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Jamshedpur : ऑल इंडिया ओपन कराटे चैंपियनशिप में हिस्सा लेने कोलकाता जाएगा जमशेदपुर का 30 सदस्यीय दल

  • 12 लड़कियां और 18 लड़के करेंगे प्रतिनिधित्व, प्रतियोगिता 5 और 6 सितंबर को आयोजित
  • पदक जीतने के लक्ष्य के साथ कोलकाता रवाना होंगे खिलाड़ी

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : सनशाइन मार्शल आर्ट अकादमी के तत्वावधान में 30 सदस्यीय कराटे दल द्वितीय ऑल इंडिया ओपन कराटे चैंपियनशिप में भाग लेने के लिए कोलकाता जाएगा। 5 और 6 सितंबर को आयोजित होने वाली इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में जमशेदपुर के 12 लड़कियां और 18 लड़के अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। अकादमी के प्रशिक्षक गणेश सिंह, अमित सोनकर और महिला प्रशिक्षक लीना सिंह ने बताया कि सभी खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता के लिए कड़ी मेहनत की है और वे पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि खिलाड़ी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर अधिक से अधिक पदक जीतकर शहर का नाम रोशन करेंगे।

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विधायक सरयू राय ने खिलाड़ियों को दिया ‘विजयी भव’ का आशीर्वाद

प्रतियोगिता में भाग लेने से पहले गुरुवार को कराटे दल के खिलाड़ियों ने जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान सरयू राय ने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया और ‘विजयी भव’ का आशीर्वाद दिया। खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों ने भी प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन का भरोसा जताया। अकादमी के पदाधिकारियों ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता में भागीदारी से खिलाड़ियों को अनुभव मिलेगा और भविष्य में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए भी उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा।

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Potka : विधायक संजीव सरदार के निर्देश पर हरकत में आया प्रशासन

कोवाली–डुमरिया मुख्य मार्ग की मरम्मत शुरू जर्जर सड़क की समस्या पर त्वरित कार्रवाई ग्रामीणों ने जताया संतोष और विधायक का

  • कोवाली–डुमरिया मुख्य मार्ग की मरम्मत शुरू
  • जर्जर सड़क की समस्या पर त्वरित कार्रवाई
  • ग्रामीणों ने जताया संतोष और विधायक का आभार
  • भारी बारिश से क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत युद्धस्तर पर शुरू

जेबी लाइव, रिपोर्टर

पोटका : पोटका विधानसभा क्षेत्र के डुमरिया प्रखंड को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कोवाली–डुमरिया मुख्य सड़क की जर्जर स्थिति को लेकर विधायक संजीव सरदार द्वारा संज्ञान लेने के बाद प्रशासन तत्काल एक्शन में आ गया है। गुरुवार को सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया गया। लगातार हो रही बारिश के कारण सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए थे, जिससे आम लोगों और वाहनों के आवागमन में भारी परेशानी हो रही थी। सड़क की खराब स्थिति की जानकारी मिलने के बाद विधायक संजीव सरदार ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया था। इसके बाद जिला प्रशासन ने बिना विलंब किए मरम्मत कार्य प्रारंभ कर दिया। डुमरिया प्रखंड के केंदुआ पंचायत अंतर्गत सुशनीगढ़िया गांव से सड़क मरम्मत का कार्य शुरू होने पर स्थानीय ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है और विधायक के प्रति आभार व्यक्त किया है।

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मुआवजा मिलने के बाद शुरू होगा स्वीकृत सड़कों का निर्माण कार्य

क्षेत्र में सड़क संपर्क व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए विधायक संजीव सरदार के प्रयासों से कई महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को स्वीकृति मिल चुकी है। हालांकि कुछ स्थानों पर भूमि अधिग्रहण से जुड़े मामलों और रैयतों को मुआवजा नहीं मिलने के कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। ग्रामीणों का कहना है कि जिन सड़कों को स्वीकृति मिल चुकी है, उनका निर्माण कार्य मुआवजा भुगतान के बाद तेजी से शुरू किया जाएगा। स्थानीय लोगों के अनुसार सड़क निर्माण क्षेत्र के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापारिक गतिविधियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में लंबित परियोजनाओं को शीघ्र धरातल पर उतारने की दिशा में प्रयास तेज किए जा रहे हैं।

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ग्रामसभा के माध्यम से समाधान निकालने की तैयारी

ग्रामीणों ने बताया कि मुआवजा संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए जल्द ही ग्रामसभा आयोजित की जाएगी। ग्राम प्रधान, रैयतों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर लंबित मामलों का निपटारा करने की पहल की जाएगी, ताकि सड़क निर्माण में आ रही बाधाओं को दूर किया जा सके। ग्रामीणों ने कहा कि विधायक संजीव सरदार लगातार क्षेत्र के विकास कार्यों की निगरानी कर रहे हैं और सड़क, बिजली, पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि मुआवजा संबंधी प्रक्रियाएं पूरी होते ही बाकी स्वीकृत सड़कों का निर्माण भी शुरू हो जाएगा और क्षेत्र की यातायात व्यवस्था पहले से अधिक सुगम बनेगी।

Potka : हल्दीपोखर में धड़ल्ले से चल रहा अवैध लॉटरी का कारोबार, रोजाना लाखों रुपये के लेन-देन का दावा

ऑफलाइन के साथ ऑनलाइन नेटवर्क भी सक्रिय, स्थानीय लोगों ने प्रशासनिक कार्रवाई की उठाई मांग हल्दीपोखर बना अवैध लॉटरी कारोबार

  • ऑफलाइन के साथ ऑनलाइन नेटवर्क भी सक्रिय, स्थानीय लोगों ने प्रशासनिक कार्रवाई की उठाई मांग
  • हल्दीपोखर बना अवैध लॉटरी कारोबार का केंद्र

जेबी लाइव, रिपोर्टर

पोटका : पूर्वी सिंहभूम जिले के कोवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत हल्दीपोखर में अवैध लॉटरी का कारोबार खुलेआम संचालित होने के आरोप सामने आए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में यह धंधा बिना किसी रोक-टोक के धड़ल्ले से चल रहा है और प्रतिदिन लाखों रुपये का कारोबार हो रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस अवैध गतिविधि पर नियंत्रण के लिए कोई प्रभावी कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही है। हल्दीपोखर को इन दिनों लॉटरी कारोबार का प्रमुख केंद्र माना जा रहा है, जहां बड़ी संख्या में लोग प्रतिदिन टिकट खरीदते हैं। खास बात यह है कि इस कारोबार में टिकट खरीदने वालों में अधिकतर निम्न एवं मध्यम वर्ग के लोग शामिल हैं, जबकि इसके संचालन से जुड़े लोगों की आर्थिक स्थिति तेजी से मजबूत होने की चर्चा क्षेत्र में आम है।

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चाईबासा से टिकट आपूर्ति, कई क्षेत्रों तक फैला नेटवर्क

स्थानीय लोगों के अनुसार हल्दीपोखर का एक कथित संचालक चाईबासा से थोक में लॉटरी टिकट लाकर अपने एजेंटों के माध्यम से जादूगोड़ा, कोवाली तथा ओडिशा के रायरंगपुर और बहालदा तक इसकी आपूर्ति करता है। बताया जाता है कि यह नेटवर्क काफी व्यवस्थित तरीके से काम करता है। टिकट बिक्री के लिए विभिन्न क्षेत्रों में एजेंट नियुक्त किए गए हैं, जो ग्राहकों तक सीधे पहुंचते हैं। लोगों का दावा है कि पिछले कुछ वर्षों में इस कारोबार से जुड़े व्यक्तियों की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय बदलाव आया है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन क्षेत्र में इसकी व्यापक चर्चा है।

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मजदूरों और छोटे तबके के लोगों को बनाया जा रहा निशाना

ग्रामीणों का आरोप है कि लॉटरी खरीदने वालों में अधिकांश ड्राइवर, मजदूर, फेरीवाले और छोटे व्यवसायी शामिल हैं। कई मामलों में टिकट खरीदने के लिए लोगों को उधार या ब्याज पर पैसे उपलब्ध कराए जाने की भी चर्चा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवार कर्ज के जाल में फंसते जा रहे हैं। हल्दीपोखर के खुर्शीद चौक और बाजार क्षेत्र में शाम के समय बड़ी संख्या में टिकट खरीदे और बेचे जाने का दावा किया जा रहा है। जिन क्षेत्रों तक ऑफलाइन टिकट नहीं पहुंच पाते, वहां ऑनलाइन माध्यम से भी यह कारोबार संचालित होने की बात कही जा रही है।

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पुलिस कार्रवाई को लेकर उठ रहे सवाल

क्षेत्र में अवैध लॉटरी, स्क्रैप और अन्य कथित अवैध कारोबारों को लेकर भी कई तरह की चर्चाएं हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों के संरक्षण में यह नेटवर्क संचालित हो रहा है। हालांकि संबंधित थाना प्रभारी ऐसे आरोपों से इनकार करते हैं। इसके बावजूद ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रशासन द्वारा नियमित जांच और सख्त कार्रवाई की जाए तो इस प्रकार की गतिविधियों पर रोक लगाई जा सकती है। लोगों ने जिला प्रशासन और पुलिस विभाग से मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।

Jamshedpur : जयराम महतो के समर्थन में उतरे पूर्व सांसद शैलेंद्र महतो और आभा महतो, पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल

कहा- एक विधायक के पीछे पूरी पुलिस व्यवस्था का लगना चिंताजनक, सरकार और विधानसभा करें हस्तक्षेप पुलिस कार्रवाई को लेकर

  • कहा- एक विधायक के पीछे पूरी पुलिस व्यवस्था का लगना चिंताजनक, सरकार और विधानसभा करें हस्तक्षेप
  • पुलिस कार्रवाई को लेकर पूर्व सांसदों ने जताई चिंता

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : झारखंड के विधायक जयराम महतो के समर्थन में अब पूर्व सांसद शैलेंद्र महतो और आभा महतो भी खुलकर सामने आ गए हैं। गुरुवार को अपने आवासीय कार्यालय में आयोजित बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने जयराम महतो के खिलाफ हो रही पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पूरे राज्य की पुलिस का एक विधायक के पीछे पड़ जाना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक संकेत है। पूर्व सांसदों ने आरोप लगाया कि इस पूरे घटनाक्रम पर मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष का मूकदर्शक बने रहना राज्यहित में नहीं है। उनके अनुसार यह मामला अब केवल किसी व्यक्ति विशेष या विधायक तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि विधायिका और कार्यपालिका के बीच टकराव का स्वरूप ग्रहण करता दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखने के लिए सरकार और विधानसभा को समय रहते हस्तक्षेप करना चाहिए।

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आंदोलन की आशंका से कानून-व्यवस्था पर पड़ सकता है असर

शैलेंद्र महतो और आभा महतो ने कहा कि यदि इस मामले का शीघ्र समाधान नहीं निकाला गया तो इसके दूरगामी परिणाम सामने आ सकते हैं। उन्होंने जानकारी दी कि 8 से 10 सितंबर के बीच झारखंड पुलिस संगठन अपनी आगामी रणनीति तय करेगा और उसके बाद किसी प्रकार का आंदोलन शुरू होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। पूर्व सांसदों का कहना है कि यदि स्थिति आंदोलन की ओर बढ़ती है तो इसका सीधा असर राज्य की कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक तंत्र पर पड़ेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी परिस्थितियां झारखंड के लिए घातक साबित हो सकती हैं। दोनों नेताओं ने राज्य सरकार से अपील की कि मामले को राजनीतिक टकराव बनने से पहले संवाद, संवैधानिक प्रक्रियाओं और आपसी सहमति के माध्यम से सुलझाने की पहल की जाए, ताकि राज्य में शांति और लोकतांत्रिक संतुलन कायम रह सके।

Gua : वेल्डन फ्यूचर एकेडमी में धूमधाम से मनाया गया श्रीकृष्ण जन्मोत्सव

राधा-कृष्ण वेशभूषा, दही-हांडी और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा सभी का मन राधा-कृष्ण बने नन्हे बच्चों ने बिखेरी भक्ति और संस्कृति

  • राधा-कृष्ण वेशभूषा, दही-हांडी और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा सभी का मन
  • राधा-कृष्ण बने नन्हे बच्चों ने बिखेरी भक्ति और संस्कृति की छटा

जेबी लाइव, रिपोर्टर

गुवा : बड़ाजामदा फुटबॉल मैदान स्थित वेल्डन फ्यूचर एकेडमी स्कूल में गुरुवार को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव बड़े ही हर्षोल्लास और धार्मिक उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के नर्सरी से यूकेजी तक के बच्चों के लिए विशेष राधा-कृष्ण वेशभूषा एवं रूप-सज्जा प्रतियोगिता आयोजित की गई। रंग-बिरंगे परिधानों में सजे बच्चे आकर्षण का केंद्र बने रहे। इस अवसर पर झांकी सजावट, भजन-कीर्तन, नृत्य, कृष्ण कथा आधारित नाटक, दही-हांडी तथा मटकी डेकोरेशन जैसे कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। बच्चों ने पूरे उत्साह और उमंग के साथ इन गतिविधियों में भाग लिया तथा भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का सुंदर प्रस्तुतीकरण किया। कार्यक्रम में शामिल सभी प्रतिभागियों को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।

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प्रभारी प्राचार्य ने दिया भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों पर चलने का संदेश

विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य मुकेश कुमार सिन्हा ने कहा कि जन्माष्टमी भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का आनंदमयी, रंग-बिरंगा और प्रेरणादायी पर्व है। इस अवसर पर बच्चों को कहानियों, खेलों और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से भगवान कृष्ण की बाल्यावस्था और उनके आदर्शों से परिचित कराया जाता है। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण का संदेश है कि मनुष्य को बिना फल की चिंता किए अपने कर्तव्यों का ईमानदारीपूर्वक पालन करना चाहिए तथा हर परिस्थिति में सत्य और न्याय का साथ देना चाहिए। उन्होंने विद्यालय परिवार की ओर से सभी विद्यार्थियों, अभिभावकों और क्षेत्रवासियों को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं ने सक्रिय भूमिका निभाई और बच्चों का उत्साह बढ़ाया।

Jamshedpur : टाटा स्टील का 315 करोड़ रुपये का बोनस समझौता

जमशेदपुर के 11,021 कर्मचारियों को मिलेगा 163.85 करोड़ का लाभ वित्तीय वर्ष 2025-26 के प्रदर्शन के आधार पर हुआ समझौता,

  • जमशेदपुर के 11,021 कर्मचारियों को मिलेगा 163.85 करोड़ का लाभ
  • वित्तीय वर्ष 2025-26 के प्रदर्शन के आधार पर हुआ समझौता, कर्मचारियों में उत्साह का माहौल
  • टाटा स्टील और टाटा वर्कर्स यूनियन के बीच बोनस समझौता संपन्न

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : टाटा स्टील प्रबंधन और टाटा वर्कर्स यूनियन के बीच वित्तीय वर्ष 2025-26 के वार्षिक बोनस को लेकर बहुप्रतीक्षित समझौता गुरुवार को संपन्न हो गया। समझौते के तहत भारत में टाटा स्टील के विभिन्न परिचालनों में कार्यरत कुल 25,603 पात्र कर्मचारियों के बीच 315 करोड़ रुपये की बोनस राशि वितरित की जाएगी। यह समझौता कंपनी और यूनियन के बीच लंबे समय से चली आ रही बोनस योजना के अनुरूप किया गया है। बोनस राशि का निर्धारण कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, उत्पादकता, सुरक्षा और लाभप्रदता जैसे विभिन्न मानकों के आधार पर किया गया है। समझौते की घोषणा के बाद कर्मचारियों में खुशी और उत्साह का माहौल देखा गया। कर्मचारियों का मानना है कि यह बोनस उनकी मेहनत और कंपनी के बेहतर प्रदर्शन का परिणाम है, जिससे उन्हें आर्थिक रूप से भी बड़ी राहत मिलेगी।

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कंपनी के प्रदर्शन ने बढ़ाया बोनस का आकार

समझौते के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में टाटा स्टील का समायोजित शुद्ध लाभ 11,035.24 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। कंपनी ने इस दौरान 1.611 करोड़ टन बिक्री योग्य स्टील का उत्पादन किया, जिसके आधार पर प्रति टन लाभ 6,852 रुपये रहा। वहीं कुल क्रूड स्टील उत्पादन 1.726 करोड़ टन तक पहुंचा। उत्पादकता के मामले में कंपनी ने 674.2 टन प्रति कर्मचारी प्रति वर्ष का स्तर हासिल किया, जबकि सुरक्षा प्रदर्शन का प्रमुख संकेतक लॉस्ट टाइम इंजरी फ्रीक्वेंसी रेट (LTIFR) 0.39 दर्ज किया गया। इन सभी मानकों के आधार पर बोनस की कुल राशि 314.53 करोड़ रुपये निर्धारित की गई थी, जिसे राउंड ऑफ कर 315 करोड़ रुपये किया गया। विशेष बात यह रही कि बोनस की गणना में टाटा स्टील मेरामंडली के लाभ को शामिल नहीं किया गया। इसके बावजूद कंपनी के मजबूत प्रदर्शन ने कर्मचारियों के लिए आकर्षक बोनस सुनिश्चित किया।

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जमशेदपुर और ट्यूब्स डिवीजन के कर्मचारियों को सबसे अधिक लाभ

बोनस समझौते का सबसे बड़ा लाभ जमशेदपुर प्लांट और ट्यूब्स डिवीजन के कर्मचारियों को मिलेगा। इन दोनों इकाइयों के कुल 11,021 कर्मचारियों के बीच 163.85 करोड़ रुपये की बोनस राशि वितरित की जाएगी। इस आधार पर प्रति कर्मचारी औसत बोनस लगभग 1,48,675 रुपये होगा। समझौते के तहत वास्तविक उपस्थिति को आधार बनाते हुए विभिन्न श्रेणियों के कर्मचारियों के लिए बोनस की अलग-अलग सीमा तय की गई है। ओएस (OS) सीरीज के कर्मचारियों को अधिकतम 4,52,512 रुपये तक बोनस मिल सकेगा, जबकि एनएस (NS) सीरीज के कर्मचारियों के लिए अधिकतम बोनस 1,28,448 रुपये निर्धारित किया गया है। वहीं पूर्ण उपस्थिति दर्ज करने वाले एनएस सीरीज कर्मचारियों के लिए न्यूनतम बोनस 39,016 रुपये तय किया गया है। इससे बड़ी संख्या में कर्मचारियों को प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ मिलेगा।

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बोनस समझौते से कर्मचारियों में खुशी की लहर

वार्षिक बोनस समझौते के बाद टाटा स्टील के कर्मचारियों और उनके परिवारों में खुशी का माहौल है। कर्मचारियों का कहना है कि यह बोनस न केवल उनकी मेहनत का सम्मान है, बल्कि कंपनी और कर्मचारियों के बीच मजबूत औद्योगिक संबंधों का भी प्रतीक है। टाटा वर्कर्स यूनियन और प्रबंधन के बीच सहमति से हुए इस समझौते को उद्योग जगत में भी सकारात्मक दृष्टि से देखा जा रहा है। जमशेदपुर में 11 हजार से अधिक कर्मचारियों को मिलने वाली 163.85 करोड़ रुपये की राशि स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी सकारात्मक प्रभाव डालेगी। बोनस के रूप में मिलने वाली यह राशि त्योहारों और पारिवारिक जरूरतों को पूरा करने में कर्मचारियों के लिए सहायक साबित होगी। कर्मचारियों ने उम्मीद जताई है कि भविष्य में भी कंपनी का प्रदर्शन बेहतर रहेगा और इसी तरह उनके हितों का ध्यान रखा जाएगा।

Jadugoda : 23 सूत्री मांगों को लेकर विस्थापितों का अल्टीमेटम

10 दिन में समाधान नहीं तो यूसिल का परिचालन ठप करने की चेतावनी नरवा पहाड़ खान प्रबंधक को सौंपा मांग

  • 10 दिन में समाधान नहीं तो यूसिल का परिचालन ठप करने की चेतावनी
  • नरवा पहाड़ खान प्रबंधक को सौंपा मांग पत्र
  • रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं पर उठाए सवाल

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जादूगोड़ा : यूसिल की नरवा पहाड़ यूरेनियम प्रोजेक्ट प्रबंधन द्वारा स्थानीय रैयतों, विस्थापितों और प्रभावित परिवारों की स्वास्थ्य, शिक्षा तथा रोजगार संबंधी समस्याओं की लगातार अनदेखी किए जाने के विरोध में क्षेत्र में असंतोष बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को यूसिल स्थानीय विस्थापित एवं प्रभावित बेरोजगार संघर्ष समिति (हितकु) के अध्यक्ष अशोक दास और सचिव अमित कुमार दास के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने नरवा पहाड़ यूरेनियम प्रोजेक्ट के खान प्रबंधक से मुलाकात कर 23 सूत्री मांग पत्र सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने मांगों के समाधान के लिए कंपनी प्रबंधन को 10 दिनों की मोहलत देते हुए चेतावनी दी कि यदि निर्धारित अवधि में सकारात्मक पहल नहीं हुई तो व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा। संगठन का आरोप है कि वर्षों से स्थानीय लोगों की मूलभूत जरूरतों और अधिकारों की अनदेखी की जा रही है, जिससे प्रभावित परिवारों में भारी नाराजगी है।

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स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं को लेकर उठीं प्रमुख मांगें

मांग पत्र में बंद पड़ी मेडिकल सुविधा और एम्बुलेंस सेवा को तत्काल शुरू करने, स्थानीय युवाओं के लिए औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र खोलने, गर्भवती महिलाओं एवं नवजात शिशुओं के लिए विशेष चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के तहत मुर्गी पालन सहित अन्य स्वरोजगार योजनाएं संचालित करने की मांग की गई है। इसके अलावा किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने, मलेरिया से बचाव हेतु गांव-गांव में ब्लीचिंग पाउडर छिड़काव और फॉगिंग कराने, सड़कों के किनारे झाड़ियों की सफाई करने तथा वर्ष 1995 से बंद मजदूर बहाली प्रक्रिया को पुनः शुरू करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई है। समिति ने विस्थापितों को स्थायी नौकरी, नियोजन में पहली प्राथमिकता, गांवों में शुद्ध पेयजल के लिए आरओ प्लांट लगाने और अधूरे पड़े सामुदायिक भवनों का निर्माण पूरा कराने की मांग भी दोहराई है।

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मांगें नहीं मानी गईं तो यूरेनियम अयस्क परिवहन रोका जाएगा

हितकु के नेताओं अशोक दास और अमित कुमार दास ने स्पष्ट कहा कि यदि 10 दिनों के भीतर मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन यूसिल के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी स्थिति में यूरेनियम अयस्क समेत कंपनी के सभी वाहनों के क्षेत्र में प्रवेश और परिचालन को रोक दिया जाएगा। नेताओं ने कहा कि आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी यूसिल प्रबंधन की होगी। प्रतिनिधिमंडल में अध्यक्ष अशोक दास, सचिव अमित कुमार दास, उपाध्यक्ष जालंधर सिंह सहित कई स्थानीय विस्थापित एवं प्रभावित ग्रामीण शामिल थे। प्रतिनिधियों ने प्रबंधन से जनहित के मुद्दों पर गंभीरता दिखाने और वर्षों से लंबित समस्याओं का स्थायी समाधान निकालने की मांग की।

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