18 वर्ष पूर्ण कर चुके विद्यार्थियों का Form-6 से पंजीकरण सुनिश्चित करने तथा Electoral Literacy Club की गतिविधियों को प्रभावी बनाने के निर्देश
लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने में ELC निभाएगा अहम भूमिका
जेबी लाइव, रिपोर्टर
सरायकेला : सरायकेला-खरसावां जिले में निर्वाचन साक्षरता को मजबूत करने और युवाओं की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में NIC सभागार में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला उप निर्वाचन पदाधिकारी पारुल सिंह, जिला शिक्षा पदाधिकारी कैलाश मिश्रा सहित विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के प्रधानाध्यापक और संस्थान प्रमुख शामिल हुए। बैठक में Electoral Literacy Club (ELC) के गठन एवं पुनर्गठन, विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी तथा मतदाता जागरूकता कार्यक्रमों के संचालन को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने सभी शिक्षण संस्थानों को निर्धारित मानकों के अनुरूप ELC का गठन सुनिश्चित करने और एक शिक्षक अथवा फैकल्टी सदस्य को क्लब का समन्वयक नियुक्त करने का निर्देश दिया।
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विद्यालयों में निर्वाचन साक्षरता बढ़ाने के लिए ELC गठन पर जोर
बैठक में 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके सभी पात्र विद्यार्थियों का मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर विशेष बल दिया गया। जिला प्रशासन ने निर्देश दिया कि सभी विद्यालय एवं महाविद्यालय अपने संस्थानों में अध्ययनरत पात्र विद्यार्थियों की पहचान कर उन्हें Form-6 भरने के लिए प्रेरित करें और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराएं। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी पात्र विद्यार्थी का नाम मतदाता सूची से छूटना नहीं चाहिए। विद्यार्थियों को मतदान के अधिकार, निर्वाचन प्रक्रिया और लोकतंत्र में उनकी भूमिका के प्रति जागरूक करने की जिम्मेदारी भी ELC के माध्यम से निभाई जाएगी। प्रशासन का मानना है कि युवाओं की समय पर मतदाता के रूप में भागीदारी लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाएगी।
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नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए Form-6 अभियान होगा तेज
निर्वाचन साक्षरता को रोचक और सहभागी बनाने के लिए ELC के माध्यम से कई नवाचार कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें Chromocracy – Poster & Infographic Challenge, Demos Theatre – Street Play for Democracy, Jurisballot – Mock Electoral Court, Vox Populi – Electoral Debate, Polis Protocol – Electoral Solution Lab, ElectraQuest – Ultimate Election Quiz तथा CineVote60 – Voter Awareness Reel जैसी गतिविधियां शामिल हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक जानकारी देना नहीं, बल्कि उन्हें लोकतंत्र, निर्वाचन और नागरिक जिम्मेदारियों से जुड़े विषयों पर सोचने, चर्चा करने, प्रश्न पूछने और समाधान प्रस्तुत करने के लिए प्रेरित करना है। जिला प्रशासन का मानना है कि इस प्रकार की गतिविधियां युवाओं को जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
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पोस्टर, वाद-विवाद और रील के जरिए बढ़ेगी मतदान जागरूकता
जिला उप निर्वाचन पदाधिकारी पारुल सिंह ने बताया कि Form-6 के माध्यम से अधिकाधिक नए मतदाताओं का पंजीकरण कराने तथा ELC गतिविधियों के प्रभावी संचालन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों और महाविद्यालयों को जिला स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। संस्थानों के कार्यों का मूल्यांकन पात्र विद्यार्थियों के मतदाता पंजीकरण, गतिविधियों में सहभागिता और गुणवत्तापूर्ण आयोजन के आधार पर किया जाएगा। उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रधानाध्यापक एवं संस्थान प्रमुखों को जिला निर्वाचन पदाधिकारी द्वारा सम्मानित कर प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे शिक्षण संस्थानों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और निर्वाचन साक्षरता कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
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उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले संस्थानों को मिलेगा जिला स्तरीय सम्मान
बैठक में ELC गतिविधियों का नियमित आयोजन सुनिश्चित करने, प्रत्येक कार्यक्रम का अभिलेख संधारित करने तथा संबंधित फोटोग्राफ, वीडियो और प्रतिवेदन निर्धारित पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ELC की सभी गतिविधियां पूरी तरह गैर-राजनीतिक, निष्पक्ष और निर्वाचन साक्षरता केंद्रित होंगी। उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने कहा कि ELC को केवल औपचारिक क्लब बनाकर सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि इसे विद्यार्थियों में लोकतांत्रिक मूल्यों, मतदान के महत्व और जिम्मेदार नागरिक सहभागिता विकसित करने का प्रभावी मंच बनाया जाना चाहिए। उन्होंने सभी संस्थानों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाला प्रत्येक पात्र विद्यार्थी समय पर मतदाता सूची में शामिल हो और लोकतांत्रिक प्रक्रिया का सक्रिय हिस्सा बने।



























