डुमरिया के पोड़ाडीहा टोला में चार-पांच गांवों के लोग वर्षों से जोखिम उठाकर कर रहे आवागमन
जेबी लाइव, रिपोर्टर
डुमरिया : पूर्वी सिंहभूम जिले के डुमरिया प्रखंड अंतर्गत आस्ताकोवाली पंचायत के आस्ताकोवाली गांव स्थित पोड़ाडीहा टोला में आज भी बुनियादी सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। नाले पर स्थायी पुल का निर्माण नहीं होने के कारण ग्रामीण वर्षों से बांस की अस्थायी पुलिया बनाकर आवागमन करने को मजबूर हैं। यह पुलिया केवल पोड़ाडीहा टोला ही नहीं, बल्कि आसपास के चार से पांच गांवों के लोगों के लिए भी एकमात्र संपर्क मार्ग बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। ग्रामीणों के अनुसार विकास योजनाओं की चर्चा तो होती है, लेकिन उनके गांव की यह मूलभूत समस्या वर्षों से अनदेखी की जा रही है।
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बरसात में बढ़ जाता है हादसे का खतरा
ग्रामीणों ने बताया कि प्रतिदिन स्कूली बच्चे, किसान, मजदूर, महिलाएं और बुजुर्ग इसी बांस की पुलिया के सहारे नाला पार करते हैं। सामान्य दिनों में भी पुलिया पर चलना आसान नहीं होता, जबकि बरसात के मौसम में स्थिति और अधिक भयावह हो जाती है। नाले का जलस्तर बढ़ते ही पुलिया फिसलनभरी और बेहद जोखिमपूर्ण हो जाती है। ऐसे समय में लोगों को जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि किसी भी दिन कोई बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन इसके बावजूद समस्या के समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। बच्चों और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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पुल निर्माण नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी
स्थानीय लोगों ने कहा कि देश को आजाद हुए दशकों बीत चुके हैं, लेकिन उनके गांव तक विकास की किरण नहीं पहुंच सकी है। एक स्थायी पुल के अभाव में हजारों लोगों को रोजाना कठिनाइयों और जोखिमों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से अविलंब पक्का पुल निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं किया गया तो क्षेत्र के लोग आंदोलन का रास्ता अपनाने को बाध्य होंगे। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि किसी भी संभावित दुर्घटना या जनआक्रोश की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित विभाग की होगी।























