जमशेदपुर समेत कई थाना क्षेत्रों से वाहन चोरी कर ग्रामीण इलाकों में खपाते थे आरोपी
ताजा कार्रवाई में आठ वाहन और दो मोबाइल जब्त
बाइक चोरी गिरोह के अन्य सदस्यों और खरीदारों की तलाश जारी
जेबी लाइव, रिपोर्टर
जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम पुलिस ने मोटरसाइकिल और स्कूटी चोरी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। विशेष अनुसंधान टीम (SIT) ने तकनीकी साक्ष्य, मानवीय सूचना और संदिग्धों की गतिविधियों के आधार पर कार्रवाई करते हुए गिरोह से जुड़े मामलों में अब तक 25 चोरी की मोटरसाइकिल और स्कूटी बरामद की हैं। ताजा कार्रवाई में पुलिस ने आठ वाहन और दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं। पुलिस के अनुसार, गुड़ाबंदा थाना क्षेत्र में दर्ज एक मामले की जांच के दौरान गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में बाइक चोरी से जुड़े अन्य संदिग्धों के नाम सामने आए थे। इसके बाद वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) के नेतृत्व तथा पुलिस उपाधीक्षक, मुसाबनी की निगरानी में विशेष अनुसंधान टीम का गठन किया गया।
इसे भी पढ़ें : Jamshedpur : पूर्वी सिंहभूम सेंट्रल दुर्गा पूजा समिति की प्रेस वार्ता संपन्न, 13 सितंबर को होगी वार्षिक आम सभा
25 चोरी के वाहन बरामद, बाइक चोर गिरोह पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई
SIT ने पूर्व में बरामद वाहनों के सत्यापन, तकनीकी साक्ष्यों और मानवीय सूचना के आधार पर गिरोह की गतिविधियों की पड़ताल शुरू की। इसी क्रम में पुलिस उपाधीक्षक, मुसाबनी को सूचना मिली कि मुसाबनी थाना क्षेत्र के कटकी मैदान के पास दो व्यक्ति चोरी की मोटरसाइकिलों की खरीद-बिक्री की योजना बना रहे हैं। सूचना मिलते ही मुसाबनी थाना पुलिस और SIT की टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और दो संदिग्धों को चोरी की मोटरसाइकिल तथा एक स्कूटी के साथ गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि वे संगठित गिरोह के रूप में काम करते हैं। गिरोह जमशेदपुर शहर के अलावा पूर्वी सिंहभूम और अन्य जिलों के विभिन्न थाना क्षेत्रों से मोटरसाइकिल और स्कूटी चोरी करता था। चोरी किए गए वाहनों को ग्रामीण इलाकों में बेचकर खपाने की बात भी सामने आई है।
इसे भी पढ़ें : Jhargram : झाड़ग्राम में किशोरियों की समस्याओं के समाधान के लिए ‘प्रज्ञा’ पहल शुरू
कटकी मैदान में चोरी की बाइक बेचने की तैयारी कर रहे थे आरोपी
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस ने उनकी निशानदेही पर कुल आठ मोटरसाइकिल और स्कूटी बरामद कीं। बरामद वाहनों में लाल रंग की TVS मोटरसाइकिल, काले रंग की स्प्लेंडर प्लस की कई बाइक, काले रंग की होंडा एक्टिवा, काला-नीला रंग की हीरो मोटरसाइकिल, काले रंग की पैशन प्रो और नीले रंग की होंडा एक्टिवा स्कूटी शामिल हैं। वाहनों के इंजन और चेसिस नंबर के आधार पर उनके वास्तविक मालिकों और संबंधित थाना क्षेत्रों में दर्ज चोरी के मामलों का सत्यापन किया जा रहा है। इस संबंध में मुसाबनी थाना में कांड संख्या 32/2026, दिनांक 12 सितंबर 2026 के तहत बीएनएस की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के मुताबिक पूर्व की कार्रवाई में बरामद वाहनों को मिलाकर इस गिरोह से जुड़े मामलों में अब तक 25 बाइक और स्कूटी बरामद हो चुकी हैं।
इसे भी पढ़ें : Jamshedpur : कदमा में चोरी का खुलासा, 10 लाख के जेवर-बर्तन बरामद; चापड़ से हमला मामले में दो गिरफ्तार
इंजन-चेसिस नंबर से चोरी के वाहनों के असली मालिकों की तलाश
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से दो मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। इनमें एक नीले रंग का Infinix एंड्रॉयड मोबाइल शामिल है, जिसका IMEI नंबर 353735890469186 और 353735890469194 बताया गया है। इसके अलावा काले रंग का Kechaoda की-पैड मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में सुखदेव लोहरा (24), पिता राजेंद्र लोहरा, निवासी तेरेंगवेडा, छोटा गोविंदपुर, थाना गोविंदपुर, पूर्वी सिंहभूम शामिल है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक उसके खिलाफ पूर्व में भी मामले दर्ज हैं, जिनमें आरआईटी आदित्यपुर थाना कांड संख्या 04/2024 और उलीडीह ओपी थाना कांड संख्या 85/2026 शामिल हैं। दूसरे आरोपी की पहचान तोता महली उर्फ टोपा महली, पिता स्वर्गीय बिंदा महली उर्फ श्रवण महली, निवासी लाटिया इंगरीडीह के रूप में हुई है।
इसे भी पढ़ें : Jhargram : झाड़ग्राम साइबर क्राइम पुलिस का बड़ा खुलासा, अंतरराज्यीय साइबर ठगी नेटवर्क से जुड़े पांच गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाल रही पुलिस
पुलिस अब गिरोह के नेटवर्क को पूरी तरह उजागर करने में जुटी है। जांच टीम चोरी के वाहनों को खरीदने और ग्रामीण क्षेत्रों में खपाने वाले संभावित लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है। साथ ही अन्य आरोपियों और सहयोगियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापामारी की जा रही है। बरामद 25 वाहनों को अलग-अलग चोरी के मामलों से जोड़ने के लिए उनके इंजन और चेसिस नंबरों का मिलान किया जा रहा है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने अब तक कितने वाहनों की चोरी की और किन-किन जिलों में उनका नेटवर्क फैला हुआ है। SIT की इस कार्रवाई से वाहन चोरी के मामलों के कई मामलों के खुलासे की उम्मीद है और पुलिस का कहना है कि गिरोह से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने के लिए जांच लगातार जारी रहेगी।