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Jhargram : बेटे को बचाने घाघरा जलप्रपात में कूदी मां, तेज धार में बहकर लापता

  • पिता ने सात वर्षीय बच्चे को बचाया, 24 घंटे बाद भी 34 वर्षीय प्रीति दत्ता का सुराग नहीं
  • 24 घंटे बाद भी मां का सुराग नहीं, गोताखोरों ने संभाला मोर्चा

जेबी लाइव, रिपोर्टर

झाड़ग्राम : पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम क्षेत्र स्थित घाघरा जलप्रपात में सात वर्षीय बेटे को बचाने के प्रयास में एक मां तेज जलधारा में बहकर लापता हो गई। दक्षिण 24 परगना के बारुईपुर थाना क्षेत्र के हरिहरपुर पंचायत अंतर्गत बेनियाडांगा निवासी 34 वर्षीय प्रीति दत्ता अपने पति राजदीप दत्ता और सात वर्षीय बेटे प्रियंक के साथ पर्यटकों के दल में झाड़ग्राम घूमने आई थीं। शनिवार को घाघरा जलप्रपात में परिवार तस्वीरें ले रहा था। इसी दौरान प्रियंक अचानक पानी में गिर गया। बेटे को डूबता देख प्रीति ने बिना देर किए तेज धार में छलांग लगा दी। इसी बीच राजदीप ने किसी तरह प्रियंक को पानी से बाहर निकाल लिया, लेकिन प्रीति तेज बहाव की चपेट में आकर बह गईं। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और महिला की तलाश शुरू की।

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बेटे को बचाने मां ने लगाई छलांग, तेज बहाव में हुईं लापता

हादसे के 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी प्रीति दत्ता का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। पुलिस, आपदा प्रबंधन दल और स्थानीय लोगों की मदद से घाघरा जलप्रपात तथा आसपास के जलक्षेत्र में लगातार तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। गोताखोरों की मदद से पानी के भीतर और संभावित स्थानों पर महिला की तलाश की जा रही है। तेज बहाव और जलक्षेत्र की कठिन परिस्थितियों के कारण बचाव दल को अभियान में चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। एक ओर सात वर्षीय प्रियंक के सुरक्षित बच जाने से परिवार को राहत मिली है, वहीं मां के अब तक नहीं मिलने से परिजनों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। पुलिस पूरे मामले की निगरानी करते हुए महिला की तलाश में जुटी है और बचाव दल अभियान जारी रखे हुए है।

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Baharagoda : पीसीसी सड़क के शिलान्यास को लेकर विवाद, सांसद प्रतिनिधि और ठेकेदार में तीखी बहस

बिना शिलान्यास काम शुरू करने का आरोप, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के निर्देश पर निर्माण कार्य रोका गया ठेकेदार ने वर्क ऑर्डर

  • बिना शिलान्यास काम शुरू करने का आरोप, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के निर्देश पर निर्माण कार्य रोका गया
  • ठेकेदार ने वर्क ऑर्डर को बताया वैध, निर्माण पर फिलहाल रोक

जेबी लाइव, रिपोर्टर

बहरागोड़ा : प्रखंड अंतर्गत मौदा पंचायत के बहादुरपुर चौक से उड़िया स्कूल तक 37,23,537 रुपये की लागत से बनने वाली पीसीसी सड़क के निर्माण को लेकर रविवार को विवाद हो गया। सांसद प्रतिनिधि कुमार गौरव पुष्टी ग्रामीणों के साथ निर्माण स्थल पर पहुंचे और बिना विधिवत शिलान्यास के काम शुरू किए जाने पर विरोध जताया। इस दौरान सांसद प्रतिनिधि और कुसुम कंस्ट्रक्शन के ठेकेदार राहुल शंकर बाजपेयी के बीच तीखी बहस हो गई। सांसद प्रतिनिधि का आरोप था कि ठेकेदार बिना सूचना और नियमों का पालन किए मनमाने तरीके से निर्माण कार्य करा रहा था। उनका कहना था कि शिलान्यास होने तक कार्य शुरू नहीं किया जाना चाहिए।

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बिना शिलान्यास सड़क निर्माण शुरू करने पर ग्रामीणों ने जताई आपत्ति

वहीं ठेकेदार राहुल शंकर बाजपेयी ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि उन्हें एनआरईपी से वैध वर्क ऑर्डर प्राप्त हुआ है और पीडब्ल्यूडी कोड के अनुसार शिलान्यास अनिवार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि टेंडर नहीं मिलने की रंजिश में काम रोकने और दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है। विवाद बढ़ने पर मौके पर तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई, जिसके बाद बहरागोड़ा थाना पुलिस पहुंची और दोनों पक्षों को शांत कराया। इसके बाद एग्जीक्यूटिव इंजीनियर ने दूरभाष पर तत्काल प्रभाव से निर्माण कार्य रोकने का मौखिक निर्देश दिया। फिलहाल सड़क निर्माण कार्य बंद है और मामले को लेकर दोनों पक्षों के दावों पर चर्चा जारी है।

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मतदाता सूची से हटाए गए नामों को दोबारा जोड़ने और एसआईआर प्रक्रिया रद्द करने की मांग मतदाता सूची में नाम

  • मतदाता सूची से हटाए गए नामों को दोबारा जोड़ने और एसआईआर प्रक्रिया रद्द करने की मांग
  • मतदाता सूची में नाम बहाल करने की उठी मांग

जेबी लाइव, रिपोर्टर

बहरागोड़ा : बहरागोड़ा प्रखंड कार्यालय चौक पर रविवार को भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने एसआईआर प्रक्रिया के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी के राज्य कमेटी सदस्य स्वपन महतो और लोकल सचिव झंटू सिंह मुंडा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने एसआईआर प्रक्रिया को लेकर अपना विरोध जताते हुए इसे तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मतदाता सूची से किसी भी योग्य नागरिक का नाम नहीं हटना चाहिए और मताधिकार की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।

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एसआईआर प्रक्रिया के खिलाफ कार्यकर्ताओं ने जताया विरोध

सीपीआईएम कार्यकर्ताओं ने मांग की कि एसआईआर के दौरान मतदाता सूची से हटाए गए नागरिकों के नामों को प्राथमिकता के आधार पर दोबारा जोड़ा जाए। प्रदर्शन में साधु नाथ, मानिकचंद मुंडा, शुक्रा मुंडा, तपन विशाल, निमाई डूली, सुखलाल हेंब्रम, राधेश्याम गेटी, शंकर साहू, सीमांत मान्ना, तरुण राणा, भानु मुंडा, देवेंद्र चंद्र बेरा, बसंती नायक, टुनटुनी नायक और श्रीकांत नायक समेत बड़ी संख्या में पार्टी समर्थक मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर आगे भी आंदोलन जारी रखने की बात कही।

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52 वर्षीय दिलीप कालिंदी घायल, पुलिस ने बहरागोड़ा सीएचसी में कराया भर्ती अज्ञात वाहन चालक की तलाश में जुटी पुलिस

  • 52 वर्षीय दिलीप कालिंदी घायल, पुलिस ने बहरागोड़ा सीएचसी में कराया भर्ती
  • अज्ञात वाहन चालक की तलाश में जुटी पुलिस

जेबी लाइव, रिपोर्टर

बहरागोड़ा : राष्ट्रीय राजमार्ग-49 स्थित दारिशोल बीट के समीप रविवार को तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने साइकिल सवार 52 वर्षीय दिलीप कालिंदी को जोरदार टक्कर मार दी। दिलीप कालिंदी जाम्बनी थाना क्षेत्र के आलमपुर निवासी हैं और साइकिल से फेरी लगाने जा रहे थे। टक्कर के बाद वे सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद अज्ञात वाहन का चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया।

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हादसे के बाद मौके पर जुटे स्थानीय लोग

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पंचायत समिति सदस्य अमित महापात्र और सामाजिक कार्यकर्ता चिन्मय नायेक व निर्मल मुर्मू ने तत्परता दिखाते हुए बड़शोल पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस टीम ने घायल दिलीप कालिंदी को तत्काल बहरागोड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां चिकित्सकों की देखरेख में उनका प्राथमिक उपचार जारी है। पुलिस फरार वाहन और उसके चालक की जानकारी जुटाने में लगी है।

Jamshedpur : जालियांवाला बाग ट्रेन रद्द करने के फैसले पर सिख समाज उग्र, सीजीपीसी की सर्वदलीय बैठक में आंदोलन की चेतावनी

रेलवे का फैसला वापस लेने की मांग, सांसद ने दिया समर्थन का भरोसा; 7 अक्टूबर को डीआरएम से मिलेगा प्रतिनिधिमंडल

  • रेलवे का फैसला वापस लेने की मांग, सांसद ने दिया समर्थन का भरोसा; 7 अक्टूबर को डीआरएम से मिलेगा प्रतिनिधिमंडल
  • ट्रेन बहाली तक आंदोलन जारी रखने की बनी रणनीति

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : टाटानगर से चलने वाली टाटा-अमृतसर टाटा जालियांवाला बाग एक्सप्रेस (18103-18104) को लगातार पांचवें सीजन में कोहरे का हवाला देकर 2 दिसंबर से 28 फरवरी तक रद्द किए जाने के फैसले पर सिख समाज में नाराजगी बढ़ गई है। रविवार को साकची स्थित सेंट्रल गुरुद्वारा कमेटी (सीजीपीसी) कार्यालय में इस मुद्दे को लेकर सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में सिख समाज के अलावा विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। वक्ताओं ने रेलवे के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि लंबी दूरी की कई अन्य ट्रेनें भी कोहरे के दौरान संचालित होती हैं, फिर केवल जालियांवाला बाग एक्सप्रेस को ही बार-बार रद्द क्यों किया जाता है। उपस्थित लोगों ने रेलवे से तत्काल निर्णय वापस लेने की मांग करते हुए आंदोलन की रणनीति पर सहमति जताई।

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जालियांवाला बाग एक्सप्रेस के रद्द होने से यात्रियों में बढ़ी नाराजगी

सीजीपीसी के महासचिव अमरजीत सिंह गुरचरण सिंह बिल्ला ने कहा कि सिख समाज की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए रेलवे को नई ट्रेन चलाने की पहल करनी चाहिए, न कि सप्ताह में दो दिन संचालित होने वाली मौजूदा ट्रेन को भी बंद करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि रेलवे ने फैसला वापस नहीं लिया तो समाज को मजबूर होकर कड़ा विरोध करना पड़ेगा। बैठक को संबोधित करते हुए सीजीपीसी प्रधान सरदार भगवान सिंह ने समाज से एकजुट होकर रेलवे के फैसले के खिलाफ निर्णायक लड़ाई के लिए तैयार रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सिखों के साथ बार-बार किया जा रहा कथित पक्षपात अब बर्दाश्त से बाहर है। उन्होंने चेतावनी दी कि निर्णय वापस नहीं हुआ तो धरना-प्रदर्शन से लेकर रेल परिचालन बाधित करने तक के कदम उठाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि आंदोलन की स्थिति में जेल जाने से भी वह पीछे नहीं हटेंगे।

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भगवान सिंह बोले- सिखों के साथ पक्षपात अब बर्दाश्त से बाहर

सीजीपीसी चेयरमैन सरदार शैलेन्द्र सिंह ने बताया कि सांसद विद्युत वरण महतो ने दूरभाष पर समाज को समर्थन देने का भरोसा दिया है और रेल मंत्री से बातचीत का आश्वासन भी दिया है। उन्होंने कहा कि 5 अक्टूबर को टाटानगर दौरे पर आने वाले दक्षिण पूर्व रेलवे के उप महाप्रबंधक मनीष जैन से प्रतिनिधिमंडल मुलाकात कर अपनी मांग रखेगा। इसके बाद 7 अक्टूबर को चक्रधरपुर मंडल मुख्यालय में डीआरएम तरुण हुरिया से मुलाकात की जाएगी। उन्होंने बताया कि 7 अक्टूबर की सुबह नौ बजे सभी लोग सीजीपीसी कार्यालय से एकजुट होकर मंडल मुख्यालय के लिए रवाना होंगे। शैलेन्द्र सिंह ने कहा कि इसके बावजूद यदि रेलवे ने अपना निर्णय वापस नहीं लिया तो दुर्गापूजा के बाद आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। पहले धरना-प्रदर्शन और जरूरत पड़ने पर रेल चक्का जाम करने की चेतावनी दी गई।

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7 अक्टूबर को डीआरएम से मिलकर रखी जाएगी ट्रेन बहाली की मांग

बैठक में कांग्रेस जिलाध्यक्ष परविंदर सिंह ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आम लोगों से जुड़ी इस समस्या पर कांग्रेस पार्टी का नैतिक ही नहीं, बल्कि पूर्ण समर्थन रहेगा। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को निर्णायक लड़ाई के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा। भाजपा नेता एवं रंगरेटा महासभा के अध्यक्ष मनजीत सिंह गिल, जदयू महासचिव कुलविंदर सिंह पन्नू, गौतम बोस, निर्मल दास, राजकुमार दास सहित विभिन्न दलों के प्रतिनिधियों ने भी सीजीपीसी को सहयोग देने की घोषणा की। नेताओं ने कहा कि ट्रेन की बहाली के लिए होने वाले आंदोलन में वे कंधे से कंधा मिलाकर साथ देंगे। बैठक की शुरुआत गुरु चरणों में अरदास के साथ हुई। इसके बाद विभिन्न गुरुद्वारा कमेटियों, केंद्रीय नौजवान सभा और केंद्रीय सिख स्त्री सत्संग सभा के पदाधिकारियों ने भी अपनी बात रखी और आंदोलन में सहयोग का भरोसा दिया।

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सर्वदलीय बैठक में आंदोलन को मिला व्यापक समर्थन

बैठक में सीजीपीसी के वरीय उपाध्यक्ष नरेंद्र पाल सिंह, सुरजीत सिंह खुशीपुर, सुखविंदर सिंह राजू, चंचल सिंह, हरविंदर सिंह मंटू, कोषाध्यक्ष गुरनाम सिंह बेदी, जोगिंदर सिंह जोगी, अजीत गंभीर, गुरदीप सिंह, सुखदेव सिंह बिट्टू, सरबजीत ग्रेवाल, सुरेंद्र सिंह शिंदे, इंद्रजीत सिंह, जसवंत सिंह भोम, सत्य सिंह, इंद्रजीत सिंह इंदर, पाठी राजवीर सिंह, गुरबचन सिंह राजू और राजू पांडे सहित विभिन्न गुरुद्वारा कमेटियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। केंद्रीय नौजवान सभा के महासचिव सुखवंत सिंह सुक्कू, रणजीत सिंह, केंद्रीय सिख स्त्री सत्संग सभा की प्रधान रविंदर कौर, संरक्षक दलबीर कौर, महासचिव परमजीत कौर, रजी कौर और किरण कौर सहित बड़ी संख्या में लोग बैठक में शामिल हुए। बैठक का संचालन अमरजीत सिंह धनबाद ने किया, जबकि ज्ञापन संबंधी समन्वय की जिम्मेदारी सलाहकार परविंदर सिंह सोहल ने संभाली। उपस्थित प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि ट्रेन की बहाली होने तक आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से जारी रखने की तैयारी की जाएगी।

Jamshedpur : सुवर्णरेखा नदी में बच्ची की जान बचाने वाले जमुन शेख सम्मानित, सरयू राय ने दिए 10 हजार रुपये

जान की परवाह किए बिना नदी में कूदकर बच्ची को बचाया, विधायक ने अंगवस्त्र देकर बढ़ाया हौसला नदी घाटों पर

  • जान की परवाह किए बिना नदी में कूदकर बच्ची को बचाया, विधायक ने अंगवस्त्र देकर बढ़ाया हौसला
  • नदी घाटों पर सुरक्षा और बचाव व्यवस्था मजबूत करने की मांग

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : मानगो सुवर्णरेखा नदी में शनिवार को हुई दर्दनाक घटना के दौरान अपनी जान की परवाह किए बिना नदी में उतरकर बच्ची की जान बचाने वाले भुइयांडीह छायानगर निवासी जमुन शेख को रविवार को जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने सम्मानित किया। जमुन शेख ठेला लगाकर हवा मिठाई बेचने का काम करते हैं। घटना के समय उन्होंने अदम्य साहस और तत्परता का परिचय देते हुए नदी में डूब रही बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाला। उनके इस साहसिक कार्य की सराहना करते हुए विधायक सरयू राय ने डीबीएमएस स्कूल में आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह के दौरान उन्हें 10 हजार रुपये की नकद राशि और अंगवस्त्र भेंट किया।

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बच्ची को बचाने में जमुन शेख ने दिखाई अदम्य बहादुरी

इस अवसर पर मानगो नगर निगम क्षेत्र समिति के अध्यक्ष विकास कुमार साहनी ने जमुन शेख के साहस और मानवता की सराहना की। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से सामान्य पृष्ठभूमि के बावजूद जमुन शेख ने अपनी जान की परवाह किए बिना नदी में डूब रही मासूम की जिंदगी बचाने का प्रयास किया। उनका यह कार्य समाज के लिए प्रेरणादायी है। विकास साहनी ने कहा कि ऐसे साहसी लोगों को सम्मानित करने से समाज में मानवता, सेवा और दूसरों की मदद करने की भावना को प्रोत्साहन मिलता है। उन्होंने कहा कि संकट की घड़ी में किसी जरूरतमंद की सहायता के लिए आगे आना ही सच्ची मानवता है।

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साहसी लोगों का सम्मान समाज में देता है सकारात्मक संदेश

विकास कुमार साहनी ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही विधायक सरयू राय तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे थे और पूरे मामले की जानकारी ली थी। इसके बाद उन्होंने एमजीएम अस्पताल पहुंचकर बचाई गई बच्ची के बेहतर इलाज को लेकर अस्पताल अधीक्षक को आवश्यक निर्देश दिए थे। वहीं, घटना की सूचना मिलने के बाद त्वरित गति से घटनास्थल पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य में सहयोग करने वाले युवा समाजसेवी शुभम राज को भी विधायक सरयू राय ने अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने संकट की घड़ी में तत्परता दिखाने के लिए शुभम राज के प्रयासों की भी सराहना की।

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राहत और बचाव में सहयोग करने वाले शुभम राज भी सम्मानित

विकास साहनी ने कहा कि नदी में डूब रही बच्ची को बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालने वाले जमुन शेख और समय पर घटनास्थल पहुंचकर राहत कार्य में सहयोग करने वाले शुभम राज जैसे लोगों का सम्मान समाज में सकारात्मक संदेश देता है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयासों से लोगों में संकट के समय एक-दूसरे की मदद करने का विश्वास मजबूत होता है। साथ ही उन्होंने प्रशासन से नदी घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग की। विशेषकर पर्व-त्योहारों के दौरान नदी घाटों पर अतिरिक्त निगरानी, पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम और प्रशिक्षित बचाव दल की व्यवस्था सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं में समय रहते राहत एवं बचाव कार्य किया जा सके।

Dumaria : हर साल अस्थायी मेड़ बनाकर खेतों तक पहुंचाते हैं पानी, हेंदेगोड़ा नदी पर चेक डेम की मांग

बोमरो में नदी के बीच खड़े होकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कहा- आश्वासन नहीं अब स्थायी समाधान चाहिए चेक डेम

  • बोमरो में नदी के बीच खड़े होकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कहा- आश्वासन नहीं अब स्थायी समाधान चाहिए
  • चेक डेम बनने से सैकड़ों किसानों को मिल सकती है सिंचाई की राहत

जेबी लाइव, रिपोर्टर

डुमरिया : पोटका विधानसभा क्षेत्र के डुमरिया प्रखंड अंतर्गत केंदुआ पंचायत के बोमरो गांव में हेंदेगोड़ा नदी पर चेक डेम निर्माण की मांग को लेकर रविवार को ग्रामीणों ने नदी के बीच खड़े होकर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना है कि नदी में पर्याप्त पानी उपलब्ध रहने के बावजूद जल संरक्षण और सिंचाई की स्थायी व्यवस्था नहीं होने से हर साल किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। धान की खेती के मौसम में खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए ग्रामीण सामूहिक श्रमदान से नदी में अस्थायी मेड़ और रास्ता तैयार करते हैं। इसके बाद नाले के माध्यम से पानी खेतों तक पहुंचाया जाता है, जिससे किसी तरह फसल की सिंचाई हो पाती है। ग्रामीणों ने कहा कि हेंदेगोड़ा नदी आसपास के सैकड़ों किसानों की खेती के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

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किसानों की सिंचाई समस्या को लेकर ग्रामीणों ने उठाई आवाज

ग्रामीणों के अनुसार हेंदेगोड़ा नदी पर स्थायी चेक डेम नहीं होने की समस्या वर्षों पुरानी है। ग्रामीणों ने दावा किया कि आजादी से पहले से ही क्षेत्र के लोग खेती के लिए नदी के पानी पर निर्भर हैं और हर वर्ष अस्थायी व्यवस्था बनाकर खेतों तक पानी पहुंचाते आ रहे हैं। उनका कहना है कि बरसात के दौरान नदी में पर्याप्त पानी रहता है, लेकिन उसे रोकने और संरक्षित करने की व्यवस्था नहीं होने के कारण पानी बहकर निकल जाता है। खेती के मौसम में किसानों को फिर पानी के लिए जद्दोजहद करनी पड़ती है। ग्रामीणों ने कहा कि अस्थायी मेड़ बनाने में हर साल समय और श्रम खर्च होता है, जबकि तेज बारिश या नदी में पानी का बहाव बढ़ने पर यह व्यवस्था भी टूट जाती है। इससे किसानों की सिंचाई प्रभावित होती है और धान की फसल पर संकट पैदा हो जाता है।

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बरसात का पानी बह जाता है, सिंचाई के समय किसानों को होती है परेशानी

ग्रामीणों ने बताया कि हेंदेगोड़ा नदी पर चेक डेम निर्माण की मांग को लेकर कई बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को जानकारी दी जा चुकी है। इसके बावजूद अब तक समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में ठोस पहल नहीं हुई है। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने कहा कि क्षेत्र में विकास की योजनाओं और घोषणाओं की चर्चा तो लगातार होती है, लेकिन किसानों की मूलभूत जरूरत से जुड़ी यह समस्या वर्षों से जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से नदी का स्थल निरीक्षण कराने तथा तकनीकी स्तर पर आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर जल्द चेक डेम निर्माण की पहल करने की मांग की। उनका कहना है कि स्थायी संरचना बनने से किसानों को हर वर्ष अस्थायी मेड़ बनाने की मजबूरी से राहत मिलेगी और सिंचाई की बेहतर व्यवस्था विकसित हो सकेगी।

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जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से स्थल निरीक्षण की मांग

ग्रामीणों का कहना है कि हेंदेगोड़ा नदी पर चेक डेम बनने से केवल सिंचाई की समस्या ही दूर नहीं होगी, बल्कि बरसात के पानी का संरक्षण भी संभव होगा। जल संचयन से भूजल स्तर को बनाए रखने में मदद मिल सकती है और आसपास के खेतों को लंबे समय तक सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जा सकेगा। इससे धान समेत अन्य फसलों की खेती को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि किसानों की समस्या को प्राथमिकता देते हुए जल्द से जल्द स्थल निरीक्षण कर चेक डेम निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाए। प्रदर्शन में सनातन कर्मकार, बोडो हांसदा, रघुनाथ सोरेन, लखन सोरेन, दुखु हेम्ब्रोम, दिकू मुर्मू, शंकर सबर, सीता हेम्ब्रोम, सानिया सोरेन सहित दर्जनों ग्रामीण मौजूद थे।

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