ग्राम सभा को मिले अधिकारों की जानकारी, उपसमितियों का गठन कर विकास की नई दिशा तय
ग्राम सभा पुनर्गठन से बढ़ी जागरूकता, तीन सौ से अधिक ग्रामीणों की भागीदारी, दिखा उत्साह
ग्राम सभा कोष और बैंक खाते की दी जानकारी, नवगठित पदाधिकारियों का चयन और सम्मान
विभिन्न उपसमितियों का गठन कर तय हुई जिम्मेदारियां
ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी से मजबूत होगी ग्राम सभा
जेबी लाइव, रिपोर्टर
मनोहरपुर : मनोहरपुर प्रखंड के सागजोड़ी गांव में PESA (पंचायत उपबंध अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) कानून के तहत ग्राम सभा का पुनर्गठन किया गया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में राज्य स्तरीय प्रशिक्षक मनोज कुमार सोय ने ग्रामीणों को झारखंड सरकार द्वारा 2 जनवरी 2026 को जारी अधिसूचना के अध्याय एक से 17 तक के प्रावधानों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि PESA कानून अनुसूचित क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों को अपने संसाधनों, विकास योजनाओं और पारंपरिक व्यवस्थाओं के संरक्षण एवं संचालन का अधिकार प्रदान करता है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया और ग्राम सभा की भूमिका तथा अधिकारों को समझा।
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PESA कानून से ग्रामीणों को मिले सशक्त अधिकार

प्रशिक्षक मनोज कुमार सोय ने कहा कि PESA के तहत गठित ग्राम सभा का अपना स्वतंत्र कोष होगा, जिसका संचालन ग्राम सभा के माध्यम से किया जाएगा। इसके लिए ग्राम सभा के नाम से बैंक में बचत खाता खोला जाएगा। खाते का संचालन ग्राम मुंडा सह अध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से होगा। उन्होंने ग्रामीणों से ग्राम सभा की नियमित बैठक आयोजित करने का आग्रह करते हुए कहा कि प्रत्येक माह निर्धारित तिथि पर बैठक होनी चाहिए और 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र के सभी सदस्यों की सहभागिता सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि संगठित ग्राम सभा ही गांव के विकास और अधिकारों की सुरक्षा की मजबूत आधारशिला बन सकती है।
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ग्राम सभा के कोष और वित्तीय प्रबंधन पर विशेष जोर
ग्राम सभा के पुनर्गठन के दौरान सचिव के रूप में लक्ष्मी सुरीन तथा कोषाध्यक्ष के रूप में सुलेमान जोजो का चयन किया गया। नवगठित पदाधिकारियों को प्रशिक्षक मनोज कुमार सोय ने शुभकामनाएं देते हुए उनकी जिम्मेदारियों की जानकारी दी। ग्रामीणों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार ग्राम मुंडा सह अध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने नए पदाधिकारियों के सफल कार्यकाल की कामना करते हुए ग्राम सभा को मजबूत बनाने में सहयोग देने का संकल्प लिया।
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नवचयनित पदाधिकारियों का पारंपरिक सम्मान
मार्शल गुड़िया के नेतृत्व में शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक न्याय और ग्राम विकास समिति समेत विभिन्न उपसमितियों का गठन किया गया। इन समितियों को गांव के अलग-अलग क्षेत्रों में विकास कार्यों की निगरानी और जनहित से जुड़े मुद्दों पर कार्य करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। वहीं ग्राम सभा के कार्यालय के लिए सेवानिवृत्त शिक्षक दुर्योधन गुड़िया के घर को अस्थायी कार्यालय के रूप में निर्धारित किया गया। प्रशिक्षकों ने ग्रामीणों को बताया कि मजबूत उपसमितियां ग्राम सभा की कार्यक्षमता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
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शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास के लिए बनीं उपसमितियां
कार्यक्रम में मुखिया रानी गुड़िया, पूर्व पंचायत समिति सदस्य संदीप गुड़िया, एतवा गुड़िया, डाकुआ सुखलाल भूमिज, मार्शल गुड़िया, मास्टर ट्रेनर पतोर जोंकों, उमेश महली, बिना कुमारी पान, सुनीता भूमिज, ललिता भूमिज, मसीह गुड़िया सहित तीन सौ से अधिक ग्रामीण उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने कहा कि PESA के तहत ग्राम सभा का पुनर्गठन गांव के अधिकारों, पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था और स्थानीय विकास को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। पूरे कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों में उत्साह और खुशी का माहौल देखने को मिला तथा सभी ने ग्राम सभा को प्रभावी बनाने का संकल्प लिया।



























