रात के अंधेरे में निकले बच्चे 10 किमी दूर पश्चिम बंगाल में मिले, अभिभावकों ने सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
गेट पर सुरक्षाकर्मी तैनात करने का दावा, अभिभावक मांग रहे स्थायी सुरक्षा व्यवस्था
जेबी लाइव, रिपोर्टर
चांडिल : नीमडीह प्रखंड मुख्यालय से करीब आधा किलोमीटर दूर रघुनाथपुर स्थित रैनबो इंग्लिश स्कूल के छात्रावास से छह बच्चों के रात में निकल जाने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शनिवार अहले सुबह हुई घटना के बाद पुलिस ने सभी बच्चों को पश्चिम बंगाल के मालती और बलरामपुर क्षेत्र से सकुशल बरामद कर लिया। नीमडीह थाना प्रभारी दिलशान बिरुवा ने बताया कि बरामद बच्चों को उनके परिजनों को सौंप दिया गया है। जानकारी के अनुसार बड़ा लापांग के दो और लाकड़ी के एक समेत कुल छह बच्चे छात्रावास से निकलकर कई किलोमीटर दूर पहुंच गए थे। रघुनाथपुर से करीब 10 किलोमीटर दूर मालती में चार बच्चों को एक सिविक पुलिसकर्मी ने देखा और इसकी सूचना पुलिस को दी। इसके बाद नीमडीह और बलरामपुर पुलिस सक्रिय हुई और सभी बच्चों को सुरक्षित बरामद कर लिया।
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छात्रावास से निकले छह बच्चे पश्चिम बंगाल में मिले, पुलिस ने कराया सुरक्षित बरामद
घटना के बाद बच्चों के अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन की कार्यप्रणाली और सूचना देने में कथित देरी पर गंभीर सवाल उठाए हैं। अभिभावकों का आरोप है कि बच्चे रात करीब तीन बजे छात्रावास से बाहर निकल गए थे, लेकिन उन्हें घटना की जानकारी करीब 12 घंटे बाद दी गई। मंगली गोप और ज्योत्सना गोप ने कहा कि यदि बच्चे रात के अंधेरे में छात्रावास से निकलने के बाद रास्ते में किसी हादसे या अन्य अनहोनी का शिकार हो जाते तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेता? अभिभावकों के अनुसार बच्चों की सुरक्षा के लिए छात्रावास में पर्याप्त निगरानी व्यवस्था होनी चाहिए। वहीं, घटना के समय को लेकर भी विरोधाभास सामने आया है। एक बच्चे ने रात करीब एक बजे छात्रावास से बाहर निकलने की बात बताई, जबकि स्कूल प्रबंधन के अनुसार बच्चे करीब तीन बजे छात्रावास से निकले। घटना के समय को लेकर सामने आए इस अंतर ने भी प्रबंधन की निगरानी और जानकारी रखने की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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12 घंटे बाद अभिभावकों को सूचना देने के आरोप से बढ़ी स्कूल प्रबंधन की मुश्किलें
ग्रामीणों और स्थानीय सूत्रों के अनुसार छात्रावास से बच्चों के निकल जाने की यह पहली घटना नहीं है। दावा किया जा रहा है कि इससे पहले भी करीब तीन बार बच्चे छात्रावास से बाहर निकल चुके हैं। इसके बावजूद सुरक्षा व्यवस्था में ठोस सुधार नहीं किए जाने को लेकर अभिभावकों में नाराजगी है। अभिभावकों का कहना है कि छात्रावास में रहने वाले बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी स्कूल प्रबंधन की होती है। ऐसे में यदि बच्चे रात में बिना किसी प्रभावी निगरानी के छात्रावास से निकलकर कई किलोमीटर दूर पहुंच जाते हैं और परिजनों को समय पर जानकारी तक नहीं मिलती, तो बच्चों को दोबारा छात्रावास भेजने को लेकर भरोसा कैसे कायम होगा। इस घटना ने स्कूल प्रबंधन के साथ-साथ संबंधित प्रशासन और शिक्षा विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। अभिभावक अब मामले की गंभीरता से जांच और बच्चों की सुरक्षा के लिए स्थायी व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।
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पहले भी बच्चों के छात्रावास से निकलने का दावा, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
घटना के बाद स्कूल प्रबंधन ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की बात कही है। स्कूल प्रबंधक पतित दास ने बताया कि स्कूल के मुख्य गेट पर सुरक्षाकर्मी तैनात किया जाएगा। हालांकि, अभिभावकों का सवाल है कि यदि सुरक्षा के लिए गेट पर सुरक्षाकर्मी की जरूरत थी तो ऐसी व्यवस्था पहले क्यों नहीं की गई। उनका कहना है कि छात्रावास में रहने वाले बच्चों की निगरानी के लिए रात के समय पर्याप्त स्टाफ, प्रवेश-निकास पर नियंत्रण और नियमित सुरक्षा जांच जैसी व्यवस्था जरूरी है। छह बच्चों के एक साथ छात्रावास से निकलकर करीब 10 किलोमीटर दूर पहुंच जाने की घटना के बाद अब प्रबंधन पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भरोसा कायम करने की चुनौती है। पुलिस ने सभी बच्चों को सकुशल बरामद कर परिजनों को सौंप दिया है, लेकिन घटना के कारण अभिभावकों की चिंता दूर नहीं हुई है। वे बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस और स्थायी कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।



























