स्कूलों में बनेगी प्रज्ञा टीम, छात्राएं सुरक्षित तरीके से रखेंगी अपनी समस्याएं; प्रशासन तक पहुंचेगी आवाज
किशोरियों में बढ़ेगा सरकारी सहायता लेने का भरोसा
जेबी लाइव, रिपोर्टर
झाड़ग्राम : किशोरियों की समस्याओं को शुरुआती स्तर पर पहचानकर समय रहते समाधान की दिशा में पहल करने के उद्देश्य से झाड़ग्राम जिले में शुक्रवार को ‘प्रज्ञा’ नामक नई पहल की शुरुआत की गई। जिला अधिकारी कार्यालय में आयोजित समारोह में पश्चिम बंगाल सरकार के पशु संसाधन विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) राजेश महतो, जिलाधिकारी डॉ आकांक्षा भास्कर, पुलिस कप्तान मनव सिंगला, विधायक लक्ष्मीकांत साऊ, अनुमंडल पदाधिकारी अनिंदिता राय चौधरी समेत अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। पहल के तहत स्कूल जाने वाली किशोरियों को अपनी समस्याएं सुरक्षित और बिना झिझक सामने रखने का मंच मिलेगा। इसका उद्देश्य स्कूल स्तर पर समस्याओं की पहचान, समीक्षा और आवश्यक कार्रवाई के जरिए गंभीर स्थिति बनने से पहले समाधान सुनिश्चित करना है।
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किशोरियों की आवाज प्रशासन तक पहुंचाने की नई पहल
‘प्रज्ञा’ के तहत जिले के स्कूलों में प्रज्ञा टीम गठित की जाएगी। इसमें कक्षा सातवीं से बारहवीं तक की 10 से 15 जागरूक और साहसी छात्राओं को शामिल किया जाएगा। टीम में नेतृत्व क्षमता रखने वाली एक छात्रा को ‘प्रज्ञादी’ के रूप में चुना जाएगा। छात्राएं अपनी या सहपाठियों की समस्याएं ‘लेट्स व्हिस्पर बॉक्स’ के माध्यम से अथवा सीधे प्रज्ञा टीम के सामने रख सकेंगी। टीम के साथ एक वरिष्ठ महिला शिक्षिका बतौर मेंटर जुड़ेंगी। प्रज्ञादियां इन समस्याओं को मासिक बैठकों में प्रशासन और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों के समक्ष रखेंगी। इसके बाद संबंधित विभागों के माध्यम से आवश्यक सहायता और समाधान की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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स्कूलों में 10 से 15 छात्राओं की बनेगी प्रज्ञा टीम
पहल के तहत किशोरियों से जुड़े कई संवेदनशील मुद्दों को प्राथमिकता दी जाएगी। इनमें स्कूल आने-जाने के दौरान सुरक्षा, पीछा करना या उत्पीड़न, लंबे समय तक स्कूल से अनुपस्थित रहना, पढ़ाई छोड़ना, बाल श्रम, बाल विवाह, तस्करी और शोषण जैसे विषय शामिल हैं। इसके अलावा मासिक धर्म संबंधी स्वास्थ्य, कुपोषण, कम उम्र में गर्भधारण, डिजिटल सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा शिक्षकों का प्रशिक्षण भी होगा। इसके माध्यम से शिक्षकों को किशोरियों की समस्याओं को संवेदनशीलता से समझने, उनकी बात सुनने और जरूरत पड़ने पर उचित स्तर तक मामला पहुंचाने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।
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बाल विवाह से लेकर डिजिटल सुरक्षा तक पर रहेगा विशेष ध्यान
‘प्रज्ञा’ पहल का उद्देश्य किशोरियों को अपनी समस्याएं बताने में होने वाली झिझक से बाहर निकालना और सरकारी संस्थाओं के प्रति उनका भरोसा मजबूत करना है। प्रशासन का प्रयास है कि जरूरतमंद छात्राओं को समय पर सरकारी सहायता और संरक्षण उपलब्ध कराया जा सके। मासिक बैठकों के माध्यम से सामने आने वाले मामलों की निगरानी और समाधान की दिशा में आगे की कार्रवाई की जाएगी। पहल का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी किशोरी की आवाज दबकर न रह जाए और उसकी समस्या को सुरक्षित वातावरण में सुना जाए। आयोजकों के अनुसार, समय रहते समस्याओं की पहचान और उचित हस्तक्षेप से किशोरियों के सामने आने वाली कई गंभीर चुनौतियों को प्रभावी ढंग से रोका जा सकता है।



























