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Patna : बिहार पुलिस SI परीक्षा रद्द करने की मांग पर पटना में छात्रों का उग्र प्रदर्शन, पुलिस से हुई झड़प

  • 1,799 दारोगा पदों की भर्ती परीक्षा और BPSC 70वीं परीक्षा को रद्द कर पुनः कराने की उठी मांग
  • BPSC और SI परीक्षा को लेकर छात्रों का आंदोलन तेज

जेबी लाइव, रिपोर्टर

पटना : पटना में मंगलवार को बिहार पुलिस सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती परीक्षा को रद्द करने की मांग को लेकर बड़ी संख्या में अभ्यर्थी और छात्र सड़कों पर उतर आए। विभिन्न छात्र संगठनों के नेतृत्व में शुरू हुए इस प्रदर्शन ने देखते ही देखते बड़ा रूप ले लिया। प्रदर्शनकारी उम्मीदवारों का आरोप है कि हाल ही में आयोजित 1,799 दारोगा पदों की भर्ती परीक्षा में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं, जिसके कारण परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हुए हैं। छात्रों ने मांग की कि परीक्षा को तत्काल रद्द कर पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से दोबारा आयोजित किया जाए, ताकि सभी अभ्यर्थियों को समान अवसर मिल सके।

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दारोगा भर्ती परीक्षा रद्द करने की मांग ने पकड़ा जोर

प्रदर्शन गांधी मैदान के आसपास शुरू हुआ और बाद में जेपी गोलंबर क्षेत्र में पहुंचकर और तेज हो गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक तथा झड़प की भी खबर सामने आई। छात्रों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग उठाई। अभ्यर्थियों का कहना था कि प्रतियोगी परीक्षाओं में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है, इसलिए सरकार और संबंधित आयोगों को उनकी शिकायतों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

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जेपी गोलंबर पर प्रदर्शन के दौरान बढ़ा तनाव

प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने जेपी गोलंबर और रामगुलाम चौक के बीच मुख्य सड़क को जाम कर दिया, जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित हो गई। सड़क जाम होने के कारण आम लोगों, यात्रियों और पैदल चलने वालों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। इसका असर अशोक राजपथ सहित आसपास की कई प्रमुख सड़कों पर भी देखने को मिला। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

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सड़क जाम से पटना की यातायात व्यवस्था प्रभावित

बिहार पुलिस SI परीक्षा के अलावा छात्रों ने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा को भी रद्द करने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने घोषणा की कि वे अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री आवास तक मार्च करेंगे और घेराव करेंगे। पिछले कई दिनों से छात्र विभिन्न स्थानों पर धरना, प्रदर्शन और भूख हड़ताल के माध्यम से अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। गांधी मैदान और जेपी गोलंबर का यह प्रदर्शन भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे आंदोलन का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है, जिसने राज्य की राजनीति और प्रशासनिक हलकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।

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Chandil : ईचागढ़ में विस्थापन, प्रदूषण और हाथी आतंक का मुद्दा उठा

भाजपा जिला मंत्री रूपेश वर्मा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से मिलकर सात सूत्री मांग पत्र सौंपा हाथी आतंक

  • भाजपा जिला मंत्री रूपेश वर्मा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से मिलकर सात सूत्री मांग पत्र सौंपा
  • हाथी आतंक और प्रदूषण से राहत की मांग, चांडिल अस्पताल शुरू करने पर जोर

जेबी लाइव, रिपोर्टर

चांडिल : भाजपा जिला मंत्री रूपेश वर्मा उर्फ पप्पू वर्मा के नेतृत्व में सामाजिक कार्यकर्ताओं और आदिवासी समाज के प्रतिनिधिमंडल ने रांची में राज्यपाल से मुलाकात कर ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को लेकर सात सूत्री मांग पत्र सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने स्वर्णरेखा परियोजना के विस्थापित परिवारों को लंबित मुआवजा, जमीन का पर्चा और नौकरी देने की मांग की। इसके अलावा पुनर्वास स्थलों पर सड़क, पेयजल, बिजली और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग रखी गई। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि विस्थापन के वर्षों बाद भी कई परिवार सुविधाओं और अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से मामले में ठोस पहल कर विस्थापितों की समस्याओं का शीघ्र समाधान कराने की मांग की।

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विस्थापितों के पुनर्वास और बुनियादी सुविधाओं की मांग, राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन

ज्ञापन में चांडिल डैम में डूबे आदिवासी भूमिज-मुंडा समाज के शासनदिरी, हइशाली और मेगालिथ स्थलों के संरक्षण की मांग भी शामिल रही। साथ ही हाथी प्रभावित क्षेत्रों में ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए प्रभावी व्यवस्था करने तथा चौका क्षेत्र की स्पंज आयरन कंपनियों से होने वाले प्रदूषण पर रोक लगाने की मांग की गई। प्रतिनिधिमंडल ने ईचागढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार और चांडिल में तैयार 50 बेड के अनुमंडल अस्पताल को जल्द चालू करने की मांग भी रखी। प्रतिनिधिमंडल में खुदीराम सिंह सरदार, कालीपद गोप, रामकृष्ण महतो, अनिल सिंह, रविंदर सिंह सरदार, बाबूलाल सोरेन समेत अन्य लोग मौजूद थे।

Jadugoda : बागजाता यूरेनियम प्रोजेक्ट की जर्जर पुलिया में आई दरार, हादसे का खतरा

हर साल बरसात में 72 घंटे तक टापू बन जाते हैं आधा दर्जन गांव, ग्रामीणों ने सांसद और बीडीओ को

  • हर साल बरसात में 72 घंटे तक टापू बन जाते हैं आधा दर्जन गांव, ग्रामीणों ने सांसद और बीडीओ को सौंपा ज्ञापन
  • सांसद से ग्रामीणों की गुहार, बरसात से पहले पुलिया निर्माण कराने की मांग

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जादूगोड़ा : मूसाबनी प्रखंड क्षेत्र में बागजाता यूरेनियम प्रोजेक्ट को जोड़ने वाली जर्जर पुलिया में दरार आने से ग्रामीणों के बीच हादसे की आशंका बढ़ गई है। पुलिया की रेलिंग भी कई स्थानों पर टूट चुकी है, जिससे आवागमन जोखिम भरा हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दिनों में शंख नदी का जलस्तर बढ़ने पर पुलिया तेज पानी की चपेट में आ जाती है। ऐसे में अगली बरसात में पुलिया के क्षतिग्रस्त हिस्से के बहने का खतरा बना हुआ है। समस्या के स्थायी समाधान की मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता हरिपद भकत की अगुवाई में ग्रामीणों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मूसाबनी बीडीओ आदिति गुप्ता और सांसद विद्युत वरण महतो को ज्ञापन सौंपकर नई पुलिया एवं सड़क निर्माण की मांग की।

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जर्जर पुलिया से ग्रामीणों का आवागमन मुश्किल, नई पुलिया निर्माण की उठी मांग

ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि लाटिया और डुंगरीडीह गांव को जोड़ने वाली यह पुलिया बागजाता यूरेनियम प्रोजेक्ट के लिए महत्वपूर्ण मार्ग पर स्थित है। यह पुलिया बागजाता यूरेनियम माइंस से सटे शंख नदी पर बाकड़ा और फुलझड़ी के बीच बनी हुई है। सामाजिक कार्यकर्ता हरिपद भकत ने कहा कि वर्ष 2003 में यूसिल प्रबंधन ने ग्रामीणों के सुझाव के बावजूद अपेक्षाकृत छोटी पुलिया का निर्माण कराया था। पिछले करीब दो दशकों से प्रत्येक बरसात में पुलिया पानी में डूब जाती है। ग्रामीणों के अनुसार, पानी बढ़ने के बाद आसपास के आधा दर्जन गांव करीब 72 घंटे तक मुख्य क्षेत्र से कटकर टापू जैसे हालात में पहुंच जाते हैं। इस दौरान अस्पताल, स्कूल और अन्य जरूरी सेवाओं तक पहुंच प्रभावित होती है।

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बरसात में आधा दर्जन गांवों का संपर्क टूटता है, अस्पताल-स्कूल पहुंचना भी मुश्किल

ग्रामीणों ने बताया कि पुलिया निर्माण को लेकर इससे पहले घाटशिला विधायक सोमेश सोरेन को भी ज्ञापन दिया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। ग्रामीणों ने सांसद विद्युत वरण महतो से मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिया और सड़क के स्थायी निर्माण की दिशा में पहल करने की मांग की है। बीडीओ आदिति गुप्ता को ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में पूर्व पंचायत समिति सदस्य हरिपद भकत, मुखिया पर्वत हांसदा, भगीरथ कैवर्त, मथुरा कैवर्त, सुखराम मुर्मू, फुदान मुर्मू, पराव मुर्मू समेत कई ग्रामीण शामिल थे। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते पुलिया का निर्माण नहीं कराया गया तो बरसात में बड़ी दुर्घटना हो सकती है और कई गांवों का संपर्क फिर लंबे समय तक बाधित हो सकता है।

Jhargram : झाड़ग्राम में कानूनी जागरूकता शिविर, महिलाओं को POSH एक्ट और अधिकारों की दी जानकारी

श्रमिकों, आंगनबाड़ी कर्मियों और स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को शिकायत प्रक्रिया व विधिक सहायता के बारे में किया जागरूक

  • श्रमिकों, आंगनबाड़ी कर्मियों और स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को शिकायत प्रक्रिया व विधिक सहायता के बारे में किया जागरूक
  • कानूनी सहायता और शिकायत प्रक्रिया को लेकर महिलाओं को किया जागरूक

जेबी लाइव, रिपोर्टर

झाड़ग्राम : झाड़ग्राम जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की पहल पर विवेकानंद मेमोरियल इंस्टीट्यूशन में कानूनी जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में श्रमिकों, आंगनबाड़ी (ICDS) कर्मियों और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न से संरक्षण अधिनियम (POSH एक्ट) समेत विभिन्न कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई। झाड़ग्राम जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं न्यायाधीश रीहा त्रिवेदी, सिविल जज जूनियर डिवीजन श्रुति सिंह तथा जिला अदालत के अधिवक्ता शुभाशीष द्विवेदी और उत्तम बेज ने महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों, शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया और उपलब्ध न्यायिक सहायता के बारे में विस्तार से बताया।

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महिलाओं को कार्यस्थल पर सुरक्षा और कानूनी अधिकारों की दी जानकारी

शिविर में बिनपुर थाना के आईसी प्रशांत दास और एसआई बादल पाल ने भी महिलाओं की सुरक्षा तथा कानूनी शिकायतों से संबंधित प्रक्रियाओं को लेकर जागरूक किया। कार्यक्रम में विवेकानंद मेमोरियल इंस्टीट्यूशन के सचिव सुब्रत मंडल तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकार मित्र अनुपम सिंह और मोहित बेज उपस्थित रहे। वक्ताओं ने कहा कि कानूनी अधिकारों की जानकारी होने से महिलाएं उत्पीड़न या अन्य समस्याओं की स्थिति में उचित कदम उठा सकती हैं। शिविर का उद्देश्य कामकाजी वर्ग और महिलाओं को उनके अधिकारों, शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया तथा उपलब्ध निःशुल्क विधिक सहायता के प्रति जागरूक करना था।

Kharagpur : खड़गपुर स्टेशन पर टला बड़ा हादसा, चलती विवेक एक्सप्रेस से गिरने पर महिला को RPF जवान ने बचाया

प्लेटफॉर्म नंबर सात पर ट्रेन के साथ घिसट रही थी महिला कांस्टेबल कमलेश कुमार यादव ने दौड़कर खींच लिया RPF

  • प्लेटफॉर्म नंबर सात पर ट्रेन के साथ घिसट रही थी महिला
  • कांस्टेबल कमलेश कुमार यादव ने दौड़कर खींच लिया
  • RPF जवान की बहादुरी से टला जानलेवा हादसा

जेबी लाइव, रिपोर्टर

खड़गपुर : खड़गपुर रेलवे स्टेशन पर सोमवार शाम एक बड़ा हादसा उस समय टल गया, जब चलती विवेक एक्सप्रेस में चढ़ने की कोशिश कर रही एक महिला का अचानक पैर फिसल गया। घटना शाम करीब 6:10 बजे प्लेटफॉर्म नंबर सात की है। ट्रेन संख्या 22852 डाउन विवेक एक्सप्रेस स्टेशन से रवाना हो रही थी। इसी दौरान आरपीएफ पोस्ट खड़गपुर में ड्यूटी पर तैनात कांस्टेबल कमलेश कुमार यादव की नजर ए-1 कोच में चढ़ने का प्रयास कर रही महिला पर पड़ी। ट्रेन गति पकड़ चुकी थी और महिला संतुलन बिगड़ने के कारण प्लेटफॉर्म पर गिर गई। इसके बाद वह चलती ट्रेन के साथ घिसटते हुए प्लेटफॉर्म के किनारे की ओर जाने लगी। खतरा भांपते ही आरपीएफ जवान ने बिना समय गंवाए दौड़कर महिला को पकड़ लिया और पूरी ताकत से उसे ट्रेन से दूर खींचकर सुरक्षित बचा लिया।

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चलती ट्रेन में चढ़ना पड़ा भारी, RPF जवान की सूझबूझ से बची महिला की जान

आरपीएफ जवान की त्वरित कार्रवाई से महिला की जान बच गई। घटना में महिला को मामूली खरोंचें आईं, लेकिन उसने चिकित्सा सहायता लेने से इनकार कर दिया। कुछ ही क्षणों की देरी महिला के लिए जानलेवा साबित हो सकती थी। महिला के सुरक्षित बचने के बाद विवेक एक्सप्रेस करीब 6:10 बजे खड़गपुर स्टेशन से रवाना हो गई। घटना के बाद आरपीएफ जवान कमलेश कुमार यादव की सतर्कता और साहस की सराहना की गई। यह घटना एक बार फिर यात्रियों को चेतावनी देती है कि चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने की कोशिश बेहद खतरनाक हो सकती है। यात्रियों से अपील है कि वे ट्रेन के पूरी तरह रुकने के बाद ही सुरक्षित रूप से चढ़ें या उतरें।

Potka : “खनिज हमारा, अधिकार तुम्हारा नहीं चलेगा”, 19 सितंबर को पोटका में जनाक्रोश रैली – संजीव सरदार

MMDR संशोधन विधेयक के विरोध में तीनों प्रखंड मुख्यालयों पर प्रदर्शन, गांव-गांव जनसंपर्क कर लोगों को जोड़ने की तैयारी 34

  • MMDR संशोधन विधेयक के विरोध में तीनों प्रखंड मुख्यालयों पर प्रदर्शन, गांव-गांव जनसंपर्क कर लोगों को जोड़ने की तैयारी
  • 34 पंचायतों के कार्यकर्ताओं ने लिया जनाक्रोश रैली सफल बनाने का संकल्प

जेबी लाइव, रिपोर्टर

पोटका : झामुमो पोटका प्रखंड कमिटी की बैठक मंगलवार को हाता स्थित विधायक कार्यालय में प्रखंड अध्यक्ष सुधीर सोरेन की अध्यक्षता में हुई। बैठक में प्रदेश कमिटी के निर्देश पर आगामी 19 सितंबर को केंद्र सरकार द्वारा पारित खान एवं खनिज (संशोधन) विधेयक यानी MMDR बिल के खिलाफ आयोजित जनाक्रोश रैली एवं विरोध प्रदर्शन की तैयारियों की समीक्षा की गई। बैठक में पोटका विधानसभा क्षेत्र के तीनों प्रखंडों में कार्यक्रम को सफल बनाने तथा अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने को लेकर कार्यकर्ताओं को दिशा-निर्देश दिए गए। कार्यकर्ताओं से पंचायत और गांव स्तर पर जनसंपर्क अभियान चलाकर लोगों को कार्यक्रम से जोड़ने तथा रैली को व्यापक जनसमर्थन दिलाने का आह्वान किया गया।

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MMDR बिल के विरोध में झामुमो ने कसी कमर, 19 सितंबर को होगा प्रदर्शन

बैठक को संबोधित करते हुए पोटका विधायक संजीव सरदार ने केंद्र सरकार पर झारखंड के अधिकारों के हनन का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार कथित रूप से एक साजिश के तहत झारखंड के हितों और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावित करने का प्रयास कर रही है। विधायक ने कहा कि राज्य के प्राकृतिक संसाधनों और खनिज संपदा पर झारखंड के हितों की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि झारखंड के अधिकारों और हितों से जुड़े मुद्दों पर किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा। विधायक ने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे आम लोगों के बीच जाकर उन्हें विधेयक के प्रावधानों और उससे जुड़े पार्टी के विरोध के बारे में जानकारी दें तथा शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन को मजबूत करें।

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झारखंड के अधिकारों को लेकर संजीव सरदार ने केंद्र पर साधा निशाना

संजीव सरदार ने बताया कि 19 सितंबर को पोटका विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न इलाकों से झामुमो कार्यकर्ता और आम नागरिक जनाक्रोश रैली के रूप में अपने-अपने प्रखंड मुख्यालय पहुंचेंगे। वहां केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर अपना आक्रोश दर्ज कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम केवल पार्टी कार्यकर्ताओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि झारखंड के अधिकारों और हितों से जुड़े सवालों पर जनता की आवाज को मजबूती देने का प्रयास होगा। विधायक ने कहा कि अलग झारखंड राज्य के आंदोलन के दौरान जिस तरह आम जनता अपने अधिकारों के लिए सड़क पर उतरी थी, उसी तरह अब राज्य के हितों से जुड़े मुद्दों पर भी लोगों को एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद करनी होगी। उन्होंने ग्रामीणों से 19 सितंबर को सुबह 11 बजे बड़ी संख्या में प्रखंड मुख्यालय पहुंचने की अपील की।

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तीनों प्रखंड मुख्यालयों में जनाक्रोश रैली की तैयारी तेज

विधायक ने कहा, खनिज हमारा, राज तुम्हारा—यह नीति अब नहीं चलेगी। झारखंड के अधिकारों के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” उन्होंने झामुमो कार्यकर्ताओं से समाज के हर वर्ग के लोगों को जनाक्रोश रैली में शामिल करने का आह्वान किया। बैठक में पंचायतवार तैयारियों की समीक्षा करते हुए कार्यकर्ताओं को आपसी समन्वय के साथ अभियान चलाने का निर्देश दिया गया। कहा गया कि पंचायत, गांव और टोला स्तर तक जनसंपर्क कर अधिक से अधिक लोगों को कार्यक्रम की जानकारी दी जाए। विधायक ने कहा कि रैली में समाज के सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित होने से झारखंड के अधिकारों से जुड़े मुद्दे पर व्यापक जनआवाज सामने आएगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की।

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“खनिज हमारा, राज तुम्हारा” नारे के साथ आंदोलन की तैयारी

बैठक में पोटका विधानसभा क्षेत्र की सभी 34 पंचायतों के झामुमो कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। इस दौरान सुनील महतो, बबलू चौधरी, हीरामनी मुर्मू, चंद्रावती महतो, विद्यासागर दास, भुगलु टुडू, कार्तिक मुर्मू, दीपक भगत, दुखु मार्डी, सुधीर सोरेन, भुवनेश्वर सरदार, हितेश भगत, चक्रधर महतो, मो. जमाल, भूपति महतो, बनमाली महतो और बीरेन पात्र समेत अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे। बैठक में 19 सितंबर के जनाक्रोश रैली एवं विरोध प्रदर्शन को लेकर पंचायतवार जिम्मेदारियों और जनभागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। कार्यकर्ताओं ने गांव-गांव जाकर लोगों को आंदोलन से जोड़ने तथा तीनों प्रखंड मुख्यालयों में प्रस्तावित कार्यक्रम को सफल बनाने की तैयारी शुरू करने की बात कही।

Jamshedpur : अब घर बैठे प्रशासन तक पहुंचाएं शिकायत, ‘अबुआ मित्र’ WhatsApp सेवा शुरू

8580090001 नंबर या QR कोड से दर्ज होगी शिकायत, SMS के जरिए मिलेगी कार्रवाई की जानकारी WhatsApp पर आसानी से

  • 8580090001 नंबर या QR कोड से दर्ज होगी शिकायत, SMS के जरिए मिलेगी कार्रवाई की जानकारी
  • WhatsApp पर आसानी से दर्ज होगी शिकायत, सीधे संबंधित विभाग तक पहुंचेगी, होगी निगरानी
  • SMS से मिलेगी शिकायत की स्थिति की जानकारी, घर बैठे जानें अपनी शिकायत पर हुई कार्रवाई

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिले के नागरिकों को अब अपनी समस्याओं और शिकायतों के समाधान के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। जिला प्रशासन ने नागरिकों की सुविधा के लिए ‘अबुआ मित्र’ WhatsApp चैटबॉट सेवा शुरू की है। जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त राजीव रंजन ने समाहरणालय सभागार में इस सेवा का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त नागेन्द्र पासवान, एसडीएम धालभूम अर्नव मिश्रा और अपर उपायुक्त अनुराग तिवारी मौजूद रहे। नई सेवा के माध्यम से नागरिक अपने मोबाइल फोन से घर बैठे प्रशासन तक अपनी शिकायत पहुंचा सकेंगे। प्रशासन का उद्देश्य शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया को आसान, सुलभ और अधिक प्रभावी बनाना है।

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पूर्वी सिंहभूम में नागरिकों की सुविधा के लिए शुरू हुई नई WhatsApp सेवा

नागरिक ‘अबुआ मित्र’ सेवा के माध्यम से WhatsApp नंबर 8580090001 पर सीधे अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। इसके अलावा उपलब्ध QR कोड को स्कैन कर भी इस सुविधा तक पहुंचा जा सकता है। शिकायत दर्ज करते समय नागरिक अपनी सुविधानुसार भाषा का चयन कर समस्या से संबंधित आवश्यक जानकारी उपलब्ध करा सकेंगे। आवश्यकता पड़ने पर शिकायत से जुड़े दस्तावेज भी WhatsApp के माध्यम से भेजे जा सकेंगे। इससे दूर-दराज और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सुविधा मिलेगी। उन्हें छोटी-बड़ी समस्याओं को लेकर संबंधित कार्यालय तक पहुंचने में होने वाली परेशानी से राहत मिलेगी।

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8580090001 पर WhatsApp से दर्ज करें अपनी शिकायत

WhatsApp के जरिए प्राप्त शिकायतों को जिला प्रशासन के जन सहायता पोर्टल jansahayatajsr.in पर दर्ज किया जाएगा। शिकायत की प्रकृति के अनुसार उसे संबंधित विभाग, कार्यालय या सक्षम पदाधिकारी के पास आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजा जाएगा। इसके बाद शिकायत के निस्तारण की प्रक्रिया की निगरानी और फॉलोअप भी जन सहायता पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा। प्रशासन का मानना है कि इस व्यवस्था से शिकायतों के निष्पादन की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी होगी। साथ ही शिकायतों को सही विभाग तक पहुंचाने और उन पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने में भी मदद मिलेगी।

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शिकायतों की ऑनलाइन निगरानी से बढ़ेगी प्रशासनिक पारदर्शिता

शिकायत दर्ज कराने वाले नागरिक के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर SMS के माध्यम से शिकायत की स्थिति और उसकी प्रगति की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे लोगों को अपनी शिकायत का हाल जानने के लिए संबंधित कार्यालयों में बार-बार जाने की आवश्यकता नहीं होगी। जिला प्रशासन के अनुसार, ‘अबुआ मित्र’ सेवा खासकर ग्रामीण एवं दूर-दराज क्षेत्रों के नागरिकों के लिए उपयोगी साबित होगी। उपायुक्त राजीव रंजन ने जिलेवासियों से इस सेवा का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि नागरिक अपनी समस्याएं प्रशासन तक पहुंचाएं, ताकि शिकायतों के प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध समाधान की व्यवस्था को और मजबूत किया जा सके। उन्होंने कहा कि अबुआ मित्र’ प्रशासन से जुड़ने में नागरिकों का अपना मित्र साबित होगा।

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