, तो वीडियो कहां है?
ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम प्रधान की लगभग हर महत्वपूर्ण बैठक की वीडियो रिकॉर्डिंग कराई जाती है, ताकि भविष्य में किसी प्रकार का विवाद न हो। लेकिन जिस ग्रामसभा के आधार पर HCL जैसी बड़ी कंपनी में बहाली की प्रक्रिया पूरी होने का दावा किया जा रहा है, उस बैठक का न तो कोई वीडियो उपलब्ध है और न ही किसी ग्रामीण के पास उसकी रिकॉर्डिंग है। ग्रामीणों का आरोप है कि मुखिया और ग्राम प्रधान ने आपस में बैठकर केवल रजिस्टर में हस्ताक्षर कर दिए और उसी को ग्रामसभा का रूप दे दिया। यदि वास्तव में बैठक हुई होती, तो उसकी वीडियो रिकॉर्डिंग या अन्य ठोस साक्ष्य अवश्य उपलब्ध होते।
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HCL के वरिष्ठ HR का बयान भी चर्चा में
मामले को और गंभीर बनाता है HCL के एक वरिष्ठ HR अधिकारी का कथित बयान। ग्रामीणों के अनुसार अधिकारी ने कहा कि “मुखिया द्वारा भेजी गई अनुशंसा के आधार पर ही स्थानीय नियोजन किया जाता है। हम घर-घर जाकर यह जांच नहीं कर सकते कि मुखिया ने सही लोगों का नाम भेजा है या नहीं।” यदि यह कथन सही है, तो स्थानीय नियोजन की पूरी प्रक्रिया में मुखिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। ऐसे में यदि अनुशंसा प्रक्रिया पर ही सवाल उठ रहे हैं, तो बहाली की निष्पक्षता भी जांच के दायरे में आ जाती है। अब प्रशासन के सामने बड़े सवाल यह हैं कि क्या 16 जुलाई 2026 को वास्तव में ग्रामसभा हुई थी? यदि हुई थी, तो उसकी वीडियो रिकॉर्डिंग या अन्य प्रमाण कहां हैं?, ग्रामसभा में कितने ग्रामीण उपस्थित थे?, किन आधारों पर नामों का चयन किया गया?, क्या जीरो किलोमीटर क्षेत्र के योग्य युवाओं की अनदेखी की गई? ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि ग्रामसभा की वीडियो रिकॉर्डिंग, उपस्थिति रजिस्टर, कार्यवाही विवरण और बहाली की पूरी अनुशंसा प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि जांच में अनियमितता सामने आती है, तो दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए स्थानीय युवाओं के साथ न्याय किया जाए।
























