सुविधाएं ग्रामीण जैसी, लेकिन बिजली शुल्क शहरी दर पर लेने का आरोप
लोगों ने व्यवस्था स्पष्ट करने की मांग उठाई
जेबी लाइव, रिपोर्टर
मनोहरपुर : पश्चिमी सिंहभूम जिले के मनोहरपुर प्रखंड में बिजली बिल और कुकिंग गैस सिलेंडर वितरण के अलग-अलग नियमों को लेकर उपभोक्ताओं में असंतोष बढ़ता जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि विशेषकर मनोहरपुर बाजार क्षेत्र में बिजली बिल शहरी (अर्बन) दर के अनुसार वसूला जा रहा है, जबकि गैस सिलेंडर वितरण में ग्रामीण क्षेत्र के नियम लागू किए जा रहे हैं। उपभोक्ताओं के अनुसार, जहां शहरी क्षेत्रों में निर्धारित अंतराल पर गैस सिलेंडर उपलब्ध हो जाता है, वहीं मनोहरपुर में करीब 45 दिनों के अंतराल के बाद सिलेंडर मिल रहा है। लोगों का कहना है कि एक ही क्षेत्र में दो अलग-अलग मानकों का पालन किए जाने से आम उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और उनमें भ्रम की स्थिति बनी हुई है।
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उपभोक्ताओं ने उठाए दोहरे मानकों पर सवाल
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि मनोहरपुर बाजार, रेलवे स्टेशन और बढ़ती आबादी के कारण क्षेत्र का प्रमुख केंद्र बन चुका है, लेकिन यहां अब भी शहरी स्तर की मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। साफ-सफाई, स्ट्रीट लाइट और ड्रेनेज व्यवस्था पर्याप्त नहीं होने के कारण बारिश के दौरान कई इलाकों में जलजमाव की समस्या उत्पन्न हो जाती है। लोगों ने सवाल उठाया है कि जब सुविधाएं ग्रामीण क्षेत्र जैसी हैं, तो बिजली बिल अर्बन दर पर क्यों लिया जा रहा है, और यदि क्षेत्र को शहरी माना जाता है तो आवश्यक सुविधाएं क्यों नहीं दी जा रही हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मनोहरपुर की स्थिति स्पष्ट करते हुए उचित निर्णय लेने तथा जनता की समस्याओं का समाधान करने की मांग की है।



























