10 दिन में समाधान नहीं तो यूसिल का परिचालन ठप करने की चेतावनी
नरवा पहाड़ खान प्रबंधक को सौंपा मांग पत्र
रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं पर उठाए सवाल
जेबी लाइव, रिपोर्टर
जादूगोड़ा : यूसिल की नरवा पहाड़ यूरेनियम प्रोजेक्ट प्रबंधन द्वारा स्थानीय रैयतों, विस्थापितों और प्रभावित परिवारों की स्वास्थ्य, शिक्षा तथा रोजगार संबंधी समस्याओं की लगातार अनदेखी किए जाने के विरोध में क्षेत्र में असंतोष बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को यूसिल स्थानीय विस्थापित एवं प्रभावित बेरोजगार संघर्ष समिति (हितकु) के अध्यक्ष अशोक दास और सचिव अमित कुमार दास के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने नरवा पहाड़ यूरेनियम प्रोजेक्ट के खान प्रबंधक से मुलाकात कर 23 सूत्री मांग पत्र सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने मांगों के समाधान के लिए कंपनी प्रबंधन को 10 दिनों की मोहलत देते हुए चेतावनी दी कि यदि निर्धारित अवधि में सकारात्मक पहल नहीं हुई तो व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा। संगठन का आरोप है कि वर्षों से स्थानीय लोगों की मूलभूत जरूरतों और अधिकारों की अनदेखी की जा रही है, जिससे प्रभावित परिवारों में भारी नाराजगी है।
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स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं को लेकर उठीं प्रमुख मांगें
मांग पत्र में बंद पड़ी मेडिकल सुविधा और एम्बुलेंस सेवा को तत्काल शुरू करने, स्थानीय युवाओं के लिए औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र खोलने, गर्भवती महिलाओं एवं नवजात शिशुओं के लिए विशेष चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के तहत मुर्गी पालन सहित अन्य स्वरोजगार योजनाएं संचालित करने की मांग की गई है। इसके अलावा किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने, मलेरिया से बचाव हेतु गांव-गांव में ब्लीचिंग पाउडर छिड़काव और फॉगिंग कराने, सड़कों के किनारे झाड़ियों की सफाई करने तथा वर्ष 1995 से बंद मजदूर बहाली प्रक्रिया को पुनः शुरू करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई है। समिति ने विस्थापितों को स्थायी नौकरी, नियोजन में पहली प्राथमिकता, गांवों में शुद्ध पेयजल के लिए आरओ प्लांट लगाने और अधूरे पड़े सामुदायिक भवनों का निर्माण पूरा कराने की मांग भी दोहराई है।
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मांगें नहीं मानी गईं तो यूरेनियम अयस्क परिवहन रोका जाएगा
हितकु के नेताओं अशोक दास और अमित कुमार दास ने स्पष्ट कहा कि यदि 10 दिनों के भीतर मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन यूसिल के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी स्थिति में यूरेनियम अयस्क समेत कंपनी के सभी वाहनों के क्षेत्र में प्रवेश और परिचालन को रोक दिया जाएगा। नेताओं ने कहा कि आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी यूसिल प्रबंधन की होगी। प्रतिनिधिमंडल में अध्यक्ष अशोक दास, सचिव अमित कुमार दास, उपाध्यक्ष जालंधर सिंह सहित कई स्थानीय विस्थापित एवं प्रभावित ग्रामीण शामिल थे। प्रतिनिधियों ने प्रबंधन से जनहित के मुद्दों पर गंभीरता दिखाने और वर्षों से लंबित समस्याओं का स्थायी समाधान निकालने की मांग की।



























