जमशेदपुर के 11,021 कर्मचारियों को मिलेगा 163.85 करोड़ का लाभ
वित्तीय वर्ष 2025-26 के प्रदर्शन के आधार पर हुआ समझौता, कर्मचारियों में उत्साह का माहौल
टाटा स्टील और टाटा वर्कर्स यूनियन के बीच बोनस समझौता संपन्न
जेबी लाइव, रिपोर्टर
जमशेदपुर : टाटा स्टील प्रबंधन और टाटा वर्कर्स यूनियन के बीच वित्तीय वर्ष 2025-26 के वार्षिक बोनस को लेकर बहुप्रतीक्षित समझौता गुरुवार को संपन्न हो गया। समझौते के तहत भारत में टाटा स्टील के विभिन्न परिचालनों में कार्यरत कुल 25,603 पात्र कर्मचारियों के बीच 315 करोड़ रुपये की बोनस राशि वितरित की जाएगी। यह समझौता कंपनी और यूनियन के बीच लंबे समय से चली आ रही बोनस योजना के अनुरूप किया गया है। बोनस राशि का निर्धारण कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, उत्पादकता, सुरक्षा और लाभप्रदता जैसे विभिन्न मानकों के आधार पर किया गया है। समझौते की घोषणा के बाद कर्मचारियों में खुशी और उत्साह का माहौल देखा गया। कर्मचारियों का मानना है कि यह बोनस उनकी मेहनत और कंपनी के बेहतर प्रदर्शन का परिणाम है, जिससे उन्हें आर्थिक रूप से भी बड़ी राहत मिलेगी।
इसे भी पढ़ें : Jadugoda : 23 सूत्री मांगों को लेकर विस्थापितों का अल्टीमेटम
कंपनी के प्रदर्शन ने बढ़ाया बोनस का आकार
समझौते के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में टाटा स्टील का समायोजित शुद्ध लाभ 11,035.24 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। कंपनी ने इस दौरान 1.611 करोड़ टन बिक्री योग्य स्टील का उत्पादन किया, जिसके आधार पर प्रति टन लाभ 6,852 रुपये रहा। वहीं कुल क्रूड स्टील उत्पादन 1.726 करोड़ टन तक पहुंचा। उत्पादकता के मामले में कंपनी ने 674.2 टन प्रति कर्मचारी प्रति वर्ष का स्तर हासिल किया, जबकि सुरक्षा प्रदर्शन का प्रमुख संकेतक लॉस्ट टाइम इंजरी फ्रीक्वेंसी रेट (LTIFR) 0.39 दर्ज किया गया। इन सभी मानकों के आधार पर बोनस की कुल राशि 314.53 करोड़ रुपये निर्धारित की गई थी, जिसे राउंड ऑफ कर 315 करोड़ रुपये किया गया। विशेष बात यह रही कि बोनस की गणना में टाटा स्टील मेरामंडली के लाभ को शामिल नहीं किया गया। इसके बावजूद कंपनी के मजबूत प्रदर्शन ने कर्मचारियों के लिए आकर्षक बोनस सुनिश्चित किया।
इसे भी पढ़ें : Jamshedpur : राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर डालसा ने चलाया सघन जागरूकता अभियान
जमशेदपुर और ट्यूब्स डिवीजन के कर्मचारियों को सबसे अधिक लाभ
बोनस समझौते का सबसे बड़ा लाभ जमशेदपुर प्लांट और ट्यूब्स डिवीजन के कर्मचारियों को मिलेगा। इन दोनों इकाइयों के कुल 11,021 कर्मचारियों के बीच 163.85 करोड़ रुपये की बोनस राशि वितरित की जाएगी। इस आधार पर प्रति कर्मचारी औसत बोनस लगभग 1,48,675 रुपये होगा। समझौते के तहत वास्तविक उपस्थिति को आधार बनाते हुए विभिन्न श्रेणियों के कर्मचारियों के लिए बोनस की अलग-अलग सीमा तय की गई है। ओएस (OS) सीरीज के कर्मचारियों को अधिकतम 4,52,512 रुपये तक बोनस मिल सकेगा, जबकि एनएस (NS) सीरीज के कर्मचारियों के लिए अधिकतम बोनस 1,28,448 रुपये निर्धारित किया गया है। वहीं पूर्ण उपस्थिति दर्ज करने वाले एनएस सीरीज कर्मचारियों के लिए न्यूनतम बोनस 39,016 रुपये तय किया गया है। इससे बड़ी संख्या में कर्मचारियों को प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ मिलेगा।
इसे भी पढ़ें : Muri : सिल्ली-मुरी में लगातार बारिश से जलजमाव, घरों और स्कूलों में घुसा पानी
बोनस समझौते से कर्मचारियों में खुशी की लहर
वार्षिक बोनस समझौते के बाद टाटा स्टील के कर्मचारियों और उनके परिवारों में खुशी का माहौल है। कर्मचारियों का कहना है कि यह बोनस न केवल उनकी मेहनत का सम्मान है, बल्कि कंपनी और कर्मचारियों के बीच मजबूत औद्योगिक संबंधों का भी प्रतीक है। टाटा वर्कर्स यूनियन और प्रबंधन के बीच सहमति से हुए इस समझौते को उद्योग जगत में भी सकारात्मक दृष्टि से देखा जा रहा है। जमशेदपुर में 11 हजार से अधिक कर्मचारियों को मिलने वाली 163.85 करोड़ रुपये की राशि स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी सकारात्मक प्रभाव डालेगी। बोनस के रूप में मिलने वाली यह राशि त्योहारों और पारिवारिक जरूरतों को पूरा करने में कर्मचारियों के लिए सहायक साबित होगी। कर्मचारियों ने उम्मीद जताई है कि भविष्य में भी कंपनी का प्रदर्शन बेहतर रहेगा और इसी तरह उनके हितों का ध्यान रखा जाएगा।



























