करीब 29 हजार मतदाताओं को विसंगति सूची में शामिल किए जाने का दावा
दस्तावेज जुटाने में ग्रामीणों की परेशानी का मुद्दा उठा
मुख्यमंत्री और राज्य मंत्रिमंडल के समक्ष मामला रखने की तैयारी
जेबी लाइव, रिपोर्टर
पोटका : मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान ग्रामीणों को दस्तावेज प्रस्तुत करने में हो रही परेशानियों को लेकर पोटका विधायक संजीव सरदार ने शुक्रवार को प्रखंड मुख्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में विधायक ने SIR प्रक्रिया की जानकारी लेते हुए ग्रामीणों के सामने आ रही व्यावहारिक दिक्कतों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए, जिससे पात्र मतदाताओं को आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने में अनावश्यक परेशानी न हो। निर्वाचन आयोग के अनुसार SIR का उद्देश्य पात्र नागरिकों को मतदाता सूची से बाहर न रखना और अपात्र लोगों को सूची में शामिल होने से रोकना है। आयोग की ओर से SIR के तहत मतदाताओं के पुराने रिकॉर्ड की जांच और चुनावी सूची से संबंधित सेवाओं के लिए ऑनलाइन सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।
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SIR प्रक्रिया को लेकर अधिकारियों से विधायक ने ली जानकारी
बैठक में विधायक संजीव सरदार ने पोटका प्रखंड में मैपिंग के बाद भी करीब 29 हजार मतदाताओं को विसंगति सूची में शामिल किए जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में नाम, पता, उम्र अथवा अन्य विवरण में छोटी-मोटी त्रुटियों के कारण जारी नोटिस ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं। उनके अनुसार कई मतदाताओं को अपने पुराने रिकॉर्ड और संबंधित दस्तावेज जुटाने में कठिनाई हो रही है। SIR के दौरान बूथ लेवल अधिकारियों की ओर से मतदाताओं के रिकॉर्ड का सत्यापन किया जा रहा है। निर्वाचन आयोग ने भी SIR को ऐसा पुनरीक्षण बताया है, जिसमें पात्र मतदाता छूटे नहीं और अपात्र व्यक्ति शामिल न हों।
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मैपिंग के बाद भी हजारों नामों पर विसंगति का मुद्दा
विधायक ने कहा कि नोटिस मिलने के बाद मांगे जा रहे दस्तावेज जुटाने में गरीब, आदिवासी और ग्रामीण परिवारों को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई ग्रामीण आवश्यक कागजात के लिए पंचायत, प्रखंड कार्यालय और अन्य संबंधित कार्यालयों का चक्कर लगाने को मजबूर हैं। कुछ मामलों में पुराने दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने के कारण भी समस्या उत्पन्न हो रही है। संजीव सरदार ने अधिकारियों से कहा कि ऐसे मामलों को संवेदनशीलता के साथ देखा जाए और जहां रिकॉर्ड में मामूली त्रुटियां हैं, वहां ग्रामीणों को समाधान का उचित अवसर दिया जाए। उन्होंने कहा कि दस्तावेजी प्रक्रिया इतनी व्यवहारिक होनी चाहिए कि वास्तविक मतदाताओं को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़े।
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गरीब परिवारों को दस्तावेज जुटाने में आ रही परेशानी का उठा मुद्दा
बैठक के दौरान संजीव सरदार ने अधिकारियों से ग्रामीणों की शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर देखने और दस्तावेज जमा करने की प्रक्रिया को अधिक सरल बनाने पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से संबंधित किसी भी त्रुटि को दूर करने के लिए लोगों को स्पष्ट जानकारी और आवश्यक सहयोग मिलना चाहिए। निर्वाचन आयोग के पोर्टल पर मतदाताओं को पुराने SIR रिकॉर्ड में अपना नाम खोजने की सुविधा उपलब्ध है। इसके अलावा मतदाता सूची में नाम, विवरण और आवेदन से जुड़ी सेवाएं भी ऑनलाइन उपलब्ध कराई गई हैं।
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पुराने SIR रिकॉर्ड की ऑनलाइन जांच कर सकेंगे मतदाता
बैठक के बाद विधायक संजीव सरदार ने कहा कि चुनाव आयोग को SIR की प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाना चाहिए, ताकि स्थानीय लोग बिना परेशानी के अपने दस्तावेज प्रस्तुत कर सकें और किसी पात्र मतदाता का नाम तकनीकी या दस्तावेजी कठिनाइयों के कारण प्रभावित न हो। उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि मैपिंग के बाद भी प्रक्रिया को जटिल बनाया जा रहा है, जिससे आदिवासी और ग्रामीण मतदाताओं के सामने परेशानी खड़ी हो रही है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले से जल्द मुख्यमंत्री और राज्य मंत्रिमंडल को अवगत कराया जाएगा। बैठक में एडीएम मुकेश मछुआ, बीडीओ अरुण कुमार मुंडा, सीओ निकिता बाला, पूर्व पार्षद चंद्रावती महतो समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।