खरकई-संजय नदी उफान पर, सड़कों पर बहा नालियों का गंदा पानी; सिविल कोर्ट परिसर जलमग्न
हर साल जलजमाव से जूझ रहा कोर्ट परिसर, स्थायी समाधान की मांग
जेबी लाइव, रिपोर्टर
सरायकेला-खरसावां : जिले में पिछले तीन दिनों से जारी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। शुक्रवार को भी लगातार हो रही भारी बारिश के कारण जिले की प्रमुख नदियां खरकई और संजय नदी उफान पर हैं। जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी को देखते हुए प्रशासन ने तटीय और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए हाई अलर्ट जारी किया है। लोगों से नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने तथा सतर्कता बरतने की अपील की गई है। लगातार बारिश के कारण शहर की साफ-सफाई और जल निकासी व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। नगर पंचायत क्षेत्र की कई नालियां जाम होने से गंदा और बदबूदार पानी सड़कों पर बह रहा है। इससे राहगीरों, वाहन चालकों, दुकानदारों और स्थानीय निवासियों को काफी परेशानी हो रही है।
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खरकई-संजय नदी उफान पर, निचले इलाकों में बढ़ी चिंता

सरायकेला शहर में जलजमाव की स्थिति के कारण कई प्रमुख सड़कों पर आवागमन प्रभावित हुआ है। नालियों का गंदा पानी सड़कों पर बहने से लोगों को उसी पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। इससे आसपास के दुकानदारों और निवासियों में संक्रमण तथा बीमारियों को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। दूसरी ओर, सरायकेला सिविल कोर्ट परिसर में जलजमाव की स्थिति गंभीर बनी हुई है। खराब जल निकासी व्यवस्था के कारण पूरा परिसर तालाब में तब्दील हो गया है और पानी कमरों तथा बरामदों तक पहुंच गया है। दूर-दराज से अदालत पहुंचने वाले फरियादियों, अधिवक्ताओं और न्यायिक कर्मचारियों को घुटनों तक भरे पानी से होकर आने-जाने में परेशानी हो रही है। बारिश के कारण कार्यालयों और अदालत परिसर में सामान्य गतिविधियां भी प्रभावित हुई हैं।
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सिविल कोर्ट परिसर में घुटनों तक पानी, फरियादियों की बढ़ी परेशानी
बार एसोसिएशन के सदस्यों ने जलजमाव को लेकर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि प्रत्येक वर्ष बारिश के दौरान कोर्ट परिसर में इसी तरह पानी भर जाता है, लेकिन स्थायी जल निकासी की व्यवस्था अब तक नहीं की गई है। जलजमाव के कारण अधिवक्ताओं और गवाहों के समय पर नहीं पहुंच पाने से कुछ महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई भी प्रभावित होने की बात कही गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर की नालियों की नियमित सफाई और बेहतर ड्रेनेज व्यवस्था जरूरी है, ताकि बारिश के दौरान सड़कों और सार्वजनिक परिसरों में पानी जमा न हो। फिलहाल लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए निचले तथा तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ी हुई है।






















